Sunday, 04 Oct 2026 | 05:59 PM

Trending :

EXCLUSIVE

इंटरव्यू- परिणीति चोपड़ा:स्क्रिप्ट चुनने में लंबी प्लानिंग नहीं, अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करती हूं

इंटरव्यू- परिणीति चोपड़ा:स्क्रिप्ट चुनने में लंबी प्लानिंग नहीं, अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करती हूं

परिणीति चोपड़ा ने नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ के साथ अपना ओटीटी डेब्यू किया है। उन्होंने एक खास बातचीत में अपने वेब डेब्यू, खुद पर भरोसे, बायोपिक की इच्छा और जीवन के नए फैसलों को लेकर चर्चा की। ओटीटी की दुनिया में कदम रखने का फैसला आपने क्यों किया? बड़े परदे पर अलग-अलग किरदार निभाने के बाद डिजिटल माध्यम में कदम रखना सिर्फ प्लेटफॉर्म बदलने का फैसला नहीं था। मैं ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहती थी, जो दर्शकों को बांधे रखें और जिन्हें शुरू करने के बाद वे रोक न पाएं। ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ की स्क्रिप्ट पढ़ते हुए भी मेरे साथ कुछ ऐसा ही हुआ था। इसलिए ही इससे जुड़ी थी। खुद को क्रॉस-चेक करने और खुद पर शक करने में क्या फर्क पाती हैं? मेरे लिए दोनों बातें बिल्कुल अलग हैं। अपने काम या फैसले को दोबारा जांचना सकारात्मक हो सकता है लेकिन लगातार खुद पर शक करना आपको पीछे खींच सकता है। जिंदगी में खुद पर विश्वास होना बहुत जरूरी है। अगर किसी चीज को लेकर भीतर से लगातार लगता है कि वह आपके लिए सही नहीं है, तो उस संकेत को भी समझना चाहिए। मेरे लिए आत्मविश्वास और आत्म-संदेह के बीच यही अंतर है। अब तक के इतने लंबे करियर में स्क्रिप्ट चुनने का तरीका कैसे बदला है? मैं करियर को लेकर कभी बहुत ज्यादा प्लानिंग करने वाली नहीं रही हूं। काफी हद तक अंतरात्मा की आवाज से काम करती हूं। जब कोई स्क्रिप्ट पढ़कर भीतर से लगता है कि मुझे यह करनी चाहिए, तो उस भावना को महत्व देती हूं। मैंने महसूस किया है कि जब इसके उलट जाकर फैसला लिया तो वह हमेशा गलत साबित हुआ। मेरे लिए करियर का मतलब हर चीज की लंबी प्लानिंग करना नहीं है। क्या स्क्रिप्ट चुनने में पति राघव चड्ढा से भी कोई सलाह लेती हैं? मेरे लिए पर्सनल और प्रोफेशनल दुनिया को अलग रखना जरूरी है। हम दोनों के अपने-अपने प्रोफेशन और जिम्मेदारियां हैं। जिस तरह मेरे काम में उनका हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए, उसी तरह उनके काम में भी मेरा हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। मैं अपनी स्क्रिप्ट का फैसला खुद करती हूं। मुझे लगता है कि हर व्यक्ति को अपनी पेशेवर पहचान और फैसले खुद लेने चाहिए। क्या बायोपिक जॉनर अब भी आकर्षित करता है? बायोपिक हमेशा मुझे दिलचस्प लगती हैं। इसमें सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि काफी रिसर्च भी होती है। आपको उस व्यक्ति की दुनिया, सोच और जर्नी को समझना पड़ता है। भविष्य में किसी स्पोर्ट्स पर्सन या म्यूजिक पर्सनैलिटी की कहानी करना अच्छा लगेगा। ऐसी प्रेरणादायक महिलाओं की कहानियां भी मुझे आकर्षित करती हैं, जिन्होंने देश में कोई बड़ा बदलाव किया हो। ओटीटी पर शुरुआत इसी सीरीज से क्यों की? मुझे जिस तरह का शो करना था, उसकी लगभग सारी खूबियां इस स्क्रिप्ट में थीं। इसे पढ़ते हुए मैं लगातार आगे बढ़ती गई और रोकने का मन नहीं हुआ। तभी लगा कि अगर इसे उसी तरह परदे पर बनाया गया, जैसा स्क्रिप्ट में महसूस हो रहा है, तो यह वैसा ही बिंज-वर्दी शो होगा, जिसकी मैं तलाश कर रही थी। डायरेक्टर, प्रोड्यूसर्स और पूरी स्टार कास्ट भी शानदार थी। इसकी शूटिंग का अनुभव इतना अच्छा रहा है कि अब वेब सीरीज फॉर्मेट में और काम करने की इच्छा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

April 1, 2026/
11:04 am

चंदौलीः आज के इस दौर में जहां टूथब्रश और टूथपेस्ट ने हमारी दिनचर्या में स्थायी जगह बना ली है. वहीं,...

ऋषि कपूर ने बाल कलाकार को डांटा था:7 साल के पुष्कर जोग रो पड़े थे, फिर नाना पाटेकर ने ऋषि को फटकार लगाई थी

September 10, 2026/
4:30 am

मराठी एक्टर पुष्कर जोग ने हाल ही में बताया कि 1995 की फिल्म ‘हम दोनों’ की शूटिंग के दौरान एक्टर...

आशा भोसले ने निधन से एक दिन पहले नाटक देखा:लोगों को डांट लगाते हुए कला को जिंदा रखने की बात कही थी

April 25, 2026/
3:20 pm

सिंगर आशा भोसले अपने निधन से एक दिन पहले मुंबई में तीन घंटे का मराठी नाटक देखने गई थीं। वहां...

Maithili Thakur Rolls Royce Controversy

September 20, 2026/
5:37 pm

32 मिनट पहले कॉपी लिंक लालबागचा राजा के दर्शन करने मुंबई पहुंचीं गायिका और बिहार की बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर...

साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 19 रन से हराया:चौथे टी-20 में एस्टरहुइजन की फिफ्टी, कूट्जी ने 3 विकेट लिए; सीरीज 2-2 से बराबर

March 22, 2026/
4:56 pm

वेलिंगटन में खेले गए चौथे टी-20 में साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 19 रन से हराकर सीरीज 2-2 से बराबर...

Rajkot AIIMS Intern Doctor Suicide

March 14, 2026/
12:05 pm

जैसलमेर के रहने वाले MBBS स्टूडेंट ने शनिवार सुबह गुजरात में सुसाइड कर लिया। जैसलमेर के MBBS स्टूडेंट ने राजकोट...

ask search icon

April 8, 2026/
6:31 pm

Last Updated:April 08, 2026, 18:31 IST गर्भावस्था के दौरान मां के खान-पान का सीधा असर बच्चे की सेहत पर पड़ता...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

इंटरव्यू- परिणीति चोपड़ा:स्क्रिप्ट चुनने में लंबी प्लानिंग नहीं, अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करती हूं

इंटरव्यू- परिणीति चोपड़ा:स्क्रिप्ट चुनने में लंबी प्लानिंग नहीं, अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करती हूं

परिणीति चोपड़ा ने नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ के साथ अपना ओटीटी डेब्यू किया है। उन्होंने एक खास बातचीत में अपने वेब डेब्यू, खुद पर भरोसे, बायोपिक की इच्छा और जीवन के नए फैसलों को लेकर चर्चा की। ओटीटी की दुनिया में कदम रखने का फैसला आपने क्यों किया? बड़े परदे पर अलग-अलग किरदार निभाने के बाद डिजिटल माध्यम में कदम रखना सिर्फ प्लेटफॉर्म बदलने का फैसला नहीं था। मैं ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहती थी, जो दर्शकों को बांधे रखें और जिन्हें शुरू करने के बाद वे रोक न पाएं। ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ की स्क्रिप्ट पढ़ते हुए भी मेरे साथ कुछ ऐसा ही हुआ था। इसलिए ही इससे जुड़ी थी। खुद को क्रॉस-चेक करने और खुद पर शक करने में क्या फर्क पाती हैं? मेरे लिए दोनों बातें बिल्कुल अलग हैं। अपने काम या फैसले को दोबारा जांचना सकारात्मक हो सकता है लेकिन लगातार खुद पर शक करना आपको पीछे खींच सकता है। जिंदगी में खुद पर विश्वास होना बहुत जरूरी है। अगर किसी चीज को लेकर भीतर से लगातार लगता है कि वह आपके लिए सही नहीं है, तो उस संकेत को भी समझना चाहिए। मेरे लिए आत्मविश्वास और आत्म-संदेह के बीच यही अंतर है। अब तक के इतने लंबे करियर में स्क्रिप्ट चुनने का तरीका कैसे बदला है? मैं करियर को लेकर कभी बहुत ज्यादा प्लानिंग करने वाली नहीं रही हूं। काफी हद तक अंतरात्मा की आवाज से काम करती हूं। जब कोई स्क्रिप्ट पढ़कर भीतर से लगता है कि मुझे यह करनी चाहिए, तो उस भावना को महत्व देती हूं। मैंने महसूस किया है कि जब इसके उलट जाकर फैसला लिया तो वह हमेशा गलत साबित हुआ। मेरे लिए करियर का मतलब हर चीज की लंबी प्लानिंग करना नहीं है। क्या स्क्रिप्ट चुनने में पति राघव चड्ढा से भी कोई सलाह लेती हैं? मेरे लिए पर्सनल और प्रोफेशनल दुनिया को अलग रखना जरूरी है। हम दोनों के अपने-अपने प्रोफेशन और जिम्मेदारियां हैं। जिस तरह मेरे काम में उनका हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए, उसी तरह उनके काम में भी मेरा हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। मैं अपनी स्क्रिप्ट का फैसला खुद करती हूं। मुझे लगता है कि हर व्यक्ति को अपनी पेशेवर पहचान और फैसले खुद लेने चाहिए। क्या बायोपिक जॉनर अब भी आकर्षित करता है? बायोपिक हमेशा मुझे दिलचस्प लगती हैं। इसमें सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि काफी रिसर्च भी होती है। आपको उस व्यक्ति की दुनिया, सोच और जर्नी को समझना पड़ता है। भविष्य में किसी स्पोर्ट्स पर्सन या म्यूजिक पर्सनैलिटी की कहानी करना अच्छा लगेगा। ऐसी प्रेरणादायक महिलाओं की कहानियां भी मुझे आकर्षित करती हैं, जिन्होंने देश में कोई बड़ा बदलाव किया हो। ओटीटी पर शुरुआत इसी सीरीज से क्यों की? मुझे जिस तरह का शो करना था, उसकी लगभग सारी खूबियां इस स्क्रिप्ट में थीं। इसे पढ़ते हुए मैं लगातार आगे बढ़ती गई और रोकने का मन नहीं हुआ। तभी लगा कि अगर इसे उसी तरह परदे पर बनाया गया, जैसा स्क्रिप्ट में महसूस हो रहा है, तो यह वैसा ही बिंज-वर्दी शो होगा, जिसकी मैं तलाश कर रही थी। डायरेक्टर, प्रोड्यूसर्स और पूरी स्टार कास्ट भी शानदार थी। इसकी शूटिंग का अनुभव इतना अच्छा रहा है कि अब वेब सीरीज फॉर्मेट में और काम करने की इच्छा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.