तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी1 मिनट पहले
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ईरानी संसद अध्यक्ष गालिबाफ (बाएं) और विदेश मंत्री अराघची (दाएं) अमेरिका के साथ हो रही बातचीत में ईरान की तरफ से शामिल रहे हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच अप्रैल में शुरू हुई बातचीत के दौरान अमेरिका को डर था कि इजराइल, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ को निशाना बना सकता है। इसी वजह से अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट के कुछ सहयोगी देशों के जरिए तेहरान को सतर्क रहने का संदेश भिजवाया।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका को डर था कि अगर दोनों वार्ताकारों की हत्या हुई तो युद्धविराम और शांति प्रक्रिया टूट जाएगी। उस समय ट्रम्प प्रशासन होर्मुज स्ट्रेट खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौते की कोशिश कर रहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में होने वाली एक बैठक से पहले भी ईरान को हमले का खतरा था। इसी कारण पाकिस्तान ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान को फाइटर जेट की सुरक्षा में इस्लामाबाद तक पहुंचाया। लौटते समय भी सुरक्षा अलर्ट मिलने पर विमान की मशहद में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई और डेलिगेशन सड़क के जरिए तेहरान पहुंचा।

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लाइव अपडेट्स
17 मिनट पहले
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जंग के बाद पहली बार दिखे IRGC के कार्यवाहक कमांडर
जंग शुरू होने के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कार्यवाहक कमांडर अहमद वहीदी पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए। वे गुरुवार शाम तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
खामेनेई का ताबूत दक्षिणी तेहरान स्थित इमाम खोमैनी हुसैनिया के पास समारोह स्थल पर लाया गया, जहां अहमद वहीदी समेत कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।

अहमद वहीदी ने गुरुवार शाम तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी।


















































