Saturday, 12 Sep 2026 | 01:06 PM

Trending :

इटली की नेता और पूर्व विदेश मंत्री बोनिनो का निधन:महिलाओं के हक पर पोप से टकरा गई थीं एमा; 48 साल पुराना एबॉर्शन कानून बदलवाया इटली की नेता और पूर्व विदेश मंत्री बोनिनो का निधन:महिलाओं के हक पर पोप से टकरा गई थीं एमा; 48 साल पुराना एबॉर्शन कानून बदलवाया ‘क्या गुजरात बांग्लादेश या पाकिस्तान में है’:परेश रावल ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स गुजरात में होने का सपोर्ट किया, राज ठाकरे ने जताई थी आपत्ति SSC CPO Recruitment 2026 | Delhi Police & CAPF Vacancy Apply Online इजराइली PM के मेकअप पर ₹4 करोड़ खर्च:2023 जंग के दौरान 3 महीने में बालों पर ₹22 लाख लगे; हेयर स्टाइलिस्ट का नाम छिपाया इजराइली PM के मेकअप पर ₹4 करोड़ खर्च:2023 जंग के दौरान 3 महीने में बालों पर ₹22 लाख लगे; हेयर स्टाइलिस्ट का नाम छिपाया
EXCLUSIVE

‘क्या गुजरात बांग्लादेश या पाकिस्तान में है’:परेश रावल ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स गुजरात में होने का सपोर्ट किया, राज ठाकरे ने जताई थी आपत्ति

‘क्या गुजरात बांग्लादेश या पाकिस्तान में है’:परेश रावल ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स गुजरात में होने का सपोर्ट किया, राज ठाकरे ने जताई थी आपत्ति

गुजरात में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के आयोजन को लेकर हुए विवाद के बीच एक्टर परेश रावल ने इस फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात भारत का ही हिस्सा है और देश के हर राज्य में ऐसे बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम होने चाहिए। ANI से बातचीत में परेश रावल ने कहा, “क्या गुजरात बांग्लादेश या पाकिस्तान में है? वह भी हमारे अपने देश का हिस्सा है। यह कार्यक्रम गुजरात में क्यों नहीं हो सकता? ऐसे कार्यक्रम गुजरात में भी होने चाहिए। मेरा कहना है कि देश के हर राज्य में ऐसे आयोजन होने चाहिए। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।” राज ठाकरे ने समारोह गुजरात शिफ्ट करने पर सवाल उठाए महाराष्ट्र के नेताओं राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने 72 साल के इतिहास में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को दिल्ली से गुजरात शिफ्ट किए जाने के फैसले की आलोचना की थी। वहीं, शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कलाकारों से इस समारोह का बहिष्कार करने की अपील की। लोकेशन बदले जाने पर राज ठाकरे ने आपत्ति जताते हुए लिखा, ‘आखिर इसकी जरूरत क्यों पड़ी? देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का महत्व कम करने की कोशिश के बाद अब क्या देश की राजधानी दिल्ली की अहमियत भी धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश हो रही है?’ आगे उन्होंने लिखा, ‘सवाल सीधा है, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन गुजरात में ही क्यों? अगर जगह बदलनी ही थी तो मुंबई क्यों नहीं? दादासाहेब फाल्के ने भारतीय सिनेमा की नींव महाराष्ट्र में रखी थी। फिर पुरस्कार समारोह महाराष्ट्र में क्यों नहीं हुआ? तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर फिल्में बनती हैं। दक्षिण भारत में सिनेमा ने राजनीति तक को प्रभावित किया है। फिर गुजरात को ही क्यों चुना गया?’ आगे उन्होंने लिखा, ‘ऐसा लगता है कि खुद कुछ बड़ा करने में नाकाम लोग अब नाम और जगह बदलकर एक नया इतिहास बनाने की कोशिश कर रहे हैं। शायद उन्हें डर है कि कल को उनका राजनीतिक प्रभाव सिर्फ गुजरात तक सीमित रह जाए, इसलिए आज से ही गुजरात को हर चीज का केंद्र बनाने की कोशिश की जा रही है।’ गुजरात को आगे क्यों किया जा रहा- राज ठाकरे राज ठाकरे ने सिर्फ नेशनल फिल्म अवॉर्ड ही नहीं बल्कि कॉमनवेल्थ, 2023 क्रिकेट वर्ल्ड कप की लोकेशन भी गुजरात रखने पर सवाल किया। उन्होंने पूछा है कि इससे अमित शाह देश को क्या बताना चाहते हैं। उन्होंने लिखा, ‘मुद्दा यह नहीं है कि समारोह केवड़िया में हो रहा है या मुंबई में। असली सवाल यह है कि 72 साल से चली आ रही एक शानदार परंपरा को आखिर क्यों तोड़ा जा रहा है? राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देश की राजधानी दिल्ली में दिए जाते रहे हैं। अब अचानक इस परंपरा को बदलने की जरूरत क्यों पड़ी? अमेरिका में ऑस्कर हमेशा लॉस एंजिलिस में होता है। वहां ट्रंप आए, बुश आए या ओबामा, किसी ने यह कोशिश नहीं की कि पुरस्कार समारोह अपने गृह राज्य में ले जाएं।’ ‘हम इस मुद्दे पर आवाज जरूर उठाएंगे, लेकिन देशभर के कलाकारों को भी सामने आना होगा। कलाकारों को पूछना होगा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की गौरवशाली परंपरा को क्यों तोड़ा जा रहा है।’ संजय राउत ने सेलेब्स से सेरेमनी बॉयकॉट करने की अपील की शिवसेना नेता संजय राउत ने भी गुजरात में सेरेमनी रखे जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि ये गुजरात से जुड़ा कोई प्रोग्राम नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय फिल्म पुरुस्कार है, तो इसकी लोकेशन गुजरात क्यों रखी गई। इसे राजधानी में ही रखना था, जैसा पिछले कई सालों से चला आ रहा है। उन्होंने अन्य सेलेब्स से इस इवेंट में न जाने और इसे बॉयकॉट करने की अपील की है।
नई दिल्ली की जगह गुजरात में होगा समारोह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आम तौर पर नई दिल्ली में होता रहा है। पिछले साल 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह 23 सितंबर 2025 को दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए थे। अब 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए परंपरा में बदलाव किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार समारोह दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित करने की तैयारी है। इसे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का पहला दिल्ली के बाहर आयोजन बताया जा रहा है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की जा चुकी है। इनमें ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। फिल्म की अभिनेत्री यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला, जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार कार्तिक आर्यन (‘चंदू चैंपियन’) और ममूटी (‘ब्रह्मयुगम’) को संयुक्त रूप से दिया गया। देखिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के विजेताओं की लिस्ट- राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों पुरस्कार मिलने की संभावना डियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 22 सितंबर को गुजरात दौरा प्रस्तावित है। वह महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी और इसके बाद पदरा में ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इसी दौरे में उनके एकता नगर जाने की भी संभावना है, जहां वह 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान कर सकती हैं। एकता नगर क्यों चुना गया? एकता नगर गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित है और यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रमुख आकर्षण है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को यहां आयोजित करने से इसे गुजरात के प्रमुख पर्यटन और राष्ट्रीय एकता से जुड़े स्थल के साथ जोड़ने का संदेश जाता है। हाल ही में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में आनंद एल राय की डॉक्यूमेंट्री ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक’ को भी सम्मान मिला है। यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और केवड़िया के विकास की कहानी पर आधारित है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
श्रीनगर की सड़कों पर ​फिर दौड़ लगा रहा तांगा:बुजुर्गों को याद आए बीते दिन, जेन-जी ले रहे सेल्फी और बना रहे रील्स

April 18, 2026/
12:22 pm

जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर की सड़कों पर एक पुरानी याद फिर से ‘दौड़ती’ नजर आने लगी है। आसपास के...

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में टीमों की संख्या बढ़ाने की तैयारी:9 से 12 हो सकती है, अफगानिस्तान-जिम्बाब्वे को मौका संभव; जुलाई में आखिरी फैसला

May 16, 2026/
8:16 am

भविष्य में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में 9 की बजाय सभी 12 फुल मेंबर देशों की टीमें खेल सकती हैं।...

तस्वीर का विवरण

May 13, 2026/
10:03 pm

सत्तू चीला बनाने की सामग्री सत्तू: 1 कपदही: 2 बड़ेमसाला: टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनियापूरक: हल्दी, हल्दी, लाल मिर्च...

इंदौर में युवक की मौत,परिजन ने पुलिस पर लगाए आरोप:कलेक्टोरेट जनसुनवाई में जांच की मांग, मां की तबीयत बिगड़ी

March 11, 2026/
7:33 am

इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में ताप्ती परिसर निवासी 23 वर्षीय राज मकवाना की मल्टी से कूदकर मौत के...

शशांक सिंह का गोल, इम्पैक्टफुल पारियां:टीम को चैंपियन बनाने पर पूरा फोकस, 31 मार्च को गुजरात टाइटंस से भिड़ेगी पंजाब किंग्स

March 29, 2026/
10:53 am

पंजाब किंग्स के फिनिशर शशांक सिंह ने IPL 2026 से पहले अपने गोल को लेकर साफ कहा है कि इस...

भारत से प्रशिक्षित हैं कजाकिस्तान की अख्माराल काइनाजारोवा:सेंट्रल एशिया के 5 देशों के 5 हजार से ज्यादा लोगों को भरतनाट्यम सिखाया, कई ने अमेरिका-जापान जैसे देशों में करियर बनाया

March 2, 2026/
12:32 pm

ओकसाना ब्रिटेन में भरतनाट्यम कलाकार हैं… उल्मेनाई जापान में… तात्याना, कासिएट और दामिर अमेरिका में भरतनाट्यम के स्टेज शो करते...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

‘क्या गुजरात बांग्लादेश या पाकिस्तान में है’:परेश रावल ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स गुजरात में होने का सपोर्ट किया, राज ठाकरे ने जताई थी आपत्ति

‘क्या गुजरात बांग्लादेश या पाकिस्तान में है’:परेश रावल ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स गुजरात में होने का सपोर्ट किया, राज ठाकरे ने जताई थी आपत्ति

गुजरात में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के आयोजन को लेकर हुए विवाद के बीच एक्टर परेश रावल ने इस फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात भारत का ही हिस्सा है और देश के हर राज्य में ऐसे बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम होने चाहिए। ANI से बातचीत में परेश रावल ने कहा, “क्या गुजरात बांग्लादेश या पाकिस्तान में है? वह भी हमारे अपने देश का हिस्सा है। यह कार्यक्रम गुजरात में क्यों नहीं हो सकता? ऐसे कार्यक्रम गुजरात में भी होने चाहिए। मेरा कहना है कि देश के हर राज्य में ऐसे आयोजन होने चाहिए। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।” राज ठाकरे ने समारोह गुजरात शिफ्ट करने पर सवाल उठाए महाराष्ट्र के नेताओं राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने 72 साल के इतिहास में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को दिल्ली से गुजरात शिफ्ट किए जाने के फैसले की आलोचना की थी। वहीं, शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कलाकारों से इस समारोह का बहिष्कार करने की अपील की। लोकेशन बदले जाने पर राज ठाकरे ने आपत्ति जताते हुए लिखा, ‘आखिर इसकी जरूरत क्यों पड़ी? देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का महत्व कम करने की कोशिश के बाद अब क्या देश की राजधानी दिल्ली की अहमियत भी धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश हो रही है?’ आगे उन्होंने लिखा, ‘सवाल सीधा है, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन गुजरात में ही क्यों? अगर जगह बदलनी ही थी तो मुंबई क्यों नहीं? दादासाहेब फाल्के ने भारतीय सिनेमा की नींव महाराष्ट्र में रखी थी। फिर पुरस्कार समारोह महाराष्ट्र में क्यों नहीं हुआ? तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर फिल्में बनती हैं। दक्षिण भारत में सिनेमा ने राजनीति तक को प्रभावित किया है। फिर गुजरात को ही क्यों चुना गया?’ आगे उन्होंने लिखा, ‘ऐसा लगता है कि खुद कुछ बड़ा करने में नाकाम लोग अब नाम और जगह बदलकर एक नया इतिहास बनाने की कोशिश कर रहे हैं। शायद उन्हें डर है कि कल को उनका राजनीतिक प्रभाव सिर्फ गुजरात तक सीमित रह जाए, इसलिए आज से ही गुजरात को हर चीज का केंद्र बनाने की कोशिश की जा रही है।’ गुजरात को आगे क्यों किया जा रहा- राज ठाकरे राज ठाकरे ने सिर्फ नेशनल फिल्म अवॉर्ड ही नहीं बल्कि कॉमनवेल्थ, 2023 क्रिकेट वर्ल्ड कप की लोकेशन भी गुजरात रखने पर सवाल किया। उन्होंने पूछा है कि इससे अमित शाह देश को क्या बताना चाहते हैं। उन्होंने लिखा, ‘मुद्दा यह नहीं है कि समारोह केवड़िया में हो रहा है या मुंबई में। असली सवाल यह है कि 72 साल से चली आ रही एक शानदार परंपरा को आखिर क्यों तोड़ा जा रहा है? राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देश की राजधानी दिल्ली में दिए जाते रहे हैं। अब अचानक इस परंपरा को बदलने की जरूरत क्यों पड़ी? अमेरिका में ऑस्कर हमेशा लॉस एंजिलिस में होता है। वहां ट्रंप आए, बुश आए या ओबामा, किसी ने यह कोशिश नहीं की कि पुरस्कार समारोह अपने गृह राज्य में ले जाएं।’ ‘हम इस मुद्दे पर आवाज जरूर उठाएंगे, लेकिन देशभर के कलाकारों को भी सामने आना होगा। कलाकारों को पूछना होगा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की गौरवशाली परंपरा को क्यों तोड़ा जा रहा है।’ संजय राउत ने सेलेब्स से सेरेमनी बॉयकॉट करने की अपील की शिवसेना नेता संजय राउत ने भी गुजरात में सेरेमनी रखे जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि ये गुजरात से जुड़ा कोई प्रोग्राम नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय फिल्म पुरुस्कार है, तो इसकी लोकेशन गुजरात क्यों रखी गई। इसे राजधानी में ही रखना था, जैसा पिछले कई सालों से चला आ रहा है। उन्होंने अन्य सेलेब्स से इस इवेंट में न जाने और इसे बॉयकॉट करने की अपील की है।
नई दिल्ली की जगह गुजरात में होगा समारोह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आम तौर पर नई दिल्ली में होता रहा है। पिछले साल 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह 23 सितंबर 2025 को दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए थे। अब 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए परंपरा में बदलाव किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार समारोह दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित करने की तैयारी है। इसे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का पहला दिल्ली के बाहर आयोजन बताया जा रहा है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की जा चुकी है। इनमें ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। फिल्म की अभिनेत्री यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला, जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार कार्तिक आर्यन (‘चंदू चैंपियन’) और ममूटी (‘ब्रह्मयुगम’) को संयुक्त रूप से दिया गया। देखिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के विजेताओं की लिस्ट- राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों पुरस्कार मिलने की संभावना डियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 22 सितंबर को गुजरात दौरा प्रस्तावित है। वह महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी और इसके बाद पदरा में ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इसी दौरे में उनके एकता नगर जाने की भी संभावना है, जहां वह 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान कर सकती हैं। एकता नगर क्यों चुना गया? एकता नगर गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित है और यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रमुख आकर्षण है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को यहां आयोजित करने से इसे गुजरात के प्रमुख पर्यटन और राष्ट्रीय एकता से जुड़े स्थल के साथ जोड़ने का संदेश जाता है। हाल ही में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में आनंद एल राय की डॉक्यूमेंट्री ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक’ को भी सम्मान मिला है। यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और केवड़िया के विकास की कहानी पर आधारित है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.