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अमेरिकी सांसद बोले- कुत्तों-मुसलमानों में से एक को चुनना आसान:फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट ने लिखा था- न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा, कुत्ते घर में नहीं रखें

अमेरिकी सांसद बोले- कुत्तों-मुसलमानों में से एक को चुनना आसान:फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट ने लिखा था- न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा, कुत्ते घर में नहीं रखें

अमेरिकी सांसद रैंडी फाइन के एक सोशल मीडिया पोस्ट से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने मंगलवार को X पर लिखा कि अगर कुत्तों और मुसलमानों में से एक को चुनना पड़े तो यह मुश्किल फैसला नहीं है। दरअसल, रैंडी फाइन ने यह टिप्पणी न्यूयॉर्क में एक फिलिस्तीनी-अमेरिकी एक्टिविस्ट नरदीन किसवानी की पोस्ट के जवाब में की थी। किसवानी ने लिखा था कि कुत्ते अपवित्र हैं। ऐसे समय में जब न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा है, कुत्तों को घर के अंदर नहीं रखना चाहिए। इन्हें बैन करना चाहिए। इस पर फाइन ने कहा कि दुनिया में 57 ऐसे देश हैं, जहां शरिया कानून लागू है। अगर आप ऐसा चाहते हैं तो वहीं चले जाइए। अमेरिका 58वां मुस्लिम देश नहीं बनेगा। बाद में किसवानी ने कहा कि वह बस मजाक कर रही थीं। यह न्यूयॉर्क में सार्वजनिक जगहों पर कुत्तों की गंदगी को लेकर चल रही बहस से जुड़ा था। ऐसा उन लोगों के लिए कहा गया था, जो राजनीति में मुस्लिमों के बढ़ते प्रभाव को खतरा मानते हैं। फाइन पर मुसलमानों को अमानवीय दिखाने का आरोप किसवानी ने होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम के पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपने फार्म पर एक कुत्ते को गोली मारने की बात कही थी। किसवानी ने लिखा, ‘क्रिस्टी नोएम ने अपने ही कुत्ते को गोली मारने की बात कही और ज्यादातर लोगों ने ध्यान नहीं दिया। न्यूयॉर्क में एक मुस्लिम कह दे कि शहर पालतू जानवरों के लिए सही जगह नहीं है तो उसे मौत की धमकियां मिलने लगती हैं।’ किसवानी ने फाइन पर फिलिस्तीनियों और मुसलमानों को अमानवीय दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की ओर से आ रही मुस्लिम विरोधी भाषा पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती। फाइन के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज रैंडी फाइन के इस बयान पर वॉशिंगटन में भारी विरोध हुआ है। डेमोक्रेट्स, सिविल राइट्स ग्रुप्स और कई नेताओं ने इसे इस्लामोफोबिया और घृणा फैलाने वाला बताया। अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस काउंसिल (CAIR) ने फाइन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि उनके इस्तीफे की मांग पहले से चल रही है। यास्मीन अंसारी ने हाउस स्पीकर से तुरंत निंदा करने को कहा। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने फाइन को नस्लवादी कहकर इस्तीफा देने को कहा। ब्रिटिश पत्रकार पीयर्स मॉर्गन ने भी उन्हें कड़ी फटकार लगाई। फाइन बोले- कुत्ते हमारे परिवार के सदस्य, इन्हें नहीं छोड़ेंगे फाइन ने विरोध पर पलटवार किया और कहा कि असली समस्या किसवानी का बयान है, जो लिखित रूप में था। फाइन ने न्यूजमैक्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनका पोस्ट किसवानी के बयान के जवाब में था, जो शरिया लॉ (इस्लामी कानून) थोपने की कोशिश है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका में कुत्ते परिवार के सदस्य हैं, और हम यूरोप की तरह शर्मिंदा होकर हार नहीं मानेंगे।’ उन्होंने कुत्तों की तस्वीरें शेयर कीं, जिन पर ‘डोंट ट्रेड ऑन मी’ (ऐतिहासिक गैड्सडेन फ्लैग का स्लोगन) लिखा था। इस पोस्ट को 42 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले, हजारों लाइक्स, रीपोस्ट्स और कमेंट्स। फाइन ने क्रिटिक्स को जवाब दिया कि किसवानी का बयान लिखित था और लाखों ने देखा। पोस्ट के तुरंत बाद वॉशिंगटन और पूरे अमेरिका में हंगामा मच गया। इसे इस्लामोफोबिया, कट्टरता और अमानवीयकरण कहा गया। फाइन पहले भी गाजा से जुड़े बयानों पर आलोचना झेल चुके हैं। 2025 में उन्होंने गाजा पर कहा था कि गाजावासियों को भूखा मरने दो जब तक इजराइली बंधक रिहा न हों। उन्होंने गाजा का हाल हिरोशिमा और नागासाकी जैसा करने की बात भी की थी। फाइन बोले- यूरोप की तरह कमजोरी नहीं दिखाएंगे फाइन का कहना है कि यूरोप के लोग मुसलमानों के सामने शर्मिंदा होकर या दबाव में आकर अपनी संस्कृति, परंपराओं और आजादी को खो चुके हैं। वे नहीं चाहते कि अमेरिका में भी ऐसा हो। उनका कहना है कि अमेरिका, यूरोप जैसी कमजोरी नहीं दिखाएंगे। फाइन और उनके जैसे कई राइट-विंग ट्रम्प समर्थक अक्सर यह दावा करते हैं कि यूरोप में इस्लामिक टेकओवर हो रहा है। उनके अनुसार बड़े पैमाने पर मुस्लिम इमिग्रेशन से नो-गो जोन्स बन गए हैं, जहां स्थानीय कानून कमजोर पड़ गए हैं। यूरोपीय सरकारें पॉलिटिकल करेक्टनेस या मल्टीकल्चरलिज्म के नाम पर मुसलमानों की मांगों के आगे झुक रही हैं, जैसे कुत्तों पर प्रतिबंध या महिलाओं के अधिकारों में बदलाव। इसका नतीजा यह हो रहा है की यूरोप अपनी मूल संस्कृति और वैल्यूज खो रहा है और लोग शर्मिंदा होकर विरोध नहीं कर पा रहे। फाइन ने खुद कई बार कहा है कि शरिया अमेरिका में नहीं आएगी। अमेरिका इस्लामिक देश नहीं बनेगा। उन्होंने नो शरिया जैसा बिल भी पेश किया है। इजराइल के कट्टर समर्थक माने जाते हैं फाइन रैंडी फाइन एक अमेरिकी राजनेता हैं, जो रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े हैं। उनका जन्म 20 अप्रैल 1974 को एरिजोना के ट्यूसन शहर में हुआ था। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से 1996 में बीए डिग्री और 1998 में एमबीए पूरा किया। पेशे से वे बिजनेस एक्जीक्यूटिव हैं और पहले जुआ इंडस्ट्री में काम कर चुके हैं। राजनीति में उन्होंने फ्लोरिडा स्टेट हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 2016 से 2024 तक सेवा की, फिर फ्लोरिडा संसद में 2024-2025 तक रहे। अप्रैल 2025 में एक स्पेशल इलेक्शन में वे फ्लोरिडा के 6वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुने गए। वे इजराइल के कट्टर समर्थक हैं और अक्सर फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष पर विवादास्पद बयान देते हैं। न्यूयॉर्क मेयर पद पर जोहरान ममदानी मुस्लिम समुदाय से हैं न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा है, नरदीन किसवानी के इस बयान को न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी से जोड़ कर देखा जा रहा है। दरअसल, ममदानी इस पद पर आने वाले पहले मुस्लिम हैं। हालांकि, किसवानी ने ममदानी का जिक्र नहीं किया। इन्होंने 2025 में मेयर चुनाव जीतकर इतिहास रचा था। वे शहर के पहले मुस्लिम और 100 साल से अधिक समय में सबसे युवा गवर्नर बने। उनका कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से शुरू हुआ, जिसमें वे किराए पर रोक, निःशुल्क बस सेवा, किफायती आवास और शहर को अधिक सस्ता बनाने पर जोर दे रहे हैं। जोहरान ममदानी एक प्रमुख अमेरिकी राजनीतिज्ञ हैं। उनका जन्म 18 अक्टूबर 1991 को युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था। वे प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्देशक मीरा नायर के बेटे हैं। सात साल की उम्र में वे न्यूयॉर्क शहर आए थे और यहीं बड़े हुए। वे डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका के सदस्य हैं और प्रगतिशील विचारधारा के समर्थक हैं। ————————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- ईरान के साथ बातचीत में इनडायरेक्टली शामिल रहूंगा: पिछले साल परमाणु ठिकानों पर बमबारी से इन्हें अक्ल आई; आज स्विट्जरलैंड में बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में इनडायरेक्ट रूप से शामिल रहेंगे। उन्होंने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। पूरी खबर पढ़ें…

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राजनीति

अमेरिकी सांसद बोले- कुत्तों-मुसलमानों में से एक को चुनना आसान:फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट ने लिखा था- न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा, कुत्ते घर में नहीं रखें

अमेरिकी सांसद बोले- कुत्तों-मुसलमानों में से एक को चुनना आसान:फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट ने लिखा था- न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा, कुत्ते घर में नहीं रखें

अमेरिकी सांसद रैंडी फाइन के एक सोशल मीडिया पोस्ट से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने मंगलवार को X पर लिखा कि अगर कुत्तों और मुसलमानों में से एक को चुनना पड़े तो यह मुश्किल फैसला नहीं है। दरअसल, रैंडी फाइन ने यह टिप्पणी न्यूयॉर्क में एक फिलिस्तीनी-अमेरिकी एक्टिविस्ट नरदीन किसवानी की पोस्ट के जवाब में की थी। किसवानी ने लिखा था कि कुत्ते अपवित्र हैं। ऐसे समय में जब न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा है, कुत्तों को घर के अंदर नहीं रखना चाहिए। इन्हें बैन करना चाहिए। इस पर फाइन ने कहा कि दुनिया में 57 ऐसे देश हैं, जहां शरिया कानून लागू है। अगर आप ऐसा चाहते हैं तो वहीं चले जाइए। अमेरिका 58वां मुस्लिम देश नहीं बनेगा। बाद में किसवानी ने कहा कि वह बस मजाक कर रही थीं। यह न्यूयॉर्क में सार्वजनिक जगहों पर कुत्तों की गंदगी को लेकर चल रही बहस से जुड़ा था। ऐसा उन लोगों के लिए कहा गया था, जो राजनीति में मुस्लिमों के बढ़ते प्रभाव को खतरा मानते हैं। फाइन पर मुसलमानों को अमानवीय दिखाने का आरोप किसवानी ने होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम के पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपने फार्म पर एक कुत्ते को गोली मारने की बात कही थी। किसवानी ने लिखा, ‘क्रिस्टी नोएम ने अपने ही कुत्ते को गोली मारने की बात कही और ज्यादातर लोगों ने ध्यान नहीं दिया। न्यूयॉर्क में एक मुस्लिम कह दे कि शहर पालतू जानवरों के लिए सही जगह नहीं है तो उसे मौत की धमकियां मिलने लगती हैं।’ किसवानी ने फाइन पर फिलिस्तीनियों और मुसलमानों को अमानवीय दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की ओर से आ रही मुस्लिम विरोधी भाषा पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती। फाइन के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज रैंडी फाइन के इस बयान पर वॉशिंगटन में भारी विरोध हुआ है। डेमोक्रेट्स, सिविल राइट्स ग्रुप्स और कई नेताओं ने इसे इस्लामोफोबिया और घृणा फैलाने वाला बताया। अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस काउंसिल (CAIR) ने फाइन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि उनके इस्तीफे की मांग पहले से चल रही है। यास्मीन अंसारी ने हाउस स्पीकर से तुरंत निंदा करने को कहा। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने फाइन को नस्लवादी कहकर इस्तीफा देने को कहा। ब्रिटिश पत्रकार पीयर्स मॉर्गन ने भी उन्हें कड़ी फटकार लगाई। फाइन बोले- कुत्ते हमारे परिवार के सदस्य, इन्हें नहीं छोड़ेंगे फाइन ने विरोध पर पलटवार किया और कहा कि असली समस्या किसवानी का बयान है, जो लिखित रूप में था। फाइन ने न्यूजमैक्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनका पोस्ट किसवानी के बयान के जवाब में था, जो शरिया लॉ (इस्लामी कानून) थोपने की कोशिश है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका में कुत्ते परिवार के सदस्य हैं, और हम यूरोप की तरह शर्मिंदा होकर हार नहीं मानेंगे।’ उन्होंने कुत्तों की तस्वीरें शेयर कीं, जिन पर ‘डोंट ट्रेड ऑन मी’ (ऐतिहासिक गैड्सडेन फ्लैग का स्लोगन) लिखा था। इस पोस्ट को 42 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले, हजारों लाइक्स, रीपोस्ट्स और कमेंट्स। फाइन ने क्रिटिक्स को जवाब दिया कि किसवानी का बयान लिखित था और लाखों ने देखा। पोस्ट के तुरंत बाद वॉशिंगटन और पूरे अमेरिका में हंगामा मच गया। इसे इस्लामोफोबिया, कट्टरता और अमानवीयकरण कहा गया। फाइन पहले भी गाजा से जुड़े बयानों पर आलोचना झेल चुके हैं। 2025 में उन्होंने गाजा पर कहा था कि गाजावासियों को भूखा मरने दो जब तक इजराइली बंधक रिहा न हों। उन्होंने गाजा का हाल हिरोशिमा और नागासाकी जैसा करने की बात भी की थी। फाइन बोले- यूरोप की तरह कमजोरी नहीं दिखाएंगे फाइन का कहना है कि यूरोप के लोग मुसलमानों के सामने शर्मिंदा होकर या दबाव में आकर अपनी संस्कृति, परंपराओं और आजादी को खो चुके हैं। वे नहीं चाहते कि अमेरिका में भी ऐसा हो। उनका कहना है कि अमेरिका, यूरोप जैसी कमजोरी नहीं दिखाएंगे। फाइन और उनके जैसे कई राइट-विंग ट्रम्प समर्थक अक्सर यह दावा करते हैं कि यूरोप में इस्लामिक टेकओवर हो रहा है। उनके अनुसार बड़े पैमाने पर मुस्लिम इमिग्रेशन से नो-गो जोन्स बन गए हैं, जहां स्थानीय कानून कमजोर पड़ गए हैं। यूरोपीय सरकारें पॉलिटिकल करेक्टनेस या मल्टीकल्चरलिज्म के नाम पर मुसलमानों की मांगों के आगे झुक रही हैं, जैसे कुत्तों पर प्रतिबंध या महिलाओं के अधिकारों में बदलाव। इसका नतीजा यह हो रहा है की यूरोप अपनी मूल संस्कृति और वैल्यूज खो रहा है और लोग शर्मिंदा होकर विरोध नहीं कर पा रहे। फाइन ने खुद कई बार कहा है कि शरिया अमेरिका में नहीं आएगी। अमेरिका इस्लामिक देश नहीं बनेगा। उन्होंने नो शरिया जैसा बिल भी पेश किया है। इजराइल के कट्टर समर्थक माने जाते हैं फाइन रैंडी फाइन एक अमेरिकी राजनेता हैं, जो रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े हैं। उनका जन्म 20 अप्रैल 1974 को एरिजोना के ट्यूसन शहर में हुआ था। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से 1996 में बीए डिग्री और 1998 में एमबीए पूरा किया। पेशे से वे बिजनेस एक्जीक्यूटिव हैं और पहले जुआ इंडस्ट्री में काम कर चुके हैं। राजनीति में उन्होंने फ्लोरिडा स्टेट हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 2016 से 2024 तक सेवा की, फिर फ्लोरिडा संसद में 2024-2025 तक रहे। अप्रैल 2025 में एक स्पेशल इलेक्शन में वे फ्लोरिडा के 6वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुने गए। वे इजराइल के कट्टर समर्थक हैं और अक्सर फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष पर विवादास्पद बयान देते हैं। न्यूयॉर्क मेयर पद पर जोहरान ममदानी मुस्लिम समुदाय से हैं न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा है, नरदीन किसवानी के इस बयान को न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी से जोड़ कर देखा जा रहा है। दरअसल, ममदानी इस पद पर आने वाले पहले मुस्लिम हैं। हालांकि, किसवानी ने ममदानी का जिक्र नहीं किया। इन्होंने 2025 में मेयर चुनाव जीतकर इतिहास रचा था। वे शहर के पहले मुस्लिम और 100 साल से अधिक समय में सबसे युवा गवर्नर बने। उनका कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से शुरू हुआ, जिसमें वे किराए पर रोक, निःशुल्क बस सेवा, किफायती आवास और शहर को अधिक सस्ता बनाने पर जोर दे रहे हैं। जोहरान ममदानी एक प्रमुख अमेरिकी राजनीतिज्ञ हैं। उनका जन्म 18 अक्टूबर 1991 को युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था। वे प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्देशक मीरा नायर के बेटे हैं। सात साल की उम्र में वे न्यूयॉर्क शहर आए थे और यहीं बड़े हुए। वे डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका के सदस्य हैं और प्रगतिशील विचारधारा के समर्थक हैं। ————————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- ईरान के साथ बातचीत में इनडायरेक्टली शामिल रहूंगा: पिछले साल परमाणु ठिकानों पर बमबारी से इन्हें अक्ल आई; आज स्विट्जरलैंड में बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में इनडायरेक्ट रूप से शामिल रहेंगे। उन्होंने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। पूरी खबर पढ़ें…

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