Sunday, 05 Apr 2026 | 08:08 AM

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अपने पिता को मार लाश के टुकड़े करने वाला ‘बेटा’ कैसे फंसा जाल में? पुलिस को कैसे हुआ उसपर शक, जानिए लखनऊ मर्डर केस की पूरी कहानी

Lucknow Murder Case News: नवाबों के शहर लखनऊ का पॉश इलाका ‘आशियाना’ उस वक्त थर्रा उठा, जब एक घर के बंद कमरे से बदबू आने लगी. ये बदबू किसी कूड़े की नहीं, बल्कि उस पिता की लाश की थी, जिसे उसके अपने ही इकलौते बेटे ने बेरहमी से काटकर टुकड़े टुकड़े कर दिया था. पुलिस जब मौके पर पहुंची और घर के अंदर का नजारा देखकर दंग रह गई. दरअसल, मशहूर पैथोलॉजी और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की लाश ‘नीले ड्रम’ के अंदर कटी-फटी हालत में थी. सबसे ज्यादा खौफनाक बात यह थी कि इस कत्ल को किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उनके अपने 21 साल के बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने अंजाम दिया था. 21 साल के बीकॉम छात्र ने ‘श्रद्धा’ और मेरठ के ‘सौरभ हत्याकांड’ की तर्ज पर अपने पिता के शरीर को आरी से काटकर टुकड़ों में बांट दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिता चाहता था कि बेटा डॉक्टर बने, लेकिन बेटे ने उसी आरी से पिता के जिस्म को चीर डाला जिससे कभी वह एनाटॉमी पढ़ने वाला था. आइए जानते हैं आखिर पुलिस ने इस शातिर कातिल को कैसे दबोचा और कैसे एक ‘नीला ड्रम’ इस खौफनाक राज का गवाह बना. नीट का दबाव और वो खूनी सुबहवारदात की शुरुआत 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे हुई. आशियाना के सेक्टर-एल स्थित मकान नंबर 91 में मानवेंद्र सिंह अपने बेटे अक्षत (21) पर नीट परीक्षा की तैयारी करने और पढ़ाई पर ध्यान देने का दबाव बना रहे थे. क्योंकि, अक्षत पहले भी दो बार परीक्षा दे चुका था, लेकिन सफल नहीं हुआ था. बाप-बेटे के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मानवेंद्र ने गुस्से में अपनी लाइसेंसी राइफल तान दी. तभी अक्षत ने राइफल छीनी और सीधे पिता के सिर में गोली दाग दी. मौके पर ही मानवेंद्र की मौत हो गई. बहन के सामने हुआ कत्ल, 4 दिन तक घर में कैद रही मासूमजिस वक्त अक्षत ने पिता को गोली मारी, उसकी 11वीं में पढ़ने वाली छोटी बहन कृति जाग गई थी. उसने खून से लथपथ पिता को देखा तो चीख पड़ी. लेकिन अक्षत के सिर पर उस वक्त खून सवार था. उसने अपनी सगी बहन को धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो उसे भी मार डालेगा. डरी-सहमी मासूम 4 दिन तक उसी घर में कैद रही जहां उसके पिता की लाश के टुकड़े किए जा रहे थे. आरी से किए टुकड़े, नीले ड्रम में भरा धड़हत्या के बाद अक्षत ने सबूत मिटाने के लिए बाजार से एक इलेक्ट्रॉनिक आरी और एक बड़ा नीला ड्रम खरीदा. उसने अपने पिता की लाश को घसीटकर तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में लाया. वहां उसने लाश के हाथ और पैर काटकर अलग कर दिए. उसने हाथ-पैर को कार में लादकर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिया, जबकि धड़ को नीले ड्रम में भरकर केमिकल (एसिड) से गलाने की कोशिश की. खून से सने बिस्तर और चादर को उसने अमौसी ले जाकर जला दिया. क्या इस हैवानियत में कोई और भी शामिल था?पुलिस अब इस एंगल की भी जांच कर रही है कि क्या 21 साल का लड़का अकेले इतनी बड़ी लाश को काटकर ठिकाने लगा सकता था? हालांकि, अभी तक अक्षत ने अकेले ही जुर्म कुबूल किया है. पुलिस के जाल में कैसे फंसा ‘शातिर’ बेटा? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्षत ने खुद को बचाने के लिए पूरी प्लानिंग की थी. उसने खुद थाने जाकर पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी. उसने कहानी बुनी कि ‘पापा दिल्ली गए हैं और फोन बंद आ रहा है.’ अक्षत ने पुलिस और पड़ोसियों को भी यही कहानी सुनाई थी. लेकिन पुलिस को शक तब हुआ जब मानवेंद्र के मोबाइल की आखिरी लोकेशन उनके अपने ही लैब के पास मिली, जबकि बेटा उन्हें दिल्ली में बता रहा था. इतना ही नहीं, पुलिस की पूछताछ में अक्षत बार-बार बयान बदल रहा था. कभी कहता पिता ने सुसाइड किया, तो कभी कहता वो कहीं चले गए हैं. पुलिस को कैसे हुआ शक? वो 3 गलतियां जो भारी पड़ींअक्षत खुद को बहुत शातिर समझ रहा था, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से नहीं बच सका. शक की सुई इन वजहों से घूमी: मानवेंद्र के तीनों मोबाइल बंद थे, लेकिन उनकी अंतिम लोकेशन काकोरी स्थित उनके अपने लैब में मिली. जब पुलिस ने अक्षत से पूछा कि पिता दिल्ली गए तो लोकेशन यहाँ कैसे? वह हकलाने लगा. अक्षत बार-बार कार धो रहा था. उसकी चाची ने जब कार साफ करने में मदद की पेशकश की, तो उसने सख्ती से मना कर दिया. कार की डिक्की में खून के निशान रह गए थे. पड़ोसियों ने जब अपने कैमरों की फुटेज देखी, तो 19 फरवरी की रात मानवेंद्र घर के अंदर जाते दिखे, लेकिन बाहर निकलते कभी नहीं दिखे. वहीं अक्षत रात के अंधेरे में कार लेकर बार-बार बाहर जा रहा था. करीबी दोस्त के सामने टूटा अक्षतजब पुलिस और पड़ोसियों का दबाव बढ़ा, तो सोमवार दोपहर अक्षत ने अपने पिता के करीबी दोस्त सोनू को फोन किया और कहा, ‘अंकल पापा ने सुसाइड कर लिया है.’ जब सोनू घर पहुंचे और कड़ाई से पूछा, तो अक्षत फूट-फूट कर रोने लगा और सारा सच उगल दिया. पुलिस ने जब घर की तलाशी ली, तो नीले ड्रम से मानवेंद्र का धड़ बरामद हुआ. नीला ड्रम और ‘मेरठ’ कनेक्शनपुलिस को घर के ग्राउंड फ्लोर के कमरे से वही नीला ड्रम मिला, जिसमें मानवेंद्र का धड़ भरा हुआ था. जांच में पता चला कि अक्षत ने मेरठ के ‘सौरभ हत्याकांड’ से प्रेरित होकर लाश को ड्रम में भरकर एसिड से गलाने या सीमेंट से भरने की योजना बनाई थी. बिखर गया हंसता-खेलता परिवारमानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन के थे. उनके पिता रिटायर्ड दरोगा हैं. 9 साल पहले मानवेंद्र की पत्नी की मौत हो गई थी. वह अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति (पैथोलॉजी और शराब की दुकानें) छोड़ गए हैं. अब पिता की मौत हो चुकी है, बेटा जेल में है और मासूम बेटी गहरे सदमे में. डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर के मुताबिक, आरोपी अक्षत को गिरफ्तार कर लिया गया है. हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी राइफल, आरी और कार बरामद कर ली गई है. पुलिस अब शव के उन हिस्सों की तलाश कर

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Bengaluru Villa Gang-Rape Case Update | Bengaluru Sugar Daddy vs Gang Rape Case | Bengaluru 19-Year-Old Student Gang Rape | ‘शुगर डैडी चाहिए था उसे’, बेंगलुरु 19 साल की छात्र गैंगरेप केस में घूम गई जांच, क्या है ₹25 लाख वाला गेम

Last Updated:February 24, 2026, 00:00 IST बेंगलुरु के एक पॉश विला में हुई कथित गैंगरेप की घटना ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है. जहां एक तरफ 19 साल की कॉलेज छात्रा ने दो युवकों पर नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार करने का आरोप लगाया है, वहीं आरोपियों में से एक ने दावा किया है कि लड़की शुगर डैडी की तलाश में थी और अब पत्रकार के साथ मिलकर उसे ब्लैकमेल कर रही है. बेंगलुरु रेप केस में ब्लैकमेलिंग का नया ट्विस्ट (फोटो- सोशल मीडिया) बेंगलुरु के जक्कुर इलाके में एक विला में हुई पार्टी के बाद शुरू हुआ बवाल फंसता हुआ दिख रहा है. पुलिस की जांच में अब दो अलग-अलग कहानियां सामने आई हैं. कहानी सुन पुलिस का भी माथा घूम गया है. पुलिस के लिए ये केस पेचीदा बनता जा रहा है. जहां एक तरफ लड़की ने दोनों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है, तो दूसरी ओर आरोपी ने छात्रा पर जबरन वसूली और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि वह एक पत्रकार से मिलकर 25 लाख रुपये के लिए ब्लैकमेलिंग कर रही है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गैंगरेप का मामला दर्ज होने से एक दिन पहले, यानी 21 फरवरी को ही एक आरोपी ने छात्रा के खिलाफ रंगदारी की शिकायत दर्ज कराई थी. आरोपी राजाजीनगर में सेकंड हैंड कार का बिजनेस करता है, उसने पुलिस को बताया कि 14 फरवरी की वेलेंटाइन डे पार्टी के दौरान उसकी मुलाकात इस छात्रा से हुई थी. उसे शुगर डैडी की तलाश थी आरोपी का आरोप है कि कार में ड्रॉप करने के दौरान छात्रा ने खुद को ‘शुगर बेबी’ बताया था. वह किसी ‘शुगर डैडी’ से मिलवाने की बात कह रही थी. उसने दावा किया कि 18 फरवरी को लड़की ने इंस्टाग्राम पर उस पर रेप का झूठा आरोप लगाया और फिर उसे राज न्यूज के कथित पत्रकार इमरान के फोन आने लगे. आरोपी के अनुसार, उससे मामला रफा-दफा करने के लिए मोटी रकम मांगी गई. पैसे न देने पर टीवी पर बदनाम करने वाला प्रोमो चलाने की धमकी दी गई. नशीली गोली और हैवानियत दूसरी ओर, मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली और बेंगलुरु में प्रथम वर्ष की छात्रा ने अपनी शिकायत में रूह कंपा देने वाली दास्तां सुनाई है. छात्रा के अनुसार, उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए डिक्सन सांडो (21) से हुई थी. 14 फरवरी की रात डिक्सन ने उसे जक्कुर के रेक्स विला में पार्टी के लिए बुलाया. डिक्सन ने उसे निखिल (35) नाम के व्यक्ति से मिलवाया. आरोप है कि दोनों ने उसे जबरन एक गुलाबी रंग की गोली खिलाई, जिससे वह बेहोश हो गई. छात्रा ने आरोप लगाया कि बेहोशी की हालत में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया. विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई और बाद में एक मॉल के पास छोड़ दिया गया. छात्रा ने 17 फरवरी को अस्पताल में इलाज कराया और फिर अपने भाई को जानकारी देने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस के सामने ‘दोहरी’ चुनौती बेंगलुरु पुलिस ने अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत सामूहिक दुष्कर्म और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज कर लिया है. लेकिन, आरोपी की ओर से दर्ज रंगदारी की FIR ने मामले को संदिग्ध बना दिया है. पुलिस अब दोनों पक्षों के मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स और विला के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि असलियत क्या है. About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें Location : Bangalore,Karnataka First Published : February 24, 2026, 00:00 IST

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Delhi Police Constable Accused of Murdering Neighbor at Wedding in Wazirabad | Parliament Housekeeping Staff Ashish Shot Dead Over Dispute | शादी की जश्न में डूबा था परिवार, तभी ठायं-ठायं से मच गया हड़कंप, घर में पसर गया मातम

Last Updated:February 23, 2026, 23:04 IST दिल्ली के वजीराबाद इलाके में एक शादी की जश्न में मातम पसर गया. आपसी दुश्मनी में एक 24 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह संसद भवन में हाउसकीपिंग कंपनी में काम करता था. मुख्य आरोपी प्रवेश दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल है और पीड़ित का पड़ोसी है. पीड़ित को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. दिल्ली पुलिस ने अपने ही अधिकारी की भूमिका की जांच शुरू कर दी है. पुरानी रंजिश की वजह से शादी के घर में पसरा मातम (सांकेतिक तस्वीर) नई दिल्ली. राजधानी के वजीराबाद इलाके की गली नंबर 14 रविवार रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी. उत्तर प्रदेश के बागपत से आई एक बारात में शामिल होने आए 24 वर्षीय युवक आशीष की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने का आरोप दिल्ली पुलिस में तैनात एक सिपाही प्रवेश पर लगा है. आशीष दिल्ली में पार्लियामेंट हाउसकीपिंग का काम करने वाली एक निजी कंपनी में कार्यरत था. मृतक आशीष और आरोपी प्रवेश दोनों उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के कत्था गांव के रहने वाले हैं और आपस में पड़ोसी हैं. परिजनों के अनुसार, दोनों के बीच रंजिश का सिलसिला रविवार सुबह गांव में हुई घुड़चढ़ी के दौरान शुरू हुआ था. आरोप है कि उस समय भी प्रवेश ने आशीष को जान से मारने की धमकी दी थी और हवा में फायरिंग की थी. हालांकि, गांव के बड़े-बुजुर्गों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था और पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई. बारात में आमना-सामना और कत्ल रविवार रात जब दोनों पक्ष वजीराबाद में बारात के साथ पहुंचे, तो एक बार फिर इनके बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि प्रवेश ने अपना आपा खो दिया और आशीष पर गोली चला दी. गोली आशीष के शरीर के आर-पार हो गई. लहूलुहान हालत में आशीष को तुरंत पास के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल आशीष की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया है. परिजनों का कहना है कि अगर सुबह गांव में हुई घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई होती, तो शायद आज आशीष जीवित होता. उन्होंने आरोपी सिपाही प्रवेश के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है. पुलिस की कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और आरोपी चाहे विभाग का ही क्यों न हो, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है और वजीराबाद में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें First Published : February 23, 2026, 23:04 IST

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इंस्टाग्राम पर स्टंटबाजी का वीडियो देखकर पुलिस ने लिया उठा, दिल्ली में रील्स बनाने वाले अब हो जाएं सावधान | delhi police action after dwarka scorpion accident sahil death new usmanpur instagram complaint reckless 3 bikers arrested

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में कुछ दिन पहले रील्स बनाने के चक्कर में एक भयानक हादसा हुआ था, जिसमें एक मां ने अपने इकलौते बेटे साहिल को खो दिया था. इस घटना के बाद अब दिल्ली पुलिस सतर्क हो गई है. देश की राजधानी में रील बनाने के चक्कर में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले स्टंटबाजों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है. राजधानी में रील बनाने के चक्कर में हो रही मौतों के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई है. दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट के न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने इंस्टाग्राम पर मिली एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जो अपनी जान जोखिम में डालकर सड़कों पर खतरनाक तरीके से बाइक चला रहे थे. पुलिस ने न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया है. आजकल के युवा सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए सड़कों पर स्टंटबाजी करते हैं, जो न केवल उनके लिए बल्कि राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित होती है. न्यू उस्मानपुर पुलिस को इंस्टाग्राम के माध्यम से एक वीडियो और शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें कुछ युवक सार्वजनिक सड़क पर बेहद खतरनाक तरीके से बाइक चला रहे थे. इंस्टाग्राम से मिला सुराग और एक्शन डीसीपी उत्तर-पूर्वी जिला आशीष मिश्रा के निर्देश और एसएचओ राजेंदर कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए आरोपियों की पहचान की और उनके खिलाफ एफआईआर नंबर 111/26 दर्ज की. आरोपियों की प्रोफाइल पुलिस ने इस मामले में खजूरी खास इलाके के रहने वाले तीन युवकों को दबोचा है. 22 साल के तुषार पुनिया, 20 साल का तनिष्क मावी और 20 साल पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किया गया है. ये तीनों युवक खजूरी खास के रहने वाले हैं और अक्सर न्यू उस्मानपुर और आसपास के इलाकों में स्टंटबाजी करते देखे जाते थे. हथियार बनी सोशल मीडिया, जब्त हुई बाइकें जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इनमें से दो मोटरसाइकिलें पहले ही एक अन्य मामले (FIR No. 101/26) में जब्त की जा चुकी थीं, जिनका संबंध इसी तरह की लापरवाही भरी ड्राइविंग से था. ताजा मामले में पुष्पेंद्र की एक और मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है. पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना), 125(A) और मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं (194D, 38, 192) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. डीसीपी आशीष मिश्रा ने बताया कि पुलिस अब सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है. अगर कोई भी व्यक्ति ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है या स्टंटबाजी कर दूसरों की जान खतरे में डालता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे किसी भी कृत्य को देखते ही पुलिस को सोशल मीडिया या हेल्पलाइन के माध्यम से सूचित करें.

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andhra pradesh vs bihar police : IPS Sunil Nayak Arrest | कौन है यह IPS अधिकारी, जिसको लेकर आंध्र प्रदेश और बिहार में शुरू हो गया ‘ऐलान-ऐ-जंग’, कौन गलत कौन सही?

पटना. बिहार कैडर के 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी सुनील नायक की गिरफ्तारी को लेकर आंध्र प्रदेश और बिहार आमने-सामने आ गए हैं. बिहार की राजधानी पटना में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम ने बिहार फायर सर्विस विभाग के आईजी सुनील नायक के आवास पर छापेमारी की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी साल 2021 के एक पुराने मामले से जुड़ी है, जिसमें आरोप है कि तत्कालीन सीआईडी में तैनाती के दौरान सुनील नायक ने टीडीपी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान विधानसभा उपाध्यक्ष के. रघुरमा कृष्ण राजू को हिरासत के दौरान बुरी तरह प्रताड़ित किया था. सोमवार को आंध्र प्रदेश पुलिस ने आईजी सुनील नायक को आईपीसी की धारा 307 हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया था. लेकिन पटना सिविल कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की दलील को मानने से इंकार करते हुए नायक को ट्रांजिट रिमांड नामंजूर कर दिया. ऐसे में बड़ा सवाल आंध्र प्रदेश पुलिस इतनी जल्दबाजी में एक आईपीएस अधिकारी पर एक्शन क्यों लिया? क्यों नायक की गिरफ्तारी से पहले उन्हें सूचना नहीं दी गई? क्या यह मामला राजनीति से प्रेरित है? क्या एक आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी से पहले केंद्र सरकार को सूचना दी गई थी? दरअसल आंध्रप्रदेश पुलिस ने जिस अंदाज में सोमवार को पटना पहुंचकर फायर विभाग के आईजी सुनील कुमार नायक को गिरफ्तार किया था, उस तरीके को कोर्ट ने गलत करार दिया है. कोर्ट ने आईजी सुनील कुमार नायक की गिरफ्तारी को ही अवैध ठहरा दिया है. कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ट्रांजिट रिमांड याचिका को खारिज कर दिया है. ट्रांजिट रिमांड के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस ने आवेदन किया था, लेकिन आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए जाने के कारण पटना सिविल कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया. क्या है रघुरमा कृष्ण राजू मामला? यह मामला मई 2021 का है, जब आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की सरकार थी. उस समय रघुरमा कृष्ण राजू वाईएसआर कांग्रेस के सांसद थे, लेकिन उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. सीआईडी ने उन्हें देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था. नायक उस समय आंध्र प्रदेश में सीआईडी में तैनात थे. राजू का आरोप है कि हिरासत के दौरान पुलिस ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया और उनके पैरों के तलवों पर लाठियों से प्रहार किया. नायक के वकील का दावा नायक के वकील का दावा है कि साल 2024 में आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद राजू ने प्रतिनियुक्ति पर आए सुनील नायक सहित कई अधिकारियों और पूर्व मुख्यमंत्री जगन रेड्डी के खिलाफ हत्या के प्रयास और हिरासत में प्रताड़ना का केस दर्ज करा दिया. क्योंकि राजू अब टीडीपी में हैं औऱ विधानसभा के उपाध्यक्ष हैं. राज्य में चंद्रबाबू नायडु की सरकार है और एनडीए में होने के कारण उनका नीतीश कुमार से साथ भी रिश्ता अच्छा है. ऐसे में यह मामला राजनीतिक पुर्वाग्रह से ग्रस्त नजर आ रहा है. आईपीएस को लेकर बिहार और आंध्र प्रदेश में टकराव सुनील नायक 2005 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. प्रतिनियुक्ति खत्म होने के बाद वे वापस अपने मूल कैडर बिहार लौट आए थे. आंध्र पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से बिहार पुलिस महकमे में नाराजगी देखी गई. छापेमारी के दौरान पटना के स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे, लेकिन बिहार पुलिस के कई आला अधिकारियों का मानना है कि एक सीनियर आईपीएस के खिलाफ ऐसी कार्रवाई के लिए प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया. नायक के वकील ने आंध्र प्रदेश पुलिस पर राजनीतिक द्वेष के तहत काम करने का आरोप लगाया है. वकील का तर्क है कि नायक को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने उस समय अपनी ड्यूटी निभाई थी. गिरफ्तारी से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही बिहार सरकार से आवश्यक अनुमति ली गई. वकील ने आरोप लगाया कि आंध्र पुलिस ने नायक के साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया, जो एक सेवारत आईजी रैंक के अधिकारी की गरिमा के खिलाफ है.

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19 साल की लड़की दिल्ली के लड़के के जाल में कैसे फंसी? कहानी उस ‘बुलबुल’ की, जिससे हिला पूरा देश | gurugram horror story tripura biotech 19 year girl student with boyfriend love thriller haryana police investigation

गुरुग्राम. त्रिपुरा की 19 की साल की एक लड़की के साथ गुरुग्राम में जो घटना घटी है, उसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है. पुलिस जांच कर रही है कि यह घटना क्यों और कैसे हुई? पुलिस की शुरुआती पूछताछ में जो जानकारी मिली है, वह हैरान करने वाले हैं. यह कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है, लेकिन इसका हर हिस्सा कड़वा और खौफनाक सच है. यह कहानी है त्रिपुरा की एक 19 वर्षीय छात्रा की, जिसने अपनी आंखों में बायोटेक इंजीनियर बनने का सपना संजोया था. लेकिन उसे क्या पता था कि जिस साइबर सिटी गुरुग्राम को वह अपने सपनों का शहर मान रही थी, वहीं उसकी जिंदगी का सबसे भयानक ‘हॉरर चैप्टर’ शुरू होने वाला है. सितंबर महीने में लड़की की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक लड़के से दोस्ती हुई और फरवरी महीने में ही उसका दर्दनाक अंत हो गया. गुरुग्राम पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि सितंबर 2025 में एक ऑनलाइन एप पर दोनों की बातचीत शुरू हुई. दोनों में पहले सिर्फ हाय-हैलो हुआ फिर लेकिन धीरे-धीरे बातचीत लंबी होती चली गई. लड़की नॉर्थ ईस्ट के त्रिपुरा से थी और गुरुग्राम के नामी यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी. वहीं, लड़का दिल्ली के नरेला इलाके का था. दोनों एक ही उम्र के थे. ऐसे में दोस्ती जल्द ही नजदीकियों में बदल गई. मुलाकातें बढ़ीं और फिर दोनों ने गुरुग्राम के सेक्टर-69 स्थित एक पीजी में साथ रहना शुरू कर दिया. यहां तक की दोनों परिवारों तक इसकी बात पहुंची और दोनों की शादी की चर्चा भी होने लगी. सब कुछ सामान्य दिख रहा था. लेकिन अचानक लड़के को लड़की पर शक होने लगा. इसके बाद दोनों में टकराव शुरू हो गया. सितंबर में दोस्ती और फरवरी में उसका खौफनाक अंत शक की एक हल्की सी चिंगारी ने शिवम के भीतर के राक्षस को जगा दिया. सस्पेंस तब गहराया जब युवती ने बाहरी दुनिया से संपर्क करना बंद कर दिया. पिछले 3 दिनों से उसे एक कमरे में बंधक बना लिया गया था. शिवम ने उस पर हमला किया, उसे पीटा और उसे हर पल मौत का अहसास कराया. कमरे के भीतर जो हो रहा था, उसकी भनक पड़ोसियों तक को नहीं थी. गुरुग्राम में हॉरर की वो रात 16 फरवरी की रात इस कहानी का सबसे वीभत्स मोड़ लेकर आई. शिवम की सनक इस कदर बढ़ गई कि उसने युवती के शरीर पर ज्वलनशील सैनिटाइजर छिड़क दिया. इससे पहले कि युवती कुछ समझ पाती, उसने उसके प्राइवेट पार्ट्स में आग लगा दी. युवती दर्द से चीखती रही, लेकिन आरोपी शिवम रहम दिखाने के बजाय अपने मोबाइल फोन से इस पूरी हैवानियत का वीडियो बना रहा था. वह इस मंजर का आनंद ले रहा था जैसे वह कोई फिल्म शूट कर रहा हो. एक फोन कॉल पर एक्शन लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. रात करीब 10 बजे, जब शिवम थोड़ी देर के लिए कमरे से बाहर गया, युवती ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को फोन लगाया. हजारों किलोमीटर दूर त्रिपुरा में बैठी मां ने जब बेटी की थरथराती आवाज सुनी. ‘मां, वह मुझे मार डालेगा, उसने मुझे जला दिया है, बचा लो मां…’ तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. लड़की ने बंगाली भाषा में मां से यह सारी बातें की. बंग्ला ने बचा ली जान मां ने बिना समय गंवाए त्रिपुरा पुलिस और फिर गुरुग्राम पुलिस को सूचना दी. दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की और जैसे ही पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा, अंदर का मंजर देखकर अनुभवी अफसरों की भी रूह कांप गई. युवती अधजली हालत में फर्श पर तड़प रही थी और आरोपी वहीं छिपा हुआ था. आरोपी शिवम फरार हो गया लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता को तुरंत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां वह गंभीर हालत में अपनी जिंदगी के लिए लड़ रही है. पुलिस ने शिवम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं में केस दर्ज किया है. वह वीडियो भी पुलिस के हाथ लग गया है, जो इस दरिंदगी का सबसे बड़ा सबूत बनेगा. इस कहानी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ऑनलाइन दुनिया के पीछे छिपे चेहरों की पहचान करना कितना जरूरी है. एक मां की सजगता और पुलिस की तत्परता ने एक जान तो बचा ली, लेकिन उस मासूम के मन पर लगे जख्म शायद कभी नहीं भर पाएंगे.

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Lashkar Terror Module in india | Bangladeshi Terrorists arrest in India | LeT Sleeper Cells active in West Bengal and tamil nadu | क्या लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ बनता जा रहा है पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु? हैरान कर देंगे यह आंकड़े

Last Updated:February 23, 2026, 13:51 IST दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े स्लीपर सेल नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है. बांग्लादेश से संचालित इस मॉड्यूल के 8 सदस्यों को दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है. दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए लश्कर मॉड्यूल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से हुई इन गिरफ्तारियों ने सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ये दोनों राज्य आतंकियों के नए ठिकाने बन रहे हैं? जानिए पिछले एक साल का पूरा डेटा और सक्रिय आतंकी संगठनों की इनसाइड स्टोरी. क्या पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु आतंकियों का छिपने का नया ठिकाना बन रहा है? नई दिल्ली. क्या पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु आतंकियों का नया ठिकाना बन रहा है? क्यों इन दोनों राज्यों से लगातार बांग्लादेशी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हो रहा है. देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ महीनों में जो रिपोर्ट्स और गिरफ्तारियां सामने आई हैं, उन्होंने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा ‘लश्कर-ए-तैयबा’ के एक अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया, जिसके तार कोलकाता और तमिलनाडु के तिरुपुर से जुड़े थे. यह पहली बार नहीं है जब इन राज्यों से हाई-प्रोफाइल आतंकियों की गिरफ्तारी हुई हो. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भौगोलिक स्थिति और जनसांख्यिकीय कारकों के साथ-साथ राजनीतिक हालात भी इन राज्यों में स्लीपर सेल्स के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में उभार रहा है. केंद्रीय गृह मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2025-26 के दौरान एनआईए ने देशभर में जो छापेमारी की, उनमें से लगभग 30% कार्रवाई पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में केंद्रित थी. अकेले बंगाल से 4 बड़े मॉड्यूल ध्वस्त किए गए, जबकि तमिलनाडु में आईएसआईएस के तीन स्लीपर सेल्स को निष्क्रिय किया गया. रविवार को ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े काउंटर-टेरर ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा के एक खतरनाक बांग्लादेशी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में एक साथ छापेमारी कर कुल 8 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है. ये सभी आतंकी बांग्लादेशी मूल के हैं और भारत में अवैध रूप से घुसपैठ कर फर्जी भारतीय पहचान पत्रों के सहारे रह रहे थे. क्या तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल आतंकियों का नया ठिकाना? पश्चिम बंगाल की लंबी और छिद्रपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश के साथ लगती है, जो इसे घुसपैठ के लिए आसान रास्ता बनाती है. पिछले एक साल में एनआईए और एसटीएफ ने बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना से कम से कम 15-18 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. वहीं, तमिलनाडु कभी अपनी शांति के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहां कट्टरपंथी विचारधारा का प्रसार सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गया है. कोयंबटूर कार ब्लास्ट के बाद से तमिलनाडु में सक्रियता बढ़ी है. पिछले 12 महीनों में तमिलनाडु के कोयंबटूर, तिरुपुर और चेन्नई से लगभग 10-12 आतंकियों और उनके समर्थकों को हिरासत में लिया गया है. #WATCH | Delhi | Six suspects who were arrested from Tamil Nadu for planning a major terrorist plot with the support of Pakistan’s intelligence agency, ISI, and Bangladeshi terrorist organisations brought to Delhi by the Delhi Police pic.twitter.com/QshJeFtlyY

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दिल्ली: वजीराबाद से लापता 16 वर्षीय लड़की चार दिन में मिली

होमताजा खबरक्राइम खत्‍म हुए आंसुओं से भरे दिन, परिवार की दुनिया फिर से हुई रोशन, मिली लापता बेटी Last Updated:February 22, 2026, 19:35 IST वजीराबाद में 17 फरवरी 2026 को 16 साल की नाबालिग लड़की लापता हो गई. दिल्ली पुलिस AHTU की टीम ने चार दिन की मेहनत के बाद इंदरपुरी मेन मार्केट में उसे खोज निकाला. Missing Girls: दिल्ली जैसे तेज रफ्तार शहर में हर दिन हजारों कहानियां जन्म लेती हैं. इसमें कुछ कहानियां उम्मीद की होती हैं और कुछ डर की. लेकिन जब किसी घर की 16 साल की बेटी अचानक लापता हो जाए, तो वह सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे मोहल्ले और शहर की बेचैनी बन जाती है. वजीराबाद इलाके में 17 फरवरी 2026 को ऐसा ही हुआ, जब एक नाबालिग लड़की के अचानक गायब होने की खबर ने परिवार की दुनिया ही बदल दी. जिस घर में कुछ दिन पहले तक हंसी गूंजती थी, वहां सन्नाटा पसरा हुआ था. मां की आंखें दरवाजे पर टिक गई थीं और पिता हर फोन कॉल पर चौंक उठते थे. पड़ोसी भी रात-रात भर जागकर परिवार को दिलासा दे रहे थे. दिल्ली वालों के लिए यह सिर्फ एक खबर नहीं थी, बल्कि हर उस माता-पिता का डर था, जो रोज अपने बच्चों को स्कूल या बाहर भेजते हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए वजीराबाद थाने में एफआईआर दर्ज की गई. बच्‍ची की तलाश के लिए बनाई गई स्‍पेशल टीम चूंकि लड़की नाबालिग थी, इसलिए यह मामला तुरंत संवेदनशील श्रेणी में आ गया. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने इसे प्राथमिकता पर लिया. इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, एएसआई अजय कुमार झा और महिला हेड कांस्टेबल मोनिका की टीम ने एसीपी सुरेश कुमार की निगरानी में जांच शुरू की. दिल्ली जैसे विशाल शहर में किसी एक व्यक्ति को ढूंढना आसान नहीं होता. हर गली, हर बाजार और हर भीड़ में अनगिनत चेहरे होते हैं. चार दिन की कवायद लाई रंग, पुलिस को मिली बच्‍ची लेकिन पुलिस टीम ने हार नहीं मानी. उन्होंने लड़की के परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों से लगातार बातचीत की, हर छोटी जानकारी को सुराग बनाया और तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन तलाशने में जुटे रहे. दिन-रात की मेहनत आखिर रंग लाई. गुप्त सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर टीम ने इंदरपुरी के मेन मार्केट में लड़की को ट्रेस कर लिया. जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, घर में कई दिनों बाद राहत की सांस सुनाई दी. मां की आंखों से आंसू रुके नहीं, लेकिन इस बार डर के नहीं, सुकून के थे. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें First Published : February 22, 2026, 19:35 IST

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Renwal Jaipur Rural News | Gumanpura Village Murder Case | Father Murder by Sons Rajasthan

होमताजा खबरक्राइम रिश्तों का कत्ल: जमीन विवाद में बेटों ने पिता को उतारा मौत के घाट, आरोपी फरार Last Updated:February 22, 2026, 19:06 IST Renwal Jaipur Rural News: जयपुर ग्रामीण के रेनवाल क्षेत्र के गुमानपुरा गांव में जमीन विवाद के चलते दो बेटों ने अपने पिता की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी. आरोप है कि शंकर सिंह और अमर सिंह जमीन बेचने की बात से नाराज थे और शराब के नशे में वारदात को अंजाम दिया. घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए. मृतक की पत्नी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है. Renwal Jaipur Rural News जयपुर ग्रामीण: जयपुर ग्रामीण के रेनवाल क्षेत्र से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया. गुमानपुरा गांव में दो बेटों ने कथित रूप से अपने ही पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी. जिस पिता ने उन्हें उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. जानकारी के अनुसार, मृतक अपने खेत की जमीन बेचने को लेकर विचार कर रहे थे. इसी बात से उनके दोनों बेटे शंकर सिंह और अमर सिंह नाराज चल रहे थे. परिवार के भीतर कई दिनों से तनाव की स्थिति बनी हुई थी. घटना वाले दिन भी पिता और बेटों के बीच इसी मुद्दे को लेकर कहासुनी हुई. बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी पुत्र शराब के नशे में थे. गुस्से और नशे के मिश्रण ने स्थिति को इतना भयावह बना दिया कि उन्होंने अपने ही पिता पर हमला कर दिया. मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि पिता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. पत्नी की चीखों से गूंज उठा गांवमृतक की पत्नी ने जब यह भयावह दृश्य देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मां की आंखों के सामने बेटों द्वारा पिता की हत्या का यह मंजर पूरे गांव को स्तब्ध कर गया. ग्रामीणों का कहना है कि परिवार में पहले भी विवाद होते रहे थे, लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि बात इतनी दूर तक पहुंच जाएगी. मौके पर पहुंची पुलिस, आरोपियों की तलाश जारीसूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है. घटना के बाद दोनों आरोपी बेटे मौके से फरार हो गए. पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. रिश्तों पर लगा सवालयह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि टूटते पारिवारिक रिश्तों की दर्दनाक कहानी है. जिस घर में कभी हंसी गूंजती थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है. गांव के लोग स्तब्ध हैं और हर कोई यही सवाल पूछ रहा है—क्या जमीन के एक टुकड़े की कीमत पिता की जिंदगी से ज्यादा हो सकती है? About the Author Jagriti Dubey With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें Location : Jaipur,Rajasthan First Published : February 22, 2026, 19:06 IST

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गांधी नगर मार्केट में कैरी बैग से नकदी चोरी, दो गिरफ्तार

होमताजा खबरक्राइम दहशत में थे गांधी नगर के कारोबारी, बार-बार टटोलनी पड़ रही थी अपनी जेब, क्‍यों? Last Updated:February 22, 2026, 18:52 IST गांधी नगर मार्केट में कैरी बैग से नकदी चोरी की घटनाओं के बाद दिल्ली पुलिस ने सनी और हनी को गिरफ्तार कर 83 हजार रुपये बरामद किए, जिससे व्यापारियों को राहत मिली है. Delhi Crime News: दिल्ली के सबसे व्यस्त और नकदी आधारित बाजारों में शामिल गांधी नगर मार्केट में पिछले कुछ दिनों से कारोबारियों और ग्राहकों के बीच एक अजीब डर का माहौल था. लोग खरीदारी तो कर रहे थे, लेकिन उनका ध्‍यान अपने बैग और जेबों पर ही टिका रहता था. किसी अनहोनी के डर से वे बार-बार अपनी जेब टटोलने को मजबूरे थे. वजह थी लगातार हो रही कैरी बैग से नकदी चोरी की घटनाएं. अब दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद राहत की सांस जरूर मिली है, क्योंकि शातिर चोरों के इस गैंग को गिरफ्तार कर लिया है. शाहदरा जिले की गांधी नगर थाना पुलिस की क्रैक टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बाजार में सनसनी फैलाने वाली चोरी की वारदातों का खुलासा किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 83 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं, जिसमें दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम देकर हासिल किए गए 65 हजार और 18 हजार रुपये शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी कैरी बैग में नकदी लेकर चलने वाले लोगों को निशाना बनाते थे. आपको बता दें कि गांधी नगर मार्केट सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि हजारों छोटे कारोबारियों की रोजी-रोटी का केंद्र है. यहां रोजाना लाखों रुपये का कैश लेन-देन होता है. ऐसे में जब 12 और 14 फरवरी को दो अलग-अलग मामलों में 1.50 लाख रुपये और 78 हजार रुपये चोरी होने की खबर फैली, तो व्यापारियों और ग्राहकों की घबराहट बढ़ गई. कई दुकानदारों ने तो अपने कर्मचारियों को कैश लेकर अकेले बाहर भेजना भी बंद कर दिया था. घटनाओं के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपियों की स्पष्ट तस्वीरें सामने आईं. एसएचओ गांधी नगर के निर्देश पर एसआई विकास के नेतृत्व में क्रैक टीम गठित की गई. 17 फरवरी को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी मंगलवार बाजार में फिर वारदात को अंजाम देने आने वाले हैं. पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और दोनों आरोपियों—सनी (34) और हनी (32), निवासी उत्तम नगर—को दबोच लिया. पूछताछ में सामने आया कि दोनों सगे भाई जल्दी पैसा कमाने के लालच में चोरी की राह पर उतर आए थे. वे खासतौर पर उन लोगों को टारगेट करते थे जो सिर या पीठ पर बैग लेकर चलते थे और सामान संभालने में व्यस्त रहते थे. सनी चुपके से बैग की चेन खोलकर नकदी निकालता और तुरंत हनी को थमा देता, ताकि वह मौके से फरार हो सके. इसी तरीके से उन्होंने दो बड़ी वारदातों को अंजाम दिया. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें First Published : February 22, 2026, 18:52 IST

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