Tuesday, 15 Sep 2026 | 04:56 PM

Trending :

EXCLUSIVE

UK Independence Demand | Scotland Wales Northern Ireland Leaders Meeting

UK Independence Demand | Scotland Wales Northern Ireland Leaders Meeting

कार्डिफ32 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड को ब्रिटेन से अलग करने की मांग करने वाली पार्टियों के नेता पहली बार एक साथ बैठे। वेल्स की राजधानी कार्डिफ में हुई इस बैठक में उन्होंने कहा कि इन देशों के लोगों को अपना भविष्य खुद तय करने का अधिकार है।

तीनों नेताओं ने ब्रिटेन की संसद वेस्टमिंस्टर से कहा कि वह लोगों को आजादी के लिए लोकतांत्रिक तरीके से फैसला करने से नहीं रोक सकती।

तीनों पार्टियां चाहती हैं कि उनके क्षेत्रों को ब्रिटेन से ज्यादा अधिकार मिलें और आगे चलकर वे अलग देश बन सकें। हालांकि, आजादी के लिए जनमत संग्रह कब और किस तरह कराया जाए, इसे लेकर तीनों पार्टियों की राय अलग-अलग है।

बाएं से दाएं: SNP नेता जॉन स्विनी, प्लेड कमरी नेता रून एपी इओरवर्थ, सिन फेन की अध्यक्ष मैरी लू मैकडोनाल्ड और नॉर्दर्न आयरलैंड की फर्स्ट मिनिस्टर मिशेल ओ'नील।

बाएं से दाएं: SNP नेता जॉन स्विनी, प्लेड कमरी नेता रून एपी इओरवर्थ, सिन फेन की अध्यक्ष मैरी लू मैकडोनाल्ड और नॉर्दर्न आयरलैंड की फर्स्ट मिनिस्टर मिशेल ओ’नील।

समझौते में कही गईं 8 अहम बातें

  1. स्कॉटलैंड, वेल्स और आयरलैंड का इतिहास, पहचान और राजनीतिक परंपराएं अलग-अलग हैं।
  2. तीनों देशों के लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से अपना भविष्य खुद तय करने का अधिकार है। ब्रिटेन की कोई भी सरकार लोकतंत्र को रोक नहीं सकती।
  3. तीनों पार्टियां मानती हैं कि आजादी को लेकर उनकी संवैधानिक स्थिति अलग-अलग है।
  4. इसलिए हर देश अपने तरीके और अपने समय के हिसाब से अपने भविष्य का फैसला करेगा।
  5. तीनों पार्टियों का मानना है कि वेस्टमिंस्टर यानी लंदन की ब्रिटिश संसद का दौर खत्म होने की ओर है।
  6. तीनों देश अपने ऊर्जा संसाधनों का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहते हैं। उनका मकसद आम लोगों के लिए बिजली की दरों को कम करना है।
  7. ब्रेक्सिट ने उनकी अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचाया और लोगों के लिए अवसर कम किए।
  8. वे यूरोप को अपना साझा घर मानते हैं। उनका भविष्य यूरोपीय संघ (EU) में है। वे EU से रिश्ते मजबूत करेंगे।

ब्रिटेन से अलग होना इतना आसान क्यों नहीं?

यूनाइटेड किंगडम चार हिस्सों से बना है- इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड।

स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड की अपनी संसद और सरकारें हैं। उन्हें कई मामलों में अपने फैसले लेने की ताकत मिली हुई है। लेकिन रक्षा और विदेश नीति जैसे बड़े मुद्दे अभी भी लंदन की सरकार के पास हैं।

यह व्यवस्था अमेरिका या जर्मनी जैसी नहीं है, जहां केंद्र और राज्यों के अधिकार संविधान में साफ-साफ बांटे गए हैं।

सबसे अहम बात यह है कि इन चारों में से कोई भी हिस्सा अपने दम पर ब्रिटेन से अलग होने का फैसला नहीं कर सकता।

स्कॉटलैंड में पहले हो चुका है आजादी पर जनमत संग्रह

स्कॉटलैंड में ब्रिटेन से अलग होने को लेकर 2014 में जनमत संग्रह हो चुका है। यह जनमत संग्रह वेस्टमिंस्टर की मंजूरी के बाद कराया गया था।

इसमें लोगों से पूछा गया था कि क्या स्कॉटलैंड को ब्रिटेन से अलग होकर स्वतंत्र देश बनना चाहिए।

नतीजे में 55% लोगों ने आजादी के खिलाफ और 45% ने इसके पक्ष में वोट दिया था।

वेल्स में स्थिति अलग है। वहां की संसद सेनेड अपने दम पर आजादी के लिए जनमत संग्रह नहीं करा सकती।

नॉर्दर्न आयरलैंड के लिए नियम कुछ अलग हैं। 1998 के गुड फ्राइडे समझौते के तहत अगर ब्रिटेन के नॉर्दर्न आयरलैंड सचिव को लगता है कि वहां बहुमत लोग आयरलैंड के साथ जुड़ने के पक्ष में वोट कर सकते हैं, तो ब्रिटिश सरकार को जनमत संग्रह कराना होगा।

आजादी के समर्थन में कितने लोग हैं?

हाल के कुछ सर्वे बताते हैं कि तीनों जगह ब्रिटेन की मौजूदा व्यवस्था बदलने की मांग को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, तीनों जगह स्थिति अलग-अलग है।

  • सर्वेशन के एक सर्वे में स्कॉटलैंड में 47% लोगों ने आजादी का समर्थन किया।
  • लिवरपूल यूनिवर्सिटी के एक सर्वे में नॉर्दर्न आयरलैंड में 36% लोगों ने आयरलैंड के साथ जुड़ने के पक्ष में वोट करने की बात कही।
  • वेल्स में सर्वेशन के सर्वे के मुताबिक 32% लोग आजादी के समर्थन में हैं।

लेकिन इन आंकड़ों को तीनों जगह एक जैसा नहीं देखा जा सकता। जैसे वेल्स की प्लेड कमरी पार्टी ने चुनाव में आजादी के मुद्दे पर ज्यादा जोर नहीं दिया था।

वहीं, स्कॉटलैंड में आजादी का मुद्दा काफी बड़ा है, जबकि नॉर्दर्न आयरलैंड में इसके पीछे की राजनीतिक स्थिति अलग है।

ऐसे में कार्डिफ की बैठक अहम है। पहली बार स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड की आजादी समर्थक पार्टियां एक साथ आई हैं और ब्रिटेन के भविष्य को लेकर अपनी बात रखी है।

तीनों पार्टियों का कहना है कि अपने भविष्य का फैसला करने का हक आखिरकार इन देशों के लोगों के पास होना चाहिए।

————————

ब्रिटेन से अलग हो सकते हैं स्कॉटलैंड-वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड:कल नेताओं की मीटिंग, आजादी के फैसले पर जनमत संग्रह संभव

UK के एकजुट रहने पर फिर सवाल उठ रहे हैं। स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड के नेता सोमवार को वेल्स की राजधानी कार्डिफ में मिलने वाले हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Telangana Intermediate 1st, 2nd Year Results 2026 (OUT) Live: Manabadi TS Inter Supplementary Results Link, Mark Memos Download Here.

June 11, 2026/
9:48 pm

आखरी अपडेट:11 जून, 2026, 21:48 IST नीति आयोग के हंगामे के बाद, विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक...

The counting for all these elections will be held on May 4, 2026. (AFP)

March 27, 2026/
4:24 pm

आखरी अपडेट:मार्च 27, 2026, 16:24 IST वर्षों से यह वोट मोटे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के पास रहा है। लेकिन...

खुद की एयरलाइंस शुरू कर सकता है अडाणी ग्रुप:नागरिक उड्डयन मंत्रालय नियमों में ढील दे सकता है; अभी एयरपोर्ट ऑपरेशन संभालता है

July 24, 2026/
9:46 am

अडाणी ग्रुप भारत के एविएशन सेक्टर में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए खुद की एयरलाइन शुरू करने...

IPL 2026 Playoff Scenarios Update; RCB SRH PBKS

May 5, 2026/
6:56 am

स्पोर्ट्स डेस्क17 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई इंडियंस की टीम जीत की राह में लौट आई है। सोमवार को टीम...

ट्रम्प आज अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे:ईरान-गाजा और टैरिफ पर बयान दे सकते हैं; एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की कई पीड़ित शामिल होंगी

February 25, 2026/
2:20 am

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में दूसरे कार्यकाल का दूसरा ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण देंगे। इस...

बैतूल में 7 नाबालिग निकले युवक की हत्या के आरोपी:मां से बात करने पर बेटों ने रची साजिश, चाकुओं से गोदा, लाश सड़क किनारे फेंकी

April 22, 2026/
8:35 pm

बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के ग्राम धामोरी में हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने नया और चौंकाने वाला मोड़ ले...

कटक के सरकारी हॉस्पिटल में आग, 10 मरीजों की मौत:लोगों को बचाने में 11 कर्मचारी झुलसे; ओडिशा CM घटनास्थल पर पहुंचे

March 16, 2026/
7:30 am

ओडिशा के कटक में SCB मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आग लग गई। इस हादसे में 10 मरीजों की मौत हो...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

UK Independence Demand | Scotland Wales Northern Ireland Leaders Meeting

UK Independence Demand | Scotland Wales Northern Ireland Leaders Meeting

कार्डिफ32 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड को ब्रिटेन से अलग करने की मांग करने वाली पार्टियों के नेता पहली बार एक साथ बैठे। वेल्स की राजधानी कार्डिफ में हुई इस बैठक में उन्होंने कहा कि इन देशों के लोगों को अपना भविष्य खुद तय करने का अधिकार है।

तीनों नेताओं ने ब्रिटेन की संसद वेस्टमिंस्टर से कहा कि वह लोगों को आजादी के लिए लोकतांत्रिक तरीके से फैसला करने से नहीं रोक सकती।

तीनों पार्टियां चाहती हैं कि उनके क्षेत्रों को ब्रिटेन से ज्यादा अधिकार मिलें और आगे चलकर वे अलग देश बन सकें। हालांकि, आजादी के लिए जनमत संग्रह कब और किस तरह कराया जाए, इसे लेकर तीनों पार्टियों की राय अलग-अलग है।

बाएं से दाएं: SNP नेता जॉन स्विनी, प्लेड कमरी नेता रून एपी इओरवर्थ, सिन फेन की अध्यक्ष मैरी लू मैकडोनाल्ड और नॉर्दर्न आयरलैंड की फर्स्ट मिनिस्टर मिशेल ओ'नील।

बाएं से दाएं: SNP नेता जॉन स्विनी, प्लेड कमरी नेता रून एपी इओरवर्थ, सिन फेन की अध्यक्ष मैरी लू मैकडोनाल्ड और नॉर्दर्न आयरलैंड की फर्स्ट मिनिस्टर मिशेल ओ’नील।

समझौते में कही गईं 8 अहम बातें

  1. स्कॉटलैंड, वेल्स और आयरलैंड का इतिहास, पहचान और राजनीतिक परंपराएं अलग-अलग हैं।
  2. तीनों देशों के लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से अपना भविष्य खुद तय करने का अधिकार है। ब्रिटेन की कोई भी सरकार लोकतंत्र को रोक नहीं सकती।
  3. तीनों पार्टियां मानती हैं कि आजादी को लेकर उनकी संवैधानिक स्थिति अलग-अलग है।
  4. इसलिए हर देश अपने तरीके और अपने समय के हिसाब से अपने भविष्य का फैसला करेगा।
  5. तीनों पार्टियों का मानना है कि वेस्टमिंस्टर यानी लंदन की ब्रिटिश संसद का दौर खत्म होने की ओर है।
  6. तीनों देश अपने ऊर्जा संसाधनों का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहते हैं। उनका मकसद आम लोगों के लिए बिजली की दरों को कम करना है।
  7. ब्रेक्सिट ने उनकी अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचाया और लोगों के लिए अवसर कम किए।
  8. वे यूरोप को अपना साझा घर मानते हैं। उनका भविष्य यूरोपीय संघ (EU) में है। वे EU से रिश्ते मजबूत करेंगे।

ब्रिटेन से अलग होना इतना आसान क्यों नहीं?

यूनाइटेड किंगडम चार हिस्सों से बना है- इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड।

स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड की अपनी संसद और सरकारें हैं। उन्हें कई मामलों में अपने फैसले लेने की ताकत मिली हुई है। लेकिन रक्षा और विदेश नीति जैसे बड़े मुद्दे अभी भी लंदन की सरकार के पास हैं।

यह व्यवस्था अमेरिका या जर्मनी जैसी नहीं है, जहां केंद्र और राज्यों के अधिकार संविधान में साफ-साफ बांटे गए हैं।

सबसे अहम बात यह है कि इन चारों में से कोई भी हिस्सा अपने दम पर ब्रिटेन से अलग होने का फैसला नहीं कर सकता।

स्कॉटलैंड में पहले हो चुका है आजादी पर जनमत संग्रह

स्कॉटलैंड में ब्रिटेन से अलग होने को लेकर 2014 में जनमत संग्रह हो चुका है। यह जनमत संग्रह वेस्टमिंस्टर की मंजूरी के बाद कराया गया था।

इसमें लोगों से पूछा गया था कि क्या स्कॉटलैंड को ब्रिटेन से अलग होकर स्वतंत्र देश बनना चाहिए।

नतीजे में 55% लोगों ने आजादी के खिलाफ और 45% ने इसके पक्ष में वोट दिया था।

वेल्स में स्थिति अलग है। वहां की संसद सेनेड अपने दम पर आजादी के लिए जनमत संग्रह नहीं करा सकती।

नॉर्दर्न आयरलैंड के लिए नियम कुछ अलग हैं। 1998 के गुड फ्राइडे समझौते के तहत अगर ब्रिटेन के नॉर्दर्न आयरलैंड सचिव को लगता है कि वहां बहुमत लोग आयरलैंड के साथ जुड़ने के पक्ष में वोट कर सकते हैं, तो ब्रिटिश सरकार को जनमत संग्रह कराना होगा।

आजादी के समर्थन में कितने लोग हैं?

हाल के कुछ सर्वे बताते हैं कि तीनों जगह ब्रिटेन की मौजूदा व्यवस्था बदलने की मांग को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, तीनों जगह स्थिति अलग-अलग है।

  • सर्वेशन के एक सर्वे में स्कॉटलैंड में 47% लोगों ने आजादी का समर्थन किया।
  • लिवरपूल यूनिवर्सिटी के एक सर्वे में नॉर्दर्न आयरलैंड में 36% लोगों ने आयरलैंड के साथ जुड़ने के पक्ष में वोट करने की बात कही।
  • वेल्स में सर्वेशन के सर्वे के मुताबिक 32% लोग आजादी के समर्थन में हैं।

लेकिन इन आंकड़ों को तीनों जगह एक जैसा नहीं देखा जा सकता। जैसे वेल्स की प्लेड कमरी पार्टी ने चुनाव में आजादी के मुद्दे पर ज्यादा जोर नहीं दिया था।

वहीं, स्कॉटलैंड में आजादी का मुद्दा काफी बड़ा है, जबकि नॉर्दर्न आयरलैंड में इसके पीछे की राजनीतिक स्थिति अलग है।

ऐसे में कार्डिफ की बैठक अहम है। पहली बार स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड की आजादी समर्थक पार्टियां एक साथ आई हैं और ब्रिटेन के भविष्य को लेकर अपनी बात रखी है।

तीनों पार्टियों का कहना है कि अपने भविष्य का फैसला करने का हक आखिरकार इन देशों के लोगों के पास होना चाहिए।

————————

ब्रिटेन से अलग हो सकते हैं स्कॉटलैंड-वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड:कल नेताओं की मीटिंग, आजादी के फैसले पर जनमत संग्रह संभव

UK के एकजुट रहने पर फिर सवाल उठ रहे हैं। स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड के नेता सोमवार को वेल्स की राजधानी कार्डिफ में मिलने वाले हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.