Monday, 06 Apr 2026 | 09:35 AM

Trending :

EXCLUSIVE

विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त:नामांकन में क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाया था; ग्वालियर हाईकोर्ट ने रामनिवास को MLA घोषित किया

विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त:नामांकन में क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाया था; ग्वालियर हाईकोर्ट ने रामनिवास को MLA घोषित किया

ग्वालियर हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ​​का चुनाव रद्द कर दिया है। ग्वालियर बेंच के जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने यह फैसला BJP नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत की याचिका पर सुनाया। रावत अब विजयपुर विधानसभा सीट से नए MLA होंगे। रामनिवास रावत ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि मुकेश मल्होत्रा ​​ने 2024 के उपचुनाव नॉमिनेशन में अपने खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस की पूरी जानकारी नहीं दी थी। मुकेश ने 4 क्रिमिनल रिकॉर्ड बताए थे, जबकि 2 केस छिपाए थे। याचिका में रावत ने मल्होत्रा ​​के खिलाफ दर्ज सभी 6 क्रिमिनल केस की जानकारी दी थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि रामनिवास रावत उपचुनाव में दूसरे नंबर पर आए थे, इसलिए मुकेश मल्होत्रा ​​का चुनाव रद्द किया जाता है। साथ ही रावत को विजयपुर का MLA घोषित किया जाता है। मल्होत्रा ​​के वकील बोले- हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे मुकेश मल्होत्रा ​​के वकील प्रतीप बिसोरिया ने बताया कि BJP उम्मीदवार राम निवास रावत की फाइल की गई पिटीशन में दो मामलों में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया है। एक जिसमें निपटारा हो चुका था। दूसरा जिसमें आरोपों के बारे में जानकारी छिपाने की बात थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि जानकारी छिपाने वाले दो मामलों में चुनाव रद्द कर दिया गया है। हमने एक एप्लीकेशन फाइल की है, जिसमें कहा है कि हम अपील करने के हकदार हैं। जब तक हम अपील करते हैं, इस ऑर्डर पर 15 दिन के लिए रोक लगनी चाहिए। हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। रावत बोले- नॉमिनेशन में जानकारी देना कैंडिडेट की जिम्मेदारी रामनिवास रावत ने कहा- मैं हाई कोर्ट के ऑर्डर को इस तरह देखता हूं कि कोर्ट के बनाए गए इलेक्शन रिफॉर्म्स के हिसाब से नॉमिनेशन में जानकारी देना कैंडिडेट की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने एफिडेविट में क्रिमिनल जानकारी छिपाई थी। इसलिए, उनके खिलाफ एक पिटीशन फाइल की गई थी, जिसे आज फैसला आया है। उन्होंने बताया कि मुकेश मल्होत्रा ने दो क्राइम केस की जानकारी छिपाई थी। उन्होंने यह भी छिपाया था कि उन पर एक क्राइम में चार्ज लगा था। वह सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। यह उनका ज्यूडिशियल राइट है। उन्हें 15 दिन का टाइम दिया गया है। रामनिवास रावत के समर्थकों ने फोड़े पटाखे कोर्ट के फैसले के बाद विजयपुर में रामनिवास रावत के समर्थकों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। वहीं मुकेश मल्होत्रा के घर के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि बीजेपी हाई कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले का स्वागत करती है। ये 3 तस्वीरें देखिए… जीतू पटवारी बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे हमें न्याय मिलेगा चुनाव कैंसिल होने पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि एक साल पहले विजयपुर की जनता ने कांग्रेस को जनादेश दिया। मुकेश मल्होत्रा को भारी वोटों से जिताया। फैसले के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। पटवारी ने कहा- हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा। अगर चुनाव भी हुआ तो जितने वोटों से रामनिवास रावत को हराया था। उससे दोगुना वोटों से फिर हराएंगे। विजयपुर की जनता रावत को और बीजेपी को हराने के लिए फिर तैयार बैठी है। मुकेश और रामनिवास दोनों ने बदली थी पार्टी मुकेश ने मई 2024 में कांग्रेस जॉइन की थी पूर्व राज्यमंत्री और आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। उन्होंने मुरैना जिले में आयोजित प्रियंका गांधी की चुनावी सभा में सदस्यता ली। विधानसभा चुनाव–2023 में मुकेश मल्होत्रा विजयपुर सीट से निर्दलीय मैदान में उतरे थे, तब पूरे क्षेत्र के आदिवासियों ने उनका साथ दिया था। उन्हें 45 हजार वोट मिले थे। मुकेश विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पहले में बीजेपी में थे, तब सरकार ने उन्हें सहारिया प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बनाया था। विधानभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने 2023 के चुनाव से पहले भाजपा का साथ छोड़ दिया था। दरअसल, विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में सहारिया आदिवासी समाज के 70 हजार से ज्यादा वोट हैं। कांग्रेस ने आदिवासी वोटों को ध्यान में रखकर मुकेश को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया था। रावत ने विधायक रहते कांग्रेस छोड़ी, भाजपा ने मंत्री बनाया, फिर हारे थे कांग्रेस के सीनियर लीडर रामनिवास रावत श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से 6 बार विधायक रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में रामनिवास रावत कांग्रेस के टिकट पर विजयपुर सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। रामनिवास मध्यप्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके थे। लोकसभा चुनाव के दौरान 30 अप्रैल 2024 को वे भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा में जाने के बाद रामनिवास को मंत्री बनाया गया। उनके इस्तीफा देने के कारण ही विजयपुर सीट खाली हुई थी। नवंबर 2024 में हुए उपचुनाव में रामनिवास रावत को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने भाजपा के सीनियर लीडर्स पर लोगों को बरगलाने के आरोप भी लगाए थे। जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, पूर्व वन मंत्री राम निवास रावत ने ग्वालियर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें श्योपुर के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​के झूठा हलफनामा दाखिल करने को चुनौती दी गई थी। पूर्व मंत्री राम निवास रावत ने ग्वालियर हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के सामने एक याचिका दायर की थी, जिसमें कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​पर उपचुनाव के लिए अपने हलफनामे में अपने खिलाफ क्रिमिनल केस की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया था। ग्वालियर हाईकोर्ट ने उम्मीदवारों को जारी किया था नोटिस पूर्व मंत्री राम निवास रावत की याचिका पर सुनवाई करते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट ने उपचुनाव लड़ रहे 11 उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया था, जिसमें विजयपुर से कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​भी शामिल थे। सभी उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया था।
इस केस में अब आगे क्या होगा ? 1. सदस्यता तत्काल समाप्त
कानूनी मामलों के जानकारों का कहना है कि जैसे ही हाई कोर्ट का आदेश प्रभावी होता है, विधायक की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो जाती है। कोर्ट के आदेश की प्रति मिलते ही विधानसभा सचिवालय अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी कर सदस्यता रद्द कर देता है। 2. दूसरे नंबर के प्रत्याशी को विधायक घोषित अगर कोर्ट दूसरे नंबर के कैंडिडेट को MLA घोषित करता है, तो लेजिस्लेटिव असेंबली के स्पीकर उसे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं। फिर यह व्यक्ति बाकी समय के लिए उस चुनाव क्षेत्र का कानूनी और अधिकृत MLA बन जाता है। 3. सुप्रीम कोर्ट में अपील का ऑप्शन जिस विधायक का चुनाव रद्द हुआ है, उसके पास फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अधिकार होता है। स्टे (Stay) मिलने पर: अगर सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट के फैसले पर रोक (स्टे) लगा देता है, तो रद्द की गई सदस्यता अस्थायी रूप से बहाल हो सकती है। समय सीमा: कई मामलों में हाई कोर्ट अपने आदेश के अमल पर कुछ दिनों की मोहलत देता है, ताकि संबंधित पक्ष ऊपरी अदालत में अपील कर सके। यदि ऐसा आदेश नहीं दिया जाता, तो निर्णय पर तुरंत अमल शुरू हो जाता है। 4. आपराधिक कार्रवाई की संभावना चुनावी हलफनामे (Affidavit) में जानकारी छिपाना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 125A के तहत अपराध माना जाता है। सजा: इस अपराध में अधिकतम 6 महीने की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। अयोग्यता: अगर इस मामले में दोष सिद्ध हो जाता है और सजा सुनाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति को 6 साल तक चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराया जा सकता है। 5. सरकारी सुविधाएं खत्म चुनाव शून्य घोषित होने के बाद संबंधित पूर्व विधायक को मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं समाप्त हो जाती हैं। इनमें विधायक निधि (MLA फंड) का अधिकार, सरकारी आवास, वाहन, वेतन और भत्ते जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया जाता है। ……………………… यह खबर भी पढ़ें ग्वालियर हाईकोर्ट में विजयपुर विधानसभा चुनाव विवाद, विधायक मल्होत्रा के खिलाफ याचिका में दो अफसर गवाही के लिए तलब विजयपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने तत्कालीन रिटर्निंग ऑफिसर किशोर कान्याल और चुनाव अधिकारी मनोज गड़वाल को गवाही के लिए तलब किया था। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Google CEO Pichai Meets PM Modi

February 18, 2026/
12:03 pm

नई दिल्ली3 दिन पहले कॉपी लिंक गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने आज यानी 18 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी...

Explosions erupt following strikes at Tehran Oil Refinery in Tehran on March 7, 2026. (Image: AFP)

March 21, 2026/
1:39 pm

आखरी अपडेट:मार्च 21, 2026, 13:39 IST भाजपा ने 9 अप्रैल को होने वाले पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए नौ उम्मीदवारों...

शाहरुख खान फिर करेंगे रोमांस, विंटेज लुक में नई फिल्म:किंग के बाद रोमांटिक अंदाज में वापसी, क्लासिक कहानी को मॉडर्न टच के साथ पेश करेंगे

March 17, 2026/
7:09 pm

शाहरुख खान एक बार फिर बड़े पर्दे पर रोमांस का जादू बिखेरने की तैयारी में हैं। हाल ही में आई...

authorimg

April 3, 2026/
5:19 pm

Last Updated:April 03, 2026, 17:19 IST आयुर्वेद की दुनिया में कई ऐसी दुर्लभ जड़ी-बूटियां हैं, जो आधुनिक दवाओं से कहीं...

मेक्सिको- गृह युद्ध जैसे हालात, 25 जवानों समेत 32 मौतें:फीफा वर्ल्ड कप सिटी में लॉकडाउन; 20 बैंक फूंके, रॉकेट लॉन्चर और हथियारों का जखीरा जब्त

February 24, 2026/
4:13 am

मेक्सिको में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में कुख्यात ड्रग सरगना नेमेसियो ओसेगेरा सर्वांतेस उर्फ ‘एल मेंचो’ मारा गया। इसके बाद...

arw img

March 10, 2026/
4:04 pm

  All About PCOS: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक हार्मोनल डिसऑर्डर है, जिससे करीब 10% लड़कियां जूझ रही हैं. इसकी...

राजनीति

विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त:नामांकन में क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाया था; ग्वालियर हाईकोर्ट ने रामनिवास को MLA घोषित किया

विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त:नामांकन में क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाया था; ग्वालियर हाईकोर्ट ने रामनिवास को MLA घोषित किया

ग्वालियर हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ​​का चुनाव रद्द कर दिया है। ग्वालियर बेंच के जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने यह फैसला BJP नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत की याचिका पर सुनाया। रावत अब विजयपुर विधानसभा सीट से नए MLA होंगे। रामनिवास रावत ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि मुकेश मल्होत्रा ​​ने 2024 के उपचुनाव नॉमिनेशन में अपने खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस की पूरी जानकारी नहीं दी थी। मुकेश ने 4 क्रिमिनल रिकॉर्ड बताए थे, जबकि 2 केस छिपाए थे। याचिका में रावत ने मल्होत्रा ​​के खिलाफ दर्ज सभी 6 क्रिमिनल केस की जानकारी दी थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि रामनिवास रावत उपचुनाव में दूसरे नंबर पर आए थे, इसलिए मुकेश मल्होत्रा ​​का चुनाव रद्द किया जाता है। साथ ही रावत को विजयपुर का MLA घोषित किया जाता है। मल्होत्रा ​​के वकील बोले- हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे मुकेश मल्होत्रा ​​के वकील प्रतीप बिसोरिया ने बताया कि BJP उम्मीदवार राम निवास रावत की फाइल की गई पिटीशन में दो मामलों में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया है। एक जिसमें निपटारा हो चुका था। दूसरा जिसमें आरोपों के बारे में जानकारी छिपाने की बात थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि जानकारी छिपाने वाले दो मामलों में चुनाव रद्द कर दिया गया है। हमने एक एप्लीकेशन फाइल की है, जिसमें कहा है कि हम अपील करने के हकदार हैं। जब तक हम अपील करते हैं, इस ऑर्डर पर 15 दिन के लिए रोक लगनी चाहिए। हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। रावत बोले- नॉमिनेशन में जानकारी देना कैंडिडेट की जिम्मेदारी रामनिवास रावत ने कहा- मैं हाई कोर्ट के ऑर्डर को इस तरह देखता हूं कि कोर्ट के बनाए गए इलेक्शन रिफॉर्म्स के हिसाब से नॉमिनेशन में जानकारी देना कैंडिडेट की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने एफिडेविट में क्रिमिनल जानकारी छिपाई थी। इसलिए, उनके खिलाफ एक पिटीशन फाइल की गई थी, जिसे आज फैसला आया है। उन्होंने बताया कि मुकेश मल्होत्रा ने दो क्राइम केस की जानकारी छिपाई थी। उन्होंने यह भी छिपाया था कि उन पर एक क्राइम में चार्ज लगा था। वह सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। यह उनका ज्यूडिशियल राइट है। उन्हें 15 दिन का टाइम दिया गया है। रामनिवास रावत के समर्थकों ने फोड़े पटाखे कोर्ट के फैसले के बाद विजयपुर में रामनिवास रावत के समर्थकों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। वहीं मुकेश मल्होत्रा के घर के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि बीजेपी हाई कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले का स्वागत करती है। ये 3 तस्वीरें देखिए… जीतू पटवारी बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे हमें न्याय मिलेगा चुनाव कैंसिल होने पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि एक साल पहले विजयपुर की जनता ने कांग्रेस को जनादेश दिया। मुकेश मल्होत्रा को भारी वोटों से जिताया। फैसले के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। पटवारी ने कहा- हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा। अगर चुनाव भी हुआ तो जितने वोटों से रामनिवास रावत को हराया था। उससे दोगुना वोटों से फिर हराएंगे। विजयपुर की जनता रावत को और बीजेपी को हराने के लिए फिर तैयार बैठी है। मुकेश और रामनिवास दोनों ने बदली थी पार्टी मुकेश ने मई 2024 में कांग्रेस जॉइन की थी पूर्व राज्यमंत्री और आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। उन्होंने मुरैना जिले में आयोजित प्रियंका गांधी की चुनावी सभा में सदस्यता ली। विधानसभा चुनाव–2023 में मुकेश मल्होत्रा विजयपुर सीट से निर्दलीय मैदान में उतरे थे, तब पूरे क्षेत्र के आदिवासियों ने उनका साथ दिया था। उन्हें 45 हजार वोट मिले थे। मुकेश विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पहले में बीजेपी में थे, तब सरकार ने उन्हें सहारिया प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बनाया था। विधानभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने 2023 के चुनाव से पहले भाजपा का साथ छोड़ दिया था। दरअसल, विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में सहारिया आदिवासी समाज के 70 हजार से ज्यादा वोट हैं। कांग्रेस ने आदिवासी वोटों को ध्यान में रखकर मुकेश को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया था। रावत ने विधायक रहते कांग्रेस छोड़ी, भाजपा ने मंत्री बनाया, फिर हारे थे कांग्रेस के सीनियर लीडर रामनिवास रावत श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से 6 बार विधायक रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में रामनिवास रावत कांग्रेस के टिकट पर विजयपुर सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। रामनिवास मध्यप्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके थे। लोकसभा चुनाव के दौरान 30 अप्रैल 2024 को वे भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा में जाने के बाद रामनिवास को मंत्री बनाया गया। उनके इस्तीफा देने के कारण ही विजयपुर सीट खाली हुई थी। नवंबर 2024 में हुए उपचुनाव में रामनिवास रावत को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने भाजपा के सीनियर लीडर्स पर लोगों को बरगलाने के आरोप भी लगाए थे। जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, पूर्व वन मंत्री राम निवास रावत ने ग्वालियर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें श्योपुर के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​के झूठा हलफनामा दाखिल करने को चुनौती दी गई थी। पूर्व मंत्री राम निवास रावत ने ग्वालियर हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के सामने एक याचिका दायर की थी, जिसमें कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​पर उपचुनाव के लिए अपने हलफनामे में अपने खिलाफ क्रिमिनल केस की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया था। ग्वालियर हाईकोर्ट ने उम्मीदवारों को जारी किया था नोटिस पूर्व मंत्री राम निवास रावत की याचिका पर सुनवाई करते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट ने उपचुनाव लड़ रहे 11 उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया था, जिसमें विजयपुर से कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​भी शामिल थे। सभी उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया था।
इस केस में अब आगे क्या होगा ? 1. सदस्यता तत्काल समाप्त
कानूनी मामलों के जानकारों का कहना है कि जैसे ही हाई कोर्ट का आदेश प्रभावी होता है, विधायक की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो जाती है। कोर्ट के आदेश की प्रति मिलते ही विधानसभा सचिवालय अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी कर सदस्यता रद्द कर देता है। 2. दूसरे नंबर के प्रत्याशी को विधायक घोषित अगर कोर्ट दूसरे नंबर के कैंडिडेट को MLA घोषित करता है, तो लेजिस्लेटिव असेंबली के स्पीकर उसे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं। फिर यह व्यक्ति बाकी समय के लिए उस चुनाव क्षेत्र का कानूनी और अधिकृत MLA बन जाता है। 3. सुप्रीम कोर्ट में अपील का ऑप्शन जिस विधायक का चुनाव रद्द हुआ है, उसके पास फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अधिकार होता है। स्टे (Stay) मिलने पर: अगर सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट के फैसले पर रोक (स्टे) लगा देता है, तो रद्द की गई सदस्यता अस्थायी रूप से बहाल हो सकती है। समय सीमा: कई मामलों में हाई कोर्ट अपने आदेश के अमल पर कुछ दिनों की मोहलत देता है, ताकि संबंधित पक्ष ऊपरी अदालत में अपील कर सके। यदि ऐसा आदेश नहीं दिया जाता, तो निर्णय पर तुरंत अमल शुरू हो जाता है। 4. आपराधिक कार्रवाई की संभावना चुनावी हलफनामे (Affidavit) में जानकारी छिपाना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 125A के तहत अपराध माना जाता है। सजा: इस अपराध में अधिकतम 6 महीने की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। अयोग्यता: अगर इस मामले में दोष सिद्ध हो जाता है और सजा सुनाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति को 6 साल तक चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराया जा सकता है। 5. सरकारी सुविधाएं खत्म चुनाव शून्य घोषित होने के बाद संबंधित पूर्व विधायक को मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं समाप्त हो जाती हैं। इनमें विधायक निधि (MLA फंड) का अधिकार, सरकारी आवास, वाहन, वेतन और भत्ते जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया जाता है। ……………………… यह खबर भी पढ़ें ग्वालियर हाईकोर्ट में विजयपुर विधानसभा चुनाव विवाद, विधायक मल्होत्रा के खिलाफ याचिका में दो अफसर गवाही के लिए तलब विजयपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने तत्कालीन रिटर्निंग ऑफिसर किशोर कान्याल और चुनाव अधिकारी मनोज गड़वाल को गवाही के लिए तलब किया था। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.