Monday, 24 Aug 2026 | 08:18 PM

Trending :

50 हजार शादियों में खाने पर संकट:कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं, भट्‌टी जलाने पर 10 हजार रुपए जुर्माना; हजारों होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

50 हजार शादियों में खाने पर संकट:कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं, भट्‌टी जलाने पर 10 हजार रुपए जुर्माना; हजारों होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते गैस सप्लाई ठप हो गई है। इसका असर अब मध्यप्रदेश के सभी शहरों पर पड़ने लगा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित सभी शहरों में कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर व्यवसाय वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों के साथ ठेले पर खाने-पीने की चीजें बनाने वाले छोटे रोजगार से जुड़े लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता शादी के सीजन के कारण उन लोगों की है जिन्होंने शादी समारोह के कार्ड बांट दिए हैं। सीजन में करीब 50 हजार शादियों का अनुमान है। इन आयोजनों में मेहमाननवाजी के लिए दावतें फीकी हो सकती हैं, क्योंकि कॉमर्शियल सिलेंडर मिलना बंद हो गए है और खुले में भट्‌टी जलाई तो 10 हजार रुपए तक जुर्माना लग सकता है। आइए बताते हैं कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से क्या हालात हैं? कैटरिंग के काम पर असर, इवेंट कैंसिल होने का खतरा 12-15 सालों से कैटरिंग का काम करने वाले भोपाल के जितेंद्र ने बताया अभी तो रोज इवेंट है। कल भी दो-तीन हैं। परसों भी हैं। 14 तारीख तक खरमास चल रहा है। उससे पहले भी इवेंट है। टेंट, कैटरिंग, घर के सामान आदि का काम लेते हैं। कमर्शियल सिलेंडर बंद होने से धंधे पर बहुत असर पड़ेगा। अभी एक दो दिन तो निकाल लेंगे। घर के सिलेंडर से कुछ काम निकाल लिया। यहां- वहां से लेकर कुछ काम चला लिया, लेकिन आगे बड़ी परेशानी आनी है। जिन लोगों के इवेंट हैं उनके फोन आने शुरू हो गए हैं। इवेंट कैंसिल हुए तो भारी नुकसान होगा। जो सिलेंडर इधर-उधर से मिल रहा है वो भी 2200 रुपए तक मिल रहा है। वो भी एक-दो दिन में नहीं मिलेगा। कोई ऑप्शन भी नहीं है। डीजल चूल्हा या इलेक्ट्रिक चूल्हा हमारे काम के लिए सही नहीं है। ऐसे में अब क्या करेंगे कुछ समझ नहीं आ रहा। भट्‌टी जलाने पर कम से कम 5 हजार रुपए और अधिकतम ढाई लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन सामान्यत: ऐसे मामलों में अफसर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना करते हैं। गैस संकट से रेस्टोरेंट पर असर, ऑर्डर कैंसिल होने की नौबत भोपाल राजहंस रेस्टोरेंट के संचालक दीपक सिंह चौहान कहते हैं, हमारे यहां तो पांच से छह सिलेंडर प्रतिदिन लगते हैं। लगभग 800 से 1000 लोग रोजाना खाना खाते हैं। कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से बिजनेस पर असर पड़ेगा। खाना बनाना जरूरी है। अगर नहीं बनाएंगे तो लोग घर पर ही बनाएंगे और जो घर पर बनाएंगे वहां भी गैस लगनी ही है। या फिर हमें फैसिलिटी दी जाए कि हम भी घरेलू गैस इस्तेमाल कर सकें। हमारे पास कुछ इंडक्शन वगैरह भी हैं। जैसे कि तंदूर वगैरह के लिए सरकार के आदेश हैं कि लकड़ी का कोयला न जलाएं। अब उसमें भी गैस ही लग रही है। उसमें भी समस्या आएगी। पार्टी के ऑर्डर लेते हैं। आगे ऐसे काफी ऑर्डर हैं। अब दिक्कत तो आएगी। यही हाल रहे तो कैंसिल ही करना पड़ेगा। रिसॉर्ट-होटलों के सामने खाना बनाने का संकट इंदौर के भंडारी रिसॉर्ट के जनरल मैनेजर मुकेश लाड ने बताया, कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने से हमारे काम पर बहुत असर पड़ेगा। अभी खाना बनाने के लिए कोई ऑप्शन भी नहीं है। केरोसिन आसानी मिलता नहीं है। लकड़ियों पर भी खाना नहीं बना सकते, ना ही भट्टियों की उपलब्धता है। मान लीजिए आज मुझे 100 सिलेंडर लगते हैं और यदि उपलब्धता 20-25 की होगी तो मैं कैसे पूर्ति कर पाऊंगा? होटल इंडस्ट्री इमरजेंसी सर्विस, सीएम से मिलेंगे मध्य प्रदेश होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि फिलहाल होटलों में इस तरह की कोई समस्या सामने नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश स्तर पर होटल संचालकों की बैठक रखी गई है, वहीं इंदौर में भी एक बैठक बुलाई गई है। होटल इंडस्ट्री भी इमरजेंसी सर्विस में आती है। कोरोना काल में भी इसे इमरजेंसी सर्विस में रखा गया था, ताकि बाहर से आने वाले मेहमानों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा- अपनी मांगों को लेकर संगठन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात भी करेंगे। हजारों स्टूडेंट के भोजन पर संकट, बंद हो सकते हैं टिफिन सेंटर भोपाल के उन्नति भोजनालय के संचालक रजनीश ने बताया कि उनकी कैंटीन में हर पांचवें दिन गैस सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। आपूर्ति प्रभावित हुई तो काम पर बड़ा असर पड़ेगा। उनके यहां रोज करीब 60-70 छात्र खाना खाते हैं और टिफिन भी भेजे जाते हैं। उन्होंने कहा कि वे पिछले 7-8 साल से यह काम कर रहे हैं। लकड़ी या अन्य विकल्पों पर खाना बनाना आसान नहीं है। इलाके में करीब 70-80 टिफिन सेंटर हैं और लगभग 20-25 हजार छात्र इन्हीं पर निर्भर हैं। सिलेंडर की कमी लंबी चली तो कई सेंटर बंद होने की नौबत आ सकती है।
फूड डिलीवरी वालों को रोजगार की चिंता फूड डिलीवरी का काम करने वाले सुकेश बताते हैं, मैं रोज 15 से 20 ऑर्डर डिलीवर करता हूं। किसी दिन 800 तो किसी दिन 1200 रुपए तक कमा लेता हूं। आज पता चला कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद हो गई है। इसका असर रेस्टोरेंट्स पर तो पड़ेगा ही, साथ ही फूड डिलीवरी पर भी पड़ेगा। अगर रेस्टोरेंट खाना नहीं बना पाएंगे तो ऑर्डर कैसे मिलेंगे? ऐसे में हमारा काम भी ठप हो जाएगा। भोपाल में 7,000 से ज्यादा लोग नियमित रूप से फूड डिलीवरी का काम करते हैं। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने पर इनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ने की आशंका है। प्रदेश सरकार का दावा- सप्लाई सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता की निगरानी के निर्देश दिए। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक है और घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और अधिकृत जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है। कालाबाजारी राेकने सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया इधर, केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी चीजों की जमाखोरी रोक ने लिए देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू कर दिया है। अब गैस को 4 कैटेगरी में बांटा जाएगा…. पहली कैटेगरी (पूरी सप्लाई): इसमें घर की रसोई गैस (PNG) और गाड़ियों में डलने वाली CNG आती है। इन्हें पहले की तरह पूरी गैस मिलती रहेगी। दूसरी कैटेगरी (खाद कारखाने): खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को करीब 70% गैस दी जाएगी। बस उन्हें यह साबित करना होगा कि गैस का इस्तेमाल खाद बनाने में ही हुआ है। तीसरी कैटेगरी (बड़े उद्योग): नेशनल ग्रिड से जुड़ी चाय की फैक्ट्रियों और दूसरे बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत की लगभग 80% गैस मिलेगी। चौथी कैटेगरी (छोटे बिजनेस और होटल): शहरों के गैस नेटवर्क से जुड़े छोटे कारखानों, होटल और रेस्टोरेंट को भी उनकी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस दी जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
तमिलनाडु में चुनाव के बाद टीवीके के ऑफिस में दुकान, पोस्ट भी दर्ज, पुलिस में शिकायत दर्ज, ईसी से पास की मांग

May 1, 2026/
5:45 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित चार मई को होने वाली गणित की गिनती...

यश घनघोरिया का मोदी सरकार पर हमला, ट्रेड डील को:इसे अडानी-ट्रम्प से जुड़ा समझौता बताया, 13 अप्रैल को जबलपुर में आंदोलन

April 5, 2026/
9:14 pm

उमरिया में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा...

पहले पार्ट से भी लंबी होगी धुरंधर 2:सेंसर बोर्ड ने 21 बदलाव करवाए, गाली वाले डायलॉग म्यूट, 18 से कम उम्र के लोग नहीं देख पाएंगे

March 18, 2026/
10:00 am

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल चुका है। 19 मार्च को रिलीज हो रही इस...

'करिश्माई शब्द': कांग्रेस नेता द्वारा विजयन की सराहना के बाद केरल के मुख्यमंत्री ने मणिशंकर अय्यर से कहा | राजनीति समाचार

February 15, 2026/
11:20 pm

आखरी अपडेट:15 फरवरी, 2026, 23:20 IST मणिशंकर अय्यर ने कहा कि भारत का एकमात्र राज्य जहां “गांधीजी के निर्देशन” में...

भारत को टी-20 वर्ल्ड कप जिताने वाले 5 हीरो:सैमसन ने लगातार 3 फिफ्टी लगाईं, बुमराह टूर्नामेंट के टॉप विकेट टेकर बने

March 9, 2026/
4:44 am

भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप जीत लिया है। टीम ने रविवार रात न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया। वैसे तो...

हर्षाली ने 20 बार सलमान के हाथ पर थूका था:फिल्म 'बजरंगी भाईजान' के एक्टर मनोज बख्शी ने शूटिंग का किस्सा शेयर किया

June 28, 2026/
1:49 pm

फिल्म बजरंगी भाईजान के सेट से जुड़ा एक किस्सा एक्टर मनोज बख्शी ने हाल ही में शेयर किया। उन्होंने बताया...

Ishan Kishan to Captain SRH? Pat Cummins Out With Back Injury

March 17, 2026/
7:31 am

2 घंटे पहले कॉपी लिंक सनराइजर्स हैदराबाद के नियमित कप्तान पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन IPL...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

50 हजार शादियों में खाने पर संकट:कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं, भट्‌टी जलाने पर 10 हजार रुपए जुर्माना; हजारों होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

50 हजार शादियों में खाने पर संकट:कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं, भट्‌टी जलाने पर 10 हजार रुपए जुर्माना; हजारों होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते गैस सप्लाई ठप हो गई है। इसका असर अब मध्यप्रदेश के सभी शहरों पर पड़ने लगा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित सभी शहरों में कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर व्यवसाय वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों के साथ ठेले पर खाने-पीने की चीजें बनाने वाले छोटे रोजगार से जुड़े लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता शादी के सीजन के कारण उन लोगों की है जिन्होंने शादी समारोह के कार्ड बांट दिए हैं। सीजन में करीब 50 हजार शादियों का अनुमान है। इन आयोजनों में मेहमाननवाजी के लिए दावतें फीकी हो सकती हैं, क्योंकि कॉमर्शियल सिलेंडर मिलना बंद हो गए है और खुले में भट्‌टी जलाई तो 10 हजार रुपए तक जुर्माना लग सकता है। आइए बताते हैं कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से क्या हालात हैं? कैटरिंग के काम पर असर, इवेंट कैंसिल होने का खतरा 12-15 सालों से कैटरिंग का काम करने वाले भोपाल के जितेंद्र ने बताया अभी तो रोज इवेंट है। कल भी दो-तीन हैं। परसों भी हैं। 14 तारीख तक खरमास चल रहा है। उससे पहले भी इवेंट है। टेंट, कैटरिंग, घर के सामान आदि का काम लेते हैं। कमर्शियल सिलेंडर बंद होने से धंधे पर बहुत असर पड़ेगा। अभी एक दो दिन तो निकाल लेंगे। घर के सिलेंडर से कुछ काम निकाल लिया। यहां- वहां से लेकर कुछ काम चला लिया, लेकिन आगे बड़ी परेशानी आनी है। जिन लोगों के इवेंट हैं उनके फोन आने शुरू हो गए हैं। इवेंट कैंसिल हुए तो भारी नुकसान होगा। जो सिलेंडर इधर-उधर से मिल रहा है वो भी 2200 रुपए तक मिल रहा है। वो भी एक-दो दिन में नहीं मिलेगा। कोई ऑप्शन भी नहीं है। डीजल चूल्हा या इलेक्ट्रिक चूल्हा हमारे काम के लिए सही नहीं है। ऐसे में अब क्या करेंगे कुछ समझ नहीं आ रहा। भट्‌टी जलाने पर कम से कम 5 हजार रुपए और अधिकतम ढाई लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन सामान्यत: ऐसे मामलों में अफसर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना करते हैं। गैस संकट से रेस्टोरेंट पर असर, ऑर्डर कैंसिल होने की नौबत भोपाल राजहंस रेस्टोरेंट के संचालक दीपक सिंह चौहान कहते हैं, हमारे यहां तो पांच से छह सिलेंडर प्रतिदिन लगते हैं। लगभग 800 से 1000 लोग रोजाना खाना खाते हैं। कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से बिजनेस पर असर पड़ेगा। खाना बनाना जरूरी है। अगर नहीं बनाएंगे तो लोग घर पर ही बनाएंगे और जो घर पर बनाएंगे वहां भी गैस लगनी ही है। या फिर हमें फैसिलिटी दी जाए कि हम भी घरेलू गैस इस्तेमाल कर सकें। हमारे पास कुछ इंडक्शन वगैरह भी हैं। जैसे कि तंदूर वगैरह के लिए सरकार के आदेश हैं कि लकड़ी का कोयला न जलाएं। अब उसमें भी गैस ही लग रही है। उसमें भी समस्या आएगी। पार्टी के ऑर्डर लेते हैं। आगे ऐसे काफी ऑर्डर हैं। अब दिक्कत तो आएगी। यही हाल रहे तो कैंसिल ही करना पड़ेगा। रिसॉर्ट-होटलों के सामने खाना बनाने का संकट इंदौर के भंडारी रिसॉर्ट के जनरल मैनेजर मुकेश लाड ने बताया, कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने से हमारे काम पर बहुत असर पड़ेगा। अभी खाना बनाने के लिए कोई ऑप्शन भी नहीं है। केरोसिन आसानी मिलता नहीं है। लकड़ियों पर भी खाना नहीं बना सकते, ना ही भट्टियों की उपलब्धता है। मान लीजिए आज मुझे 100 सिलेंडर लगते हैं और यदि उपलब्धता 20-25 की होगी तो मैं कैसे पूर्ति कर पाऊंगा? होटल इंडस्ट्री इमरजेंसी सर्विस, सीएम से मिलेंगे मध्य प्रदेश होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि फिलहाल होटलों में इस तरह की कोई समस्या सामने नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश स्तर पर होटल संचालकों की बैठक रखी गई है, वहीं इंदौर में भी एक बैठक बुलाई गई है। होटल इंडस्ट्री भी इमरजेंसी सर्विस में आती है। कोरोना काल में भी इसे इमरजेंसी सर्विस में रखा गया था, ताकि बाहर से आने वाले मेहमानों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा- अपनी मांगों को लेकर संगठन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात भी करेंगे। हजारों स्टूडेंट के भोजन पर संकट, बंद हो सकते हैं टिफिन सेंटर भोपाल के उन्नति भोजनालय के संचालक रजनीश ने बताया कि उनकी कैंटीन में हर पांचवें दिन गैस सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। आपूर्ति प्रभावित हुई तो काम पर बड़ा असर पड़ेगा। उनके यहां रोज करीब 60-70 छात्र खाना खाते हैं और टिफिन भी भेजे जाते हैं। उन्होंने कहा कि वे पिछले 7-8 साल से यह काम कर रहे हैं। लकड़ी या अन्य विकल्पों पर खाना बनाना आसान नहीं है। इलाके में करीब 70-80 टिफिन सेंटर हैं और लगभग 20-25 हजार छात्र इन्हीं पर निर्भर हैं। सिलेंडर की कमी लंबी चली तो कई सेंटर बंद होने की नौबत आ सकती है।
फूड डिलीवरी वालों को रोजगार की चिंता फूड डिलीवरी का काम करने वाले सुकेश बताते हैं, मैं रोज 15 से 20 ऑर्डर डिलीवर करता हूं। किसी दिन 800 तो किसी दिन 1200 रुपए तक कमा लेता हूं। आज पता चला कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद हो गई है। इसका असर रेस्टोरेंट्स पर तो पड़ेगा ही, साथ ही फूड डिलीवरी पर भी पड़ेगा। अगर रेस्टोरेंट खाना नहीं बना पाएंगे तो ऑर्डर कैसे मिलेंगे? ऐसे में हमारा काम भी ठप हो जाएगा। भोपाल में 7,000 से ज्यादा लोग नियमित रूप से फूड डिलीवरी का काम करते हैं। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने पर इनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ने की आशंका है। प्रदेश सरकार का दावा- सप्लाई सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता की निगरानी के निर्देश दिए। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक है और घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और अधिकृत जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है। कालाबाजारी राेकने सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया इधर, केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी चीजों की जमाखोरी रोक ने लिए देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू कर दिया है। अब गैस को 4 कैटेगरी में बांटा जाएगा…. पहली कैटेगरी (पूरी सप्लाई): इसमें घर की रसोई गैस (PNG) और गाड़ियों में डलने वाली CNG आती है। इन्हें पहले की तरह पूरी गैस मिलती रहेगी। दूसरी कैटेगरी (खाद कारखाने): खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को करीब 70% गैस दी जाएगी। बस उन्हें यह साबित करना होगा कि गैस का इस्तेमाल खाद बनाने में ही हुआ है। तीसरी कैटेगरी (बड़े उद्योग): नेशनल ग्रिड से जुड़ी चाय की फैक्ट्रियों और दूसरे बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत की लगभग 80% गैस मिलेगी। चौथी कैटेगरी (छोटे बिजनेस और होटल): शहरों के गैस नेटवर्क से जुड़े छोटे कारखानों, होटल और रेस्टोरेंट को भी उनकी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस दी जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.