Wednesday, 04 Nov 2026 | 10:05 AM

Trending :

चीन आबादी बढ़ाने के लिए ‎ले रहा आईवीएफ का सहारा‎:इनफर्टिलिटी 18 प्रतिशत, इससे IVF कराने वालों की संख्या बढ़कर 11 लाख हुई

चीन आबादी बढ़ाने के लिए ‎ले रहा आईवीएफ का सहारा‎:इनफर्टिलिटी 18 प्रतिशत, इससे IVF कराने वालों की संख्या बढ़कर 11 लाख हुई

चीनी जोड़े पुरानी पीढ़ियों के मुकाबले ‎‎अधिक उम्र में शादी कर रहे हैं। यह ‎‎इनफर्टिलिटी की समस्या अधिक बढ़ने‎ का एक कारण है।‎‎ संतान पैदा कर सकने वाले जोड़ों में ‎‎इनफर्टिलिटी 2020 में 18% पाई गई‎ जबकि 2007 में यह 12% थी। इससे ‎आईवीएफ की मांग बढ़ी है। चीन में लैब‎ की मदद से संतान को जन्म देने का ‎इलाज कराने वालों की संख्या 2013 के ‎‎2.36 लाख के मुकाबले 2019 में 11 ‎लाख हो गई थी। आज चीन में 600 ‎‎लाइसेंसी क्लिनिक हैं। उपलब्ध आंकड़ों‎ के अनुसार आईवीएफ से 2022 में ‎करीब तीन लाख बच्चों के जन्म हुए थे। अधिक‎ बच्चों के लिए बेचैन देश में इस छोटी ‎संख्या ने भी सरकार का ध्यान खींचा है।‎ चीनी सरकार ने जन्मदर बढ़ाने के लिए ‎‎अच्छा पैकेज देना शुरू किया है। 2025 ‎में तीन साल से कम आयु के प्रति बच्चे‎ के लिए हर साल 47689 रुपए भत्ता देने ‎की योजना शुरू की है। जनवरी में कंडोम पर वैट की दर 13% कर दी गई। 2022 ‎में केंद्र सरकार ने फर्टिलिटी ट्रीटमेंट को ‎सार्वजनिक बीमा योजनाओं में शामिल‎ किया है। 2024 में दस लाख से अधिक‎ लोगों को आईवीएफ ट्रीटमेंट कराने के‎ खर्च की भरपाई की गई। 2025 के मध्य ‎में सभी 31 प्रांतीय सरकारों ने इसे अपनी‎ योजनाओं में शामिल कर लिया है। ‎आईवीएफ के एक चक्र पर 20 से 50 ‎हजार युआन तक खर्च आता है। कई‎ शहर दस हजार युआन तक दे रहे हैं।‎ फिर भी, जनसंख्या विशेषज्ञों को‎ संदेह है कि आईवीएफ सब्सिडी से‎जन्मदर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।‎‎जापान और दक्षिण कोरिया दशकों से‎आईवीएफ सहित जन्म दर बढ़ाने से‎जुड़ी नीतियों पर भारी खर्च कर रहे हैं।‎ दोनों की आबादी कोई खास नहीं बढ़ी ‎है। चीन में संतान पैदा करने की दर ‎बहुत अधिक बढ़ाने के लिए सहायक ‎कार्यक्रमों को कई गुना बढ़ाना पड़ेगा।‎ यह इतना आसान नहीं है। अस्पतालों में‎ ऐसे अधिक मरीज आ रहे हैं जिनकी आयु ‎35-40 के बीच है। इस आयु में ‎सफलता की दर कम होती है। हॉन्गकॉन्ग‎ साइंस टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के स्टुअर्ट‎गीतेल बास्टेन कहते हैं, आईवीएफ ‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎इनफर्टिलिटी में मदद करता है, संतान के‎ बारे में दुविधा या अस्पष्टता में नहीं। इस ‎तरह बहुत कम लोगों को फायदा होता है।‎ चीन में यह सीमित पूल पहुंच की‎ समस्या और सरकार की नीतियों से और‎ सिकुड़ गया है। क्लीनिक्स की संख्या‎ संपन्न शहरों में ज्यादा है। 2023 से‎ 2025 तक दो करोड़ 22 लाख आबादी ‎के बीजिंग में 53 हजार लोगों ने सरकारी‎ इंश्योरेंस से फर्टिलिटी ट्रीटमेंट कराया ‎था। इसकी तुलना में इतनी ही आबादी ‎के उत्तर पूर्वी प्रांत जिलिन में छह हजार‎ से कम महिलाओं को ही 2024 में‎ योजना शुरू होने के पहले वर्ष में फायदा‎ हुआ था।‎ स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के करेन एगलस्टोन कहते हैं, ये असमानताएं ‎चीन के हेल्थ सिस्टम के ढांचे की ‎झलक दिखाती हैं। प्रांतों को अपने‎ इंश्योरेंस खर्च का बड़ा हिस्सा उठाना ‎पड़ता है। इसलिए संपन्न इलाके ज्यादा‎ खर्च करते हैं। गरीब इलाकों में लोगों की ‎इलाज कराने की क्षमता नहीं है। मिसाल‎ के तौर पर निंगशिया की प्रति व्यक्ति‎ सालाना आय ट्रीटमेंट के एक साइकल‎ से कम है। इसके अलावा आईवीएफ के ‎लिए कड़े राष्ट्रीय और प्रांतीय नियम हैं।‎ केवल विवाहित जोड़ों का इलाज हो‎ सकता है। कई स्थानों में मां की आयु का‎ ध्यान रखा जाता है। एग फ्रीज करने के ‎नियम बहुत सख्त हैं।‎ फर्टिलिटी दर बहुत कम चीन उन देशों में है जिनमें फर्टिलिटी ‎(प्रजनन क्षमता) की दर दुनिया में ‎सबसे कम है। औसत चीनी महिला ‎का अपने जीवनकाल में केवल एक‎ बच्चा होता है। यह 2017 के 1.8‎ और आबादी को स्थिर रखने के ‎लिए जरूरी 2.1 से बहुत कम है।‎

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Assam CMs Wife 3 Passports

April 5, 2026/
7:44 pm

Hindi News National Assam CMs Wife 3 Passports | 52000 Crore Case; Sarma Threatens Defamation गुवाहाटी14 मिनट पहले कॉपी लिंक...

Salman Agha Not Out Decision Questioned, MCC Upholds Umpire

March 17, 2026/
6:40 pm

ढाका10 घंटे पहले कॉपी लिंक क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने सलमान आगा के विवादित...

England vs New Zealand Live Score, 2nd Test, Day 4 (England National Cricket Team vs New Zealand National Cricket Team):  Follow live updates of ENG vs NZ 2nd Test, Day 4 (AP)

June 20, 2026/
3:51 pm

आखरी अपडेट:20 जून, 2026, 15:51 IST ऑपरेशन टाइगर की चर्चा और महाराष्ट्र में राजनीतिक पुनर्गठन की अटकलों के बीच अमित...

तस्वीर का विवरण

July 15, 2026/
11:43 pm

आवश्यक सामग्री 1 कप सूजी2 कप पानी1 मूल तेलआधा हिस्सानमक का स्वादस्टफिंग के लिए आलू आलू, तरबूज प्याज, हरी मिर्च,...

'नागरिकता इंजीनियरिंग सरकार...', बंगाल चुनाव से पहले केंद्र पर ममता बनर्जी का बड़ा आरोप

March 21, 2026/
2:46 pm

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आगामी एनआरसी के...

इजराइल को ₹26 हजार करोड़ के हथियार देंगे ट्रम्प:900 किलो के 40 हजार बम शामिल; बाइडेन ने इनकी सप्लाई पर रोक लगाई थी

September 16, 2026/
7:35 am

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का प्रशासन इजराइल को 2.8 अरब डॉलर यानी करीब ₹26 हजार करोड़ के हथियार देने की...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

चीन आबादी बढ़ाने के लिए ‎ले रहा आईवीएफ का सहारा‎:इनफर्टिलिटी 18 प्रतिशत, इससे IVF कराने वालों की संख्या बढ़कर 11 लाख हुई

चीन आबादी बढ़ाने के लिए ‎ले रहा आईवीएफ का सहारा‎:इनफर्टिलिटी 18 प्रतिशत, इससे IVF कराने वालों की संख्या बढ़कर 11 लाख हुई

चीनी जोड़े पुरानी पीढ़ियों के मुकाबले ‎‎अधिक उम्र में शादी कर रहे हैं। यह ‎‎इनफर्टिलिटी की समस्या अधिक बढ़ने‎ का एक कारण है।‎‎ संतान पैदा कर सकने वाले जोड़ों में ‎‎इनफर्टिलिटी 2020 में 18% पाई गई‎ जबकि 2007 में यह 12% थी। इससे ‎आईवीएफ की मांग बढ़ी है। चीन में लैब‎ की मदद से संतान को जन्म देने का ‎इलाज कराने वालों की संख्या 2013 के ‎‎2.36 लाख के मुकाबले 2019 में 11 ‎लाख हो गई थी। आज चीन में 600 ‎‎लाइसेंसी क्लिनिक हैं। उपलब्ध आंकड़ों‎ के अनुसार आईवीएफ से 2022 में ‎करीब तीन लाख बच्चों के जन्म हुए थे। अधिक‎ बच्चों के लिए बेचैन देश में इस छोटी ‎संख्या ने भी सरकार का ध्यान खींचा है।‎ चीनी सरकार ने जन्मदर बढ़ाने के लिए ‎‎अच्छा पैकेज देना शुरू किया है। 2025 ‎में तीन साल से कम आयु के प्रति बच्चे‎ के लिए हर साल 47689 रुपए भत्ता देने ‎की योजना शुरू की है। जनवरी में कंडोम पर वैट की दर 13% कर दी गई। 2022 ‎में केंद्र सरकार ने फर्टिलिटी ट्रीटमेंट को ‎सार्वजनिक बीमा योजनाओं में शामिल‎ किया है। 2024 में दस लाख से अधिक‎ लोगों को आईवीएफ ट्रीटमेंट कराने के‎ खर्च की भरपाई की गई। 2025 के मध्य ‎में सभी 31 प्रांतीय सरकारों ने इसे अपनी‎ योजनाओं में शामिल कर लिया है। ‎आईवीएफ के एक चक्र पर 20 से 50 ‎हजार युआन तक खर्च आता है। कई‎ शहर दस हजार युआन तक दे रहे हैं।‎ फिर भी, जनसंख्या विशेषज्ञों को‎ संदेह है कि आईवीएफ सब्सिडी से‎जन्मदर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।‎‎जापान और दक्षिण कोरिया दशकों से‎आईवीएफ सहित जन्म दर बढ़ाने से‎जुड़ी नीतियों पर भारी खर्च कर रहे हैं।‎ दोनों की आबादी कोई खास नहीं बढ़ी ‎है। चीन में संतान पैदा करने की दर ‎बहुत अधिक बढ़ाने के लिए सहायक ‎कार्यक्रमों को कई गुना बढ़ाना पड़ेगा।‎ यह इतना आसान नहीं है। अस्पतालों में‎ ऐसे अधिक मरीज आ रहे हैं जिनकी आयु ‎35-40 के बीच है। इस आयु में ‎सफलता की दर कम होती है। हॉन्गकॉन्ग‎ साइंस टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के स्टुअर्ट‎गीतेल बास्टेन कहते हैं, आईवीएफ ‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎इनफर्टिलिटी में मदद करता है, संतान के‎ बारे में दुविधा या अस्पष्टता में नहीं। इस ‎तरह बहुत कम लोगों को फायदा होता है।‎ चीन में यह सीमित पूल पहुंच की‎ समस्या और सरकार की नीतियों से और‎ सिकुड़ गया है। क्लीनिक्स की संख्या‎ संपन्न शहरों में ज्यादा है। 2023 से‎ 2025 तक दो करोड़ 22 लाख आबादी ‎के बीजिंग में 53 हजार लोगों ने सरकारी‎ इंश्योरेंस से फर्टिलिटी ट्रीटमेंट कराया ‎था। इसकी तुलना में इतनी ही आबादी ‎के उत्तर पूर्वी प्रांत जिलिन में छह हजार‎ से कम महिलाओं को ही 2024 में‎ योजना शुरू होने के पहले वर्ष में फायदा‎ हुआ था।‎ स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के करेन एगलस्टोन कहते हैं, ये असमानताएं ‎चीन के हेल्थ सिस्टम के ढांचे की ‎झलक दिखाती हैं। प्रांतों को अपने‎ इंश्योरेंस खर्च का बड़ा हिस्सा उठाना ‎पड़ता है। इसलिए संपन्न इलाके ज्यादा‎ खर्च करते हैं। गरीब इलाकों में लोगों की ‎इलाज कराने की क्षमता नहीं है। मिसाल‎ के तौर पर निंगशिया की प्रति व्यक्ति‎ सालाना आय ट्रीटमेंट के एक साइकल‎ से कम है। इसके अलावा आईवीएफ के ‎लिए कड़े राष्ट्रीय और प्रांतीय नियम हैं।‎ केवल विवाहित जोड़ों का इलाज हो‎ सकता है। कई स्थानों में मां की आयु का‎ ध्यान रखा जाता है। एग फ्रीज करने के ‎नियम बहुत सख्त हैं।‎ फर्टिलिटी दर बहुत कम चीन उन देशों में है जिनमें फर्टिलिटी ‎(प्रजनन क्षमता) की दर दुनिया में ‎सबसे कम है। औसत चीनी महिला ‎का अपने जीवनकाल में केवल एक‎ बच्चा होता है। यह 2017 के 1.8‎ और आबादी को स्थिर रखने के ‎लिए जरूरी 2.1 से बहुत कम है।‎

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.