Thursday, 24 Sep 2026 | 03:34 AM

Trending :

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा:SBI टॉप गेनर, वैल्यू ₹63,922 करोड़ बढ़ी; LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा:SBI टॉप गेनर, वैल्यू ₹63,922 करोड़ बढ़ी; LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते हफ्ते देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कुल लगभग 1.43 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। हफ्ते के दौरान मार्केट कैप बढ़ाने वाली 4 कंपनियों में SBI के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, TCS और लार्सन एंड टुब्रो शामिल रहीं। SBI के मार्केट कैप में ₹63,922.03 करोड़ की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही बैंक की कुल मार्केट वैल्युएशन बढ़कर ₹10.12 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई। रिलायंस की वैल्यू ₹32,816 करोड़ बढ़ी वहीं रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹32,816.4 करोड़ बढ़कर ₹18,01,925.19 करोड़ हो गई। इसके अलावा TCS की वैल्यू में ₹31,875.35 करोड़ का उछाल आया और इसका टोटल मार्केट कैप ₹8.87 लाख करोड़ पर पहुंच गया। वहीं LT का मार्केट कैप ₹14,637.76 करोड़ बढ़कर ₹5,56,482.45 करोड़ हो गया है। LIC को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ दूसरी तरफ टॉप-10 में शामिल अन्य 6 बड़ी कंपनियों की वैल्युएशन कुल मिलाकर ₹1.23 लाख करोड़ घटी है। यह 6 कंपनियां भारती एयरटेल, HDFC बैंक, ICICI बैंक, बजाज फाइनेंस, LIC और हिंदुस्तान यूनिलीवर हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग

June 5, 2026/
8:25 pm

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है।...

सोना ₹392 बढ़कर ₹1.59 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹26 हजार महंगा हो चुका, चांदी ₹1494 गिरकर ₹2.66 लाख किलो पर आई

May 21, 2026/
12:19 pm

सोने के दाम में आज यानी 21 मई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10...

पेरेंटिंग टिप्स: सुबह-सुबह ही आपका 2 साल का बच्चा भी देखने लगता है रील? जानिये मोबाइल की लत की वजह से ये 5 आसान टिप्स अन्यथा...

June 26, 2026/
4:54 pm

पालन-पोषण युक्तियाँ: आज के समय में बच्चों की स्क्रीन की आदत एक बड़ी चुनौती बन गई है। माता-पिता अक्सर इस...

दतिया में रेत भरने के विवाद में फायरिंग:ट्रैक्टर-लोडर पर लगी गोलियां, आरोपी फरार

February 22, 2026/
10:29 am

दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र के बडौनकला गांव में रेत भरने को लेकर शुक्रवार रात विवाद हो गया। आरोप...

वरुण की बेटी को हुई थी DDH नाम की बीमारी:चलने में होती थी दिक्कत, ढाई महीने कमर से पैर तक प्लास्टर में रहना पड़ा

March 28, 2026/
12:52 pm

एक्टर वरुण धवन ने हाल ही में बताया कि उनकी बेटी लारा डेढ़ साल की उम्र में डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ...

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के टेक्सास में तेल रिफाइनरी में भीषण आग, हीटर में विस्फोट से हादसा

March 24, 2026/
7:51 am

अमेरिका के टेक्सास राज्य के पोर्ट आर्थर शहर में स्थित वैलेरो ऑयल रिफाइनरी में सोमवार रात बड़ा धमाका हुआ, जिसके...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा:SBI टॉप गेनर, वैल्यू ₹63,922 करोड़ बढ़ी; LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा:SBI टॉप गेनर, वैल्यू ₹63,922 करोड़ बढ़ी; LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते हफ्ते देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कुल लगभग 1.43 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। हफ्ते के दौरान मार्केट कैप बढ़ाने वाली 4 कंपनियों में SBI के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, TCS और लार्सन एंड टुब्रो शामिल रहीं। SBI के मार्केट कैप में ₹63,922.03 करोड़ की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही बैंक की कुल मार्केट वैल्युएशन बढ़कर ₹10.12 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई। रिलायंस की वैल्यू ₹32,816 करोड़ बढ़ी वहीं रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹32,816.4 करोड़ बढ़कर ₹18,01,925.19 करोड़ हो गई। इसके अलावा TCS की वैल्यू में ₹31,875.35 करोड़ का उछाल आया और इसका टोटल मार्केट कैप ₹8.87 लाख करोड़ पर पहुंच गया। वहीं LT का मार्केट कैप ₹14,637.76 करोड़ बढ़कर ₹5,56,482.45 करोड़ हो गया है। LIC को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ दूसरी तरफ टॉप-10 में शामिल अन्य 6 बड़ी कंपनियों की वैल्युएशन कुल मिलाकर ₹1.23 लाख करोड़ घटी है। यह 6 कंपनियां भारती एयरटेल, HDFC बैंक, ICICI बैंक, बजाज फाइनेंस, LIC और हिंदुस्तान यूनिलीवर हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.