Friday, 31 Jul 2026 | 07:39 AM

Trending :

भारत में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक:अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेता दिल्ली पहुंचे, जयशंकर अध्यक्षता करेंगे

भारत में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक:अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेता दिल्ली पहुंचे, जयशंकर अध्यक्षता करेंगे

भारत आज नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक की मेजबानी करेगा। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी शामिल होंगे। भारत फिलहाल क्वाड समूह की अध्यक्षता कर रहा है। बैठक में इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका और चीन के रिश्तों में बदलाव देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हाल ही में चीन दौरे से लौटे हैं। इसी के साथ क्वाड की रणनीतिक अहमियत को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नई दिल्ली की बैठक का मकसद यह संदेश देना है कि क्वाड अब भी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग का अहम मंच बना हुआ है। लोवी इंस्टीट्यूट की इंडिया चेयर श्रुति पंडालई ने कहा कि बैठक बदलते अमेरिका-चीन समीकरणों के बावजूद क्वाड की प्रासंगिकता बनाए रखने का संकेत देगी। भारत में 2025 में होनी थी क्वाड समिट पिछले कुछ समय में क्वाड के अंदर तनाव बढ़ा है। 2024 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने डेलावेयर में क्वाड नेताओं की बैठक की मेजबानी की थी। इसके बाद अगली बैठक 2025 में भारत में होनी थी, लेकिन वह नहीं हो सकी। रिपोर्ट के अनुसार इसकी एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बढ़ा तनाव रहा। ट्रम्प ने भारतीय सामानों पर टैरिफ और अतिरिक्त शुल्क लगाए, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया। इसके अलावा ट्रम्प ने यह दावा भी किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा संघर्ष को शांत कराने में मध्यस्थता की थी। भारत इस तरह के दावे को हमेशा संवेदनशील मानता है। ट्रम्प ने भारत द्वारा रूस से हथियार खरीदने की भी आलोचना की थी। इन सब वजहों से नई दिल्ली और वॉशिंगटन के रिश्तों में असहजता बढ़ी। अब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत आए हैं और उन्हें दोनों देशों के रिश्तों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यह उनके लिए आसान काम नहीं होगा, क्योंकि ट्रम्प का ध्यान फिलहाल पश्चिम एशिया और दूसरे वैश्विक संकटों पर हैं। भारत की अहमियत नहीं समझ पाई अमेरिकी सरकार जर्मन वेबसाइट DW के मुताबिक अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया पहले से सुरक्षा सहयोगी थे, लेकिन क्वाड का असली मकसद भारत को साथ जोड़ना था ताकि ग्रुप का प्रभाव बढ़े। लेकिन अमेरिकी सरकार भारत की अहमियत को पूरी तरह नहीं समझ पाई जिससे मोदी सरकार नाराज हुई है। जापान और ऑस्ट्रेलिया लगातार कोशिश कर रहे हैं कि क्वाड टूटने न पाए। कुछ एक्स्पर्ट्स का मानना है कि भारत में ट्रम्प की जगह रुबियो का आना क्वाड के लिए बेहतर हो सकता है। अमेरिकी विशेषज्ञ डेरेक ग्रॉसमैन ने चेतावनी दी कि अगर ट्रम्प अगले क्वाड नेताओं के सम्मेलन में शामिल नहीं होते, तो यह समूह धीरे-धीरे महत्व खो सकता है। अगली नेताओं की बैठक 2026 के अंत में ऑस्ट्रेलिया में होने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर क्वाड कमजोर पड़ता है तो सबसे बड़ा फायदा चीन को होगा। ——————– यह खबर भी पढ़ें… भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी पर अमेरिकी विदेश मंत्री निराश:कहा- हर देश में कुछ बेवकूफ लोग होते हैं, वे अमेरिका के नुमाइंदे नहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों और भेदभाव के सवाल पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान पूरे अमेरिकी समाज का प्रतिनिधित्व नहीं करते। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो हुई:22% से 30% मिलाने पर टैक्स नहीं लगेगा, सरकार की कच्चा तेल इम्पोर्ट घटाने की तैयारी

June 11, 2026/
9:09 am

केंद्र सरकार 22% से लेकर 30% तक एथेनॉल मिले पेट्रोल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगी। E20, यानी 20% एथनॉल...

Yami Gautam: Personal Life Impact on Career

March 21, 2026/
2:36 pm

59 मिनट पहले कॉपी लिंक धुरंधर 2 की सक्सेस के बीच एक्ट्रेस यामी गौतम एक बार फिर अपने अलग फैसलों...

एक्टर सोनू सूद बोले- पैसा सब कुछ नहीं होता:मां-बाप को याद कर भावुक हुए, कहा- उनका साथ सबसे बड़ी दौलत

July 25, 2026/
12:27 pm

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने आज अपने सोशल मीडिया पेज पर एक भावुक वीडियो साझा किया है। वीडियो में उन्होंने...

3 Church Leaders Shot Dead, Manipur Highway Shut

May 13, 2026/
2:09 pm

इंफाल22 मिनट पहलेलेखक: एम मुबासिर राजी कॉपी लिंक कांगपोकपी में लोगों ने पत्थर-लकड़ियां लगाकर नेशनल हाईवे-2 (NH-2) बंद कर दिया।...

इंदौर में चलती कार में लगी आग:बॉम्बे हॉस्पिटल के पास हादसा, CNG कार में शॉर्ट सर्किट की आशंका, परिवार बाल-बाल बचा

April 18, 2026/
1:43 pm

इंदौर में बांबे हॉस्पिटल के पास शुक्रवार रात एक चलती कार में अचानक आग लग गई। घटना रेडिसन से बांबे...

Ruturaj Gaikwad and Kartik Sharma are building a partnership (Picture credit: AP)

May 18, 2026/
8:40 pm

आखरी अपडेट:18 मई, 2026, 20:40 IST पलानीस्वामी ने कहा कि फर्जी खबरें प्रसारित की गईं जिसमें आरोप लगाया गया कि...

ट्रेंडी सूट बैकलाइन डिज़ाइन

May 16, 2026/
8:36 am

16 मई 2026 को 08:36 IST पर अपडेट किया गया ट्रेंडी सूट नेकलाइन डिज़ाइन: क्या आप भी रोज़ एक ही...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

भारत में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक:अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेता दिल्ली पहुंचे, जयशंकर अध्यक्षता करेंगे

भारत में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक:अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेता दिल्ली पहुंचे, जयशंकर अध्यक्षता करेंगे

भारत आज नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक की मेजबानी करेगा। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी शामिल होंगे। भारत फिलहाल क्वाड समूह की अध्यक्षता कर रहा है। बैठक में इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका और चीन के रिश्तों में बदलाव देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हाल ही में चीन दौरे से लौटे हैं। इसी के साथ क्वाड की रणनीतिक अहमियत को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नई दिल्ली की बैठक का मकसद यह संदेश देना है कि क्वाड अब भी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग का अहम मंच बना हुआ है। लोवी इंस्टीट्यूट की इंडिया चेयर श्रुति पंडालई ने कहा कि बैठक बदलते अमेरिका-चीन समीकरणों के बावजूद क्वाड की प्रासंगिकता बनाए रखने का संकेत देगी। भारत में 2025 में होनी थी क्वाड समिट पिछले कुछ समय में क्वाड के अंदर तनाव बढ़ा है। 2024 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने डेलावेयर में क्वाड नेताओं की बैठक की मेजबानी की थी। इसके बाद अगली बैठक 2025 में भारत में होनी थी, लेकिन वह नहीं हो सकी। रिपोर्ट के अनुसार इसकी एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बढ़ा तनाव रहा। ट्रम्प ने भारतीय सामानों पर टैरिफ और अतिरिक्त शुल्क लगाए, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया। इसके अलावा ट्रम्प ने यह दावा भी किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा संघर्ष को शांत कराने में मध्यस्थता की थी। भारत इस तरह के दावे को हमेशा संवेदनशील मानता है। ट्रम्प ने भारत द्वारा रूस से हथियार खरीदने की भी आलोचना की थी। इन सब वजहों से नई दिल्ली और वॉशिंगटन के रिश्तों में असहजता बढ़ी। अब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत आए हैं और उन्हें दोनों देशों के रिश्तों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यह उनके लिए आसान काम नहीं होगा, क्योंकि ट्रम्प का ध्यान फिलहाल पश्चिम एशिया और दूसरे वैश्विक संकटों पर हैं। भारत की अहमियत नहीं समझ पाई अमेरिकी सरकार जर्मन वेबसाइट DW के मुताबिक अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया पहले से सुरक्षा सहयोगी थे, लेकिन क्वाड का असली मकसद भारत को साथ जोड़ना था ताकि ग्रुप का प्रभाव बढ़े। लेकिन अमेरिकी सरकार भारत की अहमियत को पूरी तरह नहीं समझ पाई जिससे मोदी सरकार नाराज हुई है। जापान और ऑस्ट्रेलिया लगातार कोशिश कर रहे हैं कि क्वाड टूटने न पाए। कुछ एक्स्पर्ट्स का मानना है कि भारत में ट्रम्प की जगह रुबियो का आना क्वाड के लिए बेहतर हो सकता है। अमेरिकी विशेषज्ञ डेरेक ग्रॉसमैन ने चेतावनी दी कि अगर ट्रम्प अगले क्वाड नेताओं के सम्मेलन में शामिल नहीं होते, तो यह समूह धीरे-धीरे महत्व खो सकता है। अगली नेताओं की बैठक 2026 के अंत में ऑस्ट्रेलिया में होने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर क्वाड कमजोर पड़ता है तो सबसे बड़ा फायदा चीन को होगा। ——————– यह खबर भी पढ़ें… भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी पर अमेरिकी विदेश मंत्री निराश:कहा- हर देश में कुछ बेवकूफ लोग होते हैं, वे अमेरिका के नुमाइंदे नहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों और भेदभाव के सवाल पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान पूरे अमेरिकी समाज का प्रतिनिधित्व नहीं करते। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.