Sunday, 20 Sep 2026 | 04:07 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Swimming Pool Water Vs Eye Infection; Side Effects

Swimming Pool Water Vs Eye Infection; Side Effects

5 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

  • कॉपी लिंक

गर्मियों में लोग स्विमिंग पूल और वाटर पार्क में एंजॉय करना बहुत पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि ये मजा हमारी आंखों के लिए खतरा भी बन सकता है।

दरअसल, कई बार पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन, केमिकल्स और बैक्टीरिया आंखों की सेंसिटिव लेयर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे जलन, लालिमा, खुजली और धुंधलापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

खासकर भीड़भाड़ वाले पूल में संक्रमण का जोखिम और बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी है कि स्विमिंग का मजा लेते समय आंखों की सेफ्टी को नजरअंदाज न किया जाए।

इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में स्विमिंग पूल से होने वाले आई-इन्फेक्शन रिस्क की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • किन लोगों को रिस्क ज्यादा होता है?
  • कब डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है?

एक्सपर्ट: डॉ. श्रेया गुप्ता, कंसल्टेंट, ऑप्थेल्मोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर

सवाल- गर्मियों में लोग स्विमिंग पूल और वाटर पार्क ज्यादा जाते हैं। क्या स्विमिंग पूल से आई-इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ सकता है?

जवाब- हां, गर्मियों में ज्यादा पसीना, धूल और भीड़ के कारण आंखों की संवेदनशीलता बढ़ जाती है।

  • स्विमिंग पूल का पानी अगर ठीक से साफ न किया जाए तो इसमें बैक्टीरिया और वायरस बढ़ सकते हैं।
  • ये बैक्टीरिया आंख की बाहरी परत (कंजक्टाइवा) में सूजन पैदा कर सकते हैं।
  • इससे जलन, रेडनेस, खुजली और आंखों से पानी आने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
  • गंदे या ओवरक्राउडेड पूल में संक्रमण फैलने की आशंका ज्यादा होती है।
  • कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर तैरने से ये रिस्क और बढ़ जाता है।

सवाल- स्विमिंग पूल का पानी आंखों को नुकसान क्यों पहुंचाता है?

जवाब- इसमें मौजूद केमिकल्स और बैक्टीरिया आंखों को नुकसान पहुंचाते हैं। विस्तार से समझिए-

क्लोरीन- पानी को डिसइन्फेक्ट करने के लिए स्विमिंग पूल में क्लोरीन डाली जाती है, लेकिन यह आंखों की नेचुरल प्रोटेक्शन लेयर को ब्रेक कर सकती है। इससे आंखों में ड्राईनेस, जलन और अस्थायी धुंधलापन हो सकता है।

अन्य केमिकल्स- पानी का pH (ताकि पानी एसिडिक या बेसिक न हो) बैलेंस बनाए रखने वाले केमिकल्स कॉर्निया को इरिटेट कर सकते हैं। इस तरह के केमिकल के ज्यादा एक्सपोजर से आंखों में जलन महसूस होती है।

बैक्टीरिया- जिन स्विमिंग पूल का मेंटेनेंस खराब है, उनमें बैक्टीरिया, फंगस या प्रोटोजोआ हो सकते हैं। ये आंखों को संक्रमित कर सूजन पैदा करते हैं। लंबे समय तक एक्सपोजर से इन्फेक्शन या एलर्जिक रिएक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

सवाल- वाटर पार्क में नहाने पर संक्रमण का रिस्क ज्यादा क्यों होता है?

जवाब- वाटर पार्क में एक साथ कई लोग नहाते हैं, जिससे बैक्टीरिया-वायरस तेजी से फैलते हैं। अगर पानी सही तरीके से फिल्टर नहीं होता, तो गंदगी और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। पानी को डिसइन्फेक्ट न करने पर संक्रमण का खतरा बढ़ता है। खुले घाव, आंख-कान या स्किन के जरिए ये शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

सवाल- कैसे पहचानें कि स्विमिंग पूल एक्सपोजर के कारण आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। किन संकेतों को इग्नोर न करें?

जवाब- स्विमिंग पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन, केमिकल्स और बैक्टीरिया आंखों की बाहरी परत (कंजक्टाइवा व कॉर्निया) को इरिटेट कर सकते हैं। इसलिए ग्राफिक में दिए संकेतों को इग्नोर न करें-

सवाल- कुछ लोगों की आंखें ज्यादा संवेदनशील होती हैं। किन लोगों को स्विमिंग पूल में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

जवाब- वैसे तो स्विमिंग पूल में देर तक नहाना हर किसी के लिए नुकसानदायक है। लेकिन जिनकी आंखें ज्यादा सेंसिटिव होती हैं, उन्हें ये रिस्क ज्यादा होता है। नीचे ग्राफिक में देखिए किन लोगाें को रिस्क ज्यादा होता है-

सवाल- क्या कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर स्विमिंग करने से इन्फेक्शन का खतरा और बढ़ सकता है?

जवाब- कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर स्विमिंग करने से आंखों में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

  • पूल के पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस या अमीबा लेंस पर चिपक सकते हैं।
  • लेंस आंख और पानी के बीच माइक्रोब्स को फंसा देता है, जिससे संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
  • क्लोरीन और अन्य केमिकल्स लेंस की सतह को नुकसान पहुंचाकर आंखों में इरिटेशन बढ़ाते हैं।
  • इससे कंजक्टिवाइटिस या कॉर्नियल इंफेक्शन का जोखिम हो सकता है।
  • इसलिए स्विमिंग से पहले लेंस निकालना या वॉटर-टाइट स्विमिंग गॉगल्स पहनना सुरक्षित विकल्प है।

सवाल- स्विमिंग के दौरान कौन-सी कॉमन गलतियां आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं?

जवाब- स्विमिंग के दौरान लोग मौज-मस्ती के चक्कर में कुछ गलतियां करते हैं, जो आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं-

  • बिना प्रोटेक्टिव गॉगल्स के तैरने से आंखों का पानी से सीधा संपर्क बढ़ जाता है।
  • बार-बार आंखें रगड़ने से कॉर्निया पर माइक्रो-इंजरी और संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
  • स्विमिंग के बाद आंखों को साफ पानी से न धोने के कारण भी नुकसान हो सकता है।

सभी गलतियां ग्राफिक में देखिए-

सवाल- आंखों की सेफ्टी के लिए स्विमिंग से पहले, स्विमिंग के दौरान और स्विमिंग के बाद क्या करना चाहिए?

जवाब- नीचे पॉइंटर्स से समझें–

  • स्विमिंग से पहले साफ और सही फिटिंग वाले वॉटर-टाइट गॉगल्स पहनें।
  • आई-मेकअप या ऑयली क्रीम हटाकर तैरें, ताकि केमिकल रिएक्शन कम हो।
  • स्विमिंग पूल में अनावश्यक पानी के छींटों से आंखों को बचाएं।
  • स्विमिंग के बाद आंखों को ठंडे, साफ पानी से हल्के से धोएं।
  • जरूरत हो तो लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स इस्तेमाल करें।
  • नहाने के बाद शरीर पोछने के लिए अपना पर्सनल तौलिया रखें।
  • भीड़ या गंदगी दिखे तो स्विमिंग न करना ही बेहतर है।

ग्राफिक में सभी सेफ्टी टिप्स देखिए-

सवाल- अगर स्विमिंग के बाद आंखों में जलन, धुंधलापन या सूजन महसूस हो तो तुरंत क्या करें?

जवाब- सबसे पहले आंखों को 5–10 मिनट तक साफ, ठंडे पानी से धोएं।

  • आंखों को रगड़ने या जोर से दबाने से बचें। इससे सतह को नुकसान हो सकता है।
  • कुछ देर के लिए स्क्रीन, धूप और तेज रोशनी से दूर रहें।
  • आराम देने के लिए 10 मिनट तक ठंडी पट्टी (कोल्ड कम्प्रेस) लगा सकते हैं।
  • कॉन्टैक्ट लेंस लगे हों तो तुरंत निकाल दें और साफ केस में रखें।
  • आर्टिफिशियल टीयर्स ड्रॉप्स से ड्राईनेस व इरिटेशन कम हो सकता है।
  • लक्षण बने रहें तो मेडिकल सलाह लेना जरूरी है।

सवाल- डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी है?

जवाब- कुछ स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है-

  • अगर आंखों में दर्द 24-48 घंटे से ज्यादा बना रहे।
  • लालिमा या सूजन धीरे-धीरे बढ़ती जाए या एक आंख से दूसरी में फैलने लगे।
  • अचानक विजन कम हो या लगातार धुंधलापन महसूस हो।
  • आंख से पीला/हरा डिस्चार्ज आए या पलकें चिपकने लगें।
  • रोशनी सहन न हो और सिरदर्द या मतली महसूस हो।
  • कॉर्निया पर सफेद धब्बा या स्पॉट नजर आए।
  • अगर पहले से एलर्जी, ड्राई-आई या आई-सर्जरी की हिस्ट्री हो तो जल्दी जांच कराएं।

सवाल- एक्सपर्ट के मुताबिक स्विमिंग करने वालों के लिए आई-केयर के सबसे जरूरी टिप्स क्या हैं?

जवाब- नीचे पॉइंटर्स में देखें–

  • हमेशा UV-प्रोटेक्टेड, एंटी-फॉग स्विमिंग गॉगल्स का इस्तेमाल करें।
  • पूल की हाइजीन और मेंटेनेंस स्टेटस देखकर ही तैरने का फैसला लें।
  • आंखों को ड्राईनेस से बचाने के लिए स्विमिंग के बाद पर्याप्त पानी पिएं।
  • बार-बार आंखों में इरिटेशन हो तो प्रोफिलैक्टिक लुब्रिकेंट ड्रॉप्स डालें।
  • अपनी पर्सनल आई-हाइजीन किट (तौलिया, आई-ड्रॉप्स) अलग रखें।
  • स्विमिंग से जुड़े आई-सिम्पटम्स का रिकॉर्ड रखें, ताकि डॉक्टर को सही जानकारी मिल सके।
  • बच्चों और सेंसिटिव आंखों वाले लोगों के लिए एक्सपोजर टाइम सीमित रखें।

……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- आयरन डेफिशिएंसी के 12 संकेत: न करें इग्नोर, हो सकता है एनीमिया, इंफेक्शन, डाइट में शामिल करें रेड लीफी ग्रीन्स

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 5 (NFHS-5) के मुताबिक, भारत में 15-49 साल की लगभग 57-59% महिलाओं को एनीमिया यानी खून की कमी है। एनीमिया की मुख्य वजह है- आयरन की कमी। आयरन शरीर के लिए क्रिटिकल (बेहद जरूरी) मिनरल है। आगे पढ़िए…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
1 करोड़ बरामदगी पर 20 लाख हड़पने का आरोप:गुना पुलिस से हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट; पूछा-फरियादी का बयान दर्ज हुआ या नहीं

April 11, 2026/
12:16 am

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गुना जिले की पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नाराजगी...

श्रद्धालुओं का बैग चुराने वाले पति-पत्नी गिरफ्तार:ओंकारेश्वर में 4.5 लाख के गहने-मोबाइल किए थे पार; 100 CCTV फुटेज खंगालने पर खुला राज

February 24, 2026/
8:05 pm

ओंकरेश्वर की ब्रह्मपुरी पार्किंग में एक श्रद्धालु के बैग से 4 लाख 50 हजार रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण,...

आज गौरी से शादी करेंगे आमिर खान:20 की उम्र में घरवालों से छिपकर पड़ोसी से पहली कोर्ट मैरिज की, जानिए 3 अहम रिश्तों की कहानी

July 5, 2026/
4:30 am

मशहूर कहावत है कि ‘दूसरा मौका सिर्फ कहानियां देती हैं, जिंदगी नहीं’, लेकिन बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने...

CUET-UG Exam Tech Glitch | NTA Blames TCS Delay

May 30, 2026/
2:27 pm

2 मिनट पहले कॉपी लिंक 30 मई को तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट यानी CUET-UG की...

वर्ल्ड अपडेट्स:नेपाल में 1500 से ज्यादा अधिकारी हटाए गए, बालेन सरकार का दावा 'राजनीतिक नियुक्तियां' रद्द कीं

May 4, 2026/
11:29 am

नेपाल की नई सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 1500 से ज्यादा सरकारी नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। राष्ट्रपति...

शेफाली जरिवाला के पालतू कुत्ते सिंबा का निधन:बच्चा मानती थीं, पति पराग बोले- तुम दोनों से मिलने का इंतजार नहीं कर सकता

July 23, 2026/
3:30 pm

कांटा लगा एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला के पालतू कुत्ते सिंबा का आज निधन हो गया है। शेफाली, सिंबा को अपना बच्चा...

नॉर्वे में बन रहा यूरोप का सबसे बड़ा एआई डेटासेंटर:माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई करेंगे इस्तेमाल; ठंडे मौसम और सस्ती बिजली के कारण चुनी गई जगह

June 9, 2026/
3:33 pm

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती मांग से दुनिया भर में डेटा सेंटर्स की होड़ है। इसी कड़ी में ब्रिटिश स्टार्टअप...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Swimming Pool Water Vs Eye Infection; Side Effects

Swimming Pool Water Vs Eye Infection; Side Effects

5 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

  • कॉपी लिंक

गर्मियों में लोग स्विमिंग पूल और वाटर पार्क में एंजॉय करना बहुत पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि ये मजा हमारी आंखों के लिए खतरा भी बन सकता है।

दरअसल, कई बार पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन, केमिकल्स और बैक्टीरिया आंखों की सेंसिटिव लेयर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे जलन, लालिमा, खुजली और धुंधलापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

खासकर भीड़भाड़ वाले पूल में संक्रमण का जोखिम और बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी है कि स्विमिंग का मजा लेते समय आंखों की सेफ्टी को नजरअंदाज न किया जाए।

इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में स्विमिंग पूल से होने वाले आई-इन्फेक्शन रिस्क की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • किन लोगों को रिस्क ज्यादा होता है?
  • कब डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है?

एक्सपर्ट: डॉ. श्रेया गुप्ता, कंसल्टेंट, ऑप्थेल्मोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर

सवाल- गर्मियों में लोग स्विमिंग पूल और वाटर पार्क ज्यादा जाते हैं। क्या स्विमिंग पूल से आई-इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ सकता है?

जवाब- हां, गर्मियों में ज्यादा पसीना, धूल और भीड़ के कारण आंखों की संवेदनशीलता बढ़ जाती है।

  • स्विमिंग पूल का पानी अगर ठीक से साफ न किया जाए तो इसमें बैक्टीरिया और वायरस बढ़ सकते हैं।
  • ये बैक्टीरिया आंख की बाहरी परत (कंजक्टाइवा) में सूजन पैदा कर सकते हैं।
  • इससे जलन, रेडनेस, खुजली और आंखों से पानी आने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
  • गंदे या ओवरक्राउडेड पूल में संक्रमण फैलने की आशंका ज्यादा होती है।
  • कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर तैरने से ये रिस्क और बढ़ जाता है।

सवाल- स्विमिंग पूल का पानी आंखों को नुकसान क्यों पहुंचाता है?

जवाब- इसमें मौजूद केमिकल्स और बैक्टीरिया आंखों को नुकसान पहुंचाते हैं। विस्तार से समझिए-

क्लोरीन- पानी को डिसइन्फेक्ट करने के लिए स्विमिंग पूल में क्लोरीन डाली जाती है, लेकिन यह आंखों की नेचुरल प्रोटेक्शन लेयर को ब्रेक कर सकती है। इससे आंखों में ड्राईनेस, जलन और अस्थायी धुंधलापन हो सकता है।

अन्य केमिकल्स- पानी का pH (ताकि पानी एसिडिक या बेसिक न हो) बैलेंस बनाए रखने वाले केमिकल्स कॉर्निया को इरिटेट कर सकते हैं। इस तरह के केमिकल के ज्यादा एक्सपोजर से आंखों में जलन महसूस होती है।

बैक्टीरिया- जिन स्विमिंग पूल का मेंटेनेंस खराब है, उनमें बैक्टीरिया, फंगस या प्रोटोजोआ हो सकते हैं। ये आंखों को संक्रमित कर सूजन पैदा करते हैं। लंबे समय तक एक्सपोजर से इन्फेक्शन या एलर्जिक रिएक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

सवाल- वाटर पार्क में नहाने पर संक्रमण का रिस्क ज्यादा क्यों होता है?

जवाब- वाटर पार्क में एक साथ कई लोग नहाते हैं, जिससे बैक्टीरिया-वायरस तेजी से फैलते हैं। अगर पानी सही तरीके से फिल्टर नहीं होता, तो गंदगी और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। पानी को डिसइन्फेक्ट न करने पर संक्रमण का खतरा बढ़ता है। खुले घाव, आंख-कान या स्किन के जरिए ये शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

सवाल- कैसे पहचानें कि स्विमिंग पूल एक्सपोजर के कारण आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। किन संकेतों को इग्नोर न करें?

जवाब- स्विमिंग पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन, केमिकल्स और बैक्टीरिया आंखों की बाहरी परत (कंजक्टाइवा व कॉर्निया) को इरिटेट कर सकते हैं। इसलिए ग्राफिक में दिए संकेतों को इग्नोर न करें-

सवाल- कुछ लोगों की आंखें ज्यादा संवेदनशील होती हैं। किन लोगों को स्विमिंग पूल में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

जवाब- वैसे तो स्विमिंग पूल में देर तक नहाना हर किसी के लिए नुकसानदायक है। लेकिन जिनकी आंखें ज्यादा सेंसिटिव होती हैं, उन्हें ये रिस्क ज्यादा होता है। नीचे ग्राफिक में देखिए किन लोगाें को रिस्क ज्यादा होता है-

सवाल- क्या कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर स्विमिंग करने से इन्फेक्शन का खतरा और बढ़ सकता है?

जवाब- कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर स्विमिंग करने से आंखों में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

  • पूल के पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस या अमीबा लेंस पर चिपक सकते हैं।
  • लेंस आंख और पानी के बीच माइक्रोब्स को फंसा देता है, जिससे संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
  • क्लोरीन और अन्य केमिकल्स लेंस की सतह को नुकसान पहुंचाकर आंखों में इरिटेशन बढ़ाते हैं।
  • इससे कंजक्टिवाइटिस या कॉर्नियल इंफेक्शन का जोखिम हो सकता है।
  • इसलिए स्विमिंग से पहले लेंस निकालना या वॉटर-टाइट स्विमिंग गॉगल्स पहनना सुरक्षित विकल्प है।

सवाल- स्विमिंग के दौरान कौन-सी कॉमन गलतियां आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं?

जवाब- स्विमिंग के दौरान लोग मौज-मस्ती के चक्कर में कुछ गलतियां करते हैं, जो आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं-

  • बिना प्रोटेक्टिव गॉगल्स के तैरने से आंखों का पानी से सीधा संपर्क बढ़ जाता है।
  • बार-बार आंखें रगड़ने से कॉर्निया पर माइक्रो-इंजरी और संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
  • स्विमिंग के बाद आंखों को साफ पानी से न धोने के कारण भी नुकसान हो सकता है।

सभी गलतियां ग्राफिक में देखिए-

सवाल- आंखों की सेफ्टी के लिए स्विमिंग से पहले, स्विमिंग के दौरान और स्विमिंग के बाद क्या करना चाहिए?

जवाब- नीचे पॉइंटर्स से समझें–

  • स्विमिंग से पहले साफ और सही फिटिंग वाले वॉटर-टाइट गॉगल्स पहनें।
  • आई-मेकअप या ऑयली क्रीम हटाकर तैरें, ताकि केमिकल रिएक्शन कम हो।
  • स्विमिंग पूल में अनावश्यक पानी के छींटों से आंखों को बचाएं।
  • स्विमिंग के बाद आंखों को ठंडे, साफ पानी से हल्के से धोएं।
  • जरूरत हो तो लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स इस्तेमाल करें।
  • नहाने के बाद शरीर पोछने के लिए अपना पर्सनल तौलिया रखें।
  • भीड़ या गंदगी दिखे तो स्विमिंग न करना ही बेहतर है।

ग्राफिक में सभी सेफ्टी टिप्स देखिए-

सवाल- अगर स्विमिंग के बाद आंखों में जलन, धुंधलापन या सूजन महसूस हो तो तुरंत क्या करें?

जवाब- सबसे पहले आंखों को 5–10 मिनट तक साफ, ठंडे पानी से धोएं।

  • आंखों को रगड़ने या जोर से दबाने से बचें। इससे सतह को नुकसान हो सकता है।
  • कुछ देर के लिए स्क्रीन, धूप और तेज रोशनी से दूर रहें।
  • आराम देने के लिए 10 मिनट तक ठंडी पट्टी (कोल्ड कम्प्रेस) लगा सकते हैं।
  • कॉन्टैक्ट लेंस लगे हों तो तुरंत निकाल दें और साफ केस में रखें।
  • आर्टिफिशियल टीयर्स ड्रॉप्स से ड्राईनेस व इरिटेशन कम हो सकता है।
  • लक्षण बने रहें तो मेडिकल सलाह लेना जरूरी है।

सवाल- डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी है?

जवाब- कुछ स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है-

  • अगर आंखों में दर्द 24-48 घंटे से ज्यादा बना रहे।
  • लालिमा या सूजन धीरे-धीरे बढ़ती जाए या एक आंख से दूसरी में फैलने लगे।
  • अचानक विजन कम हो या लगातार धुंधलापन महसूस हो।
  • आंख से पीला/हरा डिस्चार्ज आए या पलकें चिपकने लगें।
  • रोशनी सहन न हो और सिरदर्द या मतली महसूस हो।
  • कॉर्निया पर सफेद धब्बा या स्पॉट नजर आए।
  • अगर पहले से एलर्जी, ड्राई-आई या आई-सर्जरी की हिस्ट्री हो तो जल्दी जांच कराएं।

सवाल- एक्सपर्ट के मुताबिक स्विमिंग करने वालों के लिए आई-केयर के सबसे जरूरी टिप्स क्या हैं?

जवाब- नीचे पॉइंटर्स में देखें–

  • हमेशा UV-प्रोटेक्टेड, एंटी-फॉग स्विमिंग गॉगल्स का इस्तेमाल करें।
  • पूल की हाइजीन और मेंटेनेंस स्टेटस देखकर ही तैरने का फैसला लें।
  • आंखों को ड्राईनेस से बचाने के लिए स्विमिंग के बाद पर्याप्त पानी पिएं।
  • बार-बार आंखों में इरिटेशन हो तो प्रोफिलैक्टिक लुब्रिकेंट ड्रॉप्स डालें।
  • अपनी पर्सनल आई-हाइजीन किट (तौलिया, आई-ड्रॉप्स) अलग रखें।
  • स्विमिंग से जुड़े आई-सिम्पटम्स का रिकॉर्ड रखें, ताकि डॉक्टर को सही जानकारी मिल सके।
  • बच्चों और सेंसिटिव आंखों वाले लोगों के लिए एक्सपोजर टाइम सीमित रखें।

……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- आयरन डेफिशिएंसी के 12 संकेत: न करें इग्नोर, हो सकता है एनीमिया, इंफेक्शन, डाइट में शामिल करें रेड लीफी ग्रीन्स

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 5 (NFHS-5) के मुताबिक, भारत में 15-49 साल की लगभग 57-59% महिलाओं को एनीमिया यानी खून की कमी है। एनीमिया की मुख्य वजह है- आयरन की कमी। आयरन शरीर के लिए क्रिटिकल (बेहद जरूरी) मिनरल है। आगे पढ़िए…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.