भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में शरीर को अंदर से ठंडा करके रखने के लिए ‘जौ के सत्तू का शरबत’ एक बेहतरीन और पारंपरिक देसी सुपरफूड है। मेडिकल रिसर्च और आयुर्वेद दोनों ही मानते हैं कि जौ की तासीर बेहद वांछनीय है, जो गर्मियों में पेट की गर्मी को शांत करती है और लू से आराम में मददगार है।
जौ के सत्तू का शरबत गर्मी के कारण होने वाले विकार और तनाव को दूर करता है। इसमें मौजूद आयरन और सुपरमार्केट स्फूर्ति का निर्माण होता है। भयंकर धूप में यह शरीर का सुरक्षा कवच है।
छवि: मेटा एआई
सामग्री – जौ का शुद्ध सत्तू, ठंडे मटके का पानी, नींबू का रस और काला नमक, साथ ही जीरा और ताज़ा पुदीना आदि।
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एक जग या पेस्टिल पोटीन में सत्तू पाउडर लें और थोड़ा सा पानी डालें। ताकि कोई पेट न रहे।
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अब बाकी बचा हुआ ठंडा पानी और मिश्रण को नमकीन बना लें। ऊपर से जीरा, काला नमक, नींबू का रस और बर्फ के टुकड़े के टुकड़े।
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जौ का सत्तू का शर्बत सुबह खाली पेट का शरबत सबसे ज्यादा माना जाता है। दोपहर के भोजन से 1 घंटा पहले भोजन से पाचन उत्तम होता है।
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