Thursday, 29 Oct 2026 | 12:34 PM

Trending :

EXCLUSIVE

IIT खड़गपुर में बनेगा देश का पहला AI स्कूल:35 करोड़ खर्च, IISER पुणे, IIM बैंगलोर ने जारी की नई पॉलिसी

IIT खड़गपुर में बनेगा देश का पहला AI स्कूल:35 करोड़ खर्च,  IISER पुणे, IIM बैंगलोर ने जारी की नई पॉलिसी

IIT खड़गपुर देश का पहला AI स्कूल खोलने जा रहा है। इसके लिए संस्थान ने अपने पूर्व छात्र विनोद गुप्ता और IIT खड़गपुर फाउंडेशन अमेरिका के साथ MoU साइन किया है। इसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रिसर्च, इंटरडिसिप्लिनरी एजुकेशन और AI टेक्निक के डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है। AI स्कूल बनाने में 35 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। ऐसे मिलेगा 35 करोड़ का फंड 35 करोड़ के फंड में से 12.5 करोड़ का योगदान विनोद गुप्ता का परिवार देगा। विनोद गुप्ता भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी हैं। उन्होंने अमेरिका में बिजनेस-डेटा कंपनी InfoUSA की स्थापना की। वे शिक्षा के क्षेत्र में दिए योगदान के लिए पहचाने जाते हैं। IIT खड़गपुर में उन्होंने पहले भी मैनेजमेंट एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूशन की स्थापना में आर्थिक सहयोग दिया है। बेंजामिन गुप्ता के नाम पर रखा जाएगा नाम विनोद गुप्ता के अलावा 10 करोड़ रुपये का योगदान एक पूर्व छात्र की तरफ से दिया गया है। इस छात्र ने अपना नाम न बताने का फैसला किया है। इसके बाद बची हुई राशि IIT खड़गपुर की तरफ से दी जाएगी। इस स्कूल का नाम विनोद गुप्ता के दिवंगत बेटे बेंजामिन गुप्ता की याद में ‘बेंजामिन गुप्ता स्कूल ऑफ फिजिकल AI’ रखा जाएगा। बेंजामिन द जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में संयुक्त JD/MBA कोर्स कर रहे थे। वे अमेरिकी प्रतिनिधि रहम इमैनुएल और अमेरिकी विदेश विभाग से जुड़े हुए थे। उनका 28 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। फिजिकल AI पर आधारित भारत का पहला स्कूल IIT खड़गपुर के इस स्कूल को फिजिकल AI पर आधारित भारत के पहले एकेडमिक इंस्टीट्यूशन के रूप में पेश किया जाएगा। यह रियल वर्ल्ड के माहौल को समझने के साथ ही उसका पूर्वानुमान लगा सकता है। साथ ही उसे नियंत्रित कर सकता है। ये स्कूल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी को फिजिक्स, इंजीनियरिंग, बायोलॉजिकल सिस्टम और स्पेशलाइज्ड साइंटिफिक नॉलेज के साथ जोड़ने पर फोकस्ड रहेगा। इसके रिसर्च एरिया में फिजिक्स आधारित मशीन लर्निंग, साइंटिफिक AI, डिजिटल ट्विन्स, इंटेलिजेंट रोबोटिक्स, ऑटोनोमस सिस्टम्स, एडवांस्ड सेंसिंग कंप्यूटेशनल इंजीनियरिंग और AI इनेबल्ड एक्सपेरिमेंट शामिल हैं। IIT खड़गपुर के AI स्कूल में हाइब्रिड मोड में मास्टर डिग्री, प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन और प्रोफेशनल्स के लिए ट्रेनिंग शामिल हो सकती है। इसकी शुरुआत अगले सेशन से होने की संभवना है। IISER पुणे की पहल
IIT खड़गपुर की तरह देशभर के कई हाई एजुकेशन इंस्टीट्यूट AI को नए लेवल तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके तहत पुणे स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER Pune) ने स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर नई पॉलिसी अपनाई है। IISER पुणे में स्टूडेंट्स AI का उपयोग तब तक सामान्य रूप से कर सकते हैं, जब तक टीचर या PhD सुपरवाइजर लिखित रूप से इस पर रोक न लगाए। यह नीति मार्च 2026 में संस्थान की सीनेट से मंजूर हुई थी और अप्रैल में चर्चा में आई। यहां स्टूडेंट्स के लिए AI का यूज करना या न करना उनके कोर्स पर डिपेंड करेगा। फिलहाल IISER पुणे में ज्यादातर क्विज और मिड-सेमेस्टर व एंड-सेमेस्टर एग्जाम AI के बिना ही आयोजित किए जाते हैं। IIM अहमदाबाद ने अपनाया केस स्टडी तरीका IIM अहमदाबाद में AI की वजह से फैकल्टी सदस्य मैनेजमेंट एजुकेशन के केस-स्टडी तरीके को फिर से अपना रहे हैं। यहां छात्र क्लासरूम में जाने से पहले, लंबे बिजनेस केस की समरी तैयार करने और उनका एनालिसिस करने के लिए ChatGPT और Gemini जैसे टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि AI की मदद से तैयार किए गए सवालों के जवाब या समरी सभी स्टूडेंट्स के लिए एक जैसी होती है। जिससे उनके स्कोर प्रभावित हो सकते हैं। इस संस्थान ने स्टूडेंट्स, फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्च एसोसिएट्स और अन्य के लिए 1500 AI टूल्स का लाइसेंस लिया है। IIM बैंगलोर में छात्रों ने बनाएं चैटबॉट IIM बैंगलोर ने स्टूडेंट्स के लिए AI के यूज को आगे बढ़ाते हुए छात्रों को परीक्षा में AI का उपयोग करने की अनुमति दी है। यहां इस साल जून-जुलाई सेशन के दौरान, कोर बिजनेस एनालिटिक्स और जनरल MBA इलेक्टिव समूहों के 78 MBA छात्रों ने जेनरेटिव AI से जुड़े मिडटर्म सवालों के जवाब देने के लिए खुद के चैटबॉट बनाए। द इंडियन स्कूल बिजनेस ऑफ हैदराबाद और मोहाली में फैकल्टी तय करती है कि स्टूडेंट्स को किस कोर्स, एसाइनमेंट्स, ग्रुप प्रोजेक्ट्स और रिसर्च में AI की परमिशन दी जाना चाहिए और किस कोर्स के लिए नहीं। सर्वे में सामने आए दोहरे नतीजे यूके में ‘हायर एजुकेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट’ (HEPI) के ‘स्टूडेंट जेनरेटिव AI सर्वे 2026’ के अनुसार AI से जुड़े स्टूडेंट्स के एक्सपीरियंस में बड़ा अंतर सामने आया है। कुछ छात्रों के लिए AI उनकी सोचने की क्षमता बढ़ाता है, वहीं कई स्टूडेंट्स के लिए यह एक ऐसे सहारे की तरह काम करता है जिसके बिना वे कोई प्रोजेक्ट या पढ़ाई ठीक तरह से नहीं कर पाते। इसलिए, उच्च शिक्षा संस्थानों को AI से संबंधित ऐसे नियम बनाना चाहिए जो स्टूडेंट्स के लिए सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाए। भारत के अलावा अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, चीन में AI स्कूल हैं। हालांकि ये पूरी तरह AI बेस्ड नहीं हैं बल्कि इन स्कूलों में AI की पढ़ाई टीचर द्वारा ही कराई जाती है।
————————————————————————- ये खबर भी पढ़ें IIT रोपड़ ने बिना थीसिस वाला PhD प्रोग्राम लॉन्च किया:अब अपना स्टार्टअप मॉडल दिखाकर सीधे ले सकेंगे डिग्री IIT रोपड़, पंजाब ने PhD स्टूडेंट्स के लिए एक मॉडल तैयार किया है। जिसमें स्टूडेंट्स को अब सालों तक लंबी थीसिस लिखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, इसके बजाय एक अपने ही प्रोडक्ट को बेचकर, उसका प्राफिट इंस्टीट्यूट को दिखाकर डिग्री हासिल कर सकते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
कानूनी पचड़े में फंसी फिल्म धुरंधर 2:त्रिमूर्ति फिल्म्स ने मुकदमा दायर किया, गाने रंग दे लाल को लेकर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया

April 9, 2026/
12:02 pm

प्रोडक्शन कंपनी त्रिमूर्ति फिल्म्स ने फिल्ममेकर आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस B62 स्टूडियोज के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का केस दायर...

मंडला में अगले दो दिन चलेगी लू:तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, सड़कों पर दिन में आवाजाही कम

April 16, 2026/
4:28 pm

मंडला जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान...

The US-Israeli war on Iran has affected international flights. (Reuters)

March 14, 2026/
9:26 am

आखरी अपडेट:14 मार्च, 2026, 09:26 IST यह आउटरीच आरएसएस के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रव्यापी अभियान...

टीम से बाहर होने के बाद सूर्या का पहला रिएक्शन:स्क्वाड को ‘ऑल द बेस्ट’ कहा; सूर्यवंशी के लिए लिखा- आपने यह मौका कमाया

June 6, 2026/
5:28 pm

भारतीय टी-20 टीम से बाहर किए जाने के बाद सूर्यकुमार यादव का सोशल मीडिया के जरिए पहला रिएक्शन आया है।...

रायसेन में आंधी-तूफान से बिजली गुल, पोल गिरे:दिन के तापमान में 3 और रात में 8 डिग्री की गिरावट से राहत, किसानों की उपज पर संकट

May 1, 2026/
10:56 am

रायसेन में गुरुवार रात 11 बजे तेज आंधी तूफान से बिजली गुल हो गई और ग्रामीण इलाकों में बिजली के...

Jos Buttler of Gujarat Titans bat/ during Match 56 of the TATA Indian Premier League 2026 between Gujarat Titans and Sunrisers Hyderabad at Narendra Modi Stadium, Ahmedabad, India, on May 12, 2026.Photo by Surjeet Yadav / CREIMAS for IPL

May 12, 2026/
7:57 pm

आखरी अपडेट:12 मई, 2026, 19:57 IST विजय ने आधिकारिक तौर पर अपने निजी ज्योतिषी, रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को ‘मुख्यमंत्री...

हिमाचल में चिट्टा तस्करों के पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक:प्रधान की जाएगी कुर्सी, सरकार ने कानून बदला; डिफाल्टर-ऑडिट रिकवरी वाले भी अयोग्य

April 2, 2026/
9:02 am

हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी में शामिल लोग पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। विधानसभा में आज (गुरुवार को) हिमाचल प्रदेश...

राजनीति

IIT खड़गपुर में बनेगा देश का पहला AI स्कूल:35 करोड़ खर्च, IISER पुणे, IIM बैंगलोर ने जारी की नई पॉलिसी

IIT खड़गपुर में बनेगा देश का पहला AI स्कूल:35 करोड़ खर्च,  IISER पुणे, IIM बैंगलोर ने जारी की नई पॉलिसी

IIT खड़गपुर देश का पहला AI स्कूल खोलने जा रहा है। इसके लिए संस्थान ने अपने पूर्व छात्र विनोद गुप्ता और IIT खड़गपुर फाउंडेशन अमेरिका के साथ MoU साइन किया है। इसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रिसर्च, इंटरडिसिप्लिनरी एजुकेशन और AI टेक्निक के डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है। AI स्कूल बनाने में 35 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। ऐसे मिलेगा 35 करोड़ का फंड 35 करोड़ के फंड में से 12.5 करोड़ का योगदान विनोद गुप्ता का परिवार देगा। विनोद गुप्ता भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी हैं। उन्होंने अमेरिका में बिजनेस-डेटा कंपनी InfoUSA की स्थापना की। वे शिक्षा के क्षेत्र में दिए योगदान के लिए पहचाने जाते हैं। IIT खड़गपुर में उन्होंने पहले भी मैनेजमेंट एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूशन की स्थापना में आर्थिक सहयोग दिया है। बेंजामिन गुप्ता के नाम पर रखा जाएगा नाम विनोद गुप्ता के अलावा 10 करोड़ रुपये का योगदान एक पूर्व छात्र की तरफ से दिया गया है। इस छात्र ने अपना नाम न बताने का फैसला किया है। इसके बाद बची हुई राशि IIT खड़गपुर की तरफ से दी जाएगी। इस स्कूल का नाम विनोद गुप्ता के दिवंगत बेटे बेंजामिन गुप्ता की याद में ‘बेंजामिन गुप्ता स्कूल ऑफ फिजिकल AI’ रखा जाएगा। बेंजामिन द जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में संयुक्त JD/MBA कोर्स कर रहे थे। वे अमेरिकी प्रतिनिधि रहम इमैनुएल और अमेरिकी विदेश विभाग से जुड़े हुए थे। उनका 28 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। फिजिकल AI पर आधारित भारत का पहला स्कूल IIT खड़गपुर के इस स्कूल को फिजिकल AI पर आधारित भारत के पहले एकेडमिक इंस्टीट्यूशन के रूप में पेश किया जाएगा। यह रियल वर्ल्ड के माहौल को समझने के साथ ही उसका पूर्वानुमान लगा सकता है। साथ ही उसे नियंत्रित कर सकता है। ये स्कूल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी को फिजिक्स, इंजीनियरिंग, बायोलॉजिकल सिस्टम और स्पेशलाइज्ड साइंटिफिक नॉलेज के साथ जोड़ने पर फोकस्ड रहेगा। इसके रिसर्च एरिया में फिजिक्स आधारित मशीन लर्निंग, साइंटिफिक AI, डिजिटल ट्विन्स, इंटेलिजेंट रोबोटिक्स, ऑटोनोमस सिस्टम्स, एडवांस्ड सेंसिंग कंप्यूटेशनल इंजीनियरिंग और AI इनेबल्ड एक्सपेरिमेंट शामिल हैं। IIT खड़गपुर के AI स्कूल में हाइब्रिड मोड में मास्टर डिग्री, प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन और प्रोफेशनल्स के लिए ट्रेनिंग शामिल हो सकती है। इसकी शुरुआत अगले सेशन से होने की संभवना है। IISER पुणे की पहल
IIT खड़गपुर की तरह देशभर के कई हाई एजुकेशन इंस्टीट्यूट AI को नए लेवल तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके तहत पुणे स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER Pune) ने स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर नई पॉलिसी अपनाई है। IISER पुणे में स्टूडेंट्स AI का उपयोग तब तक सामान्य रूप से कर सकते हैं, जब तक टीचर या PhD सुपरवाइजर लिखित रूप से इस पर रोक न लगाए। यह नीति मार्च 2026 में संस्थान की सीनेट से मंजूर हुई थी और अप्रैल में चर्चा में आई। यहां स्टूडेंट्स के लिए AI का यूज करना या न करना उनके कोर्स पर डिपेंड करेगा। फिलहाल IISER पुणे में ज्यादातर क्विज और मिड-सेमेस्टर व एंड-सेमेस्टर एग्जाम AI के बिना ही आयोजित किए जाते हैं। IIM अहमदाबाद ने अपनाया केस स्टडी तरीका IIM अहमदाबाद में AI की वजह से फैकल्टी सदस्य मैनेजमेंट एजुकेशन के केस-स्टडी तरीके को फिर से अपना रहे हैं। यहां छात्र क्लासरूम में जाने से पहले, लंबे बिजनेस केस की समरी तैयार करने और उनका एनालिसिस करने के लिए ChatGPT और Gemini जैसे टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि AI की मदद से तैयार किए गए सवालों के जवाब या समरी सभी स्टूडेंट्स के लिए एक जैसी होती है। जिससे उनके स्कोर प्रभावित हो सकते हैं। इस संस्थान ने स्टूडेंट्स, फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्च एसोसिएट्स और अन्य के लिए 1500 AI टूल्स का लाइसेंस लिया है। IIM बैंगलोर में छात्रों ने बनाएं चैटबॉट IIM बैंगलोर ने स्टूडेंट्स के लिए AI के यूज को आगे बढ़ाते हुए छात्रों को परीक्षा में AI का उपयोग करने की अनुमति दी है। यहां इस साल जून-जुलाई सेशन के दौरान, कोर बिजनेस एनालिटिक्स और जनरल MBA इलेक्टिव समूहों के 78 MBA छात्रों ने जेनरेटिव AI से जुड़े मिडटर्म सवालों के जवाब देने के लिए खुद के चैटबॉट बनाए। द इंडियन स्कूल बिजनेस ऑफ हैदराबाद और मोहाली में फैकल्टी तय करती है कि स्टूडेंट्स को किस कोर्स, एसाइनमेंट्स, ग्रुप प्रोजेक्ट्स और रिसर्च में AI की परमिशन दी जाना चाहिए और किस कोर्स के लिए नहीं। सर्वे में सामने आए दोहरे नतीजे यूके में ‘हायर एजुकेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट’ (HEPI) के ‘स्टूडेंट जेनरेटिव AI सर्वे 2026’ के अनुसार AI से जुड़े स्टूडेंट्स के एक्सपीरियंस में बड़ा अंतर सामने आया है। कुछ छात्रों के लिए AI उनकी सोचने की क्षमता बढ़ाता है, वहीं कई स्टूडेंट्स के लिए यह एक ऐसे सहारे की तरह काम करता है जिसके बिना वे कोई प्रोजेक्ट या पढ़ाई ठीक तरह से नहीं कर पाते। इसलिए, उच्च शिक्षा संस्थानों को AI से संबंधित ऐसे नियम बनाना चाहिए जो स्टूडेंट्स के लिए सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाए। भारत के अलावा अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, चीन में AI स्कूल हैं। हालांकि ये पूरी तरह AI बेस्ड नहीं हैं बल्कि इन स्कूलों में AI की पढ़ाई टीचर द्वारा ही कराई जाती है।
————————————————————————- ये खबर भी पढ़ें IIT रोपड़ ने बिना थीसिस वाला PhD प्रोग्राम लॉन्च किया:अब अपना स्टार्टअप मॉडल दिखाकर सीधे ले सकेंगे डिग्री IIT रोपड़, पंजाब ने PhD स्टूडेंट्स के लिए एक मॉडल तैयार किया है। जिसमें स्टूडेंट्स को अब सालों तक लंबी थीसिस लिखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, इसके बजाय एक अपने ही प्रोडक्ट को बेचकर, उसका प्राफिट इंस्टीट्यूट को दिखाकर डिग्री हासिल कर सकते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.