Tuesday, 16 Jun 2026 | 06:40 PM

Trending :

अर्जुन नागा’ के बाद अनाउंस की जा सकती है गदर-3:डायरेक्टर अनिल शर्मा बोले- न्यूक्लियर बम जैसी होगी स्टोरी निर्मम ‘आक्रामकता’: एक और टीएमसी नेता वामपंथियों को ‘स्तब्ध’, कैसे बंगाल का 7 रुपये का विरोध सुर्खियां बना रहा है | भारत समाचार NSE ने 11 नए सेक्टोरल इंडेक्स लॉन्च किए:निफ्टी पावर, रिटेल और हॉस्पिटल्स भी शामिल; अब कुल 34 इंडेक्स से इकोनॉमी ट्रैक करना होगा आसान मूंग दाल ढोकला रेसिपी: तला-भुना नहीं, घर में ऐसे बनाएं मूंग दाल से बनाएं ढोकला, स्वाद के साथ मिलेगा भरपूर प्रोटीन अंबानी परिवार ने रिहाना को गिफ्ट किया डायमंड ब्रेसलेट:कीमत करीब 2.2 करोड़ रुपए; वीडियो में दिखाया, बोलीं- यह मुझे अंबानी से मिला है शिंदे खेमे का दावा, मानसून सत्र से पहले 7 सांसद और 16 विधायक संपर्क में | संजय निरुपम की प्रतिक्रिया
EXCLUSIVE

वाराणसी में जसपाल राणा का अंतिम संस्कार आज:चार्टर्ड प्लेन से पहुंच रही पार्थिव देह; खुद चुना था मणिकर्णिका घाट

वाराणसी में जसपाल राणा का अंतिम संस्कार आज:चार्टर्ड प्लेन से पहुंच रही पार्थिव देह; खुद चुना था मणिकर्णिका घाट

उत्तराखंड में जन्मे दिग्गज शूटर, पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्डी जसपाल राणा (49) का अंतिम संस्कार आज वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। आज दोपहर उनका पार्थिव शरीर देहरादून के जोलीग्रांट एयरपोर्ट से चार्टर्ड प्लेन के जरिए वाराणसी के लिए रवाना हो गया। सूत्रों के अनुसार खेल और राजनीति जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी। वाराणसी पहुंचने के बाद मणिकर्णिका घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किए जाने की तैयारी है। पार्थिव शरीर के साथ राणा के पिता नारायण सिंह राणा, पत्नी आरुषि, बेटा युवराज, बेटी देवांशी, बहन सुषमा और छोटा भाई सुभाष राणा भी वाराणसी के लिए रवाना हुए हैं। शुक्रवार रात उनके पैतृक गांव में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कई राष्ट्रीय खिलाड़ी, राजनीतिक हस्तियां और बड़ी संख्या में शुभचिंतक उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। 11 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे राणा जसपाल राणा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया था। वह पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे। परिवार के अनुसार जर्मनी से भारत लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से खेल जगत, राजनीतिक गलियारों और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। टिहरी के रहने वाले, फिर वाराणसी में क्यों होगा अंतिम संस्कार जसपाल राणा का परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के टिहरी जिले से जुड़ा है, लेकिन उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जा रहा है। इसके पीछे उनकी अपनी अंतिम इच्छा बताई जा रही है। राणा के चाचा राजेंद्र राणा के अनुसार, जसपाल राणा ने कई बार परिवार के सामने इच्छा जताई थी कि उनका अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर किया जाए। इसी वजह से परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए वाराणसी में अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया। मणिकर्णिका घाट को हिंदू धर्म में मोक्ष प्राप्ति से जुड़ा सबसे पवित्र श्मशान घाटों में माना जाता है। गुरु को अंतिम विदाई देते वक्त रो पड़ीं मनु भाकर ओलिंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर बीते कल ही अपने कोच जसपाल राणा को अंतिम विदाई देने शुक्रवार शाम देहरादून पहुंच गईं थी। कोच के पार्थिव शरीर को देख वह खुद को रोक नहीं पाईं और जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा से लिपटकर रो पड़ीं। मनु भाकर के करियर में जसपाल राणा की भूमिका बेहद अहम रही है। जूनियर स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में उन्होंने मनु को लगातार मार्गदर्शन दिया। पेरिस ओलिंपिक में मनु के दो पदकों के पीछे भी जसपाल राणा के प्रशिक्षण और अनुभव को बड़ी वजह माना जाता है। 600 से ज्यादा मेडल, 2006 एशियाड में रचा इतिहास जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके नाम 600 से अधिक पदक दर्ज हैं। 1994 में मिलान में हुई जूनियर वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उसी साल हिरोशिमा एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। 2006 दोहा एशियन गेम्स उनके करियर का स्वर्णिम अध्याय माना जाता है। वहां उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में 590 अंक का वर्ल्ड-इक्वलिंग स्कोर बनाया और तीन गोल्ड तथा एक सिल्वर मेडल जीता। राहुल गांधी से शूटिंग रेंज में शुरू हुई दोस्ती जसपाल राणा का रिश्ता सिर्फ खेल जगत तक सीमित नहीं था। उनकी राहुल गांधी के साथ साथ सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ ही व्यक्तिगत रिश्ते थे। कुछ परिवारिक सूत्रों की मानें तो राणा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पहली मुलाकात भी शूटिंग रेंज में हुई थी। निशानेबाजी के साझा शौक ने दोनों को करीब लाया और बाद में राजनीति में आने के बाद भी यह रिश्ता बना रहा। 2012 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद जसपाल राणा पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय दिखे। राहुल गांधी के साथ उनकी कई मुलाकातें और सार्वजनिक कार्यक्रम चर्चा में रहे। उनके निधन पर राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त करते हुए भारतीय शूटिंग में उनके योगदान को याद किया। बीजेपी से कांग्रेस तक, पिता अलग दल में रहे खेल के बाद जसपाल राणा राजनीति में भी सक्रिय हुए। 2009 में वे बीजेपी के टिकट पर टिहरी लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे, हालांकि जीत नहीं सके। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। उस समय उनके पिता नारायण सिंह राणा बीजेपी में सक्रिय थे, जबकि जसपाल कांग्रेस के लिए प्रचार कर रहे थे। पिता-पुत्र की अलग-अलग राजनीतिक राह उस दौर में उत्तराखंड की चर्चित राजनीतिक कहानियों में शामिल रही। राजनाथ सिंह परिवार से भी जुड़ा था रिश्ता जसपाल राणा की बहन सुषमा सिंह की शादी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे और नोएडा विधायक पंकज सिंह से हुई है। इस रिश्ते के चलते उनका परिवार देश की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों से भी जुड़ा रहा। खेल, राजनीति और सामाजिक जीवन में सक्रिय रहने वाले जसपाल राणा अपने पीछे ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिसमें मेडल, रिकॉर्ड, शिष्य और प्रेरणा की लंबी श्रृंखला शामिल है। ———————— ये खबर पढ़ें… उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा को अंतिम विदाई:कोच के पार्थिव शरीर को देख रो पड़ीं मनु भाकर, कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार उत्तराखंड के दिग्गज शूटर और पद्मश्री सम्मानित जसपाल राणा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। 49 वर्षीय राणा पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे। जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। शुक्रवार शाम उनका पार्थिव शरीर देहरादून के पोंदा स्थित मझोन गांव में उनके आवास पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी हुई है। (पढ़ें पूरी खबर)

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
वर्ल्ड अपडेट्स:POK के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की गोलीबारी से 16 की मौत

June 12, 2026/
11:11 am

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की फायरिंग में कम से कम 16...

कोलकाता-दिल्ली में IPL सीजन का आखिरी लीग मैच:नाइट राइडर्स के पास प्लेऑफ में जाने का आखिरी मौका; रघुवंशी बाहर, चक्रवर्ती पर सस्पेंस

May 24, 2026/
4:30 am

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच रविवार का दूसरा मैच खेला जाएगा। यह इस सीजन का...

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

April 11, 2026/
3:47 am

चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट...

Bengaluru Professor Calls Student Terrorist, Sparks Controversy

March 28, 2026/
5:43 pm

बेंगलुरु9 घंटे पहले कॉपी लिंक AI इमेज कर्नाटक के बेंगलुरु में निजी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के खिलाफ स्टूडेंट को आतंकी...

West Bengal SC Slams SIR Voter List Cut

April 13, 2026/
5:05 am

नई दिल्ली32 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट सोमवार को SIR पर सुनवाई करेगा।...

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज आकाशदीप करेंगे शादी:24 जून को अक्षिता संग लेंगे सात फेरे, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह से मुलाकत कर दिया निमंत्रण

June 12, 2026/
8:48 am

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। आकाशदीप 24 जून को...

नेपाल में भारतीय तीर्थयात्रियों की बस खाई में गिरी:7 लोगों की मौत, 7 घायल; मनाकामना मंदिर से दर्शन कर लौटते समय हादसा

March 15, 2026/
12:57 pm

नेपाल के गंडकी प्रांत के गोरखा जिले में शनिवार रात भारतीय तीर्थयात्रियों से भरी एक बस खाई में गिर गई।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

वाराणसी में जसपाल राणा का अंतिम संस्कार आज:चार्टर्ड प्लेन से पहुंच रही पार्थिव देह; खुद चुना था मणिकर्णिका घाट

वाराणसी में जसपाल राणा का अंतिम संस्कार आज:चार्टर्ड प्लेन से पहुंच रही पार्थिव देह; खुद चुना था मणिकर्णिका घाट

उत्तराखंड में जन्मे दिग्गज शूटर, पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्डी जसपाल राणा (49) का अंतिम संस्कार आज वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। आज दोपहर उनका पार्थिव शरीर देहरादून के जोलीग्रांट एयरपोर्ट से चार्टर्ड प्लेन के जरिए वाराणसी के लिए रवाना हो गया। सूत्रों के अनुसार खेल और राजनीति जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी। वाराणसी पहुंचने के बाद मणिकर्णिका घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किए जाने की तैयारी है। पार्थिव शरीर के साथ राणा के पिता नारायण सिंह राणा, पत्नी आरुषि, बेटा युवराज, बेटी देवांशी, बहन सुषमा और छोटा भाई सुभाष राणा भी वाराणसी के लिए रवाना हुए हैं। शुक्रवार रात उनके पैतृक गांव में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कई राष्ट्रीय खिलाड़ी, राजनीतिक हस्तियां और बड़ी संख्या में शुभचिंतक उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। 11 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे राणा जसपाल राणा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया था। वह पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे। परिवार के अनुसार जर्मनी से भारत लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से खेल जगत, राजनीतिक गलियारों और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। टिहरी के रहने वाले, फिर वाराणसी में क्यों होगा अंतिम संस्कार जसपाल राणा का परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के टिहरी जिले से जुड़ा है, लेकिन उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जा रहा है। इसके पीछे उनकी अपनी अंतिम इच्छा बताई जा रही है। राणा के चाचा राजेंद्र राणा के अनुसार, जसपाल राणा ने कई बार परिवार के सामने इच्छा जताई थी कि उनका अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर किया जाए। इसी वजह से परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए वाराणसी में अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया। मणिकर्णिका घाट को हिंदू धर्म में मोक्ष प्राप्ति से जुड़ा सबसे पवित्र श्मशान घाटों में माना जाता है। गुरु को अंतिम विदाई देते वक्त रो पड़ीं मनु भाकर ओलिंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर बीते कल ही अपने कोच जसपाल राणा को अंतिम विदाई देने शुक्रवार शाम देहरादून पहुंच गईं थी। कोच के पार्थिव शरीर को देख वह खुद को रोक नहीं पाईं और जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा से लिपटकर रो पड़ीं। मनु भाकर के करियर में जसपाल राणा की भूमिका बेहद अहम रही है। जूनियर स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में उन्होंने मनु को लगातार मार्गदर्शन दिया। पेरिस ओलिंपिक में मनु के दो पदकों के पीछे भी जसपाल राणा के प्रशिक्षण और अनुभव को बड़ी वजह माना जाता है। 600 से ज्यादा मेडल, 2006 एशियाड में रचा इतिहास जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके नाम 600 से अधिक पदक दर्ज हैं। 1994 में मिलान में हुई जूनियर वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उसी साल हिरोशिमा एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। 2006 दोहा एशियन गेम्स उनके करियर का स्वर्णिम अध्याय माना जाता है। वहां उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में 590 अंक का वर्ल्ड-इक्वलिंग स्कोर बनाया और तीन गोल्ड तथा एक सिल्वर मेडल जीता। राहुल गांधी से शूटिंग रेंज में शुरू हुई दोस्ती जसपाल राणा का रिश्ता सिर्फ खेल जगत तक सीमित नहीं था। उनकी राहुल गांधी के साथ साथ सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ ही व्यक्तिगत रिश्ते थे। कुछ परिवारिक सूत्रों की मानें तो राणा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पहली मुलाकात भी शूटिंग रेंज में हुई थी। निशानेबाजी के साझा शौक ने दोनों को करीब लाया और बाद में राजनीति में आने के बाद भी यह रिश्ता बना रहा। 2012 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद जसपाल राणा पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय दिखे। राहुल गांधी के साथ उनकी कई मुलाकातें और सार्वजनिक कार्यक्रम चर्चा में रहे। उनके निधन पर राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त करते हुए भारतीय शूटिंग में उनके योगदान को याद किया। बीजेपी से कांग्रेस तक, पिता अलग दल में रहे खेल के बाद जसपाल राणा राजनीति में भी सक्रिय हुए। 2009 में वे बीजेपी के टिकट पर टिहरी लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे, हालांकि जीत नहीं सके। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। उस समय उनके पिता नारायण सिंह राणा बीजेपी में सक्रिय थे, जबकि जसपाल कांग्रेस के लिए प्रचार कर रहे थे। पिता-पुत्र की अलग-अलग राजनीतिक राह उस दौर में उत्तराखंड की चर्चित राजनीतिक कहानियों में शामिल रही। राजनाथ सिंह परिवार से भी जुड़ा था रिश्ता जसपाल राणा की बहन सुषमा सिंह की शादी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे और नोएडा विधायक पंकज सिंह से हुई है। इस रिश्ते के चलते उनका परिवार देश की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों से भी जुड़ा रहा। खेल, राजनीति और सामाजिक जीवन में सक्रिय रहने वाले जसपाल राणा अपने पीछे ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिसमें मेडल, रिकॉर्ड, शिष्य और प्रेरणा की लंबी श्रृंखला शामिल है। ———————— ये खबर पढ़ें… उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा को अंतिम विदाई:कोच के पार्थिव शरीर को देख रो पड़ीं मनु भाकर, कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार उत्तराखंड के दिग्गज शूटर और पद्मश्री सम्मानित जसपाल राणा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। 49 वर्षीय राणा पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे। जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। शुक्रवार शाम उनका पार्थिव शरीर देहरादून के पोंदा स्थित मझोन गांव में उनके आवास पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी हुई है। (पढ़ें पूरी खबर)

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.