पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए कर दिया है। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने आतंकियों की नई रेड बुक में अजहर को भगोड़ा घोषित किया है। यह कार्रवाई अक्टूबर में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक से पहले हुई है। FIA ने अजहर पर पहले घोषित इनाम में 20 लाख पाकिस्तानी रुपए की बढ़ोतरी की है। एजेंसी ने 2021 में उस पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपए का इनाम रखा था। करीब पांच साल बाद अब इसे बढ़ाया गया है। FATF की बैठक से पहले क्यों अहम है कार्रवाई? पाकिस्तान पहले FATF की ग्रे लिस्ट में रह चुका है। इस दौरान उस पर आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कार्रवाई करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव था। अक्टूबर 2022 में FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर कर दिया था। अब अक्टूबर में FATF की प्लेनरी बैठक होने वाली है। ऐसे में मसूद अजहर जैसे आतंकी के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा पाकिस्तान के लिए अहम मानी जा रही है। इससे वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दिखाने की कोशिश कर सकता है कि वह आतंकवाद और आतंकी फंडिंग के खिलाफ कदम उठा रहा है। 2021 में पाकिस्तान ने कहा था- अजहर अफगानिस्तान भाग गया पाकिस्तान ने 2021 में दावा किया था कि मसूद अजहर उसके देश में नहीं है और वह अफगानिस्तान भाग गया है। उसी साल FIA ने अपनी रेड बुक में उसे भगोड़ा बताते हुए 50 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। अब पांच साल बाद पाकिस्तान ने इनाम की रकम बढ़ा दी है। हालांकि, पाकिस्तान ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि अजहर इस समय कहां है। आतंकी मसूद भारत में कई मामलों में वांटेड मसूद अजहर भारत के सबसे वांटेड आतंकियों में शामिल है। वह जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और प्रमुख है। संगठन को भारत, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने आतंकी संगठन घोषित किया है। अजहर का नाम भारत में कई आतंकी मामलों से जुड़ा रहा है। 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण के बाद यात्रियों की रिहाई के बदले उसे भारत की जेल से छोड़ा गया था। ———————-
















































