Monday, 24 Aug 2026 | 10:51 AM

Trending :

Iran To Collect Toll From Ships In Hormuz Strait ईरान होर्मुज में जहाजों से टोल वसूलेगा, संसद की मंजूरी:रियाल और पसंद की करेंसी में पेमेंट लेगा; बदले में सुरक्षा और इंश्योरेंस देगा आसिम रियाज बोले- मैंने किसी का धर्म नहीं बदलवाया:हिमांशी खुराना के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी; बोले- वे पब्लिसिटी के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहीं आसिम रियाज बोले- मैंने किसी का धर्म नहीं बदलवाया:हिमांशी खुराना के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी; बोले- वे पब्लिसिटी के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहीं केरल की केजिया लीज मेजो बनीं मिस यूनिवर्स इंडिया:इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी, सुष्मिता सेन और उर्वशी रौतेला बनी जज Badminton World Championship Bronze | Jaishankar Russia Visit News
EXCLUSIVE

क्या ज्यादा धूप में रहने से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ जाता है? डॉक्टर से जानिए क्या है सच्चाई

authorimg

Last Updated:

Sunlight and Cataract Risk: लंबे समय तक तेज धूप में रहने से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ सकता है. डॉक्टर तुषार ग्रोवर के अनुसार धूप में अल्ट्रावॉयलेट किरणें होती हैं, जो आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इससे ड्राइनेस, एलर्जी, इंफेक्शन और कई तरह के आंखों के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. गर्मी में बाहर निकलते समय सनग्लासेस जरूर पहनने चाहिए.

Zoom

डॉक्टर की मानें तो मोतियाबिंद एक उम्र संबंधी समस्या है, लेकिन धूप से इसका खतरा थोड़ा-बहुत बढ़ जाता है.

Cataract and Sun Exposure: गर्मियों में तेज धूप और अल्ट्रावॉयलेट किरणों का कहर बढ़ जाता है. अधिकतर लोग यह जानते हैं कि तेज धूप में बाहर जाने से स्किन को नुकसान होता है, लेकिन इससे आंखों को भी गंभीर नुकसान हो सकता है. गर्मी में आंखों से जुड़ी कई समस्याएं भी बढ़ जाती हैं. कई लोग मानते हैं कि ज्यादा धूप में रहने से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ सकता है. मोतियाबिंद एक ऐसी बीमारी है, जो 50 से 60 साल की उम्र के बाद ज्यादातर लोगों को होती है. डॉक्टर से जानने की कोशिश करते हैं कि क्या वाकई तेज धूप से मोतियाबिंद का जोखिम बढ़ जाता है.

दिल्ली के विजन आई सेंटर के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. तुषार ग्रोवर ने News18 को बताया मोतियाबिंद आंखों की एक आम समस्या है, जिसमें आंख के लेंस में धुंधलापन आने लगता है. इसकी वजह से चीजें साफ दिखाई नहीं देतीं और धीरे-धीरे नजर कमजोर होने लगती है. मोतियाबिंद एक एज रिलेटेड समस्या है और अधिकतर बुजुर्गों को मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराना पड़ता है. हालांकि आंख में चोट, ज्यादा धूप में रहना और डायबिटीज के कारण कम उम्र में भी इसका रिस्क बढ़ जाता है. लंबे समय तक आंखें अल्ट्रावॉयलेट किरणों के संपर्क में रहेंगी, तो मोतियाबिंद समेत कई खतरनाक आई डिजीज का रिस्क बढ़ जाएगा. इसलिए गर्मी के मौसम में धूप से आंखों का बचाव जरूरी है, ताकि आंखें हेल्दी रहें.

आंखों के लिए खतरनाक हैं UV किरणें

डॉक्टर ग्रोवर के मुताबिक ज्यादा धूप और अल्ट्रावॉयलेट किरणों से मोतियाबिंद की स्पीड थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन इसे सबसे बड़ी वजह मानना सही नहीं होगा. UV किरणों की वजह से गर्मी में आई ड्राइनेस, एलर्जी और कंजंक्टिवाइटिस का रिस्क बढ़ जाता है. यूवी किरणों से कई तरह के आंखों के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए लोगों को अल्ट्रावॉयलेट किरणों को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और इससे बचाव करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए.

यूवी किरणों से बचने के लिए क्या करें

एक्सपर्ट ने बताया कि गर्मी में अपनी आंखों को हेल्दी रखने के लिए यूवी किरणों से प्रोटेक्ट करने वाले सनग्लासेस पहनें. अगर यूवी प्रोटेक्शन वाला चश्मा न हो, तो नॉर्मल सनग्लासेस भी पहन सकते हैं. इससे भी कुछ हद तक आंखों का बचाव होगा. गर्मी में बाहर धूप में निकलने से बचें और दोपहर के वक्त घर में अंदर रहने की कोशिश करें. आंखों में ड्राइनेस होने पर लुब्रिकेंट ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि आंखों की नमी बरकरार रहे. अगर किसी तरह की परेशानी हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें और सही इलाज कराएं. आंखों को लेकर लापरवाही बिल्कुल न बरतें.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
MP-राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट:बाड़मेर समेत 3 शहरों में पारा 46°C पार; UP में 2 दिन में 5°C बढ़ा तापमान

May 11, 2026/
5:01 am

राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में एक बार फिर गर्मी लौट आई है। रविवार को राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और...

PM Modi Inaugurates Delhi-Dehradun Corridor

April 14, 2026/
8:27 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यूपी और उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। वह दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। वह सुबह 11:15...

सारा अली खान पहुंचीं पहलगाम:स्थानीय परिवार के साथ बिताया समय, ट्रेकिंग स्टिक के साथ दिखीं, क्या एक्ट्रेस अमरनाथ यात्रा पर हैं

July 11, 2026/
8:00 pm

बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम पहुंचीं। पहलगाम के नूर मड हाउस ने अपने आधिकारिक...

IPL में आज राजस्थान vs गुजरात:जीत की हैट्रिक लगा चुकी टाइटंस के पास रॉयल्स को पछाड़ने का मौका; जयपुर में मुकाबला

May 9, 2026/
5:10 am

IPL 2026 का 52वां मैच आज राजस्थान रॉयल्स (RR) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। मैच राजस्थान के...

राजनीति

क्या ज्यादा धूप में रहने से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ जाता है? डॉक्टर से जानिए क्या है सच्चाई

authorimg

Last Updated:

Sunlight and Cataract Risk: लंबे समय तक तेज धूप में रहने से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ सकता है. डॉक्टर तुषार ग्रोवर के अनुसार धूप में अल्ट्रावॉयलेट किरणें होती हैं, जो आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इससे ड्राइनेस, एलर्जी, इंफेक्शन और कई तरह के आंखों के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. गर्मी में बाहर निकलते समय सनग्लासेस जरूर पहनने चाहिए.

Zoom

डॉक्टर की मानें तो मोतियाबिंद एक उम्र संबंधी समस्या है, लेकिन धूप से इसका खतरा थोड़ा-बहुत बढ़ जाता है.

Cataract and Sun Exposure: गर्मियों में तेज धूप और अल्ट्रावॉयलेट किरणों का कहर बढ़ जाता है. अधिकतर लोग यह जानते हैं कि तेज धूप में बाहर जाने से स्किन को नुकसान होता है, लेकिन इससे आंखों को भी गंभीर नुकसान हो सकता है. गर्मी में आंखों से जुड़ी कई समस्याएं भी बढ़ जाती हैं. कई लोग मानते हैं कि ज्यादा धूप में रहने से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ सकता है. मोतियाबिंद एक ऐसी बीमारी है, जो 50 से 60 साल की उम्र के बाद ज्यादातर लोगों को होती है. डॉक्टर से जानने की कोशिश करते हैं कि क्या वाकई तेज धूप से मोतियाबिंद का जोखिम बढ़ जाता है.

दिल्ली के विजन आई सेंटर के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. तुषार ग्रोवर ने News18 को बताया मोतियाबिंद आंखों की एक आम समस्या है, जिसमें आंख के लेंस में धुंधलापन आने लगता है. इसकी वजह से चीजें साफ दिखाई नहीं देतीं और धीरे-धीरे नजर कमजोर होने लगती है. मोतियाबिंद एक एज रिलेटेड समस्या है और अधिकतर बुजुर्गों को मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराना पड़ता है. हालांकि आंख में चोट, ज्यादा धूप में रहना और डायबिटीज के कारण कम उम्र में भी इसका रिस्क बढ़ जाता है. लंबे समय तक आंखें अल्ट्रावॉयलेट किरणों के संपर्क में रहेंगी, तो मोतियाबिंद समेत कई खतरनाक आई डिजीज का रिस्क बढ़ जाएगा. इसलिए गर्मी के मौसम में धूप से आंखों का बचाव जरूरी है, ताकि आंखें हेल्दी रहें.

आंखों के लिए खतरनाक हैं UV किरणें

डॉक्टर ग्रोवर के मुताबिक ज्यादा धूप और अल्ट्रावॉयलेट किरणों से मोतियाबिंद की स्पीड थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन इसे सबसे बड़ी वजह मानना सही नहीं होगा. UV किरणों की वजह से गर्मी में आई ड्राइनेस, एलर्जी और कंजंक्टिवाइटिस का रिस्क बढ़ जाता है. यूवी किरणों से कई तरह के आंखों के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए लोगों को अल्ट्रावॉयलेट किरणों को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और इससे बचाव करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए.

यूवी किरणों से बचने के लिए क्या करें

एक्सपर्ट ने बताया कि गर्मी में अपनी आंखों को हेल्दी रखने के लिए यूवी किरणों से प्रोटेक्ट करने वाले सनग्लासेस पहनें. अगर यूवी प्रोटेक्शन वाला चश्मा न हो, तो नॉर्मल सनग्लासेस भी पहन सकते हैं. इससे भी कुछ हद तक आंखों का बचाव होगा. गर्मी में बाहर धूप में निकलने से बचें और दोपहर के वक्त घर में अंदर रहने की कोशिश करें. आंखों में ड्राइनेस होने पर लुब्रिकेंट ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि आंखों की नमी बरकरार रहे. अगर किसी तरह की परेशानी हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें और सही इलाज कराएं. आंखों को लेकर लापरवाही बिल्कुल न बरतें.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.