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60% of Americans want to start their own business.

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द इकोनॉमिस्ट14 मिनट पहले

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सर्वेक्षण के अनुसार अपना व्यवसाय शुरू करने के ‎लिए एआई का उपयोग करने वाले लोगों की हिस्सेदारी‎ 2023 और 2025 के बीच दोगुनी होकर 60% हो गई है।- प्रतीकात्मक फोटो

अमेरिका में अपना कारोबार शुरू करने का‎ रुझान नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। 2025 में‎ पूर्णकालिक स्वरोजगार करने वालों की संख्या‎ बढ़कर 1.68 करोड़ हो गई, जो इस सदी का‎ सबसे ऊंचा स्तर है। 2024 की शुरुआत से हर‎ महीने औसतन 4.66 लाख नए बिजनेस‎ आवेदन आ रहे हैं। जून 2026 में यह आंकड़ा‎ बढ़कर 5.31 लाख पहुंच गया, जो 2019 के‎ मासिक औसत का लगभग दोगुना है।‎

यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि‎1910 में 36% अमेरिकी स्वरोजगार करते थे,‎लेकिन 2020 तक उनका हिस्सा घटकर 10%‎ से भी कम रह गया था। अब यह रुझान फिर‎ तेजी से पलटा है। गैलप के अनुसार, करीब‎ 60% अमेरिकी आज भी नौकरी करने के‎ बजाय अपना व्यवसाय शुरू करना पसंद करते‎ हैं। इस बदलाव की नींव कोविड-19 महामारी‎ के दौरान पड़ी, जब नौकरी गंवाने वाले लाखों‎ लोगों ने स्वरोजगार का रास्ता चुना। फेडरल‎ सरकार के प्रोत्साहन पैकेज, ई-कॉमर्स के‎ विस्तार और बाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस‎(एआई) ने भी नया कारोबार शुरू करना‎ आसान बना दिया। विशेषज्ञ इसके पीछे तीन‎ प्रमुख कारण मानते हैं।‎

पहला कारण, रोजगार बाजार का बेहद ‎चुनौतीपूर्ण होना है। फेडरल रिजर्व बैंक के‎ अनुसार, नौकरी मिलने में कठिनाई ने लोगों को‎ उद्यमिता की ओर प्रेरित किया है।

दूसरा उपभोग के बदलते पैटर्न हैं। बुजुर्ग‎ आबादी बढ़ने से उनकी देखभाल से जुड़े‎ कारोबार तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बेहतर एल्गोरिदम ने छोटे‎ कारोबारियों के लिए अलग उत्पाद बेचकर ‎ग्राहकों तक पहुंचना आसान बना दिया है।‎

तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण‎ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को माना ‎जा रहा है। एआई चैटबॉट्स ने वेबसाइट बनाना,‎स्थानीय नियम समझना और कई प्रशासनिक ‎काम बेहद आसान कर दिए हैं। हालांकि, एआई‎ के असर को लेकर विशेषज्ञों में मतभेद भी हैं।‎ स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की प्रमुख केली‎लोफ्लर का मानना है कि एआई छोटे कारोबारों ‎को अधिक सक्षम बनाएगा और वे आगे चलकर‎ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देंगे। अर्थशास्त्री‎ आरोन टेराजास के अनुसार, एआई से पैदा होने‎ वाला सबसे बड़ा आर्थिक लाभ बड़ी कंपनियों‎ के बजाय छोटे कारोबारियों और छोटे शहरों के ‎पेशेवरों तक पहुंच सकता है।‎

तीन कारणों से बढ़‎ रही है उद्यमिता‎

– सरकार नया बिजनेस शुरू ‎करने के लिए कई तरह की‎ सुविधाएं दे रही है।‎ – बुजुर्गों की आबादी बढ़ने के‎ कारण उनसे संबंधित कारोबार‎ लगातार बढ़ रहे हैं।‎‎ – एआई के कारण कारोबार‎ करना आसान होता जा रहा है।‎

दोगुना बढ़ा एआई का उपयोग‎

एक सर्वेक्षण के अनुसार अपना व्यवसाय शुरू करने के ‎लिए एआई का उपयोग करने वाले लोगों की हिस्सेदारी‎ 2023 और 2025 के बीच दोगुनी होकर 60% हो गई है।‎ एआई उन बाधाओं को कम करता है, जो पहले लोगों को‎ अपना काम शुरू करने से रोकती थीं। स्ट्राइप कंपनी के‎ अर्थशास्त्रियों का तर्क है कि एआई उस क्षमता की कमी‎ को भर रहा है, जिसने कभी भर्ती को आवश्यक बनाया था।‎

महामारी ने भी बदले हालात‎

कोविड -19 महामारी ने स्वरोजगार करने वालों की‎ संख्या बढ़ाई है। पहले लोग बड़ी कंपनियों में सवैतनिक‎ नौकरी को ज्यादा अहमियत देते थे। रोजगार के मुख्य‎ स्रोत बड़े कॉर्पोरेशन थे। थिंक टैंक अमेरिकन‎ एंटरप्राइजेज इंस्टीट्यूट के अनुसार 1910 से लेकर‎ 2020 तक स्वरोजगार करने वाले अमेरिकियों की‎ संख्या में करीब 26 प्रतिशत की कमी आ गई थी,‎ लेकिन इसके बाद के वर्षों में तेजी से वृद्धि हुई है।‎

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अमेरिका में अपना कारोबार शुरू करने का‎ रुझान नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। 2025 में‎ पूर्णकालिक स्वरोजगार करने वालों की संख्या‎ बढ़कर 1.68 करोड़ हो गई, जो इस सदी का‎ सबसे ऊंचा स्तर है। 2024 की शुरुआत से हर‎ महीने औसतन 4.66 लाख नए बिजनेस‎ आवेदन आ रहे हैं। जून 2026 में यह आंकड़ा‎ बढ़कर 5.31 लाख पहुंच गया, जो 2019 के‎ मासिक औसत का लगभग दोगुना है।‎

यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि‎1910 में 36% अमेरिकी स्वरोजगार करते थे,‎लेकिन 2020 तक उनका हिस्सा घटकर 10%‎ से भी कम रह गया था। अब यह रुझान फिर‎ तेजी से पलटा है। गैलप के अनुसार, करीब‎ 60% अमेरिकी आज भी नौकरी करने के‎ बजाय अपना व्यवसाय शुरू करना पसंद करते‎ हैं। इस बदलाव की नींव कोविड-19 महामारी‎ के दौरान पड़ी, जब नौकरी गंवाने वाले लाखों‎ लोगों ने स्वरोजगार का रास्ता चुना। फेडरल‎ सरकार के प्रोत्साहन पैकेज, ई-कॉमर्स के‎ विस्तार और बाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस‎(एआई) ने भी नया कारोबार शुरू करना‎ आसान बना दिया। विशेषज्ञ इसके पीछे तीन‎ प्रमुख कारण मानते हैं।‎

पहला कारण, रोजगार बाजार का बेहद ‎चुनौतीपूर्ण होना है। फेडरल रिजर्व बैंक के‎ अनुसार, नौकरी मिलने में कठिनाई ने लोगों को‎ उद्यमिता की ओर प्रेरित किया है।

दूसरा उपभोग के बदलते पैटर्न हैं। बुजुर्ग‎ आबादी बढ़ने से उनकी देखभाल से जुड़े‎ कारोबार तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बेहतर एल्गोरिदम ने छोटे‎ कारोबारियों के लिए अलग उत्पाद बेचकर ‎ग्राहकों तक पहुंचना आसान बना दिया है।‎

तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण‎ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को माना ‎जा रहा है। एआई चैटबॉट्स ने वेबसाइट बनाना,‎स्थानीय नियम समझना और कई प्रशासनिक ‎काम बेहद आसान कर दिए हैं। हालांकि, एआई‎ के असर को लेकर विशेषज्ञों में मतभेद भी हैं।‎ स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की प्रमुख केली‎लोफ्लर का मानना है कि एआई छोटे कारोबारों ‎को अधिक सक्षम बनाएगा और वे आगे चलकर‎ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देंगे। अर्थशास्त्री‎ आरोन टेराजास के अनुसार, एआई से पैदा होने‎ वाला सबसे बड़ा आर्थिक लाभ बड़ी कंपनियों‎ के बजाय छोटे कारोबारियों और छोटे शहरों के ‎पेशेवरों तक पहुंच सकता है।‎

तीन कारणों से बढ़‎ रही है उद्यमिता‎

– सरकार नया बिजनेस शुरू ‎करने के लिए कई तरह की‎ सुविधाएं दे रही है।‎ – बुजुर्गों की आबादी बढ़ने के‎ कारण उनसे संबंधित कारोबार‎ लगातार बढ़ रहे हैं।‎‎ – एआई के कारण कारोबार‎ करना आसान होता जा रहा है।‎

दोगुना बढ़ा एआई का उपयोग‎

एक सर्वेक्षण के अनुसार अपना व्यवसाय शुरू करने के ‎लिए एआई का उपयोग करने वाले लोगों की हिस्सेदारी‎ 2023 और 2025 के बीच दोगुनी होकर 60% हो गई है।‎ एआई उन बाधाओं को कम करता है, जो पहले लोगों को‎ अपना काम शुरू करने से रोकती थीं। स्ट्राइप कंपनी के‎ अर्थशास्त्रियों का तर्क है कि एआई उस क्षमता की कमी‎ को भर रहा है, जिसने कभी भर्ती को आवश्यक बनाया था।‎

महामारी ने भी बदले हालात‎

कोविड -19 महामारी ने स्वरोजगार करने वालों की‎ संख्या बढ़ाई है। पहले लोग बड़ी कंपनियों में सवैतनिक‎ नौकरी को ज्यादा अहमियत देते थे। रोजगार के मुख्य‎ स्रोत बड़े कॉर्पोरेशन थे। थिंक टैंक अमेरिकन‎ एंटरप्राइजेज इंस्टीट्यूट के अनुसार 1910 से लेकर‎ 2020 तक स्वरोजगार करने वाले अमेरिकियों की‎ संख्या में करीब 26 प्रतिशत की कमी आ गई थी,‎ लेकिन इसके बाद के वर्षों में तेजी से वृद्धि हुई है।‎

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