Tuesday, 15 Sep 2026 | 11:36 AM

Trending :

EXCLUSIVE

चीन आबादी बढ़ाने के लिए ‎ले रहा आईवीएफ का सहारा‎:इनफर्टिलिटी 18 प्रतिशत, इससे IVF कराने वालों की संख्या बढ़कर 11 लाख हुई

चीन आबादी बढ़ाने के लिए ‎ले रहा आईवीएफ का सहारा‎:इनफर्टिलिटी 18 प्रतिशत, इससे IVF कराने वालों की संख्या बढ़कर 11 लाख हुई

चीनी जोड़े पुरानी पीढ़ियों के मुकाबले ‎‎अधिक उम्र में शादी कर रहे हैं। यह ‎‎इनफर्टिलिटी की समस्या अधिक बढ़ने‎ का एक कारण है।‎‎ संतान पैदा कर सकने वाले जोड़ों में ‎‎इनफर्टिलिटी 2020 में 18% पाई गई‎ जबकि 2007 में यह 12% थी। इससे ‎आईवीएफ की मांग बढ़ी है। चीन में लैब‎ की मदद से संतान को जन्म देने का ‎इलाज कराने वालों की संख्या 2013 के ‎‎2.36 लाख के मुकाबले 2019 में 11 ‎लाख हो गई थी। आज चीन में 600 ‎‎लाइसेंसी क्लिनिक हैं। उपलब्ध आंकड़ों‎ के अनुसार आईवीएफ से 2022 में ‎करीब तीन लाख बच्चों के जन्म हुए थे। अधिक‎ बच्चों के लिए बेचैन देश में इस छोटी ‎संख्या ने भी सरकार का ध्यान खींचा है।‎ चीनी सरकार ने जन्मदर बढ़ाने के लिए ‎‎अच्छा पैकेज देना शुरू किया है। 2025 ‎में तीन साल से कम आयु के प्रति बच्चे‎ के लिए हर साल 47689 रुपए भत्ता देने ‎की योजना शुरू की है। जनवरी में कंडोम पर वैट की दर 13% कर दी गई। 2022 ‎में केंद्र सरकार ने फर्टिलिटी ट्रीटमेंट को ‎सार्वजनिक बीमा योजनाओं में शामिल‎ किया है। 2024 में दस लाख से अधिक‎ लोगों को आईवीएफ ट्रीटमेंट कराने के‎ खर्च की भरपाई की गई। 2025 के मध्य ‎में सभी 31 प्रांतीय सरकारों ने इसे अपनी‎ योजनाओं में शामिल कर लिया है। ‎आईवीएफ के एक चक्र पर 20 से 50 ‎हजार युआन तक खर्च आता है। कई‎ शहर दस हजार युआन तक दे रहे हैं।‎ फिर भी, जनसंख्या विशेषज्ञों को‎ संदेह है कि आईवीएफ सब्सिडी से‎जन्मदर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।‎‎जापान और दक्षिण कोरिया दशकों से‎आईवीएफ सहित जन्म दर बढ़ाने से‎जुड़ी नीतियों पर भारी खर्च कर रहे हैं।‎ दोनों की आबादी कोई खास नहीं बढ़ी ‎है। चीन में संतान पैदा करने की दर ‎बहुत अधिक बढ़ाने के लिए सहायक ‎कार्यक्रमों को कई गुना बढ़ाना पड़ेगा।‎ यह इतना आसान नहीं है। अस्पतालों में‎ ऐसे अधिक मरीज आ रहे हैं जिनकी आयु ‎35-40 के बीच है। इस आयु में ‎सफलता की दर कम होती है। हॉन्गकॉन्ग‎ साइंस टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के स्टुअर्ट‎गीतेल बास्टेन कहते हैं, आईवीएफ ‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎इनफर्टिलिटी में मदद करता है, संतान के‎ बारे में दुविधा या अस्पष्टता में नहीं। इस ‎तरह बहुत कम लोगों को फायदा होता है।‎ चीन में यह सीमित पूल पहुंच की‎ समस्या और सरकार की नीतियों से और‎ सिकुड़ गया है। क्लीनिक्स की संख्या‎ संपन्न शहरों में ज्यादा है। 2023 से‎ 2025 तक दो करोड़ 22 लाख आबादी ‎के बीजिंग में 53 हजार लोगों ने सरकारी‎ इंश्योरेंस से फर्टिलिटी ट्रीटमेंट कराया ‎था। इसकी तुलना में इतनी ही आबादी ‎के उत्तर पूर्वी प्रांत जिलिन में छह हजार‎ से कम महिलाओं को ही 2024 में‎ योजना शुरू होने के पहले वर्ष में फायदा‎ हुआ था।‎ स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के करेन एगलस्टोन कहते हैं, ये असमानताएं ‎चीन के हेल्थ सिस्टम के ढांचे की ‎झलक दिखाती हैं। प्रांतों को अपने‎ इंश्योरेंस खर्च का बड़ा हिस्सा उठाना ‎पड़ता है। इसलिए संपन्न इलाके ज्यादा‎ खर्च करते हैं। गरीब इलाकों में लोगों की ‎इलाज कराने की क्षमता नहीं है। मिसाल‎ के तौर पर निंगशिया की प्रति व्यक्ति‎ सालाना आय ट्रीटमेंट के एक साइकल‎ से कम है। इसके अलावा आईवीएफ के ‎लिए कड़े राष्ट्रीय और प्रांतीय नियम हैं।‎ केवल विवाहित जोड़ों का इलाज हो‎ सकता है। कई स्थानों में मां की आयु का‎ ध्यान रखा जाता है। एग फ्रीज करने के ‎नियम बहुत सख्त हैं।‎ फर्टिलिटी दर बहुत कम चीन उन देशों में है जिनमें फर्टिलिटी ‎(प्रजनन क्षमता) की दर दुनिया में ‎सबसे कम है। औसत चीनी महिला ‎का अपने जीवनकाल में केवल एक‎ बच्चा होता है। यह 2017 के 1.8‎ और आबादी को स्थिर रखने के ‎लिए जरूरी 2.1 से बहुत कम है।‎

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
रुपया 94.7 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर:इस वित्त वर्ष डॉलर के मुकाबले 10% गिरा, 14 साल का रिकॉर्ड टूटा; विदेशी सामान महंगे होंगे

March 27, 2026/
3:11 pm

भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.7 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में जारी...

एस्टोनिया के रक्षामंत्री ने इस्तीफा दिया:यूक्रेन को समय पर तोप के गोले नहीं दे पाए; कॉन्ट्रेक्ट में भारतीय कंपनी शामिल, अनुभव नहीं होने का आरोप

September 4, 2026/
10:28 am

एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हानो पेवकुर ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की वजह यूक्रेन के लिए की गई...

विजय की CM शपथ में मौजूद तृषा पर भड़कीं सिंगर:कहा- बिना तलाक साथ घूम रहे हैं, सोचिए पत्नी और बच्चों की मानसिक स्थिति कैसी होगी

May 12, 2026/
11:08 am

थलापति विजय से नाम जुड़ने से सुर्खियों में बनीं हुईं तृषा कृष्णन पर साउथ सिंगर ने निशाना साधा है। उन्होंने...

बीजेपी से 1000 करोड़ के कथित घोटालेबाज पर हुमायूँ कबीर की पहली प्रतिक्रिया, ममता बनर्जी ने लगाया ये आरोप

April 9, 2026/
8:53 pm

कांग्रेस से अलग अपनी पार्टी बनाने वाले हुमायूँ कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर आज गुरुवार (9 अप्रैल...

मानसून सत्र से पहले, केंद्र ने प्रमुख विधेयकों के लिए विपक्ष से संपर्क किया | राजनीति | न्यूज18

June 18, 2026/
4:46 pm

संसद के मानसून सत्र के करीब आने के साथ, केंद्र ने कानून के प्रमुख हिस्सों पर आम सहमति बनाने के...

वर्ल्ड अपडेट्स:भारत दौरे पर पहुंचे बांग्लादेश के विदेश मंत्री, शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग की

April 9, 2026/
12:01 pm

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री...

Shubman Gill; ICC ODI Ranking 2026 List Update

June 24, 2026/
4:17 pm

स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले कॉपी लिंक अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय कप्तान शुभमन गिल दुनिया...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

चीन आबादी बढ़ाने के लिए ‎ले रहा आईवीएफ का सहारा‎:इनफर्टिलिटी 18 प्रतिशत, इससे IVF कराने वालों की संख्या बढ़कर 11 लाख हुई

चीन आबादी बढ़ाने के लिए ‎ले रहा आईवीएफ का सहारा‎:इनफर्टिलिटी 18 प्रतिशत, इससे IVF कराने वालों की संख्या बढ़कर 11 लाख हुई

चीनी जोड़े पुरानी पीढ़ियों के मुकाबले ‎‎अधिक उम्र में शादी कर रहे हैं। यह ‎‎इनफर्टिलिटी की समस्या अधिक बढ़ने‎ का एक कारण है।‎‎ संतान पैदा कर सकने वाले जोड़ों में ‎‎इनफर्टिलिटी 2020 में 18% पाई गई‎ जबकि 2007 में यह 12% थी। इससे ‎आईवीएफ की मांग बढ़ी है। चीन में लैब‎ की मदद से संतान को जन्म देने का ‎इलाज कराने वालों की संख्या 2013 के ‎‎2.36 लाख के मुकाबले 2019 में 11 ‎लाख हो गई थी। आज चीन में 600 ‎‎लाइसेंसी क्लिनिक हैं। उपलब्ध आंकड़ों‎ के अनुसार आईवीएफ से 2022 में ‎करीब तीन लाख बच्चों के जन्म हुए थे। अधिक‎ बच्चों के लिए बेचैन देश में इस छोटी ‎संख्या ने भी सरकार का ध्यान खींचा है।‎ चीनी सरकार ने जन्मदर बढ़ाने के लिए ‎‎अच्छा पैकेज देना शुरू किया है। 2025 ‎में तीन साल से कम आयु के प्रति बच्चे‎ के लिए हर साल 47689 रुपए भत्ता देने ‎की योजना शुरू की है। जनवरी में कंडोम पर वैट की दर 13% कर दी गई। 2022 ‎में केंद्र सरकार ने फर्टिलिटी ट्रीटमेंट को ‎सार्वजनिक बीमा योजनाओं में शामिल‎ किया है। 2024 में दस लाख से अधिक‎ लोगों को आईवीएफ ट्रीटमेंट कराने के‎ खर्च की भरपाई की गई। 2025 के मध्य ‎में सभी 31 प्रांतीय सरकारों ने इसे अपनी‎ योजनाओं में शामिल कर लिया है। ‎आईवीएफ के एक चक्र पर 20 से 50 ‎हजार युआन तक खर्च आता है। कई‎ शहर दस हजार युआन तक दे रहे हैं।‎ फिर भी, जनसंख्या विशेषज्ञों को‎ संदेह है कि आईवीएफ सब्सिडी से‎जन्मदर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।‎‎जापान और दक्षिण कोरिया दशकों से‎आईवीएफ सहित जन्म दर बढ़ाने से‎जुड़ी नीतियों पर भारी खर्च कर रहे हैं।‎ दोनों की आबादी कोई खास नहीं बढ़ी ‎है। चीन में संतान पैदा करने की दर ‎बहुत अधिक बढ़ाने के लिए सहायक ‎कार्यक्रमों को कई गुना बढ़ाना पड़ेगा।‎ यह इतना आसान नहीं है। अस्पतालों में‎ ऐसे अधिक मरीज आ रहे हैं जिनकी आयु ‎35-40 के बीच है। इस आयु में ‎सफलता की दर कम होती है। हॉन्गकॉन्ग‎ साइंस टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के स्टुअर्ट‎गीतेल बास्टेन कहते हैं, आईवीएफ ‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎इनफर्टिलिटी में मदद करता है, संतान के‎ बारे में दुविधा या अस्पष्टता में नहीं। इस ‎तरह बहुत कम लोगों को फायदा होता है।‎ चीन में यह सीमित पूल पहुंच की‎ समस्या और सरकार की नीतियों से और‎ सिकुड़ गया है। क्लीनिक्स की संख्या‎ संपन्न शहरों में ज्यादा है। 2023 से‎ 2025 तक दो करोड़ 22 लाख आबादी ‎के बीजिंग में 53 हजार लोगों ने सरकारी‎ इंश्योरेंस से फर्टिलिटी ट्रीटमेंट कराया ‎था। इसकी तुलना में इतनी ही आबादी ‎के उत्तर पूर्वी प्रांत जिलिन में छह हजार‎ से कम महिलाओं को ही 2024 में‎ योजना शुरू होने के पहले वर्ष में फायदा‎ हुआ था।‎ स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के करेन एगलस्टोन कहते हैं, ये असमानताएं ‎चीन के हेल्थ सिस्टम के ढांचे की ‎झलक दिखाती हैं। प्रांतों को अपने‎ इंश्योरेंस खर्च का बड़ा हिस्सा उठाना ‎पड़ता है। इसलिए संपन्न इलाके ज्यादा‎ खर्च करते हैं। गरीब इलाकों में लोगों की ‎इलाज कराने की क्षमता नहीं है। मिसाल‎ के तौर पर निंगशिया की प्रति व्यक्ति‎ सालाना आय ट्रीटमेंट के एक साइकल‎ से कम है। इसके अलावा आईवीएफ के ‎लिए कड़े राष्ट्रीय और प्रांतीय नियम हैं।‎ केवल विवाहित जोड़ों का इलाज हो‎ सकता है। कई स्थानों में मां की आयु का‎ ध्यान रखा जाता है। एग फ्रीज करने के ‎नियम बहुत सख्त हैं।‎ फर्टिलिटी दर बहुत कम चीन उन देशों में है जिनमें फर्टिलिटी ‎(प्रजनन क्षमता) की दर दुनिया में ‎सबसे कम है। औसत चीनी महिला ‎का अपने जीवनकाल में केवल एक‎ बच्चा होता है। यह 2017 के 1.8‎ और आबादी को स्थिर रखने के ‎लिए जरूरी 2.1 से बहुत कम है।‎

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.