Friday, 09 Oct 2026 | 12:02 PM

Trending :

EXCLUSIVE

US Judge Denies Adani Case Dismissal; Seeks Govt Explanation

US Judge Denies Adani Case Dismissal; Seeks Govt Explanation

न्यूयॉर्क18 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिकी जज ने शुक्रवार को जस्टिस डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि वे भारतीय बिजनेसमैन गौतम अडाणी के खिलाफ आपराधिक मामलों को वापस लेने के अपने फैसले को सही ठहराने वाली वजह बताएं। कोर्ट ने अडाणी के वकीलों द्वारा मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने के अनुरोध पर तुरंत फैसला सुनाने से इनकार कर दिया है।

फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स यानी सरकारी वकीलों ने 18 मई को घोषणा की थी कि वे इस मामले में आगे मुकदमा नहीं चलाएंगे। मामले में अडाणी पर रिश्वतखोरी प्लान से जुड़े सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड के आरोप थे।

इसके बाद अडाणी के वकीलों ने बुधवार को ब्रुकलिन के अमेरिकी जिला जज निकोलस गराउफिस से मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने का अनुरोध किया था। हालांकि, जज ने कहा कि प्रॉसिक्यूटर्स का नोटिस इस फैसले का पूरा एक्सप्लेनेशन नहीं देता है।

गराउफिस ने कहा कि सरकार का संक्षिप्त, सपाट और निष्कर्ष निकालने वाला बयान अदालत को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने का पर्याप्त आधार नहीं है। इसके साथ ही यह केस की बर्खास्तगी के सरकारी अनुरोध का एनालिसिस यानी जांच करने के लिए भी सही नहीं है।

दो राष्ट्रपतियों के कार्यकाल के बीच फैसला बदला

अडाणी पर यह मामला 2024 में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के आखिरी में दर्ज किया गया था। आरोपों को हटाने का यह फैसला रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस में दूसरे कार्यकाल के दौरान आया है, जहां जस्टिस डिपार्टमेंट ने एक और हाई-प्रोफाइल व्हाइट कॉलर क्रिमिनल केस को समाप्त करने की मांग की है।

कानूनी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी जजों के पास प्रॉसिक्यूटर्स को उन मामलों को जारी रखने के लिए मजबूर करने का बहुत कम अधिकार होता है जिन्हें वे आगे नहीं बढ़ाना चाहते। हालांकि, जब तक गराउफिस इसे खारिज नहीं करते, तब तक आरोप आधिकारिक तौर पर लंबित रहेंगे। ब्रुकलिन अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के स्पोक्सपर्सन ने इस पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया है।

क्या है पूरा मामला और क्या हुए समझौते?

गौतम अडाणी पर 2024 में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की सहमति जताई थी, ताकि अडाणी ग्रुप की एक सहायक कंपनी को सोलर एनर्जी प्लांट डेवलप करने की मंजूरी मिल सके।

इसके बाद उन पर अपनी कंपनी की एंटी करप्शन प्रैक्टिसेस के बारे में आश्वस्त करने वाली जानकारी देकर अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने का आरोप था। हालांकि, अडाणी ग्रुप ने हमेशा इन गलत कामों से इनकार किया है और अडाणी खुद इस मामले में कभी अमेरिकी कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं।

इस मामले में अन्य मोर्चों पर ये बड़ी बातें सामने आई हैं

SEC के साथ सेटलमेंट: अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भी सिविल चार्ज लगाए थे। इसके तहत एक समझौता हुआ है, जिसमें गौतम अडाणी 6 मिलियन डॉलर और उनके भतीजे सागर अडाणी 12 मिलियन डॉलर का भुगतान करेंगे।

प्रतिबंधों के उल्लंघन पर जुर्माना: अडाणी एंटरप्राइजेस लिमिटेड ने ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन के मामले को सुलझाने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट को 275 मिलियन डॉलर देने पर अलग से सहमति जताई है।

मामला अमेरिकी कानून के दायरे से बाहर: अडाणी के वकील

अडाणी के वकील रॉबर्ट गियुफ्रा ने जज गराउफिस को 24 जून को लिखे पत्र में तर्क दिया कि यह मामला अमेरिकी कानून के दायरे से बाहर का है और अभियोजक भारत में कथित तौर पर हुई रिश्वतखोरी को साबित करने में असमर्थ रहेंगे।

वकील ने बताया कि अडाणी और उनके सह-आरोपियों के वकीलों ने जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं और मामले की कमियों को समझाने के लिए लगभग 500 पन्नों के दस्तावेज सौंपे थे।

गियुफ्रा के अनुसार, अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट का यह फैसला इस केस की कानूनी और तथ्यात्मक कमजोरियों पर सावधानीपूर्वक विचार करने को दर्शाता है।

अधिकारियों और करियर प्रोसिक्यूटर्स के बीच मतभेद

पिछले महीने जज को भेजे एक लेटर में सीनियर अधिकारियों ने कहा था कि जस्टिस डिपार्टमेंट ने व्यक्तिगत प्रतिवादियों के खिलाफ इन आपराधिक आरोपों पर आगे संसाधन न लगाने का फैसला किया है। खास बात यह है कि इस केस को लाने वाले रैंक-एंड-फाइल (करियर) अभियोजकों ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

इससे पहले पिछले साल भी वॉशिंगटन में जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने न्यूयॉर्क के तत्कालीन मेयर एरिक एडम्स पर बाइडेन के कार्यकाल में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को करियर अभियोजकों के कड़े विरोध के बावजूद हटा दिया था, जिसके बाद कई करियर अभियोजकों ने इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल जज ने इस मामले में अधिक जानकारी देने के लिए 13 जुलाई तक की डेडलाइन तय की है।

ये खबर भी पढ़ें…

गौतम अडाणी पर अमेरिका में दर्ज केस हट सकते हैं: ब्लूमबर्ग का दावा- ₹2500 करोड़ के धोखाधड़ी और रिश्वत केस वापस लेने की तैयारी

अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी को अमेरिका से बड़ी राहत मिल सकती है। ब्लूमबर्ग ने दावा किया है कि मुताबिक, अमेरिकी न्याय विभाग उनके खिलाफ चल रहे 265 मिलियन डॉलर (करीब 2,500 करोड़ रुपए) के रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आपराधिक आरोपों को वापस लेने की तैयारी कर रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
'चुनाव के बाद गैस-नकाद बंद करेगी बीजेपी', बेलदा रैली में ममता बनर्जी का हमला, टिकट विवाद पर पार्टी नेताओं ने दी खरी-खरी

March 30, 2026/
4:18 pm

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में अब अपना एजेंट जोर अजमाइश पर पहुंच गया है। यहां मुख्यमंत्री ममता...

MP Apex Bank Recruitment Last Date Extended

February 23, 2026/
8:00 pm

2 घंटे पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी एमपी एपेक्स बैंक में 2076 पदों पर भर्ती के...

US-Israel Iran WAR Live Updates China Tariffs Trump

April 13, 2026/
7:00 am

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी12 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने चीन को ईरान की मदद नहीं करने की धमकी...

72 फीट लंबे पीतल पर 193 देशों के प्रतीक चिन्ह:आंबेडकर जयंती के पहले होगा तैयार, काटने में लगा 3 घंटे से ज्यादा का समय

April 13, 2026/
5:15 am

14 अप्रैल को डॉ.भीमराव आंबेडकर की जयंती है। इसके पहले इंदौर में एक अनूठा काम किया जा रहा है। 72...

authorimg

February 15, 2026/
6:18 pm

Last Updated:February 15, 2026, 18:18 IST Epstein Files Row: कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन के काले कारनामों की एक नई परत...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

US Judge Denies Adani Case Dismissal; Seeks Govt Explanation

US Judge Denies Adani Case Dismissal; Seeks Govt Explanation

न्यूयॉर्क18 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिकी जज ने शुक्रवार को जस्टिस डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि वे भारतीय बिजनेसमैन गौतम अडाणी के खिलाफ आपराधिक मामलों को वापस लेने के अपने फैसले को सही ठहराने वाली वजह बताएं। कोर्ट ने अडाणी के वकीलों द्वारा मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने के अनुरोध पर तुरंत फैसला सुनाने से इनकार कर दिया है।

फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स यानी सरकारी वकीलों ने 18 मई को घोषणा की थी कि वे इस मामले में आगे मुकदमा नहीं चलाएंगे। मामले में अडाणी पर रिश्वतखोरी प्लान से जुड़े सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड के आरोप थे।

इसके बाद अडाणी के वकीलों ने बुधवार को ब्रुकलिन के अमेरिकी जिला जज निकोलस गराउफिस से मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने का अनुरोध किया था। हालांकि, जज ने कहा कि प्रॉसिक्यूटर्स का नोटिस इस फैसले का पूरा एक्सप्लेनेशन नहीं देता है।

गराउफिस ने कहा कि सरकार का संक्षिप्त, सपाट और निष्कर्ष निकालने वाला बयान अदालत को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने का पर्याप्त आधार नहीं है। इसके साथ ही यह केस की बर्खास्तगी के सरकारी अनुरोध का एनालिसिस यानी जांच करने के लिए भी सही नहीं है।

दो राष्ट्रपतियों के कार्यकाल के बीच फैसला बदला

अडाणी पर यह मामला 2024 में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के आखिरी में दर्ज किया गया था। आरोपों को हटाने का यह फैसला रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस में दूसरे कार्यकाल के दौरान आया है, जहां जस्टिस डिपार्टमेंट ने एक और हाई-प्रोफाइल व्हाइट कॉलर क्रिमिनल केस को समाप्त करने की मांग की है।

कानूनी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी जजों के पास प्रॉसिक्यूटर्स को उन मामलों को जारी रखने के लिए मजबूर करने का बहुत कम अधिकार होता है जिन्हें वे आगे नहीं बढ़ाना चाहते। हालांकि, जब तक गराउफिस इसे खारिज नहीं करते, तब तक आरोप आधिकारिक तौर पर लंबित रहेंगे। ब्रुकलिन अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के स्पोक्सपर्सन ने इस पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया है।

क्या है पूरा मामला और क्या हुए समझौते?

गौतम अडाणी पर 2024 में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की सहमति जताई थी, ताकि अडाणी ग्रुप की एक सहायक कंपनी को सोलर एनर्जी प्लांट डेवलप करने की मंजूरी मिल सके।

इसके बाद उन पर अपनी कंपनी की एंटी करप्शन प्रैक्टिसेस के बारे में आश्वस्त करने वाली जानकारी देकर अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने का आरोप था। हालांकि, अडाणी ग्रुप ने हमेशा इन गलत कामों से इनकार किया है और अडाणी खुद इस मामले में कभी अमेरिकी कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं।

इस मामले में अन्य मोर्चों पर ये बड़ी बातें सामने आई हैं

SEC के साथ सेटलमेंट: अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भी सिविल चार्ज लगाए थे। इसके तहत एक समझौता हुआ है, जिसमें गौतम अडाणी 6 मिलियन डॉलर और उनके भतीजे सागर अडाणी 12 मिलियन डॉलर का भुगतान करेंगे।

प्रतिबंधों के उल्लंघन पर जुर्माना: अडाणी एंटरप्राइजेस लिमिटेड ने ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन के मामले को सुलझाने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट को 275 मिलियन डॉलर देने पर अलग से सहमति जताई है।

मामला अमेरिकी कानून के दायरे से बाहर: अडाणी के वकील

अडाणी के वकील रॉबर्ट गियुफ्रा ने जज गराउफिस को 24 जून को लिखे पत्र में तर्क दिया कि यह मामला अमेरिकी कानून के दायरे से बाहर का है और अभियोजक भारत में कथित तौर पर हुई रिश्वतखोरी को साबित करने में असमर्थ रहेंगे।

वकील ने बताया कि अडाणी और उनके सह-आरोपियों के वकीलों ने जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं और मामले की कमियों को समझाने के लिए लगभग 500 पन्नों के दस्तावेज सौंपे थे।

गियुफ्रा के अनुसार, अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट का यह फैसला इस केस की कानूनी और तथ्यात्मक कमजोरियों पर सावधानीपूर्वक विचार करने को दर्शाता है।

अधिकारियों और करियर प्रोसिक्यूटर्स के बीच मतभेद

पिछले महीने जज को भेजे एक लेटर में सीनियर अधिकारियों ने कहा था कि जस्टिस डिपार्टमेंट ने व्यक्तिगत प्रतिवादियों के खिलाफ इन आपराधिक आरोपों पर आगे संसाधन न लगाने का फैसला किया है। खास बात यह है कि इस केस को लाने वाले रैंक-एंड-फाइल (करियर) अभियोजकों ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

इससे पहले पिछले साल भी वॉशिंगटन में जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने न्यूयॉर्क के तत्कालीन मेयर एरिक एडम्स पर बाइडेन के कार्यकाल में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को करियर अभियोजकों के कड़े विरोध के बावजूद हटा दिया था, जिसके बाद कई करियर अभियोजकों ने इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल जज ने इस मामले में अधिक जानकारी देने के लिए 13 जुलाई तक की डेडलाइन तय की है।

ये खबर भी पढ़ें…

गौतम अडाणी पर अमेरिका में दर्ज केस हट सकते हैं: ब्लूमबर्ग का दावा- ₹2500 करोड़ के धोखाधड़ी और रिश्वत केस वापस लेने की तैयारी

अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी को अमेरिका से बड़ी राहत मिल सकती है। ब्लूमबर्ग ने दावा किया है कि मुताबिक, अमेरिकी न्याय विभाग उनके खिलाफ चल रहे 265 मिलियन डॉलर (करीब 2,500 करोड़ रुपए) के रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आपराधिक आरोपों को वापस लेने की तैयारी कर रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.