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अफ्रीका में चीनी एआई का दबदबा, सिलिकॉन वैली पर दबाव:युगांडा, केन्या में डेवलपर्स महंगे अमेरिकी मॉडल छोड़ सस्ते, ओपन-सोर्स चीनी एआई अपना रहे

अफ्रीका में चीनी एआई का दबदबा, सिलिकॉन वैली पर दबाव:युगांडा, केन्या में डेवलपर्स महंगे अमेरिकी मॉडल छोड़ सस्ते, ओपन-सोर्स चीनी एआई अपना रहे

पिछले साल ऐसा एआई सिस्टम बनाने के दौरान अमेरिकी और चीनी टूल्स परखे थे। चीन का मॉडल बेहतर साबित हुआ क्योंकि यह युगांडा की दर्जनों भाषाओं को बेहतर ढंग से संभालता है। यह सस्ता भी था और इसे अपने डेटा से कस्टमाइज किया जा सकता था। म्वेबाजे का ‘सनफ्लॉवर’’ सिस्टम अब पूरे युगांडा में इस्तेमाल हो रहा है। किसान स्थानीय बोलियों में मौसम की जानकारी और खेती की सलाह ले रहे हैं। केन्या में उद्यमी कानूनी और बिजनेस सेवाओं को सुगम बना रहे हैं। नाइजीरिया में छात्रों को पढ़ाने वाले एजुकेशनल टूल्स बनाए गए हैं। घाना में डेवलपर्स स्थानीय चैटबॉट्स तैयार कर रहे हैं। कम लागत में बेहतरीन सिस्टम चाहने वाले विकासशील देशों में चीनी एआई तेजी से आगे बढ़ रही है। ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी अमेरिकी कंपनियों के मॉडल बंद और शुल्क वाले हैं। इसके विपरीत चीनी सिस्टम बिना किसी शुल्क या मंजूरी के डाउनलोड और संशोधित किए जा सकते हैं। ओपनरोटर पर कुल एआई उपयोग का लगभग आधा हिस्सा चीनी ओपन-सोर्स मॉडल का है। एक साल पहले यह 25% से कम था। आठ करोड़ ग्राहकों के डेटा विश्लेषण से यह बात सामने आई है। हगिंग फेस पर भी सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाले सिस्टम में चीनी मॉडल आगे हैं। केन्या और युगांडा के साक्षात्कारों में डेवलपर्स ने इसकी पुष्टि की है। उनके लिए मॉडल कहां बना यह मायने नहीं रखता। लागत, कंप्यूटिंग संसाधन और डेटा नियंत्रण सबसे जरूरी हैं। अमेरिकी मॉडल किराए के घर जैसे हैं जबकि चीनी मॉडल अपने घर जैसे हैं। स्क्रैच से मॉडल प्रशिक्षित करने पर लाखों खर्च होते हैं। इसके उलट चीनी सिस्टम डाउनलोड कर उसके ऊपर नया उत्पाद बनाया जा सकता है। इसमें केवल सर्वर का खर्च देना होता है। अमेरिकी मॉडल सब्सक्रिप्शन और फीस पर आधारित होते हैं। एक डिजिटल एजेंसी चलाने वाले मोसेस केमिबारो ने कहा कि टोयोटा हैचबैक से काम चल सकता है तो फेरारी क्यों चलाएं। कम्प्यूटिंग लागत मिलाने पर चीनी मॉडल 90% तक सस्ते पड़ते हैं। अमेरिकी कंपनियां भी जोर-आजमाइश कर रहीं अफ्रीका का अनुभव बताता है कि वैश्विक एआई प्रतियोगिता अब दो हॉर्स की रेस है। क्राफ्ट सिलिकॉन के चीफ एग्जीक्यूटिव कमल बुधाभट्टी दोनों तरफ खिंचाव महसूस करते हैं। उन्होंने एंथ्रोपिक के प्रोग्रामिंग टूल क्लाउड कोड से अपनी फर्म के सिस्टम फिर से तैयार किए। सौ इंजीनियरों का काम 10 लोगों की टीम ने आधे समय में पूरा कर लिया। बिल भारी था, लेकिन गति इसके लायक थी। हुआवे ने भी चीनी सिस्टम अपनाने के लिए एक साल की मुफ्त कम्प्यूटिंग जैसे कई बड़े प्रोत्साहन दिए।

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