Wednesday, 04 Nov 2026 | 06:25 PM

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Canada Portage College Students Protest

Canada Portage College Students Protest

प्रदर्शन के दौरान अपनी बात बताते हुए छात्रा रो पड़ी। उसने बताया कि उसके ससुराल वालों ने उसे जमीन बेचकर कनाडा भेजा था।

कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रहे पंजाबी छात्रों का आंदोलन में दर्द छलका है। पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के रिजेक्शन मिलने से स्टूडेंट्स 3 हफ्ते से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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छात्रों ने आंकड़े शेयर करते हुए बताया कि हालिया पोल्स के मुताबिक, 485 रिजेक्शन के मुकाबले 50 से भी कम अप्रूवल मिले हैं। जबकि, पोटाज कॉलेज ने एडमिशन के वक्त वादा किया था कि उन्हें PGWP मिलेगा और उनकी डिग्री वैध होगी। अब जब उनके लाखों रुपए कोर्स पर बर्बाद हो गए तो घर जाने के लिए कह रहे हैं।

पंजाब की एक छात्रा ने बताया- हालात ये हैं कि रेंट मांगकर भरना पड़ रहा है। 3 दिन भूखी रही। हफ्तों आटा नहीं आ पा रहा। मुझे भेजने के लिए ससुरालवालों ने जमीन तक बेच दी। 22 से 25 लाख रुपए बर्बाद हो गए। अब ससुराल वालों को क्या बताऊं, कैसे घर जाऊं? जो लोग सोचते हैं कि कनाडा में मजे हैं, वे देखे लें, ये यहां की कड़वी सच्चाई है।

एक अन्य स्टूडेंट ने बताया कि कनाडा में वर्क परमिट के चक्कर में वह दादा की मौत पर नहीं जा पाई। अब पैसा बर्बाद हो चुका है। घरवालों को क्या बताएं? यह कहते ही वह रोने लगी। पिता की मौत पर 1 साल पहले घर गई छात्रा को कनाडा इमिग्रेशन विभाग ने यह कहते हुए वर्क परमिट देने से इनकार कर दिया कि उसकी एंट्री 2024 में नहीं हुई है।

धरना दे रहे स्टूडेंट्स की ऐसी ही दर्द भरी कहानियां हैं। कुछ पर कर्ज का बोझ है तो कई पेरेंट्स को न बता पाने से डिप्रेशन में हैं। आइए जानते हैं, उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी…

कनाडा में कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करते प्रवासी छात्र।

सड़कों पर धरना दे रहे स्टूडेंट्स ने परेशानियां बताईं…

ससुरालवालों ने जमीन बेचकर भेजा, यहां भूखी रह रही हूं

अपना नाम न बताते हुए एक मैरिड छात्रा ने बताया कि वह 2 साल से ज्यादा वक्त से कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रही है। ससुराल वालों ने अपनी जमीन बेचकर उसे यहां भेजा था। अब इमिग्रेशन विभाग ने कहा कि उनकी डिग्री मान्य नहीं है।

छात्रा ने बताया- हालात ये हैं कि किराए तक के पैसे नहीं हैं। गैस स्टेशन पर काम तक नहीं मिल रहा। मैं 3 दिन भूखी रही। 7-7 दिन घर पर आटा नहीं आ रहा है। अब मैं अपने ससुरालवालों से क्या कहूं और उनका 22 लाख रुपए का कर्ज कैसे लौटाऊं? जब यहां कोई काम ही नहीं मिल रहा है। 32 हजार डॉलर फीस भरी गई। हम 24 घंटे नियमों और कायदों के दायरे में रहे और कभी कोई गलत काम नहीं किया। मुझे पता है कि उन्होंने फीस के पैसे कैसे जुटाए थे।

कनाडा में वर्क परमिट के लिए आंदोलन कर रहे छात्र।

कनाडा में वर्क परमिट के लिए आंदोलन कर रहे छात्र।

कॉलेज के खिलाफ वकील तक नहीं कर सकते

पंजाबी स्टूडेंट जशन सिंह ने बताया कि किसी को भी इस बात की उम्मीद नहीं थी। वह अपना 2 साल का डिप्लोमा पूरा कर वर्क परमिट के लिए आए थे, लेकिन हाल ही में नियम बदलने के कारण बड़ी संख्या में रिजेक्शन मिलने लगे हैं। उनका सवाल यह है कि अगर मंजूरी या रिजेक्शन मिल रहा है, तो वह किस आधार पर दिया जा रहा है?

जशन ने कहा- हम मुख्य कैंपस भी गए थे और इस मुद्दे पर बात की थी, लेकिन वहां से कोई समाधान नहीं मिला। कॉलेज प्रशासन का साफ कहना था कि वे न तो वकील कर सकते हैं और न ही किसी तरह की मदद कर सकते हैं।

दादा की मौत पर पंजाब नहीं जा पाई, यहां भी सब बर्बाद हो गया

पंजाबी छात्रा जसमीत कौर ने रोते हुए बताया कि वह यहां 3 साल पहले एल्गोमा यूनिवर्सिटी आई थी, लेकिन फीस ज्यादा होने के कारण उसने अपनी पढ़ाई बदल ली। उसने यहां सब पता किया था कि कोर्स के बाद PGWP मिलेगा और इसका भविष्य में अच्छा स्कोप है। 2 साल पढ़ाई करने के बाद अब सब कुछ बेकार लग रहा है।

जसमीत कौर ने कहा- मेरे लगभग 32 हजार डॉलर डूब गए हैं। इसी दौरान मेरे दादा की मौत हो गई। अगर मुझे पहले से पता होता कि ऐसा सब होने वाला है, तो मैं सब कुछ छोड़कर तुरंत वापस चली जाती, ताकि कम से कम आखिरी बार अपने दादा को देख पाती। अब न तो वे वापस आ सकते हैं और न ही पैसे वापस मिल सकते हैं।

जसमीत कौर और उसकी दोस्त अपने दादा की मौत के बारे में बताकर भावुक हो गई।

जसमीत कौर और उसकी दोस्त अपने दादा की मौत के बारे में बताकर भावुक हो गई।

कॉलेज की भेजी हुई ईमेल भी, फिर भी नहीं मान रहे

एक अन्य स्टूडेंट ने बताया कि उनके कॉलेज की तरफ से उन्हें साफ कहा गया था कि वे PGWP के लिए एलिजिबल हैं। इसके लिए उनके पास कॉलेज की भेजी हुई ईमेल भी है। कॉलेज ने उन्हें एक पत्र भी दिया था, ताकि वे उसका उपयोग कर वर्क परमिट ले सकें, लेकिन अब इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) उस पत्र को भी खारिज कर रही है और कह रही है कि यह मान्य कारण नहीं है। छात्र मई 2023 में पढ़ाई के लिए आए थे और जब नवंबर 2024 में नया नियम लागू हुआ, तब तक उनकी पढ़ाई लगभग पूरी हो चुकी थी।

आशीष बोले- सांसद और विधायक प्रदर्शन में साथ दें

स्टूडेंट आशीष बूरा ने कहा कि सभी छात्र आज अपनी मांग उठाने के लिए एकत्र हुए हैं। पहले वे सिटी हॉल गए थे, लेकिन वहां ज्यादा देर रुकने की अनुमति नहीं मिली, इसलिए फिर उन्होंने इस जगह पर इकट्ठा होने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि अब उनके कई साथी भाई-बहन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। वहां काफी संख्या में छात्र जमा हैं और उन्होंने लोगों से समर्थन मांगने के लिए हॉर्न बजाने की अपील करने वाले पोस्टर लगाए हैं, जिस पर सड़कों से गुजरने वाले लोग लगातार हॉर्न बजाकर अपना पूरा समर्थन दिखा रहे हैं।

आशीष ने स्थानीय सांसदों (MP) और विधायकों (MLA) से भी इस प्रदर्शन में साथ देने की अपील की है, क्योंकि यह पूरी बिरादरी और समाज का मामला है। उनकी सरकार से बस यही मांग है कि सभी छात्रों के साथ पूरा इंसाफ और न्याय किया जाए।

प्रदर्शन के दौरान समर्थन की अपील करते छात्र।

प्रदर्शन के दौरान समर्थन की अपील करते छात्र।

मानसिक और आर्थिक संकट से जूझ रहे पंजाबी स्टूडेंट्स

छात्रों ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वे मानसिक तनाव, चिंता, डिप्रेशन और आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। उनके हेल्थ कार्ड और सिन (SIN) नंबर एक्सपायर हो चुके हैं, जिससे वे काम भी नहीं कर पा रहे हैं। छात्रों का तर्क है कि अगर छात्र कोई नियम तोड़ते हैं तो उन पर पेनल्टी लगती है या फीस दोबारा ली जाती है। अब जब IRCC और कॉलेज अपनी कही बातों से मुकर रहे हैं और अचानक नियम बदलकर गलतियां कर रहे हैं, तो वे इसका हर्जाना छात्रों को क्यों नहीं देते?

पूर्व सांसद छात्रों के समर्थन में

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैलगरी के पूर्व सांसद और वकील देवेंद्र शौरी ने छात्रों के समर्थन में कहा कि कनाडा सरकार को अपने नियमों में मानवीय दृष्टिकोण रखना चाहिए। छात्रों को एक रास्ता दिखाया गया था, उन्होंने पैसे और समय लगाया और जब वे मंजिल के पास पहुंचे तो उनसे सीढ़ी खींच ली गई, जो पूरी तरह से गलत है।

PGWP किसे मिलता है?

PGWP एक ऐसा ओपन वर्क परमिट है जो अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को कनाडा में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद काम करने की अनुमति देता है। इसके लिए जरूर है कि छात्र ने किसी डेजिग्नेटेड लर्निंग इंस्टीट्यूशन (DLI) से पढ़ाई पूरी की हो जो PGWP देने के लिए पात्र हो।

इसके अलावा, प्रोग्राम की अवधि कम से कम 8 महीने की होनी चाहिए। 8 महीने से छोटे कोर्स के लिए PGWP नहीं मिलता। पढ़ाई के दौरान छात्र का लगातार फुल-टाइम स्टूडेंट रहना अनिवार्य है। कोर्स पूरा होने के 180 दिनों के भीतर आवेदन करना होता है। आवेदन के समय छात्र के पास वैध स्टडी परमिट या लीगल टेंपररी स्टेटस होना चाहिए।

वे नॉन-क्रेडिट प्रोग्राम जिन पर PGWP नहीं मिल रहा

क्रेडिट प्रोग्राम वे कोर्स हैं जो किसी आधिकारिक डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट की ओर ले जाते हैं। इनके अंक यूनिवर्सिटी या कॉलेज की मुख्य शैक्षणिक डिग्री में जुड़ते हैं। वहीं, नॉन-क्रेडिट प्रोग्राम ऐसे कोर्स होते हैं जो आमतौर पर व्यक्तिगत विकास, भाषा सीखने, स्किल ट्रेनिंग, या कम अवधि के वोकेशनल सर्टिफिकेट के लिए होते हैं। इनके अंक मुख्य डिग्री में नहीं जुड़ते।

कनाडा के अप्रवासन नियमों के तहत नॉन-क्रेडिट प्रोग्राम PGWP के लिए पात्र नहीं होते। यदि किसी छात्र ने ऐसा कोर्स किया है जिसमें एकेडमिक क्रेडिट नहीं मिलते, तो उसे पढ़ाई के बाद वर्क परमिट नहीं दिया जाता।

IRCC ने ये नियम बदले

  • PPP कॉलेजों पर रोक: कनाडा सरकार (IRCC) ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने और अप्रवासन प्रणाली को व्यवस्थित करने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। पहले कई निजी कॉलेज सरकारी कॉलेजों के साथ लाइसेंसिंग समझौता कर अपने छात्रों को PGWP दिलवाते थे। सरकार ने ऐसे निजी कॉलेजों के PPP मॉडल वाले पाठ्यक्रमों को PGWP की पात्रता से बाहर कर दिया है।
  • फील्ड ऑफ स्टडी की शर्त: अब केवल कॉलेज का पात्र होना ही काफी नहीं है। सरकार ने उन कोर्सों की सूची सीमित कर दी है जो देश में श्रमिकों की कमी (जैसे हेल्थकेयर, STEM, ट्रेड, एग्रीकल्चर आदि) को पूरा करते हैं। इन खास क्षेत्रों के बाहर के कई कोर्सों को नए PGWP नियमों से बाहर किया जा रहा है।
  • भाषा और पढ़ाई की शर्त: वर्क परमिट के लिए भाषा परीक्षा (IELTS/CELPIP) का न्यूनतम स्कोर (CLB लेवल) अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, छात्रों के पास पूरे कोर्स के दौरान लीगल स्टेटस होना और ऑनलाइन क्लासेस की सीमा (30-50% से अधिक नहीं) का पालन करना जरूरी है।
  • वर्क परमिट की अवधि: 2 साल से छोटे क्रेडिट डिप्लोमा के लिए वर्क परमिट की अवधि कोर्स की अवधि के बराबर ही मिलती है। मास्टर डिग्री के स्नातकों को अब कोर्स की अवधि छोटी होने पर भी 3 साल का PGWP मिल सकता है।

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यह खबर भी पढ़ें…

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कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रहे पंजाबी छात्रों का आंदोलन में दर्द छलका है। पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के रिजेक्शन मिलने से स्टूडेंट्स 3 हफ्ते से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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छात्रों ने आंकड़े शेयर करते हुए बताया कि हालिया पोल्स के मुताबिक, 485 रिजेक्शन के मुकाबले 50 से भी कम अप्रूवल मिले हैं। जबकि, पोटाज कॉलेज ने एडमिशन के वक्त वादा किया था कि उन्हें PGWP मिलेगा और उनकी डिग्री वैध होगी। अब जब उनके लाखों रुपए कोर्स पर बर्बाद हो गए तो घर जाने के लिए कह रहे हैं।

पंजाब की एक छात्रा ने बताया- हालात ये हैं कि रेंट मांगकर भरना पड़ रहा है। 3 दिन भूखी रही। हफ्तों आटा नहीं आ पा रहा। मुझे भेजने के लिए ससुरालवालों ने जमीन तक बेच दी। 22 से 25 लाख रुपए बर्बाद हो गए। अब ससुराल वालों को क्या बताऊं, कैसे घर जाऊं? जो लोग सोचते हैं कि कनाडा में मजे हैं, वे देखे लें, ये यहां की कड़वी सच्चाई है।

एक अन्य स्टूडेंट ने बताया कि कनाडा में वर्क परमिट के चक्कर में वह दादा की मौत पर नहीं जा पाई। अब पैसा बर्बाद हो चुका है। घरवालों को क्या बताएं? यह कहते ही वह रोने लगी। पिता की मौत पर 1 साल पहले घर गई छात्रा को कनाडा इमिग्रेशन विभाग ने यह कहते हुए वर्क परमिट देने से इनकार कर दिया कि उसकी एंट्री 2024 में नहीं हुई है।

धरना दे रहे स्टूडेंट्स की ऐसी ही दर्द भरी कहानियां हैं। कुछ पर कर्ज का बोझ है तो कई पेरेंट्स को न बता पाने से डिप्रेशन में हैं। आइए जानते हैं, उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी…

कनाडा में कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करते प्रवासी छात्र।

सड़कों पर धरना दे रहे स्टूडेंट्स ने परेशानियां बताईं…

ससुरालवालों ने जमीन बेचकर भेजा, यहां भूखी रह रही हूं

अपना नाम न बताते हुए एक मैरिड छात्रा ने बताया कि वह 2 साल से ज्यादा वक्त से कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रही है। ससुराल वालों ने अपनी जमीन बेचकर उसे यहां भेजा था। अब इमिग्रेशन विभाग ने कहा कि उनकी डिग्री मान्य नहीं है।

छात्रा ने बताया- हालात ये हैं कि किराए तक के पैसे नहीं हैं। गैस स्टेशन पर काम तक नहीं मिल रहा। मैं 3 दिन भूखी रही। 7-7 दिन घर पर आटा नहीं आ रहा है। अब मैं अपने ससुरालवालों से क्या कहूं और उनका 22 लाख रुपए का कर्ज कैसे लौटाऊं? जब यहां कोई काम ही नहीं मिल रहा है। 32 हजार डॉलर फीस भरी गई। हम 24 घंटे नियमों और कायदों के दायरे में रहे और कभी कोई गलत काम नहीं किया। मुझे पता है कि उन्होंने फीस के पैसे कैसे जुटाए थे।

कनाडा में वर्क परमिट के लिए आंदोलन कर रहे छात्र।

कनाडा में वर्क परमिट के लिए आंदोलन कर रहे छात्र।

कॉलेज के खिलाफ वकील तक नहीं कर सकते

पंजाबी स्टूडेंट जशन सिंह ने बताया कि किसी को भी इस बात की उम्मीद नहीं थी। वह अपना 2 साल का डिप्लोमा पूरा कर वर्क परमिट के लिए आए थे, लेकिन हाल ही में नियम बदलने के कारण बड़ी संख्या में रिजेक्शन मिलने लगे हैं। उनका सवाल यह है कि अगर मंजूरी या रिजेक्शन मिल रहा है, तो वह किस आधार पर दिया जा रहा है?

जशन ने कहा- हम मुख्य कैंपस भी गए थे और इस मुद्दे पर बात की थी, लेकिन वहां से कोई समाधान नहीं मिला। कॉलेज प्रशासन का साफ कहना था कि वे न तो वकील कर सकते हैं और न ही किसी तरह की मदद कर सकते हैं।

दादा की मौत पर पंजाब नहीं जा पाई, यहां भी सब बर्बाद हो गया

पंजाबी छात्रा जसमीत कौर ने रोते हुए बताया कि वह यहां 3 साल पहले एल्गोमा यूनिवर्सिटी आई थी, लेकिन फीस ज्यादा होने के कारण उसने अपनी पढ़ाई बदल ली। उसने यहां सब पता किया था कि कोर्स के बाद PGWP मिलेगा और इसका भविष्य में अच्छा स्कोप है। 2 साल पढ़ाई करने के बाद अब सब कुछ बेकार लग रहा है।

जसमीत कौर ने कहा- मेरे लगभग 32 हजार डॉलर डूब गए हैं। इसी दौरान मेरे दादा की मौत हो गई। अगर मुझे पहले से पता होता कि ऐसा सब होने वाला है, तो मैं सब कुछ छोड़कर तुरंत वापस चली जाती, ताकि कम से कम आखिरी बार अपने दादा को देख पाती। अब न तो वे वापस आ सकते हैं और न ही पैसे वापस मिल सकते हैं।

जसमीत कौर और उसकी दोस्त अपने दादा की मौत के बारे में बताकर भावुक हो गई।

जसमीत कौर और उसकी दोस्त अपने दादा की मौत के बारे में बताकर भावुक हो गई।

कॉलेज की भेजी हुई ईमेल भी, फिर भी नहीं मान रहे

एक अन्य स्टूडेंट ने बताया कि उनके कॉलेज की तरफ से उन्हें साफ कहा गया था कि वे PGWP के लिए एलिजिबल हैं। इसके लिए उनके पास कॉलेज की भेजी हुई ईमेल भी है। कॉलेज ने उन्हें एक पत्र भी दिया था, ताकि वे उसका उपयोग कर वर्क परमिट ले सकें, लेकिन अब इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) उस पत्र को भी खारिज कर रही है और कह रही है कि यह मान्य कारण नहीं है। छात्र मई 2023 में पढ़ाई के लिए आए थे और जब नवंबर 2024 में नया नियम लागू हुआ, तब तक उनकी पढ़ाई लगभग पूरी हो चुकी थी।

आशीष बोले- सांसद और विधायक प्रदर्शन में साथ दें

स्टूडेंट आशीष बूरा ने कहा कि सभी छात्र आज अपनी मांग उठाने के लिए एकत्र हुए हैं। पहले वे सिटी हॉल गए थे, लेकिन वहां ज्यादा देर रुकने की अनुमति नहीं मिली, इसलिए फिर उन्होंने इस जगह पर इकट्ठा होने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि अब उनके कई साथी भाई-बहन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। वहां काफी संख्या में छात्र जमा हैं और उन्होंने लोगों से समर्थन मांगने के लिए हॉर्न बजाने की अपील करने वाले पोस्टर लगाए हैं, जिस पर सड़कों से गुजरने वाले लोग लगातार हॉर्न बजाकर अपना पूरा समर्थन दिखा रहे हैं।

आशीष ने स्थानीय सांसदों (MP) और विधायकों (MLA) से भी इस प्रदर्शन में साथ देने की अपील की है, क्योंकि यह पूरी बिरादरी और समाज का मामला है। उनकी सरकार से बस यही मांग है कि सभी छात्रों के साथ पूरा इंसाफ और न्याय किया जाए।

प्रदर्शन के दौरान समर्थन की अपील करते छात्र।

प्रदर्शन के दौरान समर्थन की अपील करते छात्र।

मानसिक और आर्थिक संकट से जूझ रहे पंजाबी स्टूडेंट्स

छात्रों ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वे मानसिक तनाव, चिंता, डिप्रेशन और आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। उनके हेल्थ कार्ड और सिन (SIN) नंबर एक्सपायर हो चुके हैं, जिससे वे काम भी नहीं कर पा रहे हैं। छात्रों का तर्क है कि अगर छात्र कोई नियम तोड़ते हैं तो उन पर पेनल्टी लगती है या फीस दोबारा ली जाती है। अब जब IRCC और कॉलेज अपनी कही बातों से मुकर रहे हैं और अचानक नियम बदलकर गलतियां कर रहे हैं, तो वे इसका हर्जाना छात्रों को क्यों नहीं देते?

पूर्व सांसद छात्रों के समर्थन में

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैलगरी के पूर्व सांसद और वकील देवेंद्र शौरी ने छात्रों के समर्थन में कहा कि कनाडा सरकार को अपने नियमों में मानवीय दृष्टिकोण रखना चाहिए। छात्रों को एक रास्ता दिखाया गया था, उन्होंने पैसे और समय लगाया और जब वे मंजिल के पास पहुंचे तो उनसे सीढ़ी खींच ली गई, जो पूरी तरह से गलत है।

PGWP किसे मिलता है?

PGWP एक ऐसा ओपन वर्क परमिट है जो अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को कनाडा में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद काम करने की अनुमति देता है। इसके लिए जरूर है कि छात्र ने किसी डेजिग्नेटेड लर्निंग इंस्टीट्यूशन (DLI) से पढ़ाई पूरी की हो जो PGWP देने के लिए पात्र हो।

इसके अलावा, प्रोग्राम की अवधि कम से कम 8 महीने की होनी चाहिए। 8 महीने से छोटे कोर्स के लिए PGWP नहीं मिलता। पढ़ाई के दौरान छात्र का लगातार फुल-टाइम स्टूडेंट रहना अनिवार्य है। कोर्स पूरा होने के 180 दिनों के भीतर आवेदन करना होता है। आवेदन के समय छात्र के पास वैध स्टडी परमिट या लीगल टेंपररी स्टेटस होना चाहिए।

वे नॉन-क्रेडिट प्रोग्राम जिन पर PGWP नहीं मिल रहा

क्रेडिट प्रोग्राम वे कोर्स हैं जो किसी आधिकारिक डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट की ओर ले जाते हैं। इनके अंक यूनिवर्सिटी या कॉलेज की मुख्य शैक्षणिक डिग्री में जुड़ते हैं। वहीं, नॉन-क्रेडिट प्रोग्राम ऐसे कोर्स होते हैं जो आमतौर पर व्यक्तिगत विकास, भाषा सीखने, स्किल ट्रेनिंग, या कम अवधि के वोकेशनल सर्टिफिकेट के लिए होते हैं। इनके अंक मुख्य डिग्री में नहीं जुड़ते।

कनाडा के अप्रवासन नियमों के तहत नॉन-क्रेडिट प्रोग्राम PGWP के लिए पात्र नहीं होते। यदि किसी छात्र ने ऐसा कोर्स किया है जिसमें एकेडमिक क्रेडिट नहीं मिलते, तो उसे पढ़ाई के बाद वर्क परमिट नहीं दिया जाता।

IRCC ने ये नियम बदले

  • PPP कॉलेजों पर रोक: कनाडा सरकार (IRCC) ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने और अप्रवासन प्रणाली को व्यवस्थित करने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। पहले कई निजी कॉलेज सरकारी कॉलेजों के साथ लाइसेंसिंग समझौता कर अपने छात्रों को PGWP दिलवाते थे। सरकार ने ऐसे निजी कॉलेजों के PPP मॉडल वाले पाठ्यक्रमों को PGWP की पात्रता से बाहर कर दिया है।
  • फील्ड ऑफ स्टडी की शर्त: अब केवल कॉलेज का पात्र होना ही काफी नहीं है। सरकार ने उन कोर्सों की सूची सीमित कर दी है जो देश में श्रमिकों की कमी (जैसे हेल्थकेयर, STEM, ट्रेड, एग्रीकल्चर आदि) को पूरा करते हैं। इन खास क्षेत्रों के बाहर के कई कोर्सों को नए PGWP नियमों से बाहर किया जा रहा है।
  • भाषा और पढ़ाई की शर्त: वर्क परमिट के लिए भाषा परीक्षा (IELTS/CELPIP) का न्यूनतम स्कोर (CLB लेवल) अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, छात्रों के पास पूरे कोर्स के दौरान लीगल स्टेटस होना और ऑनलाइन क्लासेस की सीमा (30-50% से अधिक नहीं) का पालन करना जरूरी है।
  • वर्क परमिट की अवधि: 2 साल से छोटे क्रेडिट डिप्लोमा के लिए वर्क परमिट की अवधि कोर्स की अवधि के बराबर ही मिलती है। मास्टर डिग्री के स्नातकों को अब कोर्स की अवधि छोटी होने पर भी 3 साल का PGWP मिल सकता है।

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