दमोह पुलिस की साइबर सेल और देहात थाना टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा गिरोह का खुलासा किया है। मुश्की बाबा मंदिर के पास एक किराए के मकान से संचालित हो रहे इस गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
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आरोपी फर्जी सिम और म्यूल बैंक खातों के जरिए ‘WINBUZZ’ नामक प्लेटफॉर्म पर लोगों से सट्टा खिलवाड़ कर करोड़ों रुपए का अवैध लेनदेन कर रहे थे।
चार राज्यों के आरोपी गिरफ्तार, 8 लाख कैश बरामद
पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आरोपियों को पकड़ा गया है। इनके पास से 8 लाख रुपए नकद, 24 एंड्रॉयड मोबाइल, 25 सिम कार्ड और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया गया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 30.5 लाख रुपए है।
म्यूल खातों से किया करोड़ों का लेनदेन
एएसपी सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि शुरुआती जांच में डिवाइस के जरिए करोड़ों रुपयों के ट्रांजैक्शन का पता चला है। बैंक खुलने पर उन म्यूल खातों का खुलासा होगा जिनमें यह राशि ट्रांसफर की गई थी।
गिरोह आईडी-पासवर्ड जनरेट कर लोगों को इस लत में फंसाता था। पुलिस ने मकान दिलाने में मदद करने वाले दो स्थानीय लोगों को भी हिरासत में लिया है।
बिना सूचना के बाहरी लोगों को दिया कमरा
जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले दो महीने से किराए के मकान में सेटअप लगाकर काम कर रहे थे। मकान मालिक ने एग्रीमेंट तो किया था, लेकिन नियमों के विरुद्ध पुलिस को बाहरी लोगों के रुकने की सूचना नहीं दी थी, जिससे उनकी भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।
एएसपी ने बताया कि ऐसे गेमिंग प्लेटफॉर्म कर्ज और मानसिक तनाव का कारण बनते हैं, इसलिए अनजान लिंक और ट्रांजैक्शन से बचें।

यह आरोपी हुए गिरफ्तार
रोहन भाटिया (हिमाचल), सूरज मौर्या (यूपी), परमिंदर सिंह, अमित कुमार, राजेंद्र कुमार, संदीप मंडल, उदय कुमार (सभी छत्तीसगढ़), मंजीत सिंह कलसी (जबलपुर) और संजय कुमार सिंह (भिलाई)।













































