Saturday, 05 Sep 2026 | 11:50 PM

Trending :

Madhya Pradesh School Merger Crisis

Madhya Pradesh School Merger Crisis
  • Hindi News
  • Career
  • Madhya Pradesh School Merger Crisis | 51 Percent Schools Closed In MP

16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

देशभर में एक और जहां स्कूल को बेहतर करने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं आए दिन स्कूलों की अव्यवस्थाओं की तस्वीरें सामने आ रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में बीते 10 सालों में 94 हजार से ज्यादा स्कूल बंद हुए हैं और इनमें सबसे ज्यादा स्कूल मध्य प्रदेश के शामिल हैं।

लगभग 26 लाख बच्चे ड्रॉप आउट हुए

ये स्कूल कम एनरोलमेंट की वजह से मर्ज कर दिए गए हैं या अस्थाई तौरपर बंद कर दिए गए हैं। UDISE की रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में पिछले 5 सालों में सरकारी स्कूल में छात्रों का ड्रॉप आउट रेट लगातार बढ़ रहा है।

2024-25 में छात्रों का एनरोलमेंट 12.15 था जो सेशन 2025-26 में घटकर 11.89% पर आ गया है। इसके साथ ही प्राइवेट स्कूल का एनरोलमेंट पिछले 5 सालों में बढ़ा है।

इसी दौरान सरकारी स्कूलों में एनरोलमेंट 26 लाख से ज्यादा घटा है, 2024-25 के करीब 12.15 करोड़ था, जो घटकर 2025-26 में 11.89 करोड़ हो गया है।

ड्रॉप आउट रेट भी बढ़ा

वहीं देश भर में ड्रॉप आउट रेट में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मेघालय और मध्यप्रदेश टॉप पर हैं।

वहीं देश भर में ड्रॉप आउट रेट में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मेघालय और मध्यप्रदेश टॉप पर हैं।

मप्र में 15.25 लाख छात्र ड्रॉपबॉक्स हुए

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल प्रदेश के स्कूलों से 15.25 लाख छात्र गायब रहे और इस साल फिर 11.12 लाख छात्र स्कूल से ड्रॉपबॉक्स यानी बाहर हो सकते हैं।

ऐसे बच्चे जो किन्हीं कारणों से पिछले स्कूल से तो निकल चुके हैं लेकिन नए स्कूल में एडमिशन नहीं लिया है। ऐसे बच्चों को ट्रैक करना मुश्किल है।

छात्रों के रजिस्ट्रेशन में 17 लाख का अंतर

सत्र 2025-26 में राज्य के शिक्षा पोर्टल पर रजिस्टर्ड छात्र 1.35 करोड़ थे, जबकि यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (UDISE) रिपोर्ट में ये डेटा 1.52 करोड़ था।

वहीं इस डेटा पर अधिकारियों का तर्क है कि ये अंतर इसलिए है, क्योंकि इस डेटा में 17 लाख का प्री-प्राइमरी डेटा भी फीड होता है। इसलिए ये अंतर आता है।

UDISE के मुताबिक राज्य में क्लास 1 से 12वीं तक का रिटेंशन रेट 37.3% पर है, जो नेशनल एवरेज 51.9% से काफी पीछे है। इस डेटा के मुताबिक 12वीं तक पहुंचते-पहुंचते 62.7% बच्चे स्कूल की मुख्यधारा से दूर हो चुके हैं।

देशभर के 50% स्कूल सिर्फ मध्य प्रदेश में बंद या मर्ज

मध्य प्रदेश में 2025-26 के दौरान 2,426 सरकारी स्कूल बंद हुए हैं या किसी दूसरे स्कूलों में मर्ज (विलय) कर दिए गए हैं। यह आंकड़ा UDISE+ 2025-26 से संबंधित रिपोर्टों में सामने आया है।

अब तक मध्य प्रदेश में 2,426 स्कूल या तो बंद हुए हैं या मर्ज कर दिए गए हैं। वहीं देशभर में स्कूल का ये आंकड़ा 4,791 हैं यानी, 50.6% स्कूल सिर्फ मध्य प्रदेश में बंद हुए हैं।

स्कूलों की दूसरी 1-5 किमी तक बढ़ी

वहीं स्कूलों को बंद करने की बड़ी वजह कम नामांकन बताकर प्राथमिक स्कूलों को बंद कर दिया जाना है। स्कूल बंद होने से बच्चों के लिए स्कूल की दूरी 1 से 5 किमी तक बढ़ गई है। वहीं ट्रांसपोर्ट की कोई सुविधान नहीं होने से इन बच्चों को 1-5 किमी तक पैदल स्कूल जाना पड़ रहा है।

वहीं स्कूल बंद होने की वजह से पेरेंट्स के ऊपर बच्चों के लिए स्कूल की दूरी और सुरक्षा का भी बोझ बढ् गया है। इसी आर्थिक बोझ के चलते गरीब परिवार बच्चों की पढ़ाई छुड़वाने को मजबूर हैं या उन्हें अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भेजना पड़ रहा है।

सबसे ज्यादा ड्रॉपबॉक्स इंदौर में

वहीं यदि बच्चों की बात की जाए तो सबसे ज्यादा बच्चे 45,233 इंदौर में ड्रॉपबॉक्स हुए हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा मुरैना में 44,466, ग्वालियर में 40,663, भोपाल में 38,072 और सागर में 35,953 ड्रॉपबॉक्स हुए हैं।

हाल ही में स्कूल मर्ज को लेकर प्रदर्शन भी हुए

हाल ही में उज्जैन में सराफा कन्या विद्यालय को दाऊदखेड़ी शिफ्ट करने का फैसला लिया गया था, जिसके विरोध में छात्राओं ने प्रदर्शन किया था।

इस विरोध प्रदर्शन में छात्राओं का कहना था कि स्कूल मर्ज होने से वे 10 किमी दूर हो जाएंगी, जिससे उनके लिए स्कूल जाना मुश्किल होगा।

प्रशासन के स्कूल शिफ्ट करने का फैसला वापस लेने के बाद छात्राएं।

प्रशासन के स्कूल शिफ्ट करने का फैसला वापस लेने के बाद छात्राएं।

स्कूल मर्जर के बाद छात्राओं की संख्या घटी

हाल ही में उज्जैन में सराफा कन्या विद्यालय को दाऊदखेड़ी शिफ्ट करने का आदेश दिया गया था।स्कूल के दूर शिफ्ट किये जाने के आदेश के बाद स्कूल में छात्राओं की संख्या में बड़ी गिरावट आई थी। पहले स्कूल में करीब 580 छात्राएं थीं, जो घटकर 415 रह गईं, यानी 165 छात्राओं की संख्या कम हुई। कक्षा 9वीं में भी छात्राओं की संख्या 180 से घटकर करीब 120 रह गई।

प्रशासन ने कहा- 3.16 लाख बच्चे जोड़े गए

शिक्षा केंद्र के अपर संचालक के मुताबिक, 2025-26 के मुकाबले 2026-27 में नामांकन बड़े हैं। चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से 3.16 लाख बाहर हुए बच्चों को दोबारा जोड़ा गया है। इस बार ट्रेकिंग के लिए शिक्षकों को समय पोर्टल के जरिए 6 साल के बच्चों को जोड़ा गया है।

—————————-

ये खबर भी पढ़ें..

4 सितंबर के करेंट अफेयर्स:तमिलनाडु में ओलिंपिक सिटी डेवलप की जाएगी, तेलंगाना का गोल्लाला गुड़ी मंदिर राष्ट्रीय स्मारक घोषित

आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें..

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
इजराइल-ईरान जंग में फंसे पंजाबी:चंडीगढ़-पंजाब से दुबई और UAE आने-जाने वाली फ्लाइट्स कैंसिल; कल सुबह भी उड़ान नहीं भरेंगी

February 28, 2026/
6:27 pm

अमेरिका और इजराइल के ईरान पर संयुक्त हमले के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़े हैं। इसका असर यहां पंजाब...

Akshay Kumar Acting Break Reason; Eye Surgery

May 7, 2026/
10:39 am

8 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार के फैंस के लिए बुरी खबर है, क्योंकि साल में 3-4...

अमेरिका ने UFO से जुड़ी पहली फाइलें जारी की:चांद पर रहस्यमयी वस्तुएं दिखने का दावा, अंतरिक्ष यात्री बोले- बाहर आतिशबाजी जैसा नजारा

May 9, 2026/
1:02 am

अमेरिका में शुक्रवार को लंबे समय से चर्चा में रही UFO फाइलों की पहली खेप जारी कर दी गई। ट्रम्प...

IND Vs AFG Test Squad 2026 Prediction; Shubman Gill

April 21, 2026/
1:52 pm

स्पोर्ट्स डेस्क15 मिनट पहले कॉपी लिंक अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में शुभमन गिल और जसप्रीत बुमराह को आराम दिया...

भोपाल में आसिफ रजा ने आशीष पांडे बनकर किया रेप:गर्भवती पीड़िता ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई FIR, पुलिस ने शुरू की जांच

April 7, 2026/
1:12 am

भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र में एक छात्रा के साथ पहचान छिपाकर यौन शोषण का मामला सामने आया है। पीड़िता...

'हमें ताकत मिलती है...': फारूक अब्दुल्ला मंच पर भावुक हो गए, पिनाराई विजयन ने गर्मजोशी से गले लगाया | राजनीति समाचार

February 18, 2026/
6:02 am

आखरी अपडेट:18 फरवरी, 2026, 06:02 IST फारूक अब्दुल्ला ने भगवान का शुक्रिया अदा किया कि दक्षिण उन सांप्रदायिक ताकतों से...

हिमाचल में ‘एक महिला MLA’ बोलकर फंसी कंगना:सोशल मीडिया में हो रहीं ट्रोल; सांसद की बौद्धिक क्षमता पर सवाल उठा रहे यूजर्स

April 18, 2026/
2:59 pm

हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा से सांसद एवं बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौट सोशल मीडिया में ट्रोल हो रही हैं। इस...

बुरहानपुर में 43° की तपिश के बाद आंधी-बारिश से राहत:शाम को चली तेज हवाएं, नेपानगर क्षेत्र में आधे घंटे तक बारिश

April 26, 2026/
8:03 pm

बुरहानपुर में रविवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर 43 डिग्री सेल्सियस तापमान से लोग परेशान रहे, लेकिन शाम...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Madhya Pradesh School Merger Crisis

Madhya Pradesh School Merger Crisis
  • Hindi News
  • Career
  • Madhya Pradesh School Merger Crisis | 51 Percent Schools Closed In MP

16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

देशभर में एक और जहां स्कूल को बेहतर करने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं आए दिन स्कूलों की अव्यवस्थाओं की तस्वीरें सामने आ रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में बीते 10 सालों में 94 हजार से ज्यादा स्कूल बंद हुए हैं और इनमें सबसे ज्यादा स्कूल मध्य प्रदेश के शामिल हैं।

लगभग 26 लाख बच्चे ड्रॉप आउट हुए

ये स्कूल कम एनरोलमेंट की वजह से मर्ज कर दिए गए हैं या अस्थाई तौरपर बंद कर दिए गए हैं। UDISE की रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में पिछले 5 सालों में सरकारी स्कूल में छात्रों का ड्रॉप आउट रेट लगातार बढ़ रहा है।

2024-25 में छात्रों का एनरोलमेंट 12.15 था जो सेशन 2025-26 में घटकर 11.89% पर आ गया है। इसके साथ ही प्राइवेट स्कूल का एनरोलमेंट पिछले 5 सालों में बढ़ा है।

इसी दौरान सरकारी स्कूलों में एनरोलमेंट 26 लाख से ज्यादा घटा है, 2024-25 के करीब 12.15 करोड़ था, जो घटकर 2025-26 में 11.89 करोड़ हो गया है।

ड्रॉप आउट रेट भी बढ़ा

वहीं देश भर में ड्रॉप आउट रेट में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मेघालय और मध्यप्रदेश टॉप पर हैं।

वहीं देश भर में ड्रॉप आउट रेट में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मेघालय और मध्यप्रदेश टॉप पर हैं।

मप्र में 15.25 लाख छात्र ड्रॉपबॉक्स हुए

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल प्रदेश के स्कूलों से 15.25 लाख छात्र गायब रहे और इस साल फिर 11.12 लाख छात्र स्कूल से ड्रॉपबॉक्स यानी बाहर हो सकते हैं।

ऐसे बच्चे जो किन्हीं कारणों से पिछले स्कूल से तो निकल चुके हैं लेकिन नए स्कूल में एडमिशन नहीं लिया है। ऐसे बच्चों को ट्रैक करना मुश्किल है।

छात्रों के रजिस्ट्रेशन में 17 लाख का अंतर

सत्र 2025-26 में राज्य के शिक्षा पोर्टल पर रजिस्टर्ड छात्र 1.35 करोड़ थे, जबकि यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (UDISE) रिपोर्ट में ये डेटा 1.52 करोड़ था।

वहीं इस डेटा पर अधिकारियों का तर्क है कि ये अंतर इसलिए है, क्योंकि इस डेटा में 17 लाख का प्री-प्राइमरी डेटा भी फीड होता है। इसलिए ये अंतर आता है।

UDISE के मुताबिक राज्य में क्लास 1 से 12वीं तक का रिटेंशन रेट 37.3% पर है, जो नेशनल एवरेज 51.9% से काफी पीछे है। इस डेटा के मुताबिक 12वीं तक पहुंचते-पहुंचते 62.7% बच्चे स्कूल की मुख्यधारा से दूर हो चुके हैं।

देशभर के 50% स्कूल सिर्फ मध्य प्रदेश में बंद या मर्ज

मध्य प्रदेश में 2025-26 के दौरान 2,426 सरकारी स्कूल बंद हुए हैं या किसी दूसरे स्कूलों में मर्ज (विलय) कर दिए गए हैं। यह आंकड़ा UDISE+ 2025-26 से संबंधित रिपोर्टों में सामने आया है।

अब तक मध्य प्रदेश में 2,426 स्कूल या तो बंद हुए हैं या मर्ज कर दिए गए हैं। वहीं देशभर में स्कूल का ये आंकड़ा 4,791 हैं यानी, 50.6% स्कूल सिर्फ मध्य प्रदेश में बंद हुए हैं।

स्कूलों की दूसरी 1-5 किमी तक बढ़ी

वहीं स्कूलों को बंद करने की बड़ी वजह कम नामांकन बताकर प्राथमिक स्कूलों को बंद कर दिया जाना है। स्कूल बंद होने से बच्चों के लिए स्कूल की दूरी 1 से 5 किमी तक बढ़ गई है। वहीं ट्रांसपोर्ट की कोई सुविधान नहीं होने से इन बच्चों को 1-5 किमी तक पैदल स्कूल जाना पड़ रहा है।

वहीं स्कूल बंद होने की वजह से पेरेंट्स के ऊपर बच्चों के लिए स्कूल की दूरी और सुरक्षा का भी बोझ बढ् गया है। इसी आर्थिक बोझ के चलते गरीब परिवार बच्चों की पढ़ाई छुड़वाने को मजबूर हैं या उन्हें अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भेजना पड़ रहा है।

सबसे ज्यादा ड्रॉपबॉक्स इंदौर में

वहीं यदि बच्चों की बात की जाए तो सबसे ज्यादा बच्चे 45,233 इंदौर में ड्रॉपबॉक्स हुए हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा मुरैना में 44,466, ग्वालियर में 40,663, भोपाल में 38,072 और सागर में 35,953 ड्रॉपबॉक्स हुए हैं।

हाल ही में स्कूल मर्ज को लेकर प्रदर्शन भी हुए

हाल ही में उज्जैन में सराफा कन्या विद्यालय को दाऊदखेड़ी शिफ्ट करने का फैसला लिया गया था, जिसके विरोध में छात्राओं ने प्रदर्शन किया था।

इस विरोध प्रदर्शन में छात्राओं का कहना था कि स्कूल मर्ज होने से वे 10 किमी दूर हो जाएंगी, जिससे उनके लिए स्कूल जाना मुश्किल होगा।

प्रशासन के स्कूल शिफ्ट करने का फैसला वापस लेने के बाद छात्राएं।

प्रशासन के स्कूल शिफ्ट करने का फैसला वापस लेने के बाद छात्राएं।

स्कूल मर्जर के बाद छात्राओं की संख्या घटी

हाल ही में उज्जैन में सराफा कन्या विद्यालय को दाऊदखेड़ी शिफ्ट करने का आदेश दिया गया था।स्कूल के दूर शिफ्ट किये जाने के आदेश के बाद स्कूल में छात्राओं की संख्या में बड़ी गिरावट आई थी। पहले स्कूल में करीब 580 छात्राएं थीं, जो घटकर 415 रह गईं, यानी 165 छात्राओं की संख्या कम हुई। कक्षा 9वीं में भी छात्राओं की संख्या 180 से घटकर करीब 120 रह गई।

प्रशासन ने कहा- 3.16 लाख बच्चे जोड़े गए

शिक्षा केंद्र के अपर संचालक के मुताबिक, 2025-26 के मुकाबले 2026-27 में नामांकन बड़े हैं। चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से 3.16 लाख बाहर हुए बच्चों को दोबारा जोड़ा गया है। इस बार ट्रेकिंग के लिए शिक्षकों को समय पोर्टल के जरिए 6 साल के बच्चों को जोड़ा गया है।

—————————-

ये खबर भी पढ़ें..

4 सितंबर के करेंट अफेयर्स:तमिलनाडु में ओलिंपिक सिटी डेवलप की जाएगी, तेलंगाना का गोल्लाला गुड़ी मंदिर राष्ट्रीय स्मारक घोषित

आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें..

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.