Friday, 11 Sep 2026 | 11:25 PM

Trending :

भारतीय शेयर बाजार को ताइवान ने पीछे छोड़ा:AI और चिप सेक्टर में तेजी से मार्केट कैप ₹415 लाख करोड़ पार, भारत की वैल्यू ₹413 लाख करोड़

भारतीय शेयर बाजार को ताइवान ने पीछे छोड़ा:AI और चिप सेक्टर में तेजी से मार्केट कैप ₹415 लाख करोड़ पार, भारत की वैल्यू ₹413 लाख करोड़

ताइवान ने शेयर बाजार की वैल्यू (मार्केट कैप) के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर कंपनी ‘ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी’ (TSMC) के शेयरों में आई भारी तेजी ने ताइवान को यह बढ़त दिलाई है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सोमवार तक ताइवान का मार्केट कैप 4.95 ट्रिलियन डॉलर (करीब 415 लाख करोड़ रुपए) पहुंच गया, जबकि भारत की वैल्यू गिरकर 4.92 ट्रिलियन डॉलर (करीब 413 लाख करोड़ रुपए) रह गई है। अब दुनिया के टॉप-5 शेयर बाजारों में अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के बाद ताइवान का नाम शामिल हो गया है। ताइवान की जीत के पीछे चिप कंपनी का हाथ ताइवान के शेयर बाजार की इस छलांग की सबसे बड़ी वजह TSMC कंपनी है। ताइवान के मुख्य इंडेक्स में इस अकेले कंपनी की 42% हिस्सेदारी है। इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में 49% की बढ़त दर्ज की गई है। पूरी दुनिया में AI तकनीक के लिए इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर्स (चिप्स) की सप्लाई में इस कंपनी का दबदबा है, जिसका फायदा ताइवान के बाजार को मिल रहा है। विदेशी निवेशकों ने भारत से ₹2 लाख करोड़ निकाले भारतीय शेयर बाजार के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण रहा है। इस साल अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से करीब 24 अरब डॉलर (करीब 2 लाख करोड़ रुपए) निकाले हैं। इसकी मुख्य वजह भारतीय शेयरों की ऊंची वैल्यूएशन और रुपए की कमजोरी रही है। इसके उलट, निवेशक ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे उन बाजारों में पैसा लगा रहे हैं जो सीधे तौर पर AI हार्डवेयर और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े हैं। इन 3 कारणों से पिछड़ा भारतीय बाजार नए नियमों ने ताइवान को दिया बूस्ट हाल ही में ताइवान के रेगुलेटर ने निवेश के नियमों में ढील दी है। अब घरेलू फंड किसी एक बड़ी कंपनी में अपनी नेट एसेट का 25% तक निवेश कर सकते हैं, पहले यह सीमा सिर्फ 10% थी। वर्तमान में केवल TSMC ही इस मापदंड को पूरा करती है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक, इस बदलाव से ताइवान के बाजार में 6 अरब डॉलर (करीब 50 हजार करोड़ रुपए) का अतिरिक्त निवेश आ सकता है। अर्थव्यवस्था के मामले में अब भी भारत काफी आगे शेयर बाजार की वैल्यू में भले ही ताइवान आगे निकल गया हो, लेकिन अर्थव्यवस्था के कुल आकार (GDP) में भारत का दबदबा बरकरार है। IMF के अनुमानों के मुताबिक, भारत की इकोनॉमी 4.15 ट्रिलियन डॉलर की है, जबकि ताइवान की GDP महज 977 बिलियन डॉलर है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
रजनीकांत बनाम विजय फैन वॉर? टीवीके नेता की टिप्पणियों के खिलाफ मदुरै में पोस्टर लगाए गए

March 17, 2026/
11:59 am

टीवीके नेता आधव अर्जुन की हालिया टिप्पणी कि द्रमुक ने तमिल फिल्म सुपरस्टार रजनीकांत को “धमकी” दी थी जब उन्होंने...

कुछ इंच की दूरी से गुजरी मौत:मंदसौर में लोडिंग पिकअप के टायरों के नीचे आने से बाल-बाल बचा मासूम, स्कूटी से गिरा

February 25, 2026/
1:28 pm

मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक छोटे बच्चे की...

मोदी ने चुनावी रैली में फिल्मों का जिक्र किया:बोले- विपक्ष ने 'धुरंधर', 'कश्मीर फाइल्स' और 'केरल स्टोरी' को झूठ बताया, उनका यही काम

April 5, 2026/
9:30 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरलम के थिरुवल्ला में आयोजित एनडीए की रैली में फिल्म धुरंधर, द केरल स्टोरी...

न्यूयॉर्क के रेस्टोरेंट्स में अब ‘रिजर्वेशन वॉर’:पसंदीदा टेबल चाहिए तो मेंबरशिप के तौर पर चुकानी पड़ रही 23 लाख रुपए तक की फीस

March 27, 2026/
2:34 pm

अमेरिका में रेस्टोरेंट इंडस्ट्री बदलाव से गुजर रही है। यहां के पॉश रेस्टोरेंट में टेबल मिलना अब “किस्मत’ नहीं, बल्कि...

सलमान खान का सपोर्ट मिलने से खुश हैं राजपाल यादव:कहा- भाईजान का आशीर्वाद साथ है; अवॉर्ड शो में मजाक बनाने पर एक्टर ने दी थी प्रतिक्रिया

April 8, 2026/
2:30 pm

अवॉर्ड शो में मजाक उड़ाए जाने के मामले में सलमान खान का सपोर्ट मिलने से राजपाल यादव बेहद खुश हैं।...

authorimg

May 9, 2026/
2:52 pm

Bougainvillea Tea Benefits : अक्सर हमारे घरों की दीवारों और बालकनी की शोभा बढ़ाने वाला गुलाबी बोगनवेलिया सिर्फ एक सजावटी...

बंगाल में चुनाव ख़त्म होने के बाद भी सीएपीएफ़ के 500 ब्लास्टर्स, सीआरपीएफ़ के डीजी ने दी जानकारी

April 29, 2026/
11:07 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के प्रमुख...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

भारतीय शेयर बाजार को ताइवान ने पीछे छोड़ा:AI और चिप सेक्टर में तेजी से मार्केट कैप ₹415 लाख करोड़ पार, भारत की वैल्यू ₹413 लाख करोड़

भारतीय शेयर बाजार को ताइवान ने पीछे छोड़ा:AI और चिप सेक्टर में तेजी से मार्केट कैप ₹415 लाख करोड़ पार, भारत की वैल्यू ₹413 लाख करोड़

ताइवान ने शेयर बाजार की वैल्यू (मार्केट कैप) के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर कंपनी ‘ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी’ (TSMC) के शेयरों में आई भारी तेजी ने ताइवान को यह बढ़त दिलाई है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सोमवार तक ताइवान का मार्केट कैप 4.95 ट्रिलियन डॉलर (करीब 415 लाख करोड़ रुपए) पहुंच गया, जबकि भारत की वैल्यू गिरकर 4.92 ट्रिलियन डॉलर (करीब 413 लाख करोड़ रुपए) रह गई है। अब दुनिया के टॉप-5 शेयर बाजारों में अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के बाद ताइवान का नाम शामिल हो गया है। ताइवान की जीत के पीछे चिप कंपनी का हाथ ताइवान के शेयर बाजार की इस छलांग की सबसे बड़ी वजह TSMC कंपनी है। ताइवान के मुख्य इंडेक्स में इस अकेले कंपनी की 42% हिस्सेदारी है। इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में 49% की बढ़त दर्ज की गई है। पूरी दुनिया में AI तकनीक के लिए इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर्स (चिप्स) की सप्लाई में इस कंपनी का दबदबा है, जिसका फायदा ताइवान के बाजार को मिल रहा है। विदेशी निवेशकों ने भारत से ₹2 लाख करोड़ निकाले भारतीय शेयर बाजार के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण रहा है। इस साल अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से करीब 24 अरब डॉलर (करीब 2 लाख करोड़ रुपए) निकाले हैं। इसकी मुख्य वजह भारतीय शेयरों की ऊंची वैल्यूएशन और रुपए की कमजोरी रही है। इसके उलट, निवेशक ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे उन बाजारों में पैसा लगा रहे हैं जो सीधे तौर पर AI हार्डवेयर और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े हैं। इन 3 कारणों से पिछड़ा भारतीय बाजार नए नियमों ने ताइवान को दिया बूस्ट हाल ही में ताइवान के रेगुलेटर ने निवेश के नियमों में ढील दी है। अब घरेलू फंड किसी एक बड़ी कंपनी में अपनी नेट एसेट का 25% तक निवेश कर सकते हैं, पहले यह सीमा सिर्फ 10% थी। वर्तमान में केवल TSMC ही इस मापदंड को पूरा करती है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक, इस बदलाव से ताइवान के बाजार में 6 अरब डॉलर (करीब 50 हजार करोड़ रुपए) का अतिरिक्त निवेश आ सकता है। अर्थव्यवस्था के मामले में अब भी भारत काफी आगे शेयर बाजार की वैल्यू में भले ही ताइवान आगे निकल गया हो, लेकिन अर्थव्यवस्था के कुल आकार (GDP) में भारत का दबदबा बरकरार है। IMF के अनुमानों के मुताबिक, भारत की इकोनॉमी 4.15 ट्रिलियन डॉलर की है, जबकि ताइवान की GDP महज 977 बिलियन डॉलर है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.