Sunday, 01 Nov 2026 | 11:24 PM

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Heatwave Lou Symptoms; Precautions, Prevention Tips

Heatwave Lou Symptoms; Precautions, Prevention Tips

8 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा

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फर्ज कीजिए, दोपहर में आप किसी काम से बाहर निकले हैं। तेज धूप और गर्म हवा के बीच कुछ देर बाद सिर भारी हो गया है, चक्कर आ रहे हैं और शरीर में अजीब-सी थकान महसूस हो रही है। ये लू लगने के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

तेज गर्मी और ज्यादा देर धूप में रहने से शरीर का टेम्परेचर तेजी से बढ़ने लगता है। इससे कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि-

  • किन स्थितियों में लू लग सकती है?
  • इसके क्या संकेत होते हैं?
  • इससे बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

एक्सपर्ट: डॉ. पी. वेंकट कृष्णन, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम

सवाल- लू क्या होती है? लू लगने का क्या अर्थ है?

जवाब- लू यानी गर्मियों में चलने वाली गर्म और ड्राई हवा। यह खासतौर पर दोपहर के समय चलती है। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक इस तेज गर्म हवा और हाई टेम्परेचर में रहता है, तो शरीर का तापमान कंट्रोल करने वाला सिस्टम (थर्मोरेगुलेटरी सिस्टम) बिगड़ जाता है। जिससे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती हैं। इसका मतलब है कि लू लग गई है।

सवाल- किन स्थितियों में लू लग सकती है?

जवाब- जब शरीर का टेम्परेचर कंट्रोल से बाहर हो जाए। साथ ही बॉडी में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी होने लगे को लू लग सकती है। इसके अलावा कुछ और कंडीशन्स में लू लग सकती है। ग्राफिक में देखिए-

अब इन्हें थोड़ा विस्तार से समझते हैं-

तेज धूप में लंबे समय तक रहने से

सीधी धूप बॉडी टेम्परेचर बढ़ाती है, लंबे समय तक एक्सपोजर से शरीर ओवरहीट हो जाता है और लू लग सकती है।

खाली पेट गर्मी में बाहर निकलने से

खाली पेट रहने से शरीर में एनर्जी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। इससे शरीर गर्मी नहीं झेल पाता है।

लॉन्ग ड्राइव करने से

लंबे समय तक बंद या गर्म माहौल में रहने से शरीर गर्म होता रहता है। खासकर अगर गाड़ी में वेंटिलेशन या कूलिंग सही न हो तो रिस्क बढ़ जाता है।

इम्यूनिटी कमजोर होने से

कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग गर्मी के प्रभाव को झेल नहीं पाते हैं। उनका शरीर जल्दी थकता है और लू लगने का रिस्क बढ़ता है।

मोटे या टाइट कपड़े पहनने से

टाइट या मोटे कपड़े शरीर की हीट बाहर नहीं निकलने देते। इससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है।

शरीर में पानी की कमी (डीहाइड्रेशन) से

जब शरीर में पानी कम होता है, तो पसीना बनना और शरीर को ठंडा करना मुश्किल हो जाता है। यह लू लगने का सबसे बड़ा कारण है।

मौसम बहुत गर्म और ड्राई होने से

ड्राई हवा के कारण शरीर की नमी जल्दी खत्म हो जाती है। इससे डीहाइड्रेशन जल्दी होता है और शरीर ओवरहीट हो सकता है।

भीड़भाड़ और खराब वेंटिलेशन में रहने से

जहां हवा का फ्लो कम होता है, वहां शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। इससे शरीर को ठंडा होने का मौका नहीं मिलता। ऐसे माहौल में गर्मी का असर ज्यादा महसूस होता है।

लगातार मेहनत करने से

गर्मी में ज्यादा मेहनत करने से शरीर ज्यादा हीट प्रोड्यूस करता है। अगर इसे बैलेंस न किया जाए तो शरीर ओवरहीट हो सकता है।

शराब या कैफीन ज्यादा पीने से

ये दोनों शरीर में पानी की कमी बढ़ाते हैं। इससे शरीर की गर्मी सहने की क्षमता कम हो जाती है।

अचानक ठंडे से गर्म माहौल में जाने से

AC या ठंडी जगह से अचानक बाहर की तेज गर्मी में जाने पर शरीर एडजस्ट नहीं कर पाता। इससे हीट स्ट्रेस बढ़ता है।

कुछ दवाइयों का सेवन करने से

कुछ दवाएं (जैसे BP, एलर्जी या डाइयूरेटिक्स) शरीर में पानी की कमी या पसीने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं। इससे लू लगने का रिस्क बढ़ जाता है।

सवाल- कैसे पता चलेगा कि लू लग गई है। इसके संकेत क्या होते हैं?

जवाब- तेज गर्मी में शरीर कई छोटे-छोटे संकेत देता है, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यही शुरुआती लक्षण आगे चलकर गंभीर लू में बदल सकते हैं। ग्राफिक में लू लगने के संकेत देखिए-

सवाल- लू लगने पर क्या होता है?

जवाब- लू लगने पर शरीर का थर्मोरेगुलेटरी सिस्टम (जो बॉडी टेम्परेचर कंट्रोल करता है) फेल होने लगता है। पॉइंटर्स से समझिए-

  • सामान्य तौर पर शरीर पसीने के जरिए हीट बाहर निकालता है, लेकिन ज्यादा गर्मी और डीहाइड्रेशन में यह मैकेनिज्म काम करना बंद कर देता है। इससे कोर बॉडी टेम्परेचर 37.3°C से ज्यादा पहुंच सकता है।
  • इससे प्रोटीन और एंजाइम डैमेज होने लगते हैं और सेल्स ठीक से काम नहीं कर पाती हैं। हीट स्ट्रेस बढ़ने पर ब्रेन फंक्शनिंग भी प्रभावित होती है।
  • इससे चक्कर, कन्फ्यूजन, बेहोशी जैसे लक्षण दिखते हैं।
  • साथ ही ब्लड सर्कुलेशन और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ने से हार्ट, किडनी और अन्य अंगों पर भी असर पड़ सकता है। गंभीर मामलों में यह जानलेवा हो सकता है।

सवाल- लू लगने से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

जवाब- गर्मी में सिर्फ धूप से बचना ही काफी नहीं है, बल्कि सही आदतें अपनाना भी उतना ही जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी लू जैसी गंभीर समस्या से बचा सकती है।

सवाल- धूप में निकलने से पहले क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए?

जवाब- गर्मी में सही डाइट लू से बचा सकती है, जबकि गलत खानपान जोखिम बढ़ा सकता है। ग्राफिक से जानते हैं, क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए-

तेज गर्मी में घर से निकलने से पहले की गई छोटी-छोटी गलतियां लू का खतरा कई गुना बढ़ा सकती हैं। शरीर को अचानक हीट एक्सपोजर देने या गलत खान-पान के साथ बाहर निकलने से ओवरहीटिंग और डीहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है। इसलिए बाहर जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- लू लगने पर क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए?

जवाब- लू लगने पर अक्सर लोग कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे हालत और बिगड़ सकती है। पॉइंटर्स से समझते हैं-

  • तुरंत बहुत ठंडा पानी या बर्फ न लें। शरीर को शॉक लग सकता है।
  • धूप या गर्म जगह पर न रहें।
  • डीहाइड्रेशन को नजरअंदाज न करें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां न लें।
  • डीहाइड्रेशन के लक्षण दिखने के बाद भी काम जारी न रखें।
  • बहुत ज्यादा कपड़े पहनकर न रहें। हीट बाहर नहीं निकल पाती।
  • हालत गंभीर हो तो सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें।

सवाल- गर्मी के मौसम में हेल्दी रहने के लिए क्या खाना चाहिए?

जवाब- गर्मी में ऐसी चीजें खानी चाहिए, जो शरीर को ठंडक दें, हाइड्रेट रखें और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखें। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- लू लगने पर कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

जवाब- लू की स्थिति में कुछ संकेत ऐसे होते हैं, जब तुरंत डॉक्टर की मदद लेना जरूरी है। जैसे-

  • शरीर बहुत गर्म महसूस हो।
  • बार-बार उल्टी हो।
  • बेहोशी, कन्फ्यूजन या बोलने में दिक्कत हो।
  • सांस लेने में परेशानी हो।
  • पसीना आना बंद हो जाए और स्किन ड्राई व बहुत गर्म हो जाए।
  • दिल की धड़कन बहुत तेज या अनियमित हो।

ऐसे लक्षण दिखें तो देरी न करें। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है।

…………………

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8 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा

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फर्ज कीजिए, दोपहर में आप किसी काम से बाहर निकले हैं। तेज धूप और गर्म हवा के बीच कुछ देर बाद सिर भारी हो गया है, चक्कर आ रहे हैं और शरीर में अजीब-सी थकान महसूस हो रही है। ये लू लगने के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

तेज गर्मी और ज्यादा देर धूप में रहने से शरीर का टेम्परेचर तेजी से बढ़ने लगता है। इससे कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि-

  • किन स्थितियों में लू लग सकती है?
  • इसके क्या संकेत होते हैं?
  • इससे बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

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सवाल- लू क्या होती है? लू लगने का क्या अर्थ है?

जवाब- लू यानी गर्मियों में चलने वाली गर्म और ड्राई हवा। यह खासतौर पर दोपहर के समय चलती है। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक इस तेज गर्म हवा और हाई टेम्परेचर में रहता है, तो शरीर का तापमान कंट्रोल करने वाला सिस्टम (थर्मोरेगुलेटरी सिस्टम) बिगड़ जाता है। जिससे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती हैं। इसका मतलब है कि लू लग गई है।

सवाल- किन स्थितियों में लू लग सकती है?

जवाब- जब शरीर का टेम्परेचर कंट्रोल से बाहर हो जाए। साथ ही बॉडी में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी होने लगे को लू लग सकती है। इसके अलावा कुछ और कंडीशन्स में लू लग सकती है। ग्राफिक में देखिए-

अब इन्हें थोड़ा विस्तार से समझते हैं-

तेज धूप में लंबे समय तक रहने से

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खाली पेट रहने से शरीर में एनर्जी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। इससे शरीर गर्मी नहीं झेल पाता है।

लॉन्ग ड्राइव करने से

लंबे समय तक बंद या गर्म माहौल में रहने से शरीर गर्म होता रहता है। खासकर अगर गाड़ी में वेंटिलेशन या कूलिंग सही न हो तो रिस्क बढ़ जाता है।

इम्यूनिटी कमजोर होने से

कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग गर्मी के प्रभाव को झेल नहीं पाते हैं। उनका शरीर जल्दी थकता है और लू लगने का रिस्क बढ़ता है।

मोटे या टाइट कपड़े पहनने से

टाइट या मोटे कपड़े शरीर की हीट बाहर नहीं निकलने देते। इससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है।

शरीर में पानी की कमी (डीहाइड्रेशन) से

जब शरीर में पानी कम होता है, तो पसीना बनना और शरीर को ठंडा करना मुश्किल हो जाता है। यह लू लगने का सबसे बड़ा कारण है।

मौसम बहुत गर्म और ड्राई होने से

ड्राई हवा के कारण शरीर की नमी जल्दी खत्म हो जाती है। इससे डीहाइड्रेशन जल्दी होता है और शरीर ओवरहीट हो सकता है।

भीड़भाड़ और खराब वेंटिलेशन में रहने से

जहां हवा का फ्लो कम होता है, वहां शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। इससे शरीर को ठंडा होने का मौका नहीं मिलता। ऐसे माहौल में गर्मी का असर ज्यादा महसूस होता है।

लगातार मेहनत करने से

गर्मी में ज्यादा मेहनत करने से शरीर ज्यादा हीट प्रोड्यूस करता है। अगर इसे बैलेंस न किया जाए तो शरीर ओवरहीट हो सकता है।

शराब या कैफीन ज्यादा पीने से

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जवाब- लू लगने पर शरीर का थर्मोरेगुलेटरी सिस्टम (जो बॉडी टेम्परेचर कंट्रोल करता है) फेल होने लगता है। पॉइंटर्स से समझिए-

  • सामान्य तौर पर शरीर पसीने के जरिए हीट बाहर निकालता है, लेकिन ज्यादा गर्मी और डीहाइड्रेशन में यह मैकेनिज्म काम करना बंद कर देता है। इससे कोर बॉडी टेम्परेचर 37.3°C से ज्यादा पहुंच सकता है।
  • इससे प्रोटीन और एंजाइम डैमेज होने लगते हैं और सेल्स ठीक से काम नहीं कर पाती हैं। हीट स्ट्रेस बढ़ने पर ब्रेन फंक्शनिंग भी प्रभावित होती है।
  • इससे चक्कर, कन्फ्यूजन, बेहोशी जैसे लक्षण दिखते हैं।
  • साथ ही ब्लड सर्कुलेशन और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ने से हार्ट, किडनी और अन्य अंगों पर भी असर पड़ सकता है। गंभीर मामलों में यह जानलेवा हो सकता है।

सवाल- लू लगने से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

जवाब- गर्मी में सिर्फ धूप से बचना ही काफी नहीं है, बल्कि सही आदतें अपनाना भी उतना ही जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी लू जैसी गंभीर समस्या से बचा सकती है।

सवाल- धूप में निकलने से पहले क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए?

जवाब- गर्मी में सही डाइट लू से बचा सकती है, जबकि गलत खानपान जोखिम बढ़ा सकता है। ग्राफिक से जानते हैं, क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए-

तेज गर्मी में घर से निकलने से पहले की गई छोटी-छोटी गलतियां लू का खतरा कई गुना बढ़ा सकती हैं। शरीर को अचानक हीट एक्सपोजर देने या गलत खान-पान के साथ बाहर निकलने से ओवरहीटिंग और डीहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है। इसलिए बाहर जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- लू लगने पर क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए?

जवाब- लू लगने पर अक्सर लोग कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे हालत और बिगड़ सकती है। पॉइंटर्स से समझते हैं-

  • तुरंत बहुत ठंडा पानी या बर्फ न लें। शरीर को शॉक लग सकता है।
  • धूप या गर्म जगह पर न रहें।
  • डीहाइड्रेशन को नजरअंदाज न करें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां न लें।
  • डीहाइड्रेशन के लक्षण दिखने के बाद भी काम जारी न रखें।
  • बहुत ज्यादा कपड़े पहनकर न रहें। हीट बाहर नहीं निकल पाती।
  • हालत गंभीर हो तो सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें।

सवाल- गर्मी के मौसम में हेल्दी रहने के लिए क्या खाना चाहिए?

जवाब- गर्मी में ऐसी चीजें खानी चाहिए, जो शरीर को ठंडक दें, हाइड्रेट रखें और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखें। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- लू लगने पर कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

जवाब- लू की स्थिति में कुछ संकेत ऐसे होते हैं, जब तुरंत डॉक्टर की मदद लेना जरूरी है। जैसे-

  • शरीर बहुत गर्म महसूस हो।
  • बार-बार उल्टी हो।
  • बेहोशी, कन्फ्यूजन या बोलने में दिक्कत हो।
  • सांस लेने में परेशानी हो।
  • पसीना आना बंद हो जाए और स्किन ड्राई व बहुत गर्म हो जाए।
  • दिल की धड़कन बहुत तेज या अनियमित हो।

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समर सीजन में हीट स्ट्रोक, फूड पॉइजनिंग और स्किन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इस मौसम में ट्रिप के दौरान छोटी-छोटी गलतियां भी भारी पड़ सकती हैं। ऐसे में सही जानकारी और तैयारी बेहद जरूरी है। पूरी खबर पढ़ें…

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