पाकिस्तान के सांसद और नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर असद कैसर UAE में पाकिस्तानी यात्रियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार को संसद में कहा कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में ठहराने के दौरान भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को कमरा दिया गया, जबकि पाकिस्तानी यात्रियों को ठहरने की सुविधा नहीं मिली। कैसर ने दावा किया कि वह खुद इस घटना के दौरान वहां मौजूद थे। उनके मुताबिक, फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्रियों को होटल में ठहराने की व्यवस्था की जा रही थी। सांसद बोले- UAE सरकार के सामने मामला उठाए पाकिस्तान कैसर ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री से मामले को UAE अधिकारियों के सामने उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और UAE के बीच करीबी रिश्ते हैं और ऐसी घटनाओं को दोनों देशों के संबंधों पर असर नहीं डालना चाहिए। उन्होंने UAE को पाकिस्तान का ‘इस्लामिक भाई देश’ बताते हुए कहा कि UAE के विकास में पाकिस्तानियों का भी योगदान रहा है। कैसर ने यह भी दावा किया कि एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मिलकर UAE में इसी तरह के व्यवहार की शिकायत की थी। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में होटल का नाम, यात्रियों की संख्या या कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया है। PAK संसद में कैसर का पूरा सुनिए… UAE में 15 लाख से ज्यादा पाकिस्तानी UAE में 15 लाख से ज्यादा पाकिस्तानी रहते हैं। यह वहां के सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक है। कैसर ने कहा कि पाकिस्तानी लोग UAE और वहां की सरकार का सम्मान करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की घटनाओं को दोनों देशों के रिश्तों पर असर नहीं डालने दिया जाएगा। UAE में फ्लाइट कैंसिल होने पर यात्रियों के लिए क्या नियम हैं UAE के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) के नियमों के मुताबिक, फ्लाइट कैंसिल या लंबे समय तक लेट होने पर एयरलाइन को यात्रियों की जरूरी मदद करनी होती है। ये नियम UAE से आने-जाने वाली कमर्शियल फ्लाइट्स पर लागू होते हैं। 8 घंटे से ज्यादा इंतजार पर क्या मिलेगा? अगर फ्लाइट कैंसिल होने या देरी के चलते यात्रियों को 8 घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ता है, तो एयरलाइन को जरूरत के मुताबिक होटल, खाना-पीना, फोन/कम्युनिकेशन और एयरपोर्ट से होटल तक आने-जाने की सुविधा देनी होती है। अगर कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई है और अगली संभावित फ्लाइट 8 घंटे से ज्यादा बाद है, तब भी होटल की व्यवस्था का प्रावधान है। पासपोर्ट के आधार पर अलग सुविधा का नियम नहीं GCAA के Passenger Welfare Program में यात्री सुविधाओं को फ्लाइट की देरी, कैंसिलेशन और कनेक्शन की स्थिति से जोड़ा गया है। भारतीय, अमेरिकी या पाकिस्तानी पासपोर्ट के आधार पर होटल की सुविधा अलग करने का कोई सामान्य नियम नहीं है। इसलिए अगर मौजूदा मामले में पासपोर्ट के आधार पर यात्रियों को अलग सुविधा दी गई, तो यह सामान्य यात्री-सहायता नियमों से अलग मामला होगा। हालांकि, अभी उपलब्ध जानकारी से यह पुष्टि नहीं होती कि होटल ने वास्तव में पासपोर्ट के आधार पर ऐसा किया था। खबर अपडेट हो रही है…













































