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Jabalpur Colonizer Fined 4 Cr; Google Earth Image Evidence; Shobhapur Hill Flattened

Jabalpur Colonizer Fined 4 Cr; Google Earth Image Evidence; Shobhapur Hill Flattened

रांझी तहसील की शोभापुर पहाड़ी, जो कभी हरियाली से भरी थी, धीरे-धीरे खनन के कारण समतल कर दी गई और वहां बिल्डिंग निर्माण भी शुरू हो गया। शोभापुर निवासी आर.के. सैनी की शिकायत पर कलेक्टर के निर्देश पर जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि पहाड़ी के स्वरूप को

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शिकायत में बताया गया था कि शोभापुर पहाड़ी से बिना अनुमति मिट्टी, मुरम और बोल्डर का खनन कर उनका उपयोग आवासीय कॉलोनी निर्माण में किया जा रहा है। इसके बाद तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और खनिज विभाग को जांच का जिम्मा सौंपा गया। मौके पर निरीक्षण में पाया गया कि सीओडी कॉलोनी निवासी अभिलाष तिवारी तथा भूमि स्वामी न्यू शोभापुर निवासी शोभना सिंह, मुकेश सिंह, महेश सिंह, नरेंद्र सिंह, रागिनी सिंह और रमेश सिंह द्वारा बड़ी मशीनों से पहाड़ी को काटकर समतल किया जा रहा है और कॉलोनी विकसित की जा रही है।

ग्राम भड़पुरा में पटवारी हल्का नंबर 02 के खसरा नंबर 391/13 क सहित अन्य खसरों की कुल 4.24 हेक्टेयर भूमि में से 2.58 हेक्टेयर निजी भूमि पर अवैध उत्खनन और कॉलोनी निर्माण की शिकायत पर जांच की गई। बाद में यह प्रकरण कलेक्टर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

राजस्व एवं खनिज विभाग की टीम ने जांच में भूमि स्वामी नरेंद्र सिंह ठाकुर के पुत्र निशांत सिंह तथा कॉलोनाइजर अभिलाष तिवारी द्वारा खनिज के अवैध भंडारण की पुष्टि की। एक हजार घनमीटर मुरम और एक हजार घनमीटर बोल्डर के लिए 50 लाख रुपए का अर्थदंड प्रस्तावित किया गया। इसके आधार पर नोटिस जारी कर सुनवाई के बाद कलेक्टर कोर्ट ने 50 लाख रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया। इस आदेश के विरुद्ध कमिश्नर न्यायालय में अपील की गई, लेकिन कमिश्नर ने कलेक्टर के आदेश को यथावत रखा।

पहाड़ी के मूल स्वरूप में परिवर्तन कर कॉलोनी निर्माण की शिकायत पर बाद में कलेक्टर ने एसडीएम रांझी और जिला खनिज अधिकारी से भी जांच कराई। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी और जिला खनिज अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कॉलोनी विकास के लिए समतलीकरण किया गया, लेकिन कमर्शियल प्रोजेक्ट होने के कारण उपयोग किए गए खनिज की रॉयल्टी अग्रिम जमा करना जरूरी था। ऐसा न कर बिना रॉयल्टी भुगतान के खनिज का उपयोग किया गया, जो मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 का उल्लंघन है।

जांच में पाया गया कि बिना अनुमति 13 हजार 600 घनमीटर खनिज (मिट्टी, मुरम और बोल्डर) का उपयोग किया गया। इसकी 6 लाख 80 हजार रुपए रॉयल्टी की 15 गुना राशि 1 करोड़ 02 लाख रुपए अर्थदंड तथा 1 करोड़ 02 लाख रुपए पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में निर्धारित की गई। इस प्रकार कुल 2 करोड़ 04 लाख रुपए की राशि, एक हजार रुपए प्रशमन शुल्क सहित कॉलोनाइजर और भूमि स्वामियों से वसूलने की अनुशंसा की गई।

कलेक्टर कोर्ट ने आदेश में तय समय सीमा में अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरआरसी जारी करने तथा राशि जमा नहीं होने की स्थिति में तहसीलदार के माध्यम से कुर्की की कार्रवाई करने के निर्देश खनिज अधिकारी को दिए हैं।

गूगल अर्थ डिजिटल इमेज ने की मदद

भड़पुरा स्थित शोभापुर पहाड़ी के स्वरूप में बदलाव के इस प्रकरण में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आदेश में खनिज निरीक्षक की रिपोर्ट के साथ संलग्न गूगल अर्थ से प्राप्त डिजिटल इमेज का उल्लेख किया है। वर्ष 2019 से 2025 तक की डिजिटल इमेज से स्पष्ट हुआ कि 2019 में भूमि का स्वरूप पहाड़ी जैसा था, जिसे 2020, 2021 और 2022 के दौरान बदलकर समतल किया गया और निर्माण गतिविधियां शुरू हुईं।

जिला खनिज अधिकारी ए.के. राय ने बताया कि 2022 में आर.के. सैनी ने शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पहाड़ी से पत्थर और मुरम का अवैध खनन पाया गया। पहाड़ी की ऊपरी सतह काटकर समतल करने के बाद कॉलोनाइजर द्वारा कॉलोनी विकसित की गई, जिसकी रिपोर्ट कलेक्टर कोर्ट में प्रस्तुत की गई।

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शिकायत में बताया गया था कि शोभापुर पहाड़ी से बिना अनुमति मिट्टी, मुरम और बोल्डर का खनन कर उनका उपयोग आवासीय कॉलोनी निर्माण में किया जा रहा है। इसके बाद तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और खनिज विभाग को जांच का जिम्मा सौंपा गया। मौके पर निरीक्षण में पाया गया कि सीओडी कॉलोनी निवासी अभिलाष तिवारी तथा भूमि स्वामी न्यू शोभापुर निवासी शोभना सिंह, मुकेश सिंह, महेश सिंह, नरेंद्र सिंह, रागिनी सिंह और रमेश सिंह द्वारा बड़ी मशीनों से पहाड़ी को काटकर समतल किया जा रहा है और कॉलोनी विकसित की जा रही है।

ग्राम भड़पुरा में पटवारी हल्का नंबर 02 के खसरा नंबर 391/13 क सहित अन्य खसरों की कुल 4.24 हेक्टेयर भूमि में से 2.58 हेक्टेयर निजी भूमि पर अवैध उत्खनन और कॉलोनी निर्माण की शिकायत पर जांच की गई। बाद में यह प्रकरण कलेक्टर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

राजस्व एवं खनिज विभाग की टीम ने जांच में भूमि स्वामी नरेंद्र सिंह ठाकुर के पुत्र निशांत सिंह तथा कॉलोनाइजर अभिलाष तिवारी द्वारा खनिज के अवैध भंडारण की पुष्टि की। एक हजार घनमीटर मुरम और एक हजार घनमीटर बोल्डर के लिए 50 लाख रुपए का अर्थदंड प्रस्तावित किया गया। इसके आधार पर नोटिस जारी कर सुनवाई के बाद कलेक्टर कोर्ट ने 50 लाख रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया। इस आदेश के विरुद्ध कमिश्नर न्यायालय में अपील की गई, लेकिन कमिश्नर ने कलेक्टर के आदेश को यथावत रखा।

पहाड़ी के मूल स्वरूप में परिवर्तन कर कॉलोनी निर्माण की शिकायत पर बाद में कलेक्टर ने एसडीएम रांझी और जिला खनिज अधिकारी से भी जांच कराई। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी और जिला खनिज अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कॉलोनी विकास के लिए समतलीकरण किया गया, लेकिन कमर्शियल प्रोजेक्ट होने के कारण उपयोग किए गए खनिज की रॉयल्टी अग्रिम जमा करना जरूरी था। ऐसा न कर बिना रॉयल्टी भुगतान के खनिज का उपयोग किया गया, जो मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 का उल्लंघन है।

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