Saturday, 25 Jul 2026 | 04:57 PM

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सैमसन को न खिलाने के बाद गंभीर ने बात की:संजू की जगह वैभव को डेब्यू को मौका दिया था, सूर्यवंशी ने फैंस से शुक्रिया कहा

सैमसन को न खिलाने के बाद गंभीर ने बात की:संजू की जगह वैभव को डेब्यू को मौका दिया था, सूर्यवंशी ने फैंस से शुक्रिया कहा

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में भारत के टीम मैनेजमेंट ने खराब फॉर्म से जूझ रहे संजू सैमसन को प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया। उनकी जगह 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका दिया गया। सैमसन को बाहर किए जाने के बाद टीम के हेड कोच गौतम गंभीर काफी देर तक सैमसन से बातचीत करते नजर आए। दोनों के बीच हुई चर्चा को खिलाड़ी का मनोबल बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है। इधर, सूर्यवंशी ने डेब्यू मैच के बाद इंस्टा पोस्ट के जरिए अपने फैंस शुक्रिया किया। वे इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में 10 गेंद पर 2 छक्कों के सहारे 14 रन बनाकर आउट हो गए। उनका स्ट्राइक रेट 140.00 का रहा। पिछली 3 पारियों में फेल रहे सैमसन टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे संजू सैमसन पिछले तीन टी-20 मुकाबलों में प्रभाव नहीं छोड़ सके। वे आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों में 0 और 5 रन ही बना पाए। जबकि, इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी-20 में सात गेंद खेलकर सिर्फ एक रन बना सके। लगातार नाकामी के बाद उन्हें ड्रॉप किया और वैभव को डेब्यू का मौका दिया। गंभीर ने दिया भरोसे का संदेश मैच से पहले गंभीर सैमसन का हाथ पकड़कर उनसे बात करते नजर आए। माना जा रहा है कि कोच ने उन्हें निराश नहीं होने और आगे के अवसरों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। भारतीय टीम प्रबंधन पहले ही कह चुका है कि नई टी-20 टीम बनाने की प्रक्रिया में खिलाड़ियों को लंबा मौका दिया जाएगा। ऐसे में सैमसन की वापसी की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा रही है। इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हराया सैमसन की गैरमौजूदगी के बावजूद भारत की किस्मत नहीं बदली। मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 में भारत ने 190 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया, लेकिन हैरी ब्रूक और जैकब बेथेल की शानदार पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने छह गेंद शेष रहते चार विकेट से जीत दर्ज कर ली। इसके साथ ही टीम इंडिया को श्रेयस अय्यर की कप्तानी में एक और हार झेलनी पड़ी। ———————————————

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सैमसन को न खिलाने के बाद गंभीर ने बात की:संजू की जगह वैभव को डेब्यू को मौका दिया था, सूर्यवंशी ने फैंस से शुक्रिया कहा

सैमसन को न खिलाने के बाद गंभीर ने बात की:संजू की जगह वैभव को डेब्यू को मौका दिया था, सूर्यवंशी ने फैंस से शुक्रिया कहा

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में भारत के टीम मैनेजमेंट ने खराब फॉर्म से जूझ रहे संजू सैमसन को प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया। उनकी जगह 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका दिया गया। सैमसन को बाहर किए जाने के बाद टीम के हेड कोच गौतम गंभीर काफी देर तक सैमसन से बातचीत करते नजर आए। दोनों के बीच हुई चर्चा को खिलाड़ी का मनोबल बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है। इधर, सूर्यवंशी ने डेब्यू मैच के बाद इंस्टा पोस्ट के जरिए अपने फैंस शुक्रिया किया। वे इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में 10 गेंद पर 2 छक्कों के सहारे 14 रन बनाकर आउट हो गए। उनका स्ट्राइक रेट 140.00 का रहा। पिछली 3 पारियों में फेल रहे सैमसन टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे संजू सैमसन पिछले तीन टी-20 मुकाबलों में प्रभाव नहीं छोड़ सके। वे आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों में 0 और 5 रन ही बना पाए। जबकि, इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी-20 में सात गेंद खेलकर सिर्फ एक रन बना सके। लगातार नाकामी के बाद उन्हें ड्रॉप किया और वैभव को डेब्यू का मौका दिया। गंभीर ने दिया भरोसे का संदेश मैच से पहले गंभीर सैमसन का हाथ पकड़कर उनसे बात करते नजर आए। माना जा रहा है कि कोच ने उन्हें निराश नहीं होने और आगे के अवसरों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। भारतीय टीम प्रबंधन पहले ही कह चुका है कि नई टी-20 टीम बनाने की प्रक्रिया में खिलाड़ियों को लंबा मौका दिया जाएगा। ऐसे में सैमसन की वापसी की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा रही है। इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हराया सैमसन की गैरमौजूदगी के बावजूद भारत की किस्मत नहीं बदली। मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 में भारत ने 190 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया, लेकिन हैरी ब्रूक और जैकब बेथेल की शानदार पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने छह गेंद शेष रहते चार विकेट से जीत दर्ज कर ली। इसके साथ ही टीम इंडिया को श्रेयस अय्यर की कप्तानी में एक और हार झेलनी पड़ी। ———————————————

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विंबलडन में डिफेंडिंग चैंपियन स्वियातेक हारीं:फिलिपिंस की 21 साल की अलेक्जेंड्रा ईला ने हराया, पिछली बार की रनर-अप रहीं अनिसिमोवा और रायबाकिना भी बाहर

विंबलडन में डिफेंडिंग चैंपियन स्वियातेक हारीं:फिलिपिंस की 21 साल की अलेक्जेंड्रा ईला ने हराया, पिछली बार की रनर-अप रहीं अनिसिमोवा और रायबाकिना भी बाहर

विंबलडन 2026 के तीसरे दौर में शनिवार को कई बड़े उलटफेर देखने को मिले। फिलिपिंस की 21 साल की अलेक्जेंड्रा ईला ने मौजूदा चैंपियन और तीसरी वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक को सीधे सेटों में हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। दूसरी वरीयता प्राप्त एलिना रायबाकिना और पिछले साल की उपविजेता अमांडा अनिसिमोवा भी हारकर बाहर हो गईं। वहीं, मेंस सिंगल्स में ग्रिगोर दिमित्रोव ने पांच सेट तक चले मुकाबले में माटेओ बेरेटिनी को हराकर अंतिम-16 में प्रवेश किया। दूसरी ओर, घुटने की चोट के कारण सेरेना विलियम्स ने वीनस विलियम्स के साथ डबल्स मुकाबले से नाम वापस ले लिया। ईला ने स्वियातेक को सीधे सेटों में हराया शनिवार का सबसे बड़ा उलटफेर महिला सिंगल्स में हुआ। फिलिपिंस की 21 साल की अलेक्जेंड्रा ईला ने मौजूदा चैंपियन और तीसरी वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक को 7-6 (11-9), 6-2 से हराकर चौथे दौर में जगह बना ली। इसके साथ ही ईला ओपन एरा में किसी ग्रैंड स्लैम के राउंड ऑफ-16 में पहुंचने वाली फिलिपिंस की पहली खिलाड़ी बन गईं। कभी स्वियातेक ने दिया था ग्रेजुएशन डिप्लोमा तीन साल पहले राफेल नडाल टेनिस अकादमी के ग्रेजुएशन समारोह में ईला को डिप्लोमा स्वियातेक ने ही दिया था। तब उन्होंने छात्रों से हर काम पूरी मेहनत से करने की बात कही थी। ईला ने उसी सीख को याद करते हुए अपनी आदर्श खिलाड़ी को हराकर नया इतिहास रच दिया। इससे पहले वह 2025 के मियामी ओपन में भी स्वियातेक को मात दे चुकी हैं। जीत के बाद भावुक हुईं जीत के बाद ईला ने कहा, ‘स्कूल के बाद रफल्ड मोजे और लाइट वाले जूते पहनकर मैं रोज ट्रेनिंग के लिए जाती थी। आज की यह जीत बचपन की उस छोटी ईला, मेरे परिवार, मेरे देश और उन सभी लड़कियों के नाम है जो बड़े सपने देखती हैं।’ रायबाकिना और अनिसिमोवा भी टूर्नामेंट से बाहर महिला सिंगल्स में दूसरी वरीयता प्राप्त और 2022 की चैंपियन एलिना रायबाकिना को बेल्जियम की एलिस मर्टेंस ने 7-6 (7-4), 6-1 से हराया। इस हार के बाद यह भी तय हो गया कि आर्यना सबालेंका महिला रैंकिंग में नंबर-1 बनी रहेंगी। उधर, पिछले साल की उपविजेता अमांडा अनिसिमोवा को मैडिसन कीज ने 3-6, 6-2, 6-3 से हराकर बाहर कर दिया। हार के बाद अनिसिमोवा कोर्ट पर भावुक नजर आईं। स्वियातेक की हार के साथ यह सिलसिला भी जारी रहा कि 2016 में सेरेना विलियम्स के बाद कोई भी महिला खिलाड़ी विंबलडन का खिताब लगातार नहीं बचा सकी है। घुटने की चोट से सेरेना ने डबल्स छोड़ा सेरेना विलियम्स ने बाएं घुटने में सूजन के कारण अपनी बहन वीनस विलियम्स के साथ डबल्स मुकाबले से नाम वापस ले लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि वीनस के साथ फिर से कोर्ट पर उतरना उनके लिए खास मौका होता, लेकिन चोट के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। सेरेना और वीनस की जोड़ी विंबलडन में छह बार महिला डबल्स चैंपियन रह चुकी है। दिमित्रोव पांच सेट के मुकाबले में जीते मेंस सिंगल्स में बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव ने इटली के माटेओ बेरेटिनी को 6-3, 6-4, 3-6, 5-7, 6-3 से हराकर चौथे दौर में जगह बनाई। पहले दो सेट जीतने के बाद दिमित्रोव की बढ़त बेरेटिनी ने बराबर कर दी, लेकिन निर्णायक सेट में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम किया। अब अंतिम-16 में दिमित्रोव का सामना ब्रिटेन के आर्थर फेरी से होगा। 16वीं बार विंबलडन खेल रहे दिमित्रोव छठी बार चौथे दौर में पहुंचे हैं।

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कैप नंबर-122 वैभव सूर्यवंशी,37 साल पुराना सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा:इंटरनेशनल डेब्यू करने पर पिता को किया फोन, मैच से पहले दी थी ये सलाह

कैप नंबर-122 वैभव सूर्यवंशी,37 साल पुराना सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा:इंटरनेशनल डेब्यू करने पर पिता को किया फोन, मैच से पहले दी थी ये सलाह

वैभव सूर्यवंशी ने शनिवार को अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इसी के साथ वैभव ने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। क्रिकेट में हर नए खिलाड़ी को पहले इंटरनेशनल मैच से पहले डेब्यू कैप दी जाती है। यह सम्मान उसके देश के लिए पहली बार खेलने का प्रतीक होता है। वैभव सूर्यवंशी को कैप नंबर 122 मिली है। इस खुशखबरी को सबसे पहले वैभव ने अपने पापा को दी। वैभव के पापा संजीव सूर्यवंशी ने उन्हें मैच में बिना प्रेशर लिए खेलने की सलाह दी। वैभव के पापा ने मैच से पहले दी थी सलाह वैभव सूर्यवंशी ने कैप मिलने के बाद कहा, ‘काफी अच्छा लग रहा है। किसी के लिए भी टीम इंडिया में खेलना ही बहुत बड़ी बात है। मेरे लिए यह एक प्राऊड मोमेंट है। सबसे पहले मैंने ये बात अपने पापा को बताई। फिर मैंने अपनी मम्मी और कोच रोमी सर के अलावा साथ रहने वाले लोगों को यह खुशखबरी सुनाई।’ वैभव ने आगे कहा, ‘पापा ये बात सुनकर काफी खुश हुए। उन्होंने मुझे यही सलाह दी कि जो करते आ रहे हो वही करो। कोई प्रेशर नहीं लेना है। बस अपना गेम खेलते रहना है।’ निडर होकर अपना क्रिकेट खेलो वैभव को तिलक वर्मा ने डेब्यू कैप दिया था। तिलक वर्मा ने वैभव को कैप के साथ बधाई देते हुए कहा, ‘फैमिली और तुम्हारे लिए ये बहुत ही प्राऊड मोमेंट है। उन्होंने तुम्हारे पीछे काफी मेहनत की है। तुमने यह कैप अपने टैलेंट और डिटरमिनेशन के कारण हासिल किया है। निडर होकर अपना क्रिकेट खेलो। यहां से कुछ भी नहीं बदल रहा है। बस अच्छे एटीट्यूड के साथ अपना गेम खेलते रहो और चेहरे पर मुस्कान रखो। हर भारतीय और देश को गौरवान्वित करो। कंग्रॅजुलेशन कैप नंबर 122 वैभव सूर्यवंशी।’ भारत की पहली डेब्यू कैप अमर सिंह को मिली थी दुनिया की पहली टेस्ट डेब्यू कैप 1877 में ऑस्ट्रेलिया के चार्ल्स बैनरमैन को मिली थी। भारत का पहला टेस्ट डेब्यू कैप नंबर-1 अमर सिंह को मिला। उन्होंने 1932 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के पहले टेस्ट मैच में पदार्पण किया था। डेब्यू कैप का नंबर बताता है कि उस फॉर्मेट में वह खिलाड़ी अपने देश का कितने नंबर का खिलाड़ी है। वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी 15 साल 99 दिन के वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दुनिया के दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उनसे आगे सिर्फ पाकिस्तान के हसन रजा हैं, जिन्होंने 1996 में 14 साल 227 दिन की उम्र में जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू किया था। भारत की बात करें तो वैभव ने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। शेफाली वर्मा ने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेला था। वैभव टी-20 डेब्यू पर स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय वैभव ने टी-20 डेब्यू मैच में 10 गेंदों में 14 रन बनाए। इसमें 2 छक्के शामिल रहे। वैभव टी-20 डेब्यू पर स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय बन गए। उन्हें विल जैक्स की गेंद पर जोस बटलर ने स्टंप आउट किया। वैभव ने फील्डिंग में पहला कैच भी पकड़ा। वैभव ने इंटरनेशनल क्रिकेट की सिर्फ तीसरी गेंद पर छक्का जड़ दिया। उन्होंने तीसरे ओवर में जोफ्रा आर्चर की पहली ही गेंद पर सिक्स मारा। यह उनके इंटरनेशनल करियर का पहला छक्का था। वैभव इंटरनेशनल में डेब्यू करने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बने हैं। महिलाओं में जर्सी की निया चार्लोट ग्रेग सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाली क्रिकेटर हैं। उन्होंने 2019 में 11 साल, 40 दिन की उम्र में पहला टी-20 इंटरनेशनल खेला था। उनके नाम सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। पुरुषों में रोमानिया के मारियन गेरासिम सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले पुरुष क्रिकेटर हैं। उन्होंने 2020 में 14 साल और 16 दिन की उम्र में पहला टी-20 इंटरनेशनल खेला था।

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श्रीलंका ने 549 रनों पर पहली पारी घोषित की:वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन मजबूत पकड़; इंडिज का स्कोर 58|1

श्रीलंका ने 549 रनों पर पहली पारी घोषित की:वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन मजबूत पकड़; इंडिज का स्कोर 58|1

वेस्टइंडीज के खिलाफ नॉर्थ साउंड में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन श्रीलंका ने पहली पारी 9 विकेट पर 549 रन बनाकर घोषित कर दी। श्रीलंका ने मैच के दूसरे दिन करीब दो सेशन तक बल्लेबाजी की और स्कोर को साढ़े पांच सौ के करीब पहुंचाया। जवाब में वेस्टइंडीज ने दिन का खेल खत्म होने तक एक विकेट पर 58 रन बनाए। टीम अभी श्रीलंका से 491 रन पीछे है। दिन का खेल खत्म होने तक कैरेबियाई ओपनर जॉन कैंपबेल 31 रन और कावेम हॉज 6 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। मेंडिस और दिनुषा ने संभाली पारी दूसरे दिन श्रीलंका ने पहले दिन के स्कोर में 211 रन जोड़े। कुसल मेंडिस और सोनल दिनुषा ने छठे विकेट के लिए 246 गेंदों में 143 रन की साझेदारी की। दोनों ने अर्धशतक लगाए, लेकिन दिनुषा 92 रन बनाकर अपने पहले टेस्ट शतक से सिर्फ 8 रन दूर रह गए। लंच के बाद मेंडिस ने तेज की रन गति श्रीलंका ने पहले सत्र में बिना कोई विकेट गंवाए 64 रन बनाए। लंच के बाद कुसल मेंडिस ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए जेडन सील्स और अल्जारी जोसेफ पर तेजी से रन बटोरे। हालांकि, स्कूप शॉट खेलने की कोशिश में वह एंडरसन फिलिप की गेंद पर बोल्ड हो गए। कप्तान चेज का दांव काम आया मेंडिस के आउट होने के बाद सोनल दिनुषा और मिलन रथनायके ने 36 रन जोड़े। इसके बाद कप्तान रोस्टन चेज ने पार्ट टाइम स्पिनर कावेम हॉज को गेंद सौंपी। दिनुषा ने उनकी पहली दो गेंदों पर चौके लगाए, लेकिन तीसरी गेंद पर कवर में कैच देकर 92 रन पर पवेलियन लौट गए। इसके बाद रथनायके और प्रभात जयसूर्या ने तेजी से रन जोड़े। रथनायके और डेब्यू कर रहे इसिथा विजेसुंदरा के आउट होने के बाद श्रीलंका ने पारी घोषित कर दी। वेस्टइंडीज की धीमी शुरुआत 549 रन के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक एक विकेट पर 58 रन बनाए। जॉन कैंपबेल 31 और कावेम हॉज 6 रन बनाकर नाबाद लौटे। टीम को अब भी पहली पारी में 491 रन की जरूरत है। दोनों टीमों से छूटे कैच वेस्टइंडीज की फील्डिंग दूसरे दिन भी कमजोर रही। जॉन कैंपबेल ने स्लिप में कुसल मेंडिस का आसान कैच छोड़ दिया, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया। वहीं श्रीलंका ने भी तीन कैच गंवाए। इसिथा विजेसुंदरा ने जॉन कैंपबेल का, जबकि सोनल दिनुषा और लाहिरू उदारा ने कावेम हॉज के एक-एक कैच छोड़े।

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फ्रांस चौथी बार फुटबॉल वर्ल्डकप के क्वार्टर फाइनल में:एमबाप्पे का पेनल्टी पर गोल; मोरक्को दूसरी बार टॉप-8 में पहुंचा

फ्रांस चौथी बार फुटबॉल वर्ल्डकप के क्वार्टर फाइनल में:एमबाप्पे का पेनल्टी पर गोल; मोरक्को दूसरी बार टॉप-8 में पहुंचा

फ्रांस फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया है। उसने चौथी बार टॉप-8 में जगह बनाई है। फ्रांसीसी टीम ने रविवार सुबह खेले गए मैच में पैराग्वे को 1-0 से हराया। स्टार फुटबॉलर किलियन एमबाप्पे ने दूसरे हाफ में पेनल्टी पर निर्णायक गोल किया। टॉप-8 में फ्रांस का मुकाबला मोरक्को से होगा। मोरक्को ने शनिवार देर रात राउंड ऑफ 16 के पहले मुकाबले में मेजबान कनाडा को 3-0 के अंतर से मात दी। इस जीत के साथ मोरक्को विश्व कप इतिहास में एक से अधिक बार क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाला पहला अफ्रीकी देश बन गया है। मैच में खास फ्रांस Vs पैराग्वे एमबाप्पे ने पेनल्टी पर गोल दागा पैराग्वे ने डिफेंसिव खेल दिखाया। 70वें मिनट में VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) रिव्यू के बाद फ्रांस को पेनल्टी मिली। डिएगो गोमेज पर फाउल का फैसला आने के बाद किलियन एमबाप्पे ने पेनल्टी को गोल में बदलकर टीम को बढ़त दिलाई। पैराग्वे ने दी कड़ी टक्कर पैराग्वे ने पूरे मैच में फ्रांस के हमलों को काफी हद तक रोके रखा। दूसरे हाफ में एमबाप्पे को एक शानदार मौका मिला, लेकिन वे ब्रेकअवे का फायदा नहीं उठा सके। मैनू कोने का दमदार शॉट गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार बचाव करते हुए रोक दिया। स्टॉपेज टाइम में भी गिल ने एमबाप्पे के दो बेहतरीन प्रयास विफल कर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा। कनाडा Vs मोरक्को पहला हाफ गोलरहित, दूसरे में 3 गोल आए पहले हाफ में दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। 50वें मिनट में अचरफ हकीमी की फ्री-किक पर मिले पास को अजेद्दीन ऊनाही ने बॉक्स के बाहर से शानदार राइट फुटेड शॉट के जरिए गोल में बदलकर मोरक्को को 1-0 की बढ़त दिलाई। 82वें मिनट में ब्राहिम डियाज के पास पर ऊनाही ने अपना दूसरा गोल दागकर बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद इंजरी टाइम के अंतिम मिनट में सूफियान रहीमी ने तीसरा गोल कर कनाडा की वापसी की उम्मीद पूरी तरह खत्म कर दी। जोनाथन डेविड फ्री-किक पर गोल चूके 78वें मिनट में जोनाथन डेविड को फ्री-किक पर गोल करने का मौका मिला, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर निकल गया। इसके तुरंत बाद ताजोन बुकेनन के दूर से लगाए गए शॉट को गोलकीपर यासीन बूनू ने डाइव लगाकर बचा लिया। कनाडा में जन्मे और मोरक्को से खेल रहे बूनू ने मैच में तीन अहम बचाव किए। —————————————————— FIFA वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अर्जेंटीना फुटबॉल वर्ल्डकप के अंतिम-16 में, केप वर्डो को हराया; मेसी ने गोल किया डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना फुटबॉल वर्ल्ड कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई है। उसने शनिवार सुबह खेले गए मुकाबले में केप वर्डे को 3-2 से हराया। अब मंगलवार को उसका मुकाबला इजिप्ट से होगा। इजिप्ट ने ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर बाहर किया। एक अन्य मैच में कोलंबिया ने घाना को 1-0 से हराया। पढ़ें पूरी खबर

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फ्रांस चौथी बार फुटबॉल वर्ल्डकप के क्वार्टर फाइनल में:एमबाप्पे का पेनल्टी पर गोल; मोरक्को दूसरी बार टॉप-8 में पहुंचा

फ्रांस चौथी बार फुटबॉल वर्ल्डकप के क्वार्टर फाइनल में:एमबाप्पे का पेनल्टी पर गोल; मोरक्को दूसरी बार टॉप-8 में पहुंचा

फ्रांस फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया है। उसने चौथी बार टॉप-8 में जगह बनाई है। फ्रांसीसी टीम ने रविवार सुबह खेले गए मैच में पैराग्वे को 1-0 से हराया। स्टार फुटबॉलर किलियन एमबाप्पे ने दूसरे हाफ में पेनल्टी पर निर्णायक गोल किया। टॉप-8 में फ्रांस का मुकाबला मोरक्को से होगा। मोरक्को ने शनिवार देर रात राउंड ऑफ 16 के पहले मुकाबले में मेजबान कनाडा को 3-0 के अंतर से मात दी। इस जीत के साथ मोरक्को विश्व कप इतिहास में एक से ज्यादा बार क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाला पहला अफ्रीकी देश बन गया। इससे पहले वह 2022 में क्वार्टर फाइनल में पहुंचा था। मैच में खास फ्रांस Vs पैराग्वे एमबाप्पे ने पेनल्टी पर गोल दागा पैराग्वे ने डिफेंसिव खेल दिखाया। 70वें मिनट में VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) रिव्यू के बाद फ्रांस को पेनल्टी मिली। डिएगो गोमेज पर फाउल का फैसला आने के बाद किलियन एमबाप्पे ने पेनल्टी को गोल में बदलकर टीम को बढ़त दिलाई। पैराग्वे ने दी कड़ी टक्कर पैराग्वे ने पूरे मैच में फ्रांस के हमलों को काफी हद तक रोके रखा। दूसरे हाफ में एमबाप्पे को एक शानदार मौका मिला, लेकिन वे ब्रेकअवे का फायदा नहीं उठा सके। मैनू कोने का दमदार शॉट गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार बचाव करते हुए रोक दिया। स्टॉपेज टाइम में भी गिल ने एमबाप्पे के दो बेहतरीन प्रयास विफल कर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा। कनाडा Vs मोरक्को पहला हाफ गोलरहित, दूसरे में 3 गोल आए पहले हाफ में दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। 50वें मिनट में अचरफ हकीमी की फ्री-किक पर मिले पास को अजेद्दीन ऊनाही ने बॉक्स के बाहर से शानदार राइट फुटेड शॉट के जरिए गोल में बदलकर मोरक्को को 1-0 की बढ़त दिलाई। 82वें मिनट में ब्राहिम डियाज के पास पर ऊनाही ने अपना दूसरा गोल दागकर बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद इंजरी टाइम के अंतिम मिनट में सूफियान रहीमी ने तीसरा गोल कर कनाडा की वापसी की उम्मीद पूरी तरह खत्म कर दी। जोनाथन डेविड फ्री-किक पर गोल चूके 78वें मिनट में जोनाथन डेविड को फ्री-किक पर गोल करने का मौका मिला, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर निकल गया। इसके तुरंत बाद ताजोन बुकानन के दूर से लगाए गए शॉट को गोलकीपर यासीन बूनू ने डाइव लगाकर बचा लिया। कनाडा में जन्मे और मोरक्को से खेल रहे बूनू ने मैच में तीन अहम बचाव किए। —————————————————— FIFA वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अर्जेंटीना फुटबॉल वर्ल्डकप के अंतिम-16 में, केप वर्डो को हराया; मेसी ने गोल किया डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना फुटबॉल वर्ल्ड कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई है। उसने शनिवार सुबह खेले गए मुकाबले में केप वर्डे को 3-2 से हराया। अब मंगलवार को उसका मुकाबला इजिप्ट से होगा। इजिप्ट ने ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर बाहर किया। एक अन्य मैच में कोलंबिया ने घाना को 1-0 से हराया। पढ़ें पूरी खबर

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Punjab Power Slap Fighter Manjot Kour Rattu: Abu Dhabi Fight Injury

Punjab Power Slap Fighter Manjot Kour Rattu: Abu Dhabi Fight Injury

निक्की शेफर से थप्पड़ खाने के बाद गिरी रत्तू। उसके चेहरे पर 9 टांके आए। नवांशहर की मनजोत कौर रत्तू पावर स्लैप गेम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतरने वाली पहली भारतीय फाइटर बन गई हैं। अबू धाबी में अपने पहले मुकाबले में हार के बावजूद उन्होंने जज्बे की मिसाल पेश की। . फाइट के दौरान स्लैप लगते ही उनका चेहरा फट गया और 9 टांके लगे, लेकिन कोच के मुकाबला छोड़ने के सुझाव को ठुकराते हुए उन्होंने तीनों राउंड पूरे किए। वो क्लोज फाइट में हारीं। इसके बावजूद 30 के मुकाबले 23 अंक बटोरे। अब मनजोत 18 जुलाई को सिडनी में होने वाले अगले मुकाबले में उतरेंगी। पटियाला फिजिकल कॉलेज से बीपीएड (BPEd) की पढ़ाई करने वाली मनजोत प्रोफेशनल बॉक्सर भी हैं। अपनी लगन के दम पर मनजोत आज दुनिया भर की लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। शुरुआत में वो किक बॉक्सिंग और कबड्डी में भी हाथ आजमा चुकी हैं। रत्तू स्लैप फाइट लीग में कैसे आई और इसके लिए उन्होंने कैसे महनत की, पढ़ें पूरी रिपोर्ट… आबू धाबी में हुई गेम में हिस्सा लेती रत्तू। बॉक्सिंग से पावर स्लैप में आने की रत्तू ने बताई कहानी… स्कूल के दिनों में चुना खेल का रास्ताः 28 साल की मनजोत कौर रत्तू ने बताया कि पढ़ाई में उनका ज्यादा मन नहीं लगता था और उन्हें मैथ्स से डर लगता था। इसी वजह से उन्होंने स्कूल के दिनों में खेलों की ओर रुख किया। साल 2015 में उन्होंने अपने खेल करियर की शुरुआत की और शुरुआती दौर में किक बॉक्सिंग व कबड्डी खेलीं। 2021 में प्रोफेशनल बॉक्सिंग में रखा कदमः करीब छह साल तक अलग-अलग खेलों में हाथ आजमाने के बाद मनजोत ने 2021 में प्रोफेशनल बॉक्सिंग को अपना करियर बनाया। 2022 में थाईलैंड में अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय फाइट जीती। इसके बाद 2024 में ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन और 2025 में न्यूजीलैंड में मुकाबले खेले। न्यूजीलैंड में उन्होंने दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी मिया मोटू को कड़ी टक्कर देकर पहचान बनाई। कोच से मिला पावर स्लैप का आइडियाः मनजोत के कोच जसकरण सिंह ने उन्हें पावर स्लैप खेल के बारे में बताया। कोच पहले दुबई में इस खेल से जुड़े रहे थे। जब मनजोत को पता चला कि भारत की कोई लड़की इस खेल में नहीं उतरी है, तो उन्होंने देश की पहली महिला पावर स्लैप खिलाड़ी बनने का लक्ष्य तय कर लिया। चोटों के बावजूद चुना नया चैलेंजः मनजोत ने बताया कि पावर स्लैप में चोट लगने का खतरा काफी ज्यादा होता है और शुरुआत में उन्हें इसके नियमों की भी पूरी जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने चुनौती स्वीकार की और अबू धाबी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावर स्लैप प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। तीसरे राउंड में चेहरा फटा, फिर भी मुकाबला पूरा कियाः मुकाबले के तीसरे राउंड में प्रतिद्वंद्वी निक्की शेफर का जोरदार थप्पड़ लगने से उनका माउथगार्ड बाहर निकल गया। इससे गाल और होंठ अंदर से बुरी तरह फट गए और खून बहने लगा। कोच ने मुकाबला छोड़ने की सलाह दी, लेकिन मनजोत ने पीछे हटने से इनकार कर दिया। उन्होंने तीनों राउंड पूरे किए। बाद में उनके चेहरे पर 9 टांके लगाने पड़े। परिवार ने खेल छोड़ने को कहाः चेहरे पर गंभीर चोट लगने के बाद परिवार काफी घबरा गया। परिजनों ने उन्हें यह खेल छोड़ने की सलाह दी, लेकिन मनजोत ने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि हर बड़े मुकाम तक पहुंचने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। रोज बॉक्सिंग के साथ पावर स्लैप की भी ट्रेनिंगः मनजोत आज भी प्रोफेशनल बॉक्सिंग की नियमित ट्रेनिंग करती हैं। इसके अलावा रोज करीब 15 मिनट पावर स्लैप की अलग से प्रैक्टिस करती हैं, जिसमें थप्पड़ खाने के बाद संतुलन बनाने, स्टांस और थप्पड़ मारने की तकनीक पर काम किया जाता है। 18 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया में अगली फाइटः इन दिनों मनजोत ऑस्ट्रेलिया में हैं। 18 जुलाई को सिडनी में उनकी प्रोफेशनल बॉक्सिंग की अगली फाइट होनी है। वह इसे अपने करियर का अहम मुकाबला मान रही हैं। इकलौती महिला प्रोफेशनल बॉक्सरः मनजोत का दावा है कि वह शहीद भगत सिंह नगर जिले की इकलौती महिला प्रोफेशनल बॉक्सर हैं। उनका कहना है कि दोआबा क्षेत्र में लड़कियां आमतौर पर फुटबॉल और एथलेटिक्स चुनती हैं, लेकिन उन्होंने बॉक्सिंग और पावर स्लैप जैसे अलग खेलों में अपनी पहचान बनाई है। इंडिया और पंजाब की पहली पावर स्लैप फाइटर मनजोत कौर रत्तू। अब दुनिया के सबसे बड़े मंच पर खेलने का सपना मनजोत का कहना है कि उनका अगला लक्ष्य दुनिया के सबसे बड़े फाइटिंग प्लेटफॉर्म पर देश का प्रतिनिधित्व करना है। वह चाहती हैं कि उनकी सफलता देखकर पंजाब और देश की दूसरी लड़कियां भी कॉम्बैट स्पोर्ट्स में आगे आएं। लड़कियों के लिए खुद की स्पोर्ट्स एकेडमी खोलना चाहती रत्तू ने कहा कि वह सिर्फ अपने लिए नहीं खेलतीं, बल्कि उनके सपने बहुत बड़े हैं। वह भविष्य में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से नाम और पैसा कमाकर पंजाब की लड़कियों के लिए बॉक्सिंग एकेडमी खोलना चाहती हैं। मनजोत का मानना है कि शुरुआत में फैसला लेना और राह पर चलना सबसे मुश्किल होता है, लेकिन एक बार जब आप कदम बढ़ा लेते हैं, तो रास्ते अपने आप खुलते चले जाते हैं। वह चाहती हैं कि उनके इलाके की अन्य लड़कियां भी इस खेल में आएं और देश का नाम रोशन करें। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें- पहला सिख बना पावर स्लैप कंपीटिशन का किंग, पंजाब के जुझार सिंह ने रशियन प्लेयर को 1 थप्पड़ से हिलाया पंजाब के रोपड़ जिले के चमकौर साहिब के जुझार सिंह आबूधाबी में हुए पावर स्लैप कंपीटिशन के पहले सिख चैंपियन बन गए हैं। कंपीटिशन में जुझार ने थप्पड़ मारकर अपने कंपीटीटर एंटली ग्लुशका को हराया। पूरी खबर पढ़ें….

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डेब्यू कैप मिलते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी:भारत के सबसे युवा क्रिकेटर बने, इंग्लैंड का भारत के खिलाफ सबसे बड़ा रनचेज

डेब्यू कैप मिलते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी:भारत के सबसे युवा क्रिकेटर बने, इंग्लैंड का भारत के खिलाफ सबसे बड़ा रनचेज

वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए। उन्होंने 15 साल 99 दिन में पहला मैच खेलकर सचिन तेंदुलकर और शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मैनचेस्टर में तिलक वर्मा ने वैभव को डेब्यू कैप दी। इसके बाद वे भावुक होकर रो पड़े। हालांकि, उनका पहला इंटरनेशनल मैच जीत के साथ यादगार नहीं बन सका। इंग्लैंड ने 191 रन का टारगेट 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह टी-20 में भारत के खिलाफ इंग्लैंड का सबसे बड़ा रनचेज भी रहा। मुकाबले में कई यादगार मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स देखने को मिले। IND Vs ENG मैच के रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स 1. वैभव ने 15 साल 99 दिन की उम्र में डेब्यू किया वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले भारत के यंगेस्ट क्रिकेटर बने। उन्होंने 15 साल 99 दिन की उम्र में पहला मैच खेला। वैभव ने शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। शेफाली ने 15 साल 239 दिन और सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेला था। 2. वैभव इंटरनेशनल में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दूसरे यंगेस्ट प्लेयर बने। पाकिस्तान के हसन रजा सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उन्होंने 1996 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 14 साल 227 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। 3. वैभव टी-20 डेब्यू पर स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय वैभव टी-20 डेब्यू पर स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय बन गए। उन्हें विल जैक्स की गेंद पर जोस बटलर ने स्टंप आउट किया। 3. इंग्लैंड का भारत के खिलाफ सबसे बड़ा रनचेज इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ टी-20 में अपना सबसे बड़ा टारगेट चेज किया। उन्होंने 191 का टारगेट हासिल करते हुए 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। टीम ने 2012 में भारत के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर 178 रन का टारगेट हासिल किया था। 4. रवि बिश्नोई ने एक ओवर में 29 रन दिए रवि बिश्नोई टी-20 में सबसे मंहगा ओवर डालने वाले तीसरे भारतीय बने। उन्होंने पारी के 17वें ओवर में 29 रन दिए। बिश्नोई ने इस ओवर में 2 साइड नो बॉल डाली। वहीं बेथेल ने ओवर में 3 छक्के जड़ दिए। टी-20 में भारत के लिए सबसे महंगा ओवर शिवम दुबे ने डाला है। उन्होंने 2020 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 34 रन दिए थे। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. वैभव को तिलक ने डेब्यू कैप दिया, सूर्यवंशी भावुक हुए वैभव को उप कप्तान तिलक वर्मा ने भारतीय कैप दी। सभी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ ने तालियां बजाकर उनको बधाई दी। इसके बाद अभिषेक, ईशान, अर्शदीप सहित कई खिलाड़ियों वैभव की पीठ थपथपाई। कैप मिलने के बाद वैभव भावुक हो गए। 2. टॉस के समय श्रेयस की कैप हवा में उड़ी टॉस के समय भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की कैप हवा में उड़ गई। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने सिक्का हवा में उछाला। श्रेयस ने कॉल किया। इसी दौरान तेज हवा से उनकी टोपी उड़कर पीछे जा गिरी। 3. वैभव ने जोफ्रा की गेंद पर पहला इंटरनेशन सिक्स लगाया वैभव ने इंटरनेशनल क्रिकेट की सिर्फ तीसरी गेंद पर छक्का जड़ दिया। भारतीय पारी के तीसरे ओवर में जोफ्रा आर्चर पहली बार वैभव के सामने आए। वैभव ने घुटना टेकते हुए पहली ही गेंद को विकेटकीपर के सिर के ऊपर से बाउंड्री लाइन के बाहर भेज दिया। यह उनके इंटरनेशनल करियर का पहला छक्का था। 4. हैरी ब्रूक ने वैभव के जूते का फीता बांधा मैच की शुरुआत में वैभव के जूते का फीता खुल गया। इसके बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक उनकी मदद के लिए आए। उन्होंने वैभव के जूते का फीता बांधा। 5. आर्चर ने तिलक का कैच ड्रॉप किया भारतीय पारी के 18वें ओवर में सैम करन की चौथी गेंद पर तिलक वर्मा ने बड़ा शॉट खेला। गेंद डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर खड़े जोफ्रा आर्चर के पास गई। उन्होंने डाइव लगाकर कैच तो पकड़ा, लेकिन उन्होंने तुरंत रिप्ले का इशारा किया। रिप्ले में दिखा कि आर्चर के हाथों में जाने पहले गेंद जमीन को छू गई थी। तब तिलक सिर्फ 1 रन बनाकर खेल रहे थे। 6. पारी की पहली गेंद पर सॉल्ट आउट अर्शदीप सिंह ने पारी की पहली गेंद पर ही भारत को विकेट दिलाया। इंग्लैंड के ओपनर फिल सॉल्ट बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। अर्शदीप की अतिरिक्त उछाल लेती हुई बाहर जाती गेंद पर सॉल्ट ने कट शॉट खेलने का प्रयास किया। गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और विकेटकीपर ईशान किशन के दस्तानों में चली गई। 7. बिश्नोई ने 3 बार साइड लाइन नो बॉल डाली रवि बिश्नोई ने मैच में अपनी पहली गेंद ही नो बॉल डाली। रनअप के दौरान उनका पैर साइड लाइन के बाहर चला गया। इसे अंपायर ने नो बॉल करार दिया। इसके बाद 17वें ओवर में भी दो बार उनका पैर साइड लाइन के बाहर चला गया। इस ओवर की दोनों फ्री हिट बॉल पर बेथेल ने छक्का जड़ा।

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Brazil vs Norway Round of 16 Showdown

Brazil vs Norway Round of 16 Showdown

स्पोर्ट्स डेस्क39 मिनट पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 के ‘राउंड ऑफ 16’ में ब्राजील का सामना नॉर्वे से होगा। ब्राजील इंटरनेशनल फुटबॉल में नॉर्वे को कभी हरा नहीं पाया है। नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हालैंड के फॉर्म को देखते हुए यह मुकाबला भी ब्राजील के लिए आसान नहीं होगा। हालैंड टूर्नामेंट में 5 गोल दाग चुके हैं। वे गोल्डन बूट की रेस में मेसी और एम्बापे के बाद तीसरे स्थान पर हैं। ब्राजील और नॉर्वे का मैच न्यू जर्सी स्टेडियम में रात 1:30 बजे से खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला मेक्सिको और इंग्लैंड के बीच होगा। इस टूर्नामेंट में मेक्सिको ने चारों मुकाबले जीते हैं। वहीं उसके खिलाफ कोई टीम गोल नहीं कर सकी है। आज हैरी केन की इंग्लैंड सामने होगी। मुकाबला सुबह 5:30 बजे से मेक्सिको सिटी स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच 91- फुटबॉल वर्ल्ड में ब्राजील और नॉर्वे की दूसरी भिड़ंत ब्राजील और नॉर्वे के बीच अब तक कुल 4 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें नॉर्वे ने 2 मैच जीते हैं, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। पांच बार की चैंपियन ब्राजील को नॉर्वे के खिलाफ पहली जीत का इंतजार है। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों दूसरी बार आमने-सामने होंगे। इससे पहले 1998 वर्ल्ड कप में नॉर्वे ने ब्राजील को 2-1 से हराया था। ब्राजील एक भी मैच नहीं हारी, नॉर्वे को सिर्फ फ्रांस ने हराया ब्राजील की टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है। टीम ने 4 मैचों में 3 जीते हैं। एक मुकाबला ड्रॉ रहा। टीम ने राउंड ऑफ 32 में जापान को 2-1 से हराया। इससे पहले ग्रुप स्टेज इंग्लैंड ने स्कॉटलैंड को 3-0 और हैती को 3-0 से हराया था। मोरक्को के खिलाफ मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। दूसरी ओर नॉर्वे ने 4 में से 3 मुकाबले जीते, जबकि एक में हार मिली। राउंड ऑफ 32 में टीम ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज में इराक को 4-1 और सेनेगल को 3-2 से हराया। फ्रांस से उसे 4-1 से हार झेलनी पड़ी थी। ब्राजील को फॉरवर्ड विनीशियस जूनियर से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी, जो 4 गोल कर चुके हैं। मिडफील्डर लुकास पाकेता ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। दूसरी ओर नॉर्वे की टीम स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के खेल पर निर्भर होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11: ब्राजील: एलीसन बेकर, डैनिलो, मार्विनहोस, गैब्रियल मगालहेस, वेन्डेल, ब्रूनो गुइमारेस, जोआओ गोम्स, राफिन्हा, लुकास पाकेता, विनीशियस जूनियर, रोड्रीगो। नॉर्वे: ओर्जान नाइलैंड, जूलियन रायरसन, एंड्रियास हैनशे-ओल्सन, लियो ओस्टिगार्ड, डेविड वोल्फ, मार्टिन ओडेगार्ड, पैट्रिक बर्ग, संडे बर्ग, आस्कर बॉब, जोर्गेन स्ट्रैंड लार्सन, एर्लिंग हालैंड। मैच 92- मेक्सिको के खिलाफ इंग्लैंड का पलड़ा भारी मेक्सिको और इंग्लैंड के बीच 9 इंटरनेेेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें इंग्लैंड का एकतरफा दबदबा रहा है। इंग्लैंड ने 6 मैच जीते हैं, जबकि मेक्सिको को 2 मैचों में जीत मिली है। 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच यह दूसरी भिड़ंत होगी। 1966 के वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने 2-0 से जीत दर्ज की थी। इंग्लैंड अब तक नहीं हारी, मेक्सिको ने सभी मैच जीते मेक्सिको ने इस वर्ल्ड कप में चारों मैच जीते हैं। राउंड ऑफ 32 में मेक्सिको ने इक्वाडोर के खिलाफ 2-0 से जीत दर्ज की। इससे पहले ग्रुप स्टेज में चेकिया को 3-0, दक्षिण कोरिया को 1-0 और दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराया। इंग्लैंड भी टूर्नामेंट में बिना मैच हारे राउंड ऑफ 16 में पहुंची है। उसने 4 मैचों में 3 जीत दर्ज की, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा। राउंड ऑफ 32 में इंग्लैंड ने कांगो डीआर को 2-1 से हराया। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने 2 जीत और 1 ड्रॉ के साथ ग्रुप-L को टॉप किया। मेक्सिको के फैंस को अपने घरेलू मैदान पर स्टार फॉरवर्ड सैंटियागो जिमेनेज से गोल की उम्मीद होगी। वहीं इंग्लैंड अपने कप्तान और स्ट्राइकर हैरी केन के शानदार फॉर्म के दम पर क्वार्टर फाइनल में पहुंचना चाहेगी। हैरी केन टूूर्नामेंट में 5 गोल कर चुके हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11: मेक्सिको: जूलियो गोंजालेज, जॉर्ज सांचेज, सेसर मोंटेस, जोआन वास्केज, गेरार्डो आर्टियागा, एडसन अल्वारेज, लुइस चावेज, उरिएल एंटुना, ओरबेलिन पिनेडा, जूलियन क्विनोनेस, सैंटियागो जिमेनेज। इंग्लैंड: जॉर्डन पिकफोर्ड, काइल वाकर, जॉन स्टोंस, मार्क गुएही, कीरान ट्रिपियर, डैकलन राइस, कोबी मेनू, बुकायो साका, जुड बेलिंगहैम, फिल फोडेन, हैरी केन। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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