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Gas Shortage Slashes Food Orders

Gas Shortage Slashes Food Orders

नई दिल्ली26 मिनट पहले

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ईरान-अमेरिका जंग के बीच भारत में कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की किल्लत का असर फूड इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। कई शहरों में रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन गैस की कमी से जूझ रहे हैं। इस वजह से स्विगी और जोमैटो जैसे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर कम हो रहे हैं।

गिग वर्कर्स बताते है कि अब दिन के ऑर्डर 30 से घटकर सिर्फ 5-10 रह गए है, क्योंकि रेस्टोरेंट में मैन्यू बहुत छोटा हो गया है या रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं। रोटी, डोसा, और पूरी जैसे ज्यादा गैस की खपत वाले फूड को मैन्यु से हटा दिया गया है। इसलिए लोग अपने पसंद का खाना ऑर्डर नहीं कर पा रहे हैं।

गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन का कहना है कि, जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफार्मों पर फूड डिलिवरी ऑर्डर 50-60% कैंसल हो रहे है।

गिग वर्कर्स की कमाई में गिरावट आई है।

गिग वर्कर्स की कमाई में गिरावट आई है।

ऐसे वक्त मे कई डिलीवरी पार्टनर जो पहले ज्यादा डिलीवरी करके ज्यादा कमाई करते थे अभी केवल दिन में चार-पांच ही डिलीवरी कर रहे हैं जिसके कारण उनके सामने भी आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। इसे देखकर यूनियन ने सरकार के सामने कुछ जरूरी मांगे रखी हैं।

गिग वर्कर्स की 4 प्रमुख मांग…

  • प्रभावित गिग वर्कर्स को तुरंत ₹10,000 की आर्थिक सहायता दी जाए।
  • स्विगी और जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म पर आईडी डिएक्टिवेशन पर कम से कम 3 महीने की रोक लगाई जाए।
  • डिलीवरी पार्टनर्स को इस अवधि में न्यूनतम इंसेंटिव/आय सुनिश्चित की जाए।
  • गैस की कमी से प्रभावित डिलीवरी पार्टनर्स, क्लाउड किचन कर्मचारियों, राइड-हेलिंग ड्राइवरों और छोटे फूड बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए राहत पैकेज दिया जाए।

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट की कुकिंग 65% LPG पर निर्भर

जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज के मुताबिक देश की प्रमुख क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) चेन में कुल कुकिंग का 60-65% हिस्सा एलपीजी पर निर्भर है। आमतौर पर इनके पास सिर्फ एक से दो हफ्ते का गैस स्टॉक होता है।

रेस्टोरेंट किचन में करीब 80% खाना एलपीजी सिलेंडर से पकाया जाता है, जबकि बाकी हिस्से में पाइप से आने वाली प्राकृतिक गैस जैसे विकल्पों का उपयोग होता है। इसलिए सप्लाई में थोड़ी भी रुकावट आने पर कुछ ही दिनों में किचन का काम प्रभावित हो जाता है।

रेस्टोरेंट किचन में करीब 80% खाना एलपीजी से पकाया जाता।

रेस्टोरेंट किचन में करीब 80% खाना एलपीजी से पकाया जाता।

मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठान देश की कुल एलपीजी खपत का 8-10% हिस्सा इस्तेमाल करते हैं।

कॉरपोरेट केंटीन तक पहुंचा संकट

गैस संकट की वजह से आईटी कंपनी इंफोसिस के कई कैंपस की कैंटीन सेवाओं पर असर पड़ा हैं। कंपनी ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे फिलहाल घर से खाना लेकर आएं, क्योंकि कैंटीन में सीमित मेन्यू ही उपलब्ध रहेगा। साथ ही कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में बताया गया है कि कुछ खाना बाहरी सेंट्रल किचन से मंगाया जाएगा और गैस पर बनने वाले कई फूड आइटम उपलब्ध नहीं होंगे।

इंफोसिस के कैंटीन में कई फूड आइटम उपलब्ध।

इंफोसिस के कैंटीन में कई फूड आइटम उपलब्ध।

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ये खबर भी पढ़ें:

गैस की किल्लत, ₹900 वाला सिलेंडर ₹1800 में मिल रहा:सरकार बोली- रोजाना 50 लाख सिलेंडर बांट रहे; घबराहट में बुकिंग बढ़ी

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। सिलेंडर की कालाबाजारी भी हो रही है। पढ़ें पूरी खबर…

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गिग वर्कर्स बताते है कि अब दिन के ऑर्डर 30 से घटकर सिर्फ 5-10 रह गए है, क्योंकि रेस्टोरेंट में मैन्यू बहुत छोटा हो गया है या रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं। रोटी, डोसा, और पूरी जैसे ज्यादा गैस की खपत वाले फूड को मैन्यु से हटा दिया गया है। इसलिए लोग अपने पसंद का खाना ऑर्डर नहीं कर पा रहे हैं।

गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन का कहना है कि, जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफार्मों पर फूड डिलिवरी ऑर्डर 50-60% कैंसल हो रहे है।

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गिग वर्कर्स की 4 प्रमुख मांग…

  • प्रभावित गिग वर्कर्स को तुरंत ₹10,000 की आर्थिक सहायता दी जाए।
  • स्विगी और जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म पर आईडी डिएक्टिवेशन पर कम से कम 3 महीने की रोक लगाई जाए।
  • डिलीवरी पार्टनर्स को इस अवधि में न्यूनतम इंसेंटिव/आय सुनिश्चित की जाए।
  • गैस की कमी से प्रभावित डिलीवरी पार्टनर्स, क्लाउड किचन कर्मचारियों, राइड-हेलिंग ड्राइवरों और छोटे फूड बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए राहत पैकेज दिया जाए।

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रेस्टोरेंट किचन में करीब 80% खाना एलपीजी सिलेंडर से पकाया जाता है, जबकि बाकी हिस्से में पाइप से आने वाली प्राकृतिक गैस जैसे विकल्पों का उपयोग होता है। इसलिए सप्लाई में थोड़ी भी रुकावट आने पर कुछ ही दिनों में किचन का काम प्रभावित हो जाता है।

रेस्टोरेंट किचन में करीब 80% खाना एलपीजी से पकाया जाता।

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कॉरपोरेट केंटीन तक पहुंचा संकट

गैस संकट की वजह से आईटी कंपनी इंफोसिस के कई कैंपस की कैंटीन सेवाओं पर असर पड़ा हैं। कंपनी ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे फिलहाल घर से खाना लेकर आएं, क्योंकि कैंटीन में सीमित मेन्यू ही उपलब्ध रहेगा। साथ ही कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में बताया गया है कि कुछ खाना बाहरी सेंट्रल किचन से मंगाया जाएगा और गैस पर बनने वाले कई फूड आइटम उपलब्ध नहीं होंगे।

इंफोसिस के कैंटीन में कई फूड आइटम उपलब्ध।

इंफोसिस के कैंटीन में कई फूड आइटम उपलब्ध।

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