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Buttermilk Health Risks: छाछ पाचन को बेहतर बनाने और शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करता है, लेकिन यह हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता है. कुछ लोगों के लिए छाछ का सेवन नुकसानदायक हो सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो छाछ का सेवन लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों, किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीजों, पेट में अल्सर या सांस संबंधी रोग वाले लोगों को नहीं करना चाहिए. अगर ऐसे लोग छाछ पिएं, तो उससे पहले डॉक्टर की सलाह लें. लापरवाही करने से परेशानी बढ़ सकती है.
छाछ हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसे कई जगहों पर मट्ठा भी कहा जाता है. आयुर्वेद एक्सपर्ट्स की मानें तो छाछ पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, शरीर को ठंडक पहुंचाता है और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. गर्मियों में इसका सेवन विशेष रूप से लाभकारी होता है. हालांकि यह भी समझना जरूरी है कि छाछ हर व्यक्ति के लिए समान रूप से लाभदायक नहीं होती. कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में इसका सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है.

जिन लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या होती है, उन्हें छाछ का सेवन सावधानी से करना चाहिए. ऐसे लोगों में डेयरी प्रोडक्ट ठीक से पच नहीं पाते. इन चीजों के सेवन से पेट फूलना, गैस, दस्त या असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए अगर छाछ पीने के बाद इस तरह के लक्षण महसूस हों, तो इसे तुरंत बंद कर देना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

लोगों को सर्दी, खांसी या एलर्जी की समस्या रहती है, उन्हें भी छाछ का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए. छाछ की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर में कफ यानी बलगम बढ़ा सकती है. इससे गले में खराश, खांसी या सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. खासतौर पर अस्थमा या सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को इसे बहुत सोच-समझकर लेना चाहिए.
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किडनी से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों को भी छाछ के सेवन में सतर्क रहना चाहिए. इसमें मौजूद कुछ मिनरल्स किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं. खासकर अगर इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाए, तो परेशानी बढ़ सकती है. ऐसे लोगों के लिए जरूरी है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के नियमित या ज्यादा मात्रा में छाछ न पिएं.

जिन लोगों को पेट में अल्सर या एसिडिटी की समस्या होती है, उनके लिए भी छाछ का प्रभाव अलग-अलग हो सकता है. कुछ मामलों में यह राहत देती है, लेकिन कुछ लोगों में यह जलन या असुविधा को बढ़ा सकती है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि आपका शरीर इस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है और उसी अनुसार इसका सेवन करें.

छाछ का सेवन सही समय और सही तरीके से करना भी बेहद महत्वपूर्ण है. रात के समय छाछ पीना आमतौर पर उचित नहीं माना जाता, क्योंकि यह पाचन पर असर डाल सकता है और कफ बढ़ा सकता है. दिन के समय, खासकर दोपहर में इसका सेवन अधिक लाभकारी होता है. अगर इसमें थोड़ा सा भुना जीरा, करी पत्ता या अदरक मिला लिया जाए, तो इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं.

यह कहा जा सकता है कि छाछ एक स्वास्थ्यवर्धक चीज है, लेकिन हर किसी के लिए नहीं. अपनी शारीरिक स्थिति और जरूरतों के अनुसार इसका सेवन करना चाहिए. अगर सही तरीके और मात्रा में लिया जाए, तो यह अमृत के समान लाभ दे सकता है, लेकिन लापरवाही से सेवन करने पर यह समस्याएं भी पैदा कर सकता है.














































