Saturday, 18 Jul 2026 | 09:25 PM

Trending :

EXCLUSIVE

फीफा में दम दिखाएंगे भारतवंशी तहसीन:कतर की ओर से खेलेंगे मलयाली तहसीन मोहम्मद; फीफा के इतिहास में दूसरे भारतीय प्लेयर

फीफा में दम दिखाएंगे भारतवंशी तहसीन:कतर की ओर से खेलेंगे मलयाली तहसीन मोहम्मद; फीफा के इतिहास में दूसरे भारतीय प्लेयर

इस फीफा विश्व कप में भारत के लिए गर्व का क्षण आने वाला है। इतिहास में दूसरी बार ऐसा होने जा रहा है, जब भारतीय मूल का कोई खिलाड़ी विश्व कप के मैदान पर फुटबॉल खेलता नजर आएगा। यह इतिहास दोहराने जा रहे हैं 19 वर्षीय भारतवंशी तहसीन मोहम्मद जमशेद, जो कतर की ओर से मैदान पर उतरेंगे। इससे पहले 2006 के वर्ल्ड कप में आंध्र प्रदेश मूल के विकास धोरासू ने फ्रांस की टीम से खेलकर यह उपलब्धि हासिल की थी। तहसीन को फुटबॉल से लगाव कैसे हुआ और वे संघर्ष करते हुए शीर्ष तक कैसे पहुंचे, पढ़िए… तहसीन की फुटबॉल के प्रति दीवानगी कोई इत्तेफाक नहीं थी, बल्कि यह उन्हें विरासत में मिली थी। उनके पिता जमशेद केरल की कालीकट यूनिवर्सिटी के बेहतरीन फुटबॉलर थे, वे बड़े स्तर पर देश के लिए खेलना चाहते थे। लेकिन आर्थिक परिस्थितियों और भविष्य की चिंताओं के कारण उन्हें कतर में साधारण अकाउंटेंट की नौकरी करनी पड़ी। 2006 में कतर में तहसीन का जन्म हुआ तो पिता ने अपने अधूरे सपने को बेटे की आंखों में देखा। पढ़ाई के सख्त माहौल के बीच खेल के लिए समय निकालना बेहद मुश्किल था। पर, तहसीन ने ठान लिया था। जब बाकी बच्चे स्कूल की छुट्टियों में आराम करते थे, तब तहसीन अल सुबह ही ग्राउंड पर पहुंच जाते थे। वे चिलचिलाती धूप में भी दिनभर प्रैक्टिस करते थे। रात को पढ़ने बैठते थे। पिता द्वारा सिखाई गई फुटबॉल की बारीकियां और कड़े अनुशासन की बदौलत वे सबसे अलग बन पाए। दुनिया की सबसे आधुनिक व कठिन अकादमियों में शामिल कतर की एस्पायर फुटबॉल अकादमी में चुनिंदा खिलाड़ियों को ही एंट्री मिलती है। भारतीय मूल के लड़के के लिए स्थानीयव अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के बीच जगह बनाना संघर्ष था। शुरुआती दिनों में भाषा, संस्कृति और कठोर फिजिकल टेस्ट तहसीन के लिए चुनौती बने। कई साथी खिलाड़ियों का मनोबल टूट गया, पर तहसीन ने अपनी रफ्तार व ड्रिबलिंग को इतना निखारा कि स्पेनिश कोच जुलेन लोपेटेगुई भी प्रतिभा के कायल हो गए। उन्होंने कतर के दिग्गज खिलाड़ी सेबेस्टियन सोरिया को ड्रॉप कर तहसीन पर भरोसा जताया। यही तहसीन के संघर्ष की सबसे बड़ी जीत थी। तहसीन ने सीनियर कॅरियर की शुरुआत कतर स्टार्स लीग में अल दुहैल क्लब से की। वे कतर की अंडर-16 व अंडर-17 टीमों का हिस्सा भी रहे। अल दुहैल के लिए उनके प्रदर्शन ने कॅरियर को ऊंचाई दी और 19 साल में वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के पेशेवर खिलाड़ी बन गए। स्पेनिश फुटबॉल विश्लेषक और पूर्व प्लेयर अल्फोंसो पेरेज कहते हैं, तहसीन को मैदान पर देखना विजुअल ट्रीट है। लेफ्ट-विंगर के तौर पर उनके पास जो ‘रॉ-पेस’ (अंधाधुंध रफ्तार) है, वह उन्हें खतरनाक बनाती है। वे इसी तरह सीखते रहे, तो जल्द हम उन्हें बड़े यूरोपीय क्लब की जर्सी में देखेंगे।’ इन तीन फुटबॉलर्स का भी इंडिया कनेक्शन सरप्रीत सिंह (न्यूजीलैंड), निशान वेलुपिल्ले (ऑस्ट्रेलिया) और सैमुअल मुतुसामी (डीआर कांगो) भी वर्ल्ड कप में खेल सकते हैं। सरप्रीत पंजाब मूल के और बाकी दोनों का जुड़ाव तमिलनाडु से है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
New Delhi: Prime Minister Narendra Modi, right, interacts with Canadian Prime Minister Mark Carney, at Hyderabad House, in New Delhi, Monday, March 2, 2026. (PTI Photo/Shahbaz Khan)(PTI03_02_2026_000067B)

March 2, 2026/
10:15 am

आखरी अपडेट:मार्च 02, 2026, 10:15 IST इसे “प्रशासन का पूर्ण राजनीतिकरण” कहते हुए, अशोक ने कहा कि राज्य मशीनरी कर्नाटक...

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में हजारों लोगों ने योग किया:इंडियन कॉन्सुलेट में कई देशों के राजनयिक शामिल हुए

June 23, 2026/
11:02 pm

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के टाइम्स स्क्वायर में हजारों लोगों ने योग किया। दुनिया...

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-510 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

March 10, 2026/
4:51 pm

आखरी अपडेट:मार्च 10, 2026, 16:51 IST राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने घोषणा की कि सरकार इलाकों का विकास करेगी...

ईरान की ग्लोबल सप्लाई रोकने की धमकी, कच्चा-तेल $110 पार:भारत के आयात बिल पर ₹16,000 करोड़ का बोझ बढ़ेगा, बढ़ सकती है महंगाई

April 6, 2026/
11:37 am

अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें आज फिर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार...

Trump Tariff Cancelled by US Supreme Court

February 20, 2026/
8:47 pm

वॉशिंगटन डीसी40 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के तीन घंटे बाद ट्रम्प...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

फीफा में दम दिखाएंगे भारतवंशी तहसीन:कतर की ओर से खेलेंगे मलयाली तहसीन मोहम्मद; फीफा के इतिहास में दूसरे भारतीय प्लेयर

फीफा में दम दिखाएंगे भारतवंशी तहसीन:कतर की ओर से खेलेंगे मलयाली तहसीन मोहम्मद; फीफा के इतिहास में दूसरे भारतीय प्लेयर

इस फीफा विश्व कप में भारत के लिए गर्व का क्षण आने वाला है। इतिहास में दूसरी बार ऐसा होने जा रहा है, जब भारतीय मूल का कोई खिलाड़ी विश्व कप के मैदान पर फुटबॉल खेलता नजर आएगा। यह इतिहास दोहराने जा रहे हैं 19 वर्षीय भारतवंशी तहसीन मोहम्मद जमशेद, जो कतर की ओर से मैदान पर उतरेंगे। इससे पहले 2006 के वर्ल्ड कप में आंध्र प्रदेश मूल के विकास धोरासू ने फ्रांस की टीम से खेलकर यह उपलब्धि हासिल की थी। तहसीन को फुटबॉल से लगाव कैसे हुआ और वे संघर्ष करते हुए शीर्ष तक कैसे पहुंचे, पढ़िए… तहसीन की फुटबॉल के प्रति दीवानगी कोई इत्तेफाक नहीं थी, बल्कि यह उन्हें विरासत में मिली थी। उनके पिता जमशेद केरल की कालीकट यूनिवर्सिटी के बेहतरीन फुटबॉलर थे, वे बड़े स्तर पर देश के लिए खेलना चाहते थे। लेकिन आर्थिक परिस्थितियों और भविष्य की चिंताओं के कारण उन्हें कतर में साधारण अकाउंटेंट की नौकरी करनी पड़ी। 2006 में कतर में तहसीन का जन्म हुआ तो पिता ने अपने अधूरे सपने को बेटे की आंखों में देखा। पढ़ाई के सख्त माहौल के बीच खेल के लिए समय निकालना बेहद मुश्किल था। पर, तहसीन ने ठान लिया था। जब बाकी बच्चे स्कूल की छुट्टियों में आराम करते थे, तब तहसीन अल सुबह ही ग्राउंड पर पहुंच जाते थे। वे चिलचिलाती धूप में भी दिनभर प्रैक्टिस करते थे। रात को पढ़ने बैठते थे। पिता द्वारा सिखाई गई फुटबॉल की बारीकियां और कड़े अनुशासन की बदौलत वे सबसे अलग बन पाए। दुनिया की सबसे आधुनिक व कठिन अकादमियों में शामिल कतर की एस्पायर फुटबॉल अकादमी में चुनिंदा खिलाड़ियों को ही एंट्री मिलती है। भारतीय मूल के लड़के के लिए स्थानीयव अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के बीच जगह बनाना संघर्ष था। शुरुआती दिनों में भाषा, संस्कृति और कठोर फिजिकल टेस्ट तहसीन के लिए चुनौती बने। कई साथी खिलाड़ियों का मनोबल टूट गया, पर तहसीन ने अपनी रफ्तार व ड्रिबलिंग को इतना निखारा कि स्पेनिश कोच जुलेन लोपेटेगुई भी प्रतिभा के कायल हो गए। उन्होंने कतर के दिग्गज खिलाड़ी सेबेस्टियन सोरिया को ड्रॉप कर तहसीन पर भरोसा जताया। यही तहसीन के संघर्ष की सबसे बड़ी जीत थी। तहसीन ने सीनियर कॅरियर की शुरुआत कतर स्टार्स लीग में अल दुहैल क्लब से की। वे कतर की अंडर-16 व अंडर-17 टीमों का हिस्सा भी रहे। अल दुहैल के लिए उनके प्रदर्शन ने कॅरियर को ऊंचाई दी और 19 साल में वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के पेशेवर खिलाड़ी बन गए। स्पेनिश फुटबॉल विश्लेषक और पूर्व प्लेयर अल्फोंसो पेरेज कहते हैं, तहसीन को मैदान पर देखना विजुअल ट्रीट है। लेफ्ट-विंगर के तौर पर उनके पास जो ‘रॉ-पेस’ (अंधाधुंध रफ्तार) है, वह उन्हें खतरनाक बनाती है। वे इसी तरह सीखते रहे, तो जल्द हम उन्हें बड़े यूरोपीय क्लब की जर्सी में देखेंगे।’ इन तीन फुटबॉलर्स का भी इंडिया कनेक्शन सरप्रीत सिंह (न्यूजीलैंड), निशान वेलुपिल्ले (ऑस्ट्रेलिया) और सैमुअल मुतुसामी (डीआर कांगो) भी वर्ल्ड कप में खेल सकते हैं। सरप्रीत पंजाब मूल के और बाकी दोनों का जुड़ाव तमिलनाडु से है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.