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FSSAI Notice: Misleading Food Names Violation

FSSAI Notice: Misleading Food Names Violation

नई दिल्ली24 मिनट पहले

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फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने रविवार को देश की 8 बड़ी फूड कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन कंपनियों पर अपने प्रोडक्ट्स के ब्रांड नाम, ट्रेड नाम और विज्ञापनों में उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले दावे करने का आरोप है। रेगुलेटर ने साफ किया है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत ऐसे भ्रामक नाम रखना सख्त प्रतिबंधित है।

आइए इस पूरी कार्रवाई को विस्तार से सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं…

सवाल 1: FSSAI ने यह बड़ी कार्रवाई क्यों की है और मुख्य मामला क्या है?

जवाब: बाजार में कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए ऐसे ब्रांड नाम या ट्रेड नेम का इस्तेमाल कर रही हैं, जो ग्राहकों को गलत जानकारी देते हैं। रेगुलेटर ने पाया कि ये 8 फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन कर रहे थे। वे ऐसे दावे कर रहे थे जो उनके प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता से मेल नहीं खाते।

सवाल 2: किन-किन 8 कंपनियों को रेगुलेटर ने नोटिस थमाया है?

जवाब: FSSAI ने जिन कंपनियों को आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए नोटिस जारी होने की जानकारी दी है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • इमामी हेल्दी एंड टेस्टी (Emami Healthy & Tasty)
  • हेल्थ एड (Health Aid)
  • ट्रूवी (Troovy)
  • द हेल्दी फैक्ट्री (The Healthy Factory)
  • हेल्दी मास्टर (Healthy Master)
  • हेल्दी चॉइस (Healthy Choice)
  • प्लान बी (Plan B)
  • न्यूहर्ब्स (Neuherbs)

सवाल 3: कोलकाता के इमामी ग्रुप की कंपनी ‘इमामी हेल्दी एंड टेस्टी’ पर क्या आरोप है?

जवाब: इस कार्रवाई में सबसे बड़ा और प्रमुख नाम कोलकाता स्थित इमामी ग्रुप के कुकिंग ऑयल डिवीजन ‘इमामी हेल्दी एंड टेस्टी’ का है। FSSAI के मुताबिक, इस ब्रांड का ट्रेड नाम उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है।

रेगुलेटर ने कहा कि यह नाम पहली नजर में FSSAI के लागू नियमों के विपरीत प्रतीत होता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर प्रोडक्ट के ‘हेल्दी’ होने का दावा करता है जो कि बिना किसी ठोस सबूत के सही नहीं है।

सवाल 4: ‘द हेल्दी फैक्ट्री’ के ‘जीरो मैदा’ दावों पर क्या आपत्ति जताई गई है?

जवाब: ‘द हेल्दी फैक्ट्री’ अपने प्रोडक्ट्स को ‘जीरो मैदा होल व्हीट ब्रेड’ के नाम से बेचती है। FSSAI की जांच में सामने आया कि इस ब्रेड में चक्की फ्रेश आटा के साथ-साथ ‘व्हीट ग्लूटेन’ भी शामिल है। इसके बावजूद इसे ‘जीरो मैदा’ के रूप में प्रचारित करना उपभोक्ताओं को भ्रम में डालना है। इसके अलावा कंपनी के ‘जीरो मैदा पिज्जा बेस’ पर भी यही आपत्ति जताई गई है कि यह दावा पूरी तरह नियमों का उल्लंघन है।

सवाल 5: ‘प्लान बी’ कंपनी पर वीगन (शाकाहारी) प्रोडक्ट्स को लेकर क्या गड़बड़ी पाई गई?

जवाब: ‘प्लान बी’ नाम की कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को ‘प्लांट बेस्ड वीगन’ कहकर बाजार में बेच रही है। FSSAI के नियमों के मुताबिक, किसी भी प्रोडक्ट को वीगन घोषित करने और उसके प्रचार के लिए अपने FSSAI लाइसेंस में ‘वीगन फूड एंडोर्समेंट’ मंजूरी लेना जरूरी होता है। इस कंपनी ने ऐसी कोई मंजूरी नहीं ली थी, फिर भी ग्राहकों को यह अहसास कराया कि उनके प्रोडक्ट्स प्रमाणित वीगन हैं।

सवाल 6: न्यूहर्ब्स के ‘True Vitamin’ और हेल्थ एड के ब्रांड नाम में क्या कमी मिली?

जवाब: न्यूहर्ब्स कंपनी की एक पूरी प्रोडक्ट लाइन है जिसका नाम ‘ट्रू विटामिन’ है। FSSAI ने इस पर कहा कि ‘True Vitamin’ जैसा ट्रेड नाम FSSAI के किसी भी रेगुलेशन के तहत न तो परिभाषित है और न ही इसे मान्यता प्राप्त है। ऐसे गैर-मान्यता प्राप्त शब्दों का इस्तेमाल ग्राहकों को गुमराह कर सकता है। वहीं, ‘हेल्थ एड’ के ब्रांड नाम को भी इसी आधार पर फ्लैग किया गया है कि यह नाम प्रोडक्ट को लेकर भ्रम पैदा करता है।

सवाल 7: बच्चों और वयस्कों के स्नैक्स बनाने वाली कंपनी ‘ट्रूवी’ पर क्या आरोप हैं?

जवाब: ट्रूवी (Troovy) कंपनी स्नैक्स रेंज बेचती है, जिसमें ‘हेल्दी मिक्स वेजी चिप्स’, ‘हेल्दी रागी चिप्स’ और ‘हेल्दी मूंग दाल चिप्स’ शामिल हैं। रेगुलेटर ने पाया कि इन चिप्स में कई अन्य तरह की सामग्रियां भी मिलाई गई हैं, लेकिन कंपनी केवल ‘हेल्दी’ शब्द का बड़ा-बड़ा इस्तेमाल करके इन्हें बेच रही है। FSSAI के अनुसार, बाकी सामग्रियों की मौजूदगी के बीच इस तरह सीधे तौर पर ‘हेल्दी’ का दावा करना भ्रामक है।

सवाल 8: ‘हेल्दी मास्टर’ और ‘हेल्दी चॉइस’ के किन स्लोगन्स और प्रोडक्ट्स को रेगुलेटर ने निशाने पर लिया है?

जवाब: FSSAI ने ‘हेल्दी मास्टर’ की टैगलाइन “विज़न टू सर्व हेल्दी” को संदिग्ध माना है। इसके साथ ही ‘हेल्दी चॉइस’ के प्रोडक्ट “हेल्दी फूड फॉर हेल्दी लाइफ पोहा” पर भी आपत्ति जताई गई है। रेगुलेटर का कहना है कि ये टैगलाइंस और नाम ग्राहकों के मन में प्रोडक्ट की सेहतमंद प्रकृति को लेकर एक ऐसा प्रभाव बनाते हैं, जो पूरी तरह से साबित नहीं किया गया है।

सवाल 9: नोटिस जारी होने के बाद अब इन कंपनियों के पास क्या विकल्प हैं और आगे क्या कार्रवाई होगी?

जवाब: FSSAI द्वारा जारी किए गए ये नोटिस ‘कारण बताओ’ नोटिस हैं। इसका मतलब है कि इन सभी 8 कंपनियों को एक तय समय में रेगुलेटर के सामने अपना स्पष्टीकरण या जवाब दाखिल करना होगा।

कंपनियों को साबित करना होगा कि उनके नाम या दावे भ्रामक क्यों नहीं हैं। अगर कंपनियां संतोषजनक जवाब नहीं दे पाती हैं, तो FSSAI उन पर जुर्माना लगा सकता है, उनके प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगा सकता है या उनका फूड लाइसेंस भी सस्पेंड/कैंसिल कर सकता है।

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फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने रविवार को देश की 8 बड़ी फूड कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन कंपनियों पर अपने प्रोडक्ट्स के ब्रांड नाम, ट्रेड नाम और विज्ञापनों में उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले दावे करने का आरोप है। रेगुलेटर ने साफ किया है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत ऐसे भ्रामक नाम रखना सख्त प्रतिबंधित है।

आइए इस पूरी कार्रवाई को विस्तार से सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं…

सवाल 1: FSSAI ने यह बड़ी कार्रवाई क्यों की है और मुख्य मामला क्या है?

जवाब: बाजार में कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए ऐसे ब्रांड नाम या ट्रेड नेम का इस्तेमाल कर रही हैं, जो ग्राहकों को गलत जानकारी देते हैं। रेगुलेटर ने पाया कि ये 8 फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन कर रहे थे। वे ऐसे दावे कर रहे थे जो उनके प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता से मेल नहीं खाते।

सवाल 2: किन-किन 8 कंपनियों को रेगुलेटर ने नोटिस थमाया है?

जवाब: FSSAI ने जिन कंपनियों को आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए नोटिस जारी होने की जानकारी दी है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • इमामी हेल्दी एंड टेस्टी (Emami Healthy & Tasty)
  • हेल्थ एड (Health Aid)
  • ट्रूवी (Troovy)
  • द हेल्दी फैक्ट्री (The Healthy Factory)
  • हेल्दी मास्टर (Healthy Master)
  • हेल्दी चॉइस (Healthy Choice)
  • प्लान बी (Plan B)
  • न्यूहर्ब्स (Neuherbs)

सवाल 3: कोलकाता के इमामी ग्रुप की कंपनी ‘इमामी हेल्दी एंड टेस्टी’ पर क्या आरोप है?

जवाब: इस कार्रवाई में सबसे बड़ा और प्रमुख नाम कोलकाता स्थित इमामी ग्रुप के कुकिंग ऑयल डिवीजन ‘इमामी हेल्दी एंड टेस्टी’ का है। FSSAI के मुताबिक, इस ब्रांड का ट्रेड नाम उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है।

रेगुलेटर ने कहा कि यह नाम पहली नजर में FSSAI के लागू नियमों के विपरीत प्रतीत होता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर प्रोडक्ट के ‘हेल्दी’ होने का दावा करता है जो कि बिना किसी ठोस सबूत के सही नहीं है।

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जवाब: ‘द हेल्दी फैक्ट्री’ अपने प्रोडक्ट्स को ‘जीरो मैदा होल व्हीट ब्रेड’ के नाम से बेचती है। FSSAI की जांच में सामने आया कि इस ब्रेड में चक्की फ्रेश आटा के साथ-साथ ‘व्हीट ग्लूटेन’ भी शामिल है। इसके बावजूद इसे ‘जीरो मैदा’ के रूप में प्रचारित करना उपभोक्ताओं को भ्रम में डालना है। इसके अलावा कंपनी के ‘जीरो मैदा पिज्जा बेस’ पर भी यही आपत्ति जताई गई है कि यह दावा पूरी तरह नियमों का उल्लंघन है।

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जवाब: FSSAI द्वारा जारी किए गए ये नोटिस ‘कारण बताओ’ नोटिस हैं। इसका मतलब है कि इन सभी 8 कंपनियों को एक तय समय में रेगुलेटर के सामने अपना स्पष्टीकरण या जवाब दाखिल करना होगा।

कंपनियों को साबित करना होगा कि उनके नाम या दावे भ्रामक क्यों नहीं हैं। अगर कंपनियां संतोषजनक जवाब नहीं दे पाती हैं, तो FSSAI उन पर जुर्माना लगा सकता है, उनके प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगा सकता है या उनका फूड लाइसेंस भी सस्पेंड/कैंसिल कर सकता है।

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