Friday, 06 Nov 2026 | 10:35 AM

Trending :

12 साल बाद टीवी पर लौटे यशपाल:बोले- ‘बरेली के बच्चन’ के लिए फिल्में-ओटीटी छोड़ी, अंश ने कहा- यंग ऑडियंस फिर टीवी से जुड़ेगी

12 साल बाद टीवी पर लौटे यशपाल:बोले- ‘बरेली के बच्चन’ के लिए फिल्में-ओटीटी छोड़ी, अंश ने कहा- यंग ऑडियंस फिर टीवी से जुड़ेगी

लंबे समय बाद टीवी पर वापसी कर रहे अभिनेता यशपाल शर्मा अपने नए शो ‘बरेली के बच्चन’ को लेकर उत्साहित हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस शो के लिए उन्होंने अपनी फिल्में और ओटीटी प्रोजेक्ट्स फिलहाल अलग रख दिए हैं। यशपाल ने कहा कि ‘नीली छतरी वाले’ के बाद करीब 12 साल बाद वह टीवी शो कर रहे हैं और इस बार भी पूरी तरह एक ही प्रोजेक्ट पर फोकस कर रहे हैं। बातचीत में उन्होंने फिल्मों और टीवी का फर्क, अच्छी कहानियों की कमी और नए कलाकारों के लिए जरूरी सलाह साझा की। वहीं अंश मनुजा ने अपने किरदार सतलुज को रिबेल और रियल बताया। सवाल: आपने सिनेमा और टेलीविजन दोनों माध्यमों में काम किया है। आज के समय में दोनों में सबसे बड़ा फर्क क्या महसूस करते हैं? जवाब/यशपाल शर्मा: सिनेमा और टीवी में सबसे बड़ा फर्क काम करने के तरीके का है। फिल्में बहुत प्लानिंग के साथ बनाई जाती हैं। दो-तीन घंटे की कहानी को बारीकी से तैयार किया जाता है और उसे लंबे समय तक देखा जा सकता है। वहीं टीवी का काम काफी तेज होता है। यहां लगातार शूटिंग चलती रहती है और कलाकारों को हर समय तैयार रहना पड़ता है। फिल्मों में कई टेक्स लिए जा सकते हैं, लेकिन टीवी में समय कम होता है और उसी हिसाब से काम करना पड़ता है। सवाल: आपको अक्सर पावरफुल और लेयर्ड किरदारों में देखा गया है। ‘अजब सिंह’ में ऐसा क्या था जिसने आपको आकर्षित किया? जवाब/यशपाल शर्मा: अजब सिंह का किरदार बहुत अलग और दिलचस्प है। उसके अंदर कई परतें हैं और उसकी भावनात्मक यात्रा में उतार-चढ़ाव हैं। वह अपने परिवार से प्यार करता है, लेकिन उसे जाहिर नहीं करता। यही वजह है कि मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया। इतना ही नहीं, मैंने इस शो के लिए अपनी फिल्में और ओटीटी प्रोजेक्ट्स फिलहाल अलग रख दिए हैं और पूरी तरह इसी काम पर ध्यान दे रहा हूं। सवाल: आप फिल्मों के मामले में काफी चुनिंदा माने जाते हैं। क्या आज भी स्क्रिप्ट सबसे बड़ा फैक्टर होती है? जवाब/यशपाल शर्मा: बिल्कुल। सबसे पहले मैं स्क्रिप्ट देखता हूं। उसके बाद किरदार, मेहनताना, प्रोडक्शन हाउस, डायरेक्टर और टीम को देखता हूं। जब सारी चीजें सही लगती हैं, तभी काम करता हूं। सवाल: ओटीटी, टीवी और फिल्मों के इस दौर में एक अभिनेता के लिए सबसे बड़ा चैलेंज क्या है? जवाब/यशपाल शर्मा: जो भी काम करो, उसमें पूरी ईमानदारी और समर्पण होना चाहिए। मैं ओटीटी, फिल्म और टीवी- तीनों में काम करता हूं, लेकिन जब किसी एक प्रोजेक्ट पर काम करता हूं तो पूरी तरह उसी में डूब जाता हूं। करीब 12 साल बाद मैं टीवी पर वापसी कर रहा हूं। ‘नीली छतरी वाले’ के बाद यह मेरा दूसरा टीवी शो है। उस समय भी मैंने बाकी कामों से दूरी बनाकर सिर्फ उसी शो पर ध्यान दिया था और इस बार भी यही किया है। सवाल: आज के युवा एक्टर्स को कौन-सी गलती नहीं करनी चाहिए? जवाब/यशपाल शर्मा: दिखावा नहीं करना चाहिए। अभिनय दिखाने की नहीं, महसूस करने की चीज है। अगर आप किरदार को अंदर से जीते हैं, तो दर्शक उसे खुद महसूस करेंगे। सवाल: आपको लगता है कि अच्छे एक्टर्स की कमी है या अच्छी कहानियों की? जवाब/यशपाल शर्मा: अच्छे एक्टर्स की कमी नहीं है। अच्छी कहानियों की कमी जरूर रही है, लेकिन ओटीटी और नई पीढ़ी के आने से अब बेहतर काम हो रहा है। सवाल: क्या कोई ऐसा रोल है जिसे आप अब भी करना चाहते थे और अब मौका मिला? जवाब/यशपाल शर्मा: अजब सिंह वैसा ही किरदार है। इसमें इमोशन, इंटेंसिटी, प्यार और कई रंग हैं। इसे लेकर मैं उत्साहित हूं। सवाल: सतलुज का किरदार आपको सबसे ज्यादा किस वजह से दिलचस्प लगा? जवाब/अंश मनुजा: सतलुज अलग और रिबेल स्वभाव का किरदार है। वह सबके खिलाफ नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा में रखने वाला इंसान है। उसका गुस्सा और सोच उसे बाकी लोगों से अलग बनाती है। सवाल: युवा दर्शकों को इस शो में क्या नया देखने को मिलेगा? जवाब/अंश मनुजा: यह एक रियल कॉन्सेप्ट वाला शो है। टीवी पर अक्सर ड्रामा और मेलोड्रामा देखने को मिलता है, लेकिन यह शो थोड़ा अलग है। मुझे लगता है कि यह युवाओं को टीवी की तरफ फिर आकर्षित करेगा। सवाल: सेट पर सीनियर एक्टर्स से कोई ऐसी सीख मिली जो हमेशा याद रहेगी? जवाब/अंश मनुजा: यशपाल सर ने सीधे सलाह कम दी है, लेकिन उनके काम को देखकर बहुत कुछ सीखा है। सेट पर अनुशासन कितना जरूरी है, छोटे-छोटे एक्सप्रेशन कितने मायने रखते हैं और किरदार को सच्चाई से कैसे निभाना चाहिए, यह सब उनसे सीखा। सवाल: आपकी असल जिंदगी और इस किरदार में कितनी समानता है? जवाब/अंश मनुजा: बहुत कम समानता है। सिर्फ एक चीज मिलती है कि मैं भी थोड़ा रिबेल स्वभाव का हूं। अपने पिता से कई बातों पर बहस होती है, लेकिन आखिर में हम साथ बैठकर खाना जरूर खाते हैं। यही बात इस किरदार में भी दिखती है। सवाल: क्योंकि यह फैमिली शो है, परिवार में गलतफहमियों को संभालने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? जवाब/अंश मनुजा: बात करना सबसे जरूरी है। अगर कोई बात परेशान कर रही है तो खुलकर सामने वाले से पूछ लेना चाहिए। मेरे हिसाब से हर रिश्ते में कम्युनिकेशन सबसे जरूरी चीज है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Daisy Shah Casting Couch Statement

April 17, 2026/
8:44 pm

8 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस डेजी शाह ने अपने करियर के शुरुआती दिनों के एक बुरे अनुभव को...

Rs 30,000 Cr OFS Likely

June 18, 2026/
10:36 am

मुंबई1 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE ने IPO के लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया...

ask search icon

March 19, 2026/
3:59 pm

  Say Goodbye to Headaches: अक्सर लोग बार-बार होने वाले सिरदर्द को सामान्य मानकर पेनकिलर खा लेते हैं, जो सेहत...

शाहिद कपूर एयरपोर्ट पर लाइन में खड़े थे:बुजुर्ग ने आगे जाने को कहा; एक्टर हो गए हैरान

May 9, 2026/
1:23 pm

बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचे शाहिद से एक...

शाहरुख खान के बॉलीवुड में 34 साल पूरे:मैंग्लोर इवेंट में बचपन की तस्वीर लेकर पहुंचे, कहा- भले ही ये अटपटी है, लेकिन इकलौती तस्वीर है, कन्नड़ बोली

June 26, 2026/
10:28 am

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान को आज फिल्म इंडस्ट्री में 34 साल हो चुके हैं। उनकी पहली फिल्म दीवाना 34...

World News Updates; Trump Pakistan China

May 17, 2026/
7:42 am

13 मिनट पहले कॉपी लिंक मालदीव में इटली के 5 गोताखोरों की मौत के बाद चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

12 साल बाद टीवी पर लौटे यशपाल:बोले- ‘बरेली के बच्चन’ के लिए फिल्में-ओटीटी छोड़ी, अंश ने कहा- यंग ऑडियंस फिर टीवी से जुड़ेगी

12 साल बाद टीवी पर लौटे यशपाल:बोले- ‘बरेली के बच्चन’ के लिए फिल्में-ओटीटी छोड़ी, अंश ने कहा- यंग ऑडियंस फिर टीवी से जुड़ेगी

लंबे समय बाद टीवी पर वापसी कर रहे अभिनेता यशपाल शर्मा अपने नए शो ‘बरेली के बच्चन’ को लेकर उत्साहित हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस शो के लिए उन्होंने अपनी फिल्में और ओटीटी प्रोजेक्ट्स फिलहाल अलग रख दिए हैं। यशपाल ने कहा कि ‘नीली छतरी वाले’ के बाद करीब 12 साल बाद वह टीवी शो कर रहे हैं और इस बार भी पूरी तरह एक ही प्रोजेक्ट पर फोकस कर रहे हैं। बातचीत में उन्होंने फिल्मों और टीवी का फर्क, अच्छी कहानियों की कमी और नए कलाकारों के लिए जरूरी सलाह साझा की। वहीं अंश मनुजा ने अपने किरदार सतलुज को रिबेल और रियल बताया। सवाल: आपने सिनेमा और टेलीविजन दोनों माध्यमों में काम किया है। आज के समय में दोनों में सबसे बड़ा फर्क क्या महसूस करते हैं? जवाब/यशपाल शर्मा: सिनेमा और टीवी में सबसे बड़ा फर्क काम करने के तरीके का है। फिल्में बहुत प्लानिंग के साथ बनाई जाती हैं। दो-तीन घंटे की कहानी को बारीकी से तैयार किया जाता है और उसे लंबे समय तक देखा जा सकता है। वहीं टीवी का काम काफी तेज होता है। यहां लगातार शूटिंग चलती रहती है और कलाकारों को हर समय तैयार रहना पड़ता है। फिल्मों में कई टेक्स लिए जा सकते हैं, लेकिन टीवी में समय कम होता है और उसी हिसाब से काम करना पड़ता है। सवाल: आपको अक्सर पावरफुल और लेयर्ड किरदारों में देखा गया है। ‘अजब सिंह’ में ऐसा क्या था जिसने आपको आकर्षित किया? जवाब/यशपाल शर्मा: अजब सिंह का किरदार बहुत अलग और दिलचस्प है। उसके अंदर कई परतें हैं और उसकी भावनात्मक यात्रा में उतार-चढ़ाव हैं। वह अपने परिवार से प्यार करता है, लेकिन उसे जाहिर नहीं करता। यही वजह है कि मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया। इतना ही नहीं, मैंने इस शो के लिए अपनी फिल्में और ओटीटी प्रोजेक्ट्स फिलहाल अलग रख दिए हैं और पूरी तरह इसी काम पर ध्यान दे रहा हूं। सवाल: आप फिल्मों के मामले में काफी चुनिंदा माने जाते हैं। क्या आज भी स्क्रिप्ट सबसे बड़ा फैक्टर होती है? जवाब/यशपाल शर्मा: बिल्कुल। सबसे पहले मैं स्क्रिप्ट देखता हूं। उसके बाद किरदार, मेहनताना, प्रोडक्शन हाउस, डायरेक्टर और टीम को देखता हूं। जब सारी चीजें सही लगती हैं, तभी काम करता हूं। सवाल: ओटीटी, टीवी और फिल्मों के इस दौर में एक अभिनेता के लिए सबसे बड़ा चैलेंज क्या है? जवाब/यशपाल शर्मा: जो भी काम करो, उसमें पूरी ईमानदारी और समर्पण होना चाहिए। मैं ओटीटी, फिल्म और टीवी- तीनों में काम करता हूं, लेकिन जब किसी एक प्रोजेक्ट पर काम करता हूं तो पूरी तरह उसी में डूब जाता हूं। करीब 12 साल बाद मैं टीवी पर वापसी कर रहा हूं। ‘नीली छतरी वाले’ के बाद यह मेरा दूसरा टीवी शो है। उस समय भी मैंने बाकी कामों से दूरी बनाकर सिर्फ उसी शो पर ध्यान दिया था और इस बार भी यही किया है। सवाल: आज के युवा एक्टर्स को कौन-सी गलती नहीं करनी चाहिए? जवाब/यशपाल शर्मा: दिखावा नहीं करना चाहिए। अभिनय दिखाने की नहीं, महसूस करने की चीज है। अगर आप किरदार को अंदर से जीते हैं, तो दर्शक उसे खुद महसूस करेंगे। सवाल: आपको लगता है कि अच्छे एक्टर्स की कमी है या अच्छी कहानियों की? जवाब/यशपाल शर्मा: अच्छे एक्टर्स की कमी नहीं है। अच्छी कहानियों की कमी जरूर रही है, लेकिन ओटीटी और नई पीढ़ी के आने से अब बेहतर काम हो रहा है। सवाल: क्या कोई ऐसा रोल है जिसे आप अब भी करना चाहते थे और अब मौका मिला? जवाब/यशपाल शर्मा: अजब सिंह वैसा ही किरदार है। इसमें इमोशन, इंटेंसिटी, प्यार और कई रंग हैं। इसे लेकर मैं उत्साहित हूं। सवाल: सतलुज का किरदार आपको सबसे ज्यादा किस वजह से दिलचस्प लगा? जवाब/अंश मनुजा: सतलुज अलग और रिबेल स्वभाव का किरदार है। वह सबके खिलाफ नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा में रखने वाला इंसान है। उसका गुस्सा और सोच उसे बाकी लोगों से अलग बनाती है। सवाल: युवा दर्शकों को इस शो में क्या नया देखने को मिलेगा? जवाब/अंश मनुजा: यह एक रियल कॉन्सेप्ट वाला शो है। टीवी पर अक्सर ड्रामा और मेलोड्रामा देखने को मिलता है, लेकिन यह शो थोड़ा अलग है। मुझे लगता है कि यह युवाओं को टीवी की तरफ फिर आकर्षित करेगा। सवाल: सेट पर सीनियर एक्टर्स से कोई ऐसी सीख मिली जो हमेशा याद रहेगी? जवाब/अंश मनुजा: यशपाल सर ने सीधे सलाह कम दी है, लेकिन उनके काम को देखकर बहुत कुछ सीखा है। सेट पर अनुशासन कितना जरूरी है, छोटे-छोटे एक्सप्रेशन कितने मायने रखते हैं और किरदार को सच्चाई से कैसे निभाना चाहिए, यह सब उनसे सीखा। सवाल: आपकी असल जिंदगी और इस किरदार में कितनी समानता है? जवाब/अंश मनुजा: बहुत कम समानता है। सिर्फ एक चीज मिलती है कि मैं भी थोड़ा रिबेल स्वभाव का हूं। अपने पिता से कई बातों पर बहस होती है, लेकिन आखिर में हम साथ बैठकर खाना जरूर खाते हैं। यही बात इस किरदार में भी दिखती है। सवाल: क्योंकि यह फैमिली शो है, परिवार में गलतफहमियों को संभालने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? जवाब/अंश मनुजा: बात करना सबसे जरूरी है। अगर कोई बात परेशान कर रही है तो खुलकर सामने वाले से पूछ लेना चाहिए। मेरे हिसाब से हर रिश्ते में कम्युनिकेशन सबसे जरूरी चीज है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.