नई दिल्ली2 मिनट पहले
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कल की बड़ी खबर कच्चे तेल से जुड़ी रही। ईरान युद्ध से पहले कच्चे तेल की जो कीमतें थीं, गुरुवार को वैश्विक बाजार में दाम उसी स्तर पर आ गए हैं। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह वही भाव (72.29 डॉलर) है, जो युद्ध शुरू होने से एक दिन पहले 27 फरवरी को था।
वहीं, एपल ने अमेरिका में अपने आईपैड और मैकबुक की कीमतों में 300 डॉलर तक की बढ़ोतरी कर दी है। भारत में भी इनकी कीमतों में ₹1 लाख तक का इजाफा हुआ है।
कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां…
- शेयर बाजार आज बंद रहेगा।
- पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ।
अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें…
1. कच्चा-तेल ईरान युद्ध से पहले वाले भाव 72 डॉलर पर: एनर्जी एक्सपर्ट ने कहा- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत दशहरे तक ही संभव

ईरान युद्ध से पहले कच्चे तेल की जो कीमतें थीं, गुरुवार को वैश्विक बाजार में दाम उसी स्तर पर आ गए हैं। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह वही भाव (72.29 डॉलर) है, जो युद्ध शुरू होने से एक दिन पहले 27 फरवरी को था।
17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद स्विट्जरलैंड में हुई शांति वार्ता में अमेरिका ने ईरानी तेल के निर्यात पर आंशिक प्रतिबंध हटा लिए। इसके बाद होर्मुज रूट से गुजरने वाले जहाज की संख्या बढ़ने लगी है।
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2. भारत में आईपैड-मैकबुक की कीमतें ₹1-लाख तक बढ़ीं: AI बूम के कारण चिप की लागत बढ़ने के चलते एपल ने यह फैसला किया

एपल ने गुरुवार को अमेरिका में अपने आईपैड और मैकबुक की कीमतों में 300 डॉलर तक की बढ़ोतरी कर दी है। भारत में भी इनकी कीमतों में ₹1 लाख तक का इजाफा हुआ है।
कंपनी का कहना है कि AI इंडस्ट्री के डेटा सेंटर बनाने के कारण मेमोरी और स्टोरेज चिप की लागत लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते अब ग्राहकों को इस बढ़ी हुई कीमत से बचाना संभव नहीं रह गया है।
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3. मार्केट-कैप में माइक्रोन ने मेटा-टेस्ला को पीछे छोड़ा: AI चिप की डिमांड से शेयरों में 18.4% का उछाल; कंपनी की कुल वैल्यू $1.37 ट्रिलियन पहुंची

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और मेमोरी चिप की भारी मांग के चलते अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयरों में ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली है।
गुरुवार को कारोबारी सेशन में माइक्रोन का मार्केट कैपिटलाइजेशन कुछ समय के लिए दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों मेटा प्लेटफॉर्म्स और टेस्ला से भी ज्यादा हो गया।
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4. अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा: इसके फीचर से रेपिस्ट बच्ची तक पहुंचा, भारत में इसके 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर

सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है।
आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए आरोपी गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया।
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दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए…

कल बाजार बंद था तो गुरुवार के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए…


पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए…




















































