Friday, 10 Jul 2026 | 08:35 PM

Trending :

EXCLUSIVE

India Vs Taiwan Stock Market; AI TSMC Share Price

India Vs Taiwan Stock Market; AI TSMC Share Price

नई दिल्ली30 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ताइवान ने शेयर बाजार की वैल्यू (मार्केट कैप) के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर कंपनी ‘ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी’ (TSMC) के शेयरों में आई भारी तेजी ने ताइवान को यह बढ़त दिलाई है।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सोमवार तक ताइवान का मार्केट कैप 4.95 ट्रिलियन डॉलर (करीब 415 लाख करोड़ रुपए) पहुंच गया, जबकि भारत की वैल्यू गिरकर 4.92 ट्रिलियन डॉलर (करीब 413 लाख करोड़ रुपए) रह गई है। अब दुनिया के टॉप-5 शेयर बाजारों में अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के बाद ताइवान का नाम शामिल हो गया है।

ताइवान की जीत के पीछे चिप कंपनी का हाथ

ताइवान के शेयर बाजार की इस छलांग की सबसे बड़ी वजह TSMC कंपनी है। ताइवान के मुख्य इंडेक्स में इस अकेले कंपनी की 42% हिस्सेदारी है। इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में 49% की बढ़त दर्ज की गई है। पूरी दुनिया में AI तकनीक के लिए इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर्स (चिप्स) की सप्लाई में इस कंपनी का दबदबा है, जिसका फायदा ताइवान के बाजार को मिल रहा है।

नए नियमों ने ताइवान को दिया बूस्ट

हाल ही में ताइवान के रेगुलेटर ने निवेश के नियमों में ढील दी है। अब घरेलू फंड किसी एक बड़ी कंपनी में अपनी नेट एसेट का 25% तक निवेश कर सकते हैं, पहले यह सीमा सिर्फ 10% थी। अभी सिर्फ TSMC ही इस मापदंड को पूरा करती है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक, इस बदलाव से ताइवान के बाजार में 6 अरब डॉलर (करीब 50 हजार करोड़ रुपए) का अतिरिक्त निवेश आ सकता है।

विदेशी निवेशकों ने भारत से ₹2 लाख करोड़ निकाले

भारतीय शेयर बाजार के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण रहा है। इस साल अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से करीब 24 अरब डॉलर (करीब 2 लाख करोड़ रुपए) निकाले हैं। इसकी मुख्य वजह भारतीय शेयरों की ऊंची वैल्यूएशन और रुपए की कमजोरी रही है। इसके उलट, निवेशक ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे उन बाजारों में पैसा लगा रहे हैं जो सीधे तौर पर AI हार्डवेयर और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े हैं।

इन 3 कारणों से पिछड़ा भारतीय बाजार

  • महंगी एनर्जी और महंगाई: ऊर्जा की बढ़ती लागत ने भारत में महंगाई की चिंता बढ़ा दी है, जिससे ग्रोथ की उम्मीदों पर असर पड़ा है।
  • AI कंपनियों की कमी: भारत में ऐसी कंपनियों की कमी है जो सीधे तौर पर ग्लोबल AI इंफ्रास्ट्रक्चर या हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी हों।
  • कॉर्पोरेट अर्निंग में सुस्ती: भारतीय कंपनियों के मुनाफे की रफ्तार भी धीमी रही है, जिससे निवेशकों का भरोसा कम हुआ है।

अर्थव्यवस्था के मामले में अब भी भारत काफी आगे

शेयर बाजार की वैल्यू में भले ही ताइवान आगे निकल गया हो, लेकिन अर्थव्यवस्था के कुल आकार (GDP) में भारत का दबदबा बरकरार है। IMF के अनुमानों के मुताबिक, भारत की इकोनॉमी 4.15 ट्रिलियन डॉलर की है, जबकि ताइवान की GDP महज 977 बिलियन डॉलर है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है।

मार्केट कैप क्या होता है?

किसी भी देश के शेयर बाजार की ‘मार्केट कैपिटलाइजेशन’ का मतलब वहां की सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयरों की कुल कीमत होती है। अगर किसी देश का मार्केट कैप बढ़ रहा है, तो इसका मतलब है कि वहां की कंपनियों में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बीजेपी बंगाल मेनिफेस्टो 2026: बंगाल के लिए बीजेपी का संकल्प पत्र- बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3 हजार रुपये, 6 महीने में UCC, जानिए क्या-क्या बड़ा ऐलान

April 10, 2026/
1:36 pm

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को बंगाल के लिए संकल्प पत्र जारी किया है, जिसे पार्टी...

अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर में लगा थ्रेसर पलटा:धूमा बाईपास पर यातायात रहा बाधित, मशक्कत के बाद खुला जाम

April 14, 2026/
7:16 am

सिवनी जिले के धूमा थाना क्षेत्र अंतर्गत धूमा बाईपास पर सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया। यहां एक...

PBKS Vs SRH Live: Follow latest score updates from IPL 2026 match between Punjab Kings and Sunrisers Hyderabad. (PTI Photo)

April 11, 2026/
1:48 pm

आखरी अपडेट:11 अप्रैल, 2026, 13:48 IST भाजपा का बंगाल घोषणापत्र एक स्पष्ट संकेत है कि विचारधारा माहौल तय कर सकती...

PBKS vs SRH IPL 2026: Top 4 Race

May 6, 2026/
5:10 am

1 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL 2026 के 49वें मुकाबले में 6 मई को पंजाब किंग्स (PBKS) का सामना सनराइजर्स...

बंगाल में सांसद भूचाल: टीएमसी का हमला- ईडी बनी 'बेहद हताश', बीजेपी-वामपंथी बोले- गठबंधन का नेटवर्क शामिल

April 14, 2026/
4:22 pm

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक 10 दिन पहले I-PAC के संस्थापक विनेश चंदेल की गर्लफ्रेंड ने राजनीति में तूफान...

MI vs PBKS Live Cricket Score, IPL 2026: Stay updated with Mumbai Indians vs Punjab Kings Match Updates and Live Scorecard from Mumbai. (Picture Credit: PTI)

April 16, 2026/
5:11 pm

आखरी अपडेट:16 अप्रैल, 2026, 17:11 IST अखिलेश यादव को ‘कभी-कभी सहायता प्रदान करने वाला’ मित्र कहकर पीएम मोदी ने इस...

राजनीति

India Vs Taiwan Stock Market; AI TSMC Share Price

India Vs Taiwan Stock Market; AI TSMC Share Price

नई दिल्ली30 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ताइवान ने शेयर बाजार की वैल्यू (मार्केट कैप) के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर कंपनी ‘ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी’ (TSMC) के शेयरों में आई भारी तेजी ने ताइवान को यह बढ़त दिलाई है।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सोमवार तक ताइवान का मार्केट कैप 4.95 ट्रिलियन डॉलर (करीब 415 लाख करोड़ रुपए) पहुंच गया, जबकि भारत की वैल्यू गिरकर 4.92 ट्रिलियन डॉलर (करीब 413 लाख करोड़ रुपए) रह गई है। अब दुनिया के टॉप-5 शेयर बाजारों में अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के बाद ताइवान का नाम शामिल हो गया है।

ताइवान की जीत के पीछे चिप कंपनी का हाथ

ताइवान के शेयर बाजार की इस छलांग की सबसे बड़ी वजह TSMC कंपनी है। ताइवान के मुख्य इंडेक्स में इस अकेले कंपनी की 42% हिस्सेदारी है। इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में 49% की बढ़त दर्ज की गई है। पूरी दुनिया में AI तकनीक के लिए इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर्स (चिप्स) की सप्लाई में इस कंपनी का दबदबा है, जिसका फायदा ताइवान के बाजार को मिल रहा है।

नए नियमों ने ताइवान को दिया बूस्ट

हाल ही में ताइवान के रेगुलेटर ने निवेश के नियमों में ढील दी है। अब घरेलू फंड किसी एक बड़ी कंपनी में अपनी नेट एसेट का 25% तक निवेश कर सकते हैं, पहले यह सीमा सिर्फ 10% थी। अभी सिर्फ TSMC ही इस मापदंड को पूरा करती है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक, इस बदलाव से ताइवान के बाजार में 6 अरब डॉलर (करीब 50 हजार करोड़ रुपए) का अतिरिक्त निवेश आ सकता है।

विदेशी निवेशकों ने भारत से ₹2 लाख करोड़ निकाले

भारतीय शेयर बाजार के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण रहा है। इस साल अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से करीब 24 अरब डॉलर (करीब 2 लाख करोड़ रुपए) निकाले हैं। इसकी मुख्य वजह भारतीय शेयरों की ऊंची वैल्यूएशन और रुपए की कमजोरी रही है। इसके उलट, निवेशक ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे उन बाजारों में पैसा लगा रहे हैं जो सीधे तौर पर AI हार्डवेयर और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े हैं।

इन 3 कारणों से पिछड़ा भारतीय बाजार

  • महंगी एनर्जी और महंगाई: ऊर्जा की बढ़ती लागत ने भारत में महंगाई की चिंता बढ़ा दी है, जिससे ग्रोथ की उम्मीदों पर असर पड़ा है।
  • AI कंपनियों की कमी: भारत में ऐसी कंपनियों की कमी है जो सीधे तौर पर ग्लोबल AI इंफ्रास्ट्रक्चर या हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी हों।
  • कॉर्पोरेट अर्निंग में सुस्ती: भारतीय कंपनियों के मुनाफे की रफ्तार भी धीमी रही है, जिससे निवेशकों का भरोसा कम हुआ है।

अर्थव्यवस्था के मामले में अब भी भारत काफी आगे

शेयर बाजार की वैल्यू में भले ही ताइवान आगे निकल गया हो, लेकिन अर्थव्यवस्था के कुल आकार (GDP) में भारत का दबदबा बरकरार है। IMF के अनुमानों के मुताबिक, भारत की इकोनॉमी 4.15 ट्रिलियन डॉलर की है, जबकि ताइवान की GDP महज 977 बिलियन डॉलर है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है।

मार्केट कैप क्या होता है?

किसी भी देश के शेयर बाजार की ‘मार्केट कैपिटलाइजेशन’ का मतलब वहां की सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयरों की कुल कीमत होती है। अगर किसी देश का मार्केट कैप बढ़ रहा है, तो इसका मतलब है कि वहां की कंपनियों में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.