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अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर नया बिल पेश:भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों प्रवासियों को हो सकता है फायदा

अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर नया बिल पेश:भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों प्रवासियों को हो सकता है फायदा

अमेरिका में डेमोक्रेटिक सीनेटर एलेक्स पडिला ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसके तहत सात साल से लगातार अमेरिका में रह रहे प्रवासी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रस्तावित कानून से भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों लोगों को फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, रिपब्लिकन विरोध के कारण इसके पारित होने की राह आसान नहीं मानी जा रही है। क्या है प्रस्तावित विधेयक रिन्यूइंग इमिग्रेशन प्रोविजंस ऑफ द इमिग्रेशन एक्ट 1929 नाम के इस विधेयक के तहत ऐसे प्रवासी जो कम से कम सात वर्ष से लगातार अमेरिका में रह रहे हैं, ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उसे ग्रीन कार्ड की अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी। भारतीय H-1B वीजाधारकों के लिए क्यों अहम है प्रस्ताव यह प्रस्ताव भारतीय पेशेवरों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि अमेरिका में H-1B वीजा धारकों का बड़ा हिस्सा भारतीयों का है। रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर लागू देशवार वार्षिक सीमा (Per-Country Cap) के कारण उन्हें स्थायी निवास के लिए कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो सात वर्ष से लगातार अमेरिका में रह रहे पात्र H-1B वीजाधारकों को ग्रीन कार्ड पाने का एक वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है। इससे वे लोग भी लाभान्वित हो सकते हैं, जो वर्षों से अस्थायी वर्क वीजा का नवीनीकरण कराते हुए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, लंबे समय से वीजा पर रह रहे लोगों के 21 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों, ड्रीमर्स (Dreamers), टेम्पररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (TPS) धारकों, आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों और अन्य उच्च कौशल वाले पेशेवरों को भी इस प्रस्ताव से राहत मिल सकती है। सीनेटर एलेक्स पडिला के कार्यालय के अनुसार, इस विधेयक से 80 लाख से अधिक लोगों को फायदा हो सकता है। कानून में क्या बदलाव होगा विधेयक इमिग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट के सेक्शन 249 (रजिस्ट्री) में संशोधन का प्रस्ताव देता है। वर्तमान में इस प्रावधान का लाभ केवल उन लोगों को मिल सकता है जो 1 जनवरी 1972 से पहले अमेरिका में रह रहे हों। नया प्रस्ताव इस निश्चित तारीख को हटाकर सात साल के निरंतर निवास की शर्त लागू करेगा। कानून बनने के 60 दिन बाद यह व्यवस्था प्रभावी होगी। राजनीतिक समर्थन, लेकिन राह आसान नहीं इस विधेयक का नेतृत्व सीनेटर एलेक्स पडिला के साथ सीनेट के डेमोक्रेटिक व्हिप डिक डर्बिन कर रहे हैं। इसे 14 डेमोक्रेटिक सीनेटरों का समर्थन प्राप्त है, जबकि प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में इसी तरह का विधेयक सांसद जोई लोफग्रेन ने पेश किया है। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के विरोध के कारण इसके कानून बनने की राह फिलहाल चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।

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