Wednesday, 10 Jun 2026 | 04:47 PM

Trending :

EXCLUSIVE

MP Teachers Exam: Supreme Court Review Petition Hearing Today

MP Teachers Exam: Supreme Court Review Petition Hearing Today

भोपाल37 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई।

मध्य प्रदेश में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पात्रता परीक्षा में जो भी छूट दी जानी थी, वह पहले ही दी जा चुकी है। ऐसे में अब होने वाली किसी भी भर्ती में पात्रता परीक्षा पास किए बिना कोई भी शिक्षक नियुक्त नहीं किया जा सकता।

पुनर्विचार याचिका राज्य सरकार के साथ मध्य प्रदेश और देशभर के अन्य राज्यों के शिक्षा संगठनों की ओर से दायर की गई थी। याचिकाओं में 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को परीक्षा से छूट देने की मांग की गई थी।

पांच साल की छूट पहले ही दी जा चुकी

हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट कहा कि वर्ष 2017 में नियम लागू होने के बाद पांच साल की छूट पहले ही दी जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा तय किए गए नियमों का पालन सभी राज्यों और शिक्षकों को करना होगा।

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज और अधिवक्ताओं की ओर से विभिन्न दलीलें पेश की गईं, लेकिन फिलहाल शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है। हालांकि, 70 से अधिक याचिकाओं पर बुधवार शाम तक सुनवाई जारी रही। ऐसे में मामले में अंतिम निर्णय अभी नहीं आया है।

कोर्ट का रुख सकारात्मक नहीं लगा- शिक्षक संघ

जनजातीय कल्याण शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर ने कहा- हमारे संगठन ने भी एक याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान वह खुद मौजूद थे। अधिवक्ताओं के मजबूत तर्कों के बावजूद कोर्ट का रुख सकारात्मक नहीं लगा।

शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को आधार बनाया था।

शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को आधार बनाया था।

दरअसल, यह मामला सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के उस आदेश से जुड़ा है, जिसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 1998 से 2009 के बीच बिना टीईटी नियुक्त हुए शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए थे। ये नियुक्तियां राज्य सरकार की मेरिट प्रक्रिया के तहत हुई थीं। मध्य प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या करीब डेढ़ लाख बताई जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- परीक्षा में फेल हुए तो नौकरी जा सकती है

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा था कि यदि कोई शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं करता है, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा आदेश जारी होने पर प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था।

शिक्षक संगठनों ने फैसले के खिलाफ आंदोलन भी किया। उन्होंने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट से आदेश पर पुनर्विचार की मांग की। पिछले महीने मध्य प्रदेश सरकार, शासकीय शिक्षक संगठन, राज्य कर्मचारी संघ और कई शिक्षा संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी।

क्या है TET परीक्षा

टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है। यह तय करती है कि कोई अभ्यर्थी कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने के लिए योग्य है या नहीं। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने वर्ष 2010 में इस परीक्षा को अनिवार्य किया था।

…………………………………….

यह खबर भी पढ़ें…

MP के शिक्षकों का भोपाल में प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा

भोपाल में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बड़ा शिक्षकों ने बड़ा प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने एमपी नगर एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर प्रदर्शन को समाप्त किया। आयोजकों के मुताबिक, भोपाल के भेल स्थित दशहरा मैदान में ‘मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा’ के तहत प्रदेश के अलग अलग जिलों से करीब 50 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने भाग लिया। पढ़ें पूरी खबर

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
शकीरा का इंडिया कॉन्सर्ट पोस्टपोन:ईरान-इजराइल तनाव के कारण फैसला; ₹32 हजार तक की टिकट बिकी थी, अब मिलेगा रिफंड

March 22, 2026/
12:58 pm

ग्लोबल पॉप स्टार शकीरा का अप्रैल में होने वाला ‘फीडिंग इंडिया कॉन्सर्ट’ फिलहाल टाल दिया गया है। ऑर्गनाइजर्स ने सोशल...

एग्जिट पोल 2026 रिजल्ट: बंगाल से लेकर असम-केरल और तमिल तक, किसकी सरकार, जानें किसकी सरकार

April 30, 2026/
8:06 am

चुनाव के बाद जारी कई एलेक्टिट पोल में पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बढ़त मिलने और असम...

प्राकृतिक होम कूलिंग: भीषण गर्मी में भी बिना एसी के ठंडा रहता है घर, जानें कूलिंग नियंत्रण बनाए रखने वाले स्मार्ट डिजाइनिंग ट्रिक्स

March 12, 2026/
9:26 pm

12 मार्च 2026 को 21:26 IST पर अपडेट किया गया प्राकृतिक घरेलू शीतलता: भीषण गर्मी में भी बिना एसी के...

PM Modi Rahul Gandhi Election Rally 2026

April 6, 2026/
2:06 am

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नई12 मिनट पहले कॉपी लिंक असम के कामरूप में राहुल गांधी ने रविवार को जनसभा को संबोधित किया। कांग्रेस...

IPL 2026 Schedule Announcement Live

March 11, 2026/
6:59 pm

आखरी अपडेट:मार्च 11, 2026, 18:59 IST पीएम मोदी ने डीएमके सरकार पर लोगों के जनादेश के साथ विश्वासघात करने का...

मनोज वाजपेयी की गर्वनर 12 जून को होगी रिलीज:किरदार के परिवार से नहीं मिले मनोज, स्क्रिप्ट और मजबूत रिसर्च के सहारे बने ‘गवर्नर’

June 9, 2026/
5:06 pm

मनोज बाजपेयी की ‘गवर्नर’ 12 जून को रिलीज हो रही है। इंटरव्यू में निर्देशक चिन्मय मंडलेकर ने फिल्म की रिसर्च,...

राजनीति

MP Teachers Exam: Supreme Court Review Petition Hearing Today

MP Teachers Exam: Supreme Court Review Petition Hearing Today

भोपाल37 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई।

मध्य प्रदेश में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पात्रता परीक्षा में जो भी छूट दी जानी थी, वह पहले ही दी जा चुकी है। ऐसे में अब होने वाली किसी भी भर्ती में पात्रता परीक्षा पास किए बिना कोई भी शिक्षक नियुक्त नहीं किया जा सकता।

पुनर्विचार याचिका राज्य सरकार के साथ मध्य प्रदेश और देशभर के अन्य राज्यों के शिक्षा संगठनों की ओर से दायर की गई थी। याचिकाओं में 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को परीक्षा से छूट देने की मांग की गई थी।

पांच साल की छूट पहले ही दी जा चुकी

हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट कहा कि वर्ष 2017 में नियम लागू होने के बाद पांच साल की छूट पहले ही दी जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा तय किए गए नियमों का पालन सभी राज्यों और शिक्षकों को करना होगा।

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज और अधिवक्ताओं की ओर से विभिन्न दलीलें पेश की गईं, लेकिन फिलहाल शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है। हालांकि, 70 से अधिक याचिकाओं पर बुधवार शाम तक सुनवाई जारी रही। ऐसे में मामले में अंतिम निर्णय अभी नहीं आया है।

कोर्ट का रुख सकारात्मक नहीं लगा- शिक्षक संघ

जनजातीय कल्याण शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर ने कहा- हमारे संगठन ने भी एक याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान वह खुद मौजूद थे। अधिवक्ताओं के मजबूत तर्कों के बावजूद कोर्ट का रुख सकारात्मक नहीं लगा।

शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को आधार बनाया था।

शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को आधार बनाया था।

दरअसल, यह मामला सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के उस आदेश से जुड़ा है, जिसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 1998 से 2009 के बीच बिना टीईटी नियुक्त हुए शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए थे। ये नियुक्तियां राज्य सरकार की मेरिट प्रक्रिया के तहत हुई थीं। मध्य प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या करीब डेढ़ लाख बताई जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- परीक्षा में फेल हुए तो नौकरी जा सकती है

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा था कि यदि कोई शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं करता है, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा आदेश जारी होने पर प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था।

शिक्षक संगठनों ने फैसले के खिलाफ आंदोलन भी किया। उन्होंने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट से आदेश पर पुनर्विचार की मांग की। पिछले महीने मध्य प्रदेश सरकार, शासकीय शिक्षक संगठन, राज्य कर्मचारी संघ और कई शिक्षा संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी।

क्या है TET परीक्षा

टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है। यह तय करती है कि कोई अभ्यर्थी कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने के लिए योग्य है या नहीं। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने वर्ष 2010 में इस परीक्षा को अनिवार्य किया था।

…………………………………….

यह खबर भी पढ़ें…

MP के शिक्षकों का भोपाल में प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा

भोपाल में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बड़ा शिक्षकों ने बड़ा प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने एमपी नगर एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर प्रदर्शन को समाप्त किया। आयोजकों के मुताबिक, भोपाल के भेल स्थित दशहरा मैदान में ‘मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा’ के तहत प्रदेश के अलग अलग जिलों से करीब 50 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने भाग लिया। पढ़ें पूरी खबर

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.