Wednesday, 04 Nov 2026 | 05:59 AM

Trending :

गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने से क्या होता है? O+ की जगह अगर B+ ब्लड चढ़ा दें तो क्या नुकसान हो सकते हैं, डॉ. से जानें

authorimg

Last Updated:

Danger Of Wrong Blood Transfusion: अगर किसी मरीज को ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान गलत ब्लड टाइप मिल जाए, तो इसके नतीजे बहुत बुरे हो सकते हैं. कई बार इससे ऑर्गन फेलियर से लेकर जान जाने तक का भी खतरा होता है. यहां आप हेल्थ एक्सपर्ट से इसके साइड इफेक्ट्स को समझ सकते हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

राजस्थान के पाली स्थित बांगड़ अस्पताल से एक गंभीर मामला सामने आया है. यहां एक बच्ची को गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ा दिया गया. परिजनों का आरोप है कि O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ा दिया गया, जिससे बच्ची की हालत बिगड़ गई और अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ. बच्ची को अभी ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. लेकिन गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने से क्या होता है? इसके खतरे को समझने के लिए हमने फरीदाबाद सेक्टर 88
स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में इंटर्नल मेडिसिन एंड रुमेटोलॉजी के सीनियर डायरेक्टर डॉ.जयंता ठाकुरिया से बात की.

एक्सपर्ट ने बताया कि ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी होता है कि मरीज को सही ब्लड ग्रुप का खून ही चढ़ाया जाए. अगर गलती से गलत ब्लड ग्रुप का खून दे दिया जाए, तो शरीर में गंभीर और कभी-कभी जानलेवा रिएक्शन हो सकते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर का इम्यून सिस्टम गलत ब्लड को बाहरी और नुकसान पहुंचाने वाला मानकर उस पर हमला करने लगता है.

O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ाने के नुकसान
अगर किसी मरीज को O+ ब्लड की जरूरत है लेकिन उसे गलती से B+ ब्लड चढ़ा दिया जाए, तो शरीर तुरंत प्रतिक्रिया देना शुरू कर देता है. O+ ब्लड वाले व्यक्ति के शरीर में मौजूद एंटीबॉडीज B+ ब्लड की लाल रक्त कोशिकाओं पर हमला करती हैं और उन्हें तेजी से नष्ट करने लगती हैं. इस प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में “एक्यूट हेमोलिटिक रिएक्शन” कहा जाता है.

यह प्रतिक्रिया अक्सर ब्लड चढ़ाने के कुछ ही मिनटों के अंदर शुरू हो सकती है. मरीज को तेज बुखार, कंपकंपी, सीने या फेफड़ों में दर्द, सांस लेने में परेशानी, चक्कर आना, जी मिचलाना और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं. कुछ मामलों में पेशाब का रंग गहरा हो सकता है, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने का संकेत होता है. अगर स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाए, तो किडनी फेल होने या शरीर को शॉक लगने का खतरा भी हो सकता है.

आमतौर पर O+ ब्लड ग्रुप वाले लोग दूसरे पॉजिटिव ब्लड ग्रुप से खून ले सकते हैं, लेकिन सही मिलान होना बेहद जरूरी है. यदि O+ मरीज को B+ ब्लड दिया जाता है, तो शरीर में मौजूद Anti-B एंटीबॉडीज तुरंत B+ डोनर ब्लड के खिलाफ प्रतिक्रिया शुरू कर देती हैं. इससे शरीर में गंभीर इम्यून रिएक्शन हो सकता है.

नुकसान से बचाव के उपाय
ऐसी गलती होने पर तुरंत ब्लड ट्रांसफ्यूजन रोकना जरूरी होता है. इसके बाद मरीज की हालत पर लगातार नजर रखी जाती है. मरीज को ऑक्सीजन, नसों के जरिए फ्लूड और जरूरत पड़ने पर दूसरी दवाएं दी जाती हैं ताकि शरीर को स्थिर रखा जा सके. डॉक्टर खासतौर पर किडनी को सुरक्षित रखने की कोशिश करते हैं, क्योंकि गलत ब्लड का असर सबसे पहले किडनी पर पड़ सकता है.

इन नियमों का पालन करना जरूरी
हर बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन करने से पहले, अस्पतालों में सुरक्षा से जुड़े कुछ सख्त नियम अपनाए जाते हैं, जैसे- ब्लड टाइप की जांच करना, मरीज और डोनर के ब्लड टाइप का मिलान करना, और किसी भी तरह की गलती से बचने के लिए डोनर की पहचान की दोबारा जांच करनाय. कोई भी छोटी सी गलती बहुत खतरनाक हो सकती है, और इसी वजह से, खून चढ़ाते समय डॉक्टर और नर्स दोनों ही बहुत ज्यादा सावधानी बरतते हैं.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ममता बनर्जी की हार पर देवोलीना का तंज:चुनाव नतीजों पर बोलीं- बुरा सपना खत्म हुआ; प्रदेश में अब नो रुम्बा तुम्बा, सिर्फ ढिंका चिका

May 6, 2026/
12:23 pm

‘साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे आने के...

Gold Drops To ₹1.49 Lakh As UAE Leaves OPEC+

April 29, 2026/
3:46 am

नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर हवाई उड़ान से जुड़ी रही। मिडिल ईस्ट जंग के चलते...

सत्यनारायण पूजन में टी-सीरीज ऑफिस पहुंचे बॉलीवुड सेलेब्स:वरुण-कार्तिक, सारा और रकुल शामिल हुए, 'हनुमान अंश' फेम शोभिनव भी दिखे; जैकी श्रॉफ ने बांटा प्रसाद

September 25, 2026/
4:30 am

गणेशोत्सव के मौके पर मुंबई स्थित टी-सीरीज ऑफिस में आयोजित सत्यनारायण पूजन में बॉलीवुड की तमाम हस्तियों ने शिरकत की।...

Rajasthan Commission to File Advance Caveat

August 2, 2026/
9:55 am

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) अब एक लाख से कम कैंडिडेट्स वाले OMR शीट बेस्ड भर्ती एग्जाम का रिजल्ट 20...

Iran Rejects Trump Claim on Hormuz Strait

August 23, 2026/
8:14 am

3 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को ‘अमेरिकी इलाका’ बताया है।...

मुंबई में 15 दिन में दूसरी बार महंगी हुई CNG:₹2 की बढ़ोतरी के साथ दाम ₹86 हुए; ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने की किराया बढ़ाने की मांग

May 30, 2026/
7:57 am

महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में CNG ₹2 प्रति किलो महंगी कर दी है। इसके...

तस्वीर का विवरण

July 1, 2026/
8:58 pm

आटा गूंथने के लिए: 2 कप आटे का आटा, 2 बड़े कच्चे तेल या घी, स्वादानुसार नमक, आवश्यक पानी छवि:...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने से क्या होता है? O+ की जगह अगर B+ ब्लड चढ़ा दें तो क्या नुकसान हो सकते हैं, डॉ. से जानें

authorimg

Last Updated:

Danger Of Wrong Blood Transfusion: अगर किसी मरीज को ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान गलत ब्लड टाइप मिल जाए, तो इसके नतीजे बहुत बुरे हो सकते हैं. कई बार इससे ऑर्गन फेलियर से लेकर जान जाने तक का भी खतरा होता है. यहां आप हेल्थ एक्सपर्ट से इसके साइड इफेक्ट्स को समझ सकते हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

राजस्थान के पाली स्थित बांगड़ अस्पताल से एक गंभीर मामला सामने आया है. यहां एक बच्ची को गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ा दिया गया. परिजनों का आरोप है कि O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ा दिया गया, जिससे बच्ची की हालत बिगड़ गई और अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ. बच्ची को अभी ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. लेकिन गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने से क्या होता है? इसके खतरे को समझने के लिए हमने फरीदाबाद सेक्टर 88
स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में इंटर्नल मेडिसिन एंड रुमेटोलॉजी के सीनियर डायरेक्टर डॉ.जयंता ठाकुरिया से बात की.

एक्सपर्ट ने बताया कि ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी होता है कि मरीज को सही ब्लड ग्रुप का खून ही चढ़ाया जाए. अगर गलती से गलत ब्लड ग्रुप का खून दे दिया जाए, तो शरीर में गंभीर और कभी-कभी जानलेवा रिएक्शन हो सकते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर का इम्यून सिस्टम गलत ब्लड को बाहरी और नुकसान पहुंचाने वाला मानकर उस पर हमला करने लगता है.

O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ाने के नुकसान
अगर किसी मरीज को O+ ब्लड की जरूरत है लेकिन उसे गलती से B+ ब्लड चढ़ा दिया जाए, तो शरीर तुरंत प्रतिक्रिया देना शुरू कर देता है. O+ ब्लड वाले व्यक्ति के शरीर में मौजूद एंटीबॉडीज B+ ब्लड की लाल रक्त कोशिकाओं पर हमला करती हैं और उन्हें तेजी से नष्ट करने लगती हैं. इस प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में “एक्यूट हेमोलिटिक रिएक्शन” कहा जाता है.

यह प्रतिक्रिया अक्सर ब्लड चढ़ाने के कुछ ही मिनटों के अंदर शुरू हो सकती है. मरीज को तेज बुखार, कंपकंपी, सीने या फेफड़ों में दर्द, सांस लेने में परेशानी, चक्कर आना, जी मिचलाना और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं. कुछ मामलों में पेशाब का रंग गहरा हो सकता है, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने का संकेत होता है. अगर स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाए, तो किडनी फेल होने या शरीर को शॉक लगने का खतरा भी हो सकता है.

आमतौर पर O+ ब्लड ग्रुप वाले लोग दूसरे पॉजिटिव ब्लड ग्रुप से खून ले सकते हैं, लेकिन सही मिलान होना बेहद जरूरी है. यदि O+ मरीज को B+ ब्लड दिया जाता है, तो शरीर में मौजूद Anti-B एंटीबॉडीज तुरंत B+ डोनर ब्लड के खिलाफ प्रतिक्रिया शुरू कर देती हैं. इससे शरीर में गंभीर इम्यून रिएक्शन हो सकता है.

नुकसान से बचाव के उपाय
ऐसी गलती होने पर तुरंत ब्लड ट्रांसफ्यूजन रोकना जरूरी होता है. इसके बाद मरीज की हालत पर लगातार नजर रखी जाती है. मरीज को ऑक्सीजन, नसों के जरिए फ्लूड और जरूरत पड़ने पर दूसरी दवाएं दी जाती हैं ताकि शरीर को स्थिर रखा जा सके. डॉक्टर खासतौर पर किडनी को सुरक्षित रखने की कोशिश करते हैं, क्योंकि गलत ब्लड का असर सबसे पहले किडनी पर पड़ सकता है.

इन नियमों का पालन करना जरूरी
हर बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन करने से पहले, अस्पतालों में सुरक्षा से जुड़े कुछ सख्त नियम अपनाए जाते हैं, जैसे- ब्लड टाइप की जांच करना, मरीज और डोनर के ब्लड टाइप का मिलान करना, और किसी भी तरह की गलती से बचने के लिए डोनर की पहचान की दोबारा जांच करनाय. कोई भी छोटी सी गलती बहुत खतरनाक हो सकती है, और इसी वजह से, खून चढ़ाते समय डॉक्टर और नर्स दोनों ही बहुत ज्यादा सावधानी बरतते हैं.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.