भारतीय बाजार में कल यानी 8 मई से शुरू होने वाले हफ्ते की शुरुआत गिरावट के साथ हो सकती है। गिफ्ट निफ्टी 350 अंक नीचे है जिससे ये संकेत मिल रहे हैं। वहीं इस हफ्ते भी ट्रेडर्स की नजर विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लेकर ईरान-अमेरिका तनाव जैसे फैक्टर्स पर रहेगी। चलिए समझते हैं इस हफ्ते में बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,345 | 23,320 | 23,230 | 22,858 | 22,798 | 22,558 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,466 | 23,783 | 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। अब 3 फैक्टर्स जो बाजार के लिए अहम हैं… 1. विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली जून के पहले हफ्ते में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार में बिकवाली जारी रखी और कैश सेगमेंट में 31,120 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने नेट बायर्स (खरीदार) के रूप में बाजार को सपोर्ट देना जारी रखा। भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। 2. ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की तरफ ईरान के दागे गए 4 ड्रोन्स को इंटरसेप्ट करने के बाद शनिवार को ईरानी रडार साइट्स पर हमला किया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। बिना अनुमति के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे 4 तेल टैंकरों पर फायरिंग की है। 3. टेक्निकल फैक्टर
















































