वॉशिंगटन डीसी22 मिनट पहले
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अमेरिका यूरोप में तैनात अपने 40 हजार सैनिक कम कर सकता है। फिलहाल यूरोप में करीब 80 हजार अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।
पेंटागन ने अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। समीक्षा पर अंतिम सिफारिश नवंबर की शुरुआत तक आने की उम्मीद है। इसके बाद ही राष्ट्रपति ट्रम्प कोई फैसला लेंगे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से NATO देशों से अपनी सुरक्षा पर ज्यादा खर्च करने की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि यूरोप को अपनी रक्षा के लिए अमेरिका पर कम निर्भर होना चाहिए।
पेंटागन ने जून में यूरोप में अमेरिकी सैनिकों, सैन्य ठिकानों और हथियारों की तैनाती की समीक्षा शुरू की थी। अगर अमेरिकी सैनिकों की तैनाती कम की जाती है तो यूरोप का सुरक्षा खर्च बढ़ सकता है।
जर्मनी, इटली और स्पेन जैसे देशों पर ज्यादा असर पड़ेगा
अगर अमेरिका सैनिक कम करता है तो इसका जर्मनी, इटली और स्पेन जैसे देशों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की सबसे बड़ी तैनाती जर्मनी में है, जहां करीब 36,400 सैनिक मौजूद हैं। इसके बाद इटली में लगभग 12,700 और स्पेन में करीब 3,800 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
इन देशों में अमेरिका के महत्वपूर्ण एयरबेस, नौसैनिक ठिकाने और सैन्य मुख्यालय हैं, जिनसे यूरोप, मध्य-पूर्व और अफ्रीका में कई सैन्य अभियान चलाए जाते हैं।
यूरोप में अमेरिका के इतने सैनिक क्यों हैं?
यूरोप में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का संचालन यूएस यूरोपियन कमांड (USEUCOM) करता है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने यूरोप में बड़ी संख्या में सैनिकों को तैनात किया था।
आज भी अमेरिकी सैनिक यूरोप में तैनात हैं। ये सैनिक यूरोप में कई अहम भूमिकाएं निभाते हैं।
- NATO देशों की सुरक्षा में मदद करते हैं
- रूस के खिलाफ सैन्य संतुलन बनाए रखते हैं
- यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य और लॉजिस्टिक सहायता में भूमिका निभाते हैं


ईरान को लेकर अमेरिका और यूरोप में मतभेद
ईरान को लेकर अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों के बीच मतभेद हैं। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़े तनाव के दौरान कई यूरोपीय देशों ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में सीधे शामिल होने से परहेज किया।
ब्रिटेन को अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले की जानकारी दी गई थी, लेकिन उसने अभियान में हिस्सा नहीं लिया।
इटली ने एक अमेरिकी एयरबेस के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी, जबकि स्पेन ने ईरान पर हमलों से जुड़े विमानों को अपने हवाई क्षेत्र और ठिकानों के उपयोग की अनुमति नहीं दी थी।
ट्रम्प ने यूरोपीय सहयोगियों से होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने के लिए भी सैन्य मदद मांगी थी लेकिन यूरोपीय देशों मे सीधी सैन्य भागीदारी से दूरी बनाई रखी।
अमेरिका का मानना है कि अगर यूरोपीय देश अपनी रक्षा पर ज्यादा पैसा खर्च करेंगे, तो अमेरिका अपने सैनिकों और संसाधनों को दूसरी जरूरी जगहों पर लगा सकेगा।
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