Thursday, 30 Jul 2026 | 03:38 AM

Trending :

EXCLUSIVE

सागर जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध:आग की घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी, उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना

सागर जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध:आग की घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी, उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना

सागर में गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिले में फसल कटाई का दौर भी शुरू हो गया है। फसल की कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई में किसान आग लगाकर नष्ट करते हैं। जिससे कई बार आगजनी की घटनाएं होती हैं। जिनसे देखते हुए सागर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संदीप जीआर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जिले की सीमा में गेहूं और अन्य फसलों की नरवाई (डंठलों) में आग लगाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। उप संचालक, किसान कल्याण व कृषि विकास, जिला सागर द्वारा जानकारी दी गई है कि वर्तमान में गेहूं की कटाई अधिकांश कम्बाईन्ड हार्वेस्टर से की जा रही है। जिसके बाद नरवाई जलाने की घटनाओं में तेजी आई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने इन घटनाओं की सैटेलाइट मैपिंग की जा रही है। राष्ट्रीय फसल अवशेष प्रबंधन नीति 2014 के अंतर्गत जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन समिति का गठन भी किया गया है। आदेश में अवशेषों को नष्ट कराने के निर्देश
आदेश में उल्लेखित है कि कटाई के बाद बचे हुए फसल अवशेषों से भूसा तैयार करने के स्थान पर उन्हें जला दिया जाता है। जबकि भूसा पशु आहार व अन्य औद्योगिक उपयोग में काम आता है। 8 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम तक विक्रय किया जा सकता है। पर्याप्त भूसा उपलब्ध नहीं होने से पशु हानिकारक पदार्थ खाते हैं। जिससे वे बीमार होते हैं। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है। लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु नष्ट होते हैं। हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है और आग अनियंत्रित होने पर जन-धन और संपत्ति की हानि की आशंका रहती है। जुर्माने का भी जिक्र
कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि प्रत्येक कम्बाइंड हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा रीपर या स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाए। इसकी निगरानी जिला परिवहन अधिकारी एवं सहायक कृषि अभियांत्रिकी द्वारा की जाएगी। पर्यावरण विभाग के प्रावधानों के अनुसार, नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति अर्थदंड अधिरोपित किया जाएगा। 2 एकड़ से कम भूमि पर 2500 रुपए, 2 से 5 एकड़ तक 5000 रुपए और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15000 रुपए प्रति घटना देय होगा। प्रचार-प्रसार के लिए कृषि विस्तार अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। प्रत्येक विकासखंड में हैप्पी सीडर, सुपर सीडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। आदेश के पालन की निगरानी के लिए उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Boxa Fast-Track Court For Zubain Garg Case

March 19, 2026/
3:01 pm

गुवाहाटी54 मिनट पहले कॉपी लिंक दावा है कि सिंगर जुबीन गर्ग का ये वीडियो 19 सितंबर 2025 को हादसे से...

कर्नाटक विधानसभा में गूंजा हिमाचल का आर्थिक संकट:बीजेपी MLA ने सैलरी डेफर पर उठाए सवाल, मंत्री बोले- हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत

March 24, 2026/
12:54 pm

हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति अब राज्य की सीमाओं से बाहर निकलकर अन्य राज्यों की विधानसभाओं में भी चर्चा का...

इंस्टाग्राम पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक का खेल:एडिट फीचर से बैकडेट की जा रहीं पोस्ट; दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे दो डिजिटल क्रिएटर्स

July 16, 2026/
2:41 pm

इंस्टाग्राम पर ओरिजिनल कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को निशाना बनाने के लिए मेटा के कॉपीराइट सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया...

दिव्यांका त्रिपाठी ने शेयर की जुड़वा बच्चों की पहली झलक:पोस्ट में लिखा- मुझे चुनने के लिए शुक्रिया; शादी के 10 साल बाद बने माता-पिता

June 12, 2026/
2:48 pm

टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी और उनके पति विवेक दहिया हाल ही में जुड़वां बेटों के माता-पिता बने हैं। मई महीने...

मूवी रिव्यू – ‘धुरंधर: द रिवेंज’:रणवीर सिंह की दमदार परफॉर्मेंस, नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म

March 19, 2026/
8:55 am

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर...

गुना में साइड नहीं मिली तो बारात पर चढ़ाया ट्रैक्टर:दूल्हे ने कूदकर बचाई जान, म्याना में मची भगदड़; आरोपी गिरफ्तार

April 26, 2026/
6:21 pm

गुना के म्याना कस्बे में शनिवार रात साइड नहीं मिलने से नाराज एक ट्रैक्टर चालक ने गुस्से में आकर नाचते-गाते...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

सागर जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध:आग की घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी, उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना

सागर जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध:आग की घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी, उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना

सागर में गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिले में फसल कटाई का दौर भी शुरू हो गया है। फसल की कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई में किसान आग लगाकर नष्ट करते हैं। जिससे कई बार आगजनी की घटनाएं होती हैं। जिनसे देखते हुए सागर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संदीप जीआर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जिले की सीमा में गेहूं और अन्य फसलों की नरवाई (डंठलों) में आग लगाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। उप संचालक, किसान कल्याण व कृषि विकास, जिला सागर द्वारा जानकारी दी गई है कि वर्तमान में गेहूं की कटाई अधिकांश कम्बाईन्ड हार्वेस्टर से की जा रही है। जिसके बाद नरवाई जलाने की घटनाओं में तेजी आई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने इन घटनाओं की सैटेलाइट मैपिंग की जा रही है। राष्ट्रीय फसल अवशेष प्रबंधन नीति 2014 के अंतर्गत जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन समिति का गठन भी किया गया है। आदेश में अवशेषों को नष्ट कराने के निर्देश
आदेश में उल्लेखित है कि कटाई के बाद बचे हुए फसल अवशेषों से भूसा तैयार करने के स्थान पर उन्हें जला दिया जाता है। जबकि भूसा पशु आहार व अन्य औद्योगिक उपयोग में काम आता है। 8 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम तक विक्रय किया जा सकता है। पर्याप्त भूसा उपलब्ध नहीं होने से पशु हानिकारक पदार्थ खाते हैं। जिससे वे बीमार होते हैं। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है। लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु नष्ट होते हैं। हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है और आग अनियंत्रित होने पर जन-धन और संपत्ति की हानि की आशंका रहती है। जुर्माने का भी जिक्र
कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि प्रत्येक कम्बाइंड हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा रीपर या स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाए। इसकी निगरानी जिला परिवहन अधिकारी एवं सहायक कृषि अभियांत्रिकी द्वारा की जाएगी। पर्यावरण विभाग के प्रावधानों के अनुसार, नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति अर्थदंड अधिरोपित किया जाएगा। 2 एकड़ से कम भूमि पर 2500 रुपए, 2 से 5 एकड़ तक 5000 रुपए और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15000 रुपए प्रति घटना देय होगा। प्रचार-प्रसार के लिए कृषि विस्तार अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। प्रत्येक विकासखंड में हैप्पी सीडर, सुपर सीडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। आदेश के पालन की निगरानी के लिए उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.