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Health news: आयुर्वेद में ऐसी कई औषधी है, जिसमें लाखों गुण पाए गए हैं. उन्हीं में से एक है गोंद कतीरा, जिसे आयुर्वेद में गर्मी से राहत देने वाली औषधि भी माना जाता है. इन दिनों गोंद कतीरा लोगों के बीच ठंडक का टॉनिक साबित हो रहा है.
बलिया: चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी ने इस बार लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है. इस दौरान सड़क पर निकलना या घर में बैठना भी आसान नहीं है, हर कोई तपिश से बेहाल है. ऐसे में एक देसी नुस्खा तेजी से वायरल हो रहा है. बिल्कुल सही सुना आपने, हम बात कर रहे हैं गोंद कतीरा की, जिसे आयुर्वेद में गर्मी से राहत देने वाली औषधि भी माना जाता है. इन दिनों गोंद कतीरा लोगों के बीच ठंडक का टॉनिक साबित हो रहा है.
बलिया की फेमस सात साल अनुभवी आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, गोंद कतीरा दिखने में तो साधारण लगता है, लेकिन इसके फायदे हैरान करने वाले हैं. गोंद कतीरा बाजार में हर पैसारी या आयुर्वेदिक दुकानों पर आसानी से मिल जाता है. इसका सेवन करना भी बहुत आसान है. रात में दो चम्मच गोंद कतीरा पानी में भिगो दीजिए और सुबह इसे घोलकर पी लें. चाहें तो शरबत या मिश्री मिलाकर इसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है. यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और लू के असर को कम करने में रामबाण साबित हो सकता है.
कई समस्याओं में कारगर
गोंद कतीरा न केवल गर्मी से राहत देता है, बल्कि तमाम समस्याओं में भी बहुत उपयोगी है. यह जरूरत से ज्यादा पसीना, हाथ-पैर में जलन, पाचन की दिक्कत और कमजोरी जैसी दिक्कतों में बहुत लाभकारी और गुणकारी है. इसमें फाइबर पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं, जबकि फोलिक एसिड शरीर को ऊर्जा भी देता है. यह खून की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. हालांकि, जनपद बलिया में इन दिनों गोंद कतीरा का खूब उपयोग हो रहा है.
एक्सपर्ट की सलाह के बाद करें इस्तेमाल
गोंद कतीरा घरेलू नुस्खों में मेहंदी के फूल या धनिया के साथ इस्तेमाल करने की जाती है, ऐसा करने से माइग्रेन या टॉन्सिल जैसी समस्याओं से निजात मिलती है. भीषण गर्मी के इस दौर में गोंद कतीरा लोगों के लिए राहत की उम्मीद जरूर बना है, लेकिन अगर आपको पहले से कोई गंभीर बीमारी हो, तो बगैर किसी एक्सपर्ट से संपर्क या सलाह लिए गोंद कतीरा का सेवन न करें, वरना हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
















































