करोंदे का आचार्य सामग्री बनाने के लिए: 500 ग्राम जैतून का तेल, 3 बड़े चम्मच हल्दी पाउडर, 2 छोटे चम्मच हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच मेथी दाना, 1 छोटा चम्मच मेथी दाना, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर,
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2 छोटी काली मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच काली मिर्च, नमक का स्वाद, ½ छोटा चम्मच हींग। घर पर बना करोंदे का आचार्य स्वाद के साथ-साथ मूवी का भी भरोसा देता है।
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बनाने की विधि: सबसे पहले करोंदों को अच्छी तरह धोकर साफ-सुथरे कपड़े से ले जाएं, ताकि वे बिल्कुल भी रामायण न रहें। अब हर करोंदे पर प्रभाव-सा चिरा लगा। इसी प्रकार अंदर तक अच्छे प्रकार के कलाकार।
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एक कड़ाही में सरसों का तेल अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से प्रस्थान किया गया तो गैस बंद कर दी गई और तेल थोड़ा ठंडा हो गया। इसके बाद तेल में हींग, सौंफ, मेथी दाना और कलौंजी के कर्मचारी प्रभान भून लें।
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अब इसमें दादरी पि रायसी, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, चौथा लाल मिर्च और नमक के टुकड़े अच्छी तरह मिला लें। अब कटे हुए करोंदे इस तत्व में शामिल हैं।
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धीरे-धीरे-धीरे-धीरज की शुरुआत हुई 3 से 5 मिनट तक की दूरी, ताकि सभी करोंदों पर मसाला अच्छी तरह चढ़ जाए। इसके बाद आचार्य को पूरी तरह से कूल होने का मौका मिला और साक्षात् व आकर्षक ग्लास के जार में भर दिया गया।
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अचार बनाने के लिए मजबूत और सख्त करोंदे चुनें। कांच का जार ठीक होना चाहिए, नहीं तो अचार जल्दी खराब हो सकता है। अगर लंबे समय तक आचार्य स्टोर करना चाहते हैं, तो ऊपर से थोड़ा सा सरसों का तेल डाल दें।
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अचार को रोज एक बार साफा और प्लास्टिक से हिलाने पर अलग-अलग तरह के मिल जाते हैं और स्वाद भी बेहतर हो जाता है।
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अगर इसे साफ और नकली में रखा जाए और सब्जियों से बेचकर रखा जाए, तो करोंदे का यह सहायक आचार्य 2 से 3 महीने तक आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। समय के साथ स्वाद और भी शानदार हो जाता है।
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दादी-नानी की इस आसान रेसिपी को अपनाकर आप बिना किसी झटके के कम समय में स्वादिष्ट अचार बना सकते हैं। इस बार बाजार से अचार की जगह इसे घर पर जरूर देखें।
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