Saturday, 22 Aug 2026 | 11:04 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Pakistan Gurdwara Demolished | Farukabad Sikh Heritage Outrage

Pakistan Gurdwara Demolished | Farukabad Sikh Heritage Outrage

पाकिस्तान में 125 साल पुराने गुरुद्वारे को जमीदोंज कर दिया गया।

पाकिस्तान के पंजाब में गुरुद्वारों को गिराने का सिलसिला थम नहीं रहा। बीते शुक्रवार (26 जून) को फारूखाबाद (मंडी चूरकाना) में भूमाफिया ने प्रशासन के साथ मिलकर 125 साल पुराने ऐतिहासिक सिंह सभा गुरुद्वारे का एक हिस्सा गिरा दिया।

.

पाकिस्तान में गुरुद्वारा गिराने के कदम से सिख समुदाय में गुस्सा है। गुरुद्वारा गिराने के बाद सिखों ने इसका विरोध किया और गिराने के काम को रुकवाया। सिख संगत विरोध जताने के बाद प्रशासन ने फिलहाल इस जगह को सील कर दिया है और किसी भी तरह का निर्माण या तोड़फोड़ पर रोक लगा दी गई है।

स्थानीय जानकारों और सिख एक्टिविस्ट्स के मुताबिक, करीब 4 साल पहले तक इस गुरुद्वारा साहिब की ऐतिहासिक पहचान और प्राचीन निशानियां सुरक्षित थीं। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था। इसके कुछ समय बाद भूमाफिया ने गुरुद्वारा साहिब का मुख्य गुंबद तोड़ दिया।

सिखों का कहना है कि उस वक्त भी पुलिस से शिकायत की गई और विरोध दर्ज कराया गया था। बावजूद इसके न तो इवैक्युएशन ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड और न ही पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए।

फारुखाबाद में गुरुद्वारा सिंह सभा की इमारत को गिराने से रोकने के लिए पहुंच लोग।

सिलसिलेवार तरीके से समझें पूरा मामला…

  • 125 साल पुराना गुरुद्वारा बंटवारे के बाद से वीरान: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में फारूकाबाद (मंडी चूरकाना) स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा करीब 125 साल पुराना है। गुरुद्वारे के गेट पर इसके निर्माण की तारीख का जिक्र है। इस गुरुद्वारे को पाकिस्तान की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल किया गया था और प्रशासन ने इसे तोड़ने पर रोक लगाई थी। बंटवारे के बाद से ये गुरुद्वारा वीरान था और अब भूमाफिया की नजर इस पर गई। यह प्राचीन इमारत गुरुद्वारा श्री सच्चा सौदा साहिब के पास स्थित है और सिख इतिहास व साझी संस्कृति का प्रतीक थी।
  • 4 साल पहले तक ठीक हालत में था गुरुद्वारा: गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की यह ऐतिहासिक इमारत पिछले 4 साल तक ठीक थी। 4 साल पहले ही ये गुरुद्वारा तब चर्चा में आया जब भूमाफिया के कुछ लोगों ने इसका गुंबद तोड़कर कब्जा करना चाहा। इसके खिलाफ सिख एक्टिविस्ट्स ने वीडियो बनाकर अधिकारियों से शिकायत की।
  • भारत से आने वाले शरणार्थियों को भी यहां रखा गया: 1947 के बंटवारे के बाद साल 1960 में पाकिस्तान सरकार ने इस खाली पड़ी गुरुद्वारा प्रॉपर्टी को भारत से आए शरणार्थियों को रहने के लिए अलॉट किया था। नियम के मुताबिक, इस ऐतिहासिक ढांचे में कोई भी बदलाव या तोड़फोड़ करने की मनाही थी, लेकिन भूमाफिया ने नियमों के उलट यहां तोड़फोड़ की और अब कब्जा करने की नीयत से गुरुद्वारा की इमारत को गिरा दिया।
  • सिख संगत में गुस्से के बाद प्रशासन ने सील की जगह: गुरुद्वारा साहिब को गिराए जाने की सूचना मिलते ही सिख संगत में आक्रोश फैल गया। लोग घटना स्थल पर जमा हो गए। सिख समुदाय के कड़े विरोध और दबाव के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। फिलहाल इस जगह को ताला लगाकर सील कर दिया गया है। आगे के कंस्ट्रक्शन पर रोक लगा दी गई है। वक्फ बोर्ड अब इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की इमारत पर इसके बनने के समय का जिक्र है।

गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की इमारत पर इसके बनने के समय का जिक्र है।

नियमों को दरकिनार कर गुरुद्वारा को तोड़ा गया

इन ऐतिहासिक इमारतों की देखरेख करने वाले शब्बीर हुसैन ने बताया कि शरणार्थियों को केवल रहने के उद्देश्य से इस गुरुद्वारे की इमारत को दिया गया था। क्योंकि ये बहुत पुरानी थी। नियमों के मुताबिक, इन अलॉट की गई संपत्तियों के मूल ढांचे में कोई भी बदलाव, नया कंस्ट्रक्शन या इन्हें गिराने की सख्त मनाही थी। बावजूद इसके इस 125 साल पुरानी विरासत को मलबे में तब्दील कर दिया गया।

जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग

दुनियाभर के सिख संगठनों ने मांग की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई का विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि गुरुद्वारा साहिब किसी एक धर्म या देश की बपौती नहीं होते, बल्कि ये पूरी इंसानियत की साझी अमानत हैं।

पाकिस्तानी के फारुखाबाद की पुलिस के साथ बातचीत करते सिख समुदाय के लोग।

पाकिस्तानी के फारुखाबाद की पुलिस के साथ बातचीत करते सिख समुदाय के लोग।

गुरुद्वारा सिंह सभा का इतिहास जत्थेदार करतार सिंह झब्बर ने सन 1912 में चूहड़काणा में खालसा दीवान खरा सौदा बार का गठन किया और इसमें अधिकतर स्थानीय विर्क परिवारों को सदस्य बनाया गया। सन 1918 में उन्होंने गुरुद्वारा सच्चा सौदा के पास गांव भनौर में भाई मूल सिंह गुरमुला द्वारा खरीदी गई 13 कनाल जमीन पर इसी संगठन के अधीन गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, मंडी चूहड़काणा के अंदर मिडिल स्कूल शुरू किया।

स्कूल के सभी खर्चों का प्रबंधन खालसा दीवान खरा सौदा बार और मंडी चूहड़काणा कमेटी करती रही। वर्तमान समय में गुरुद्वारा साहिब के मुख्य भाग पर सतगुरु नानक प्रगट्या, मिटी धुंध जग चानण होआ, पोह सुदी 7 संवत 1919 (सन 1862) गुरमुखी में उकेरा दिखता है।

॰॰॰॰॰॰॰॰

यह खबर भी पढ़ें…

पाकिस्तान के गुरुद्वारे में सेवादार दंपती की गोलियां मारकर हत्या, हमले के बाद से परिसर के CCTV गायब, पुलिस को टारगेट किलिंग का शक

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुद्वारे के अंदर सिख केयरटेकर दंपती की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, घटना पेशावर से करीब 60 किमी दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
शाजापुर में 754 लोकेशन पर जमीन की दरें बढ़ीं:नई गाइडलाइन लागू होने से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा; निर्माण लागत में भी बढ़ोतरी

April 1, 2026/
8:19 am

शाजापुर जिले में 1 अप्रैल से जमीन की खरीद महंगी हो गई है। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड भोपाल ने वर्ष 2026-27...

बंगाल चुनाव 2026: कृष्णेंदु नाम के तीन उम्मीदवार एक सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं, दिलचस्प है इस सीट पर लड़ाई

April 8, 2026/
11:49 am

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 294 में दो चरणों में वोटिंग होगी। पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29...

गौहर खान ने छोटे बेटे फरवान की पहली झलक दिखाई:मक्का यात्रा की तस्वीरें शेयर कीं, पति जैद दरबार और दोनों बच्चे साथ नजर आए

February 27, 2026/
9:38 am

टीवी एक्ट्रेस गौहर खान ने गुरुवार को अपने छोटे बेटे की पहली झलक शेयर की है। उन्होंने यह तस्वीरें इंस्टाग्राम...

PM Modi Letter West Bengal

February 23, 2026/
12:36 pm

Hindi News National PM Modi Letter West Bengal | CAA, Infiltration, Development, Law & Order नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी...

जोकोविच विंबलडन के तीसरे दौर में पहुंचे:सितसिपास को 98 मिनट में सीधे सेटों में हराया; डिफेंडिंग चैंपियन सिनर की भी अगले राउंड में एंट्री

July 2, 2026/
9:37 am

लंदन के सेंटर कोर्ट पर खेले गए विंबलडन के एक मुकाबले में 39 साल के नोवाक जोकोविच ने ग्रीस के...

राजनीति

Pakistan Gurdwara Demolished | Farukabad Sikh Heritage Outrage

Pakistan Gurdwara Demolished | Farukabad Sikh Heritage Outrage

पाकिस्तान में 125 साल पुराने गुरुद्वारे को जमीदोंज कर दिया गया।

पाकिस्तान के पंजाब में गुरुद्वारों को गिराने का सिलसिला थम नहीं रहा। बीते शुक्रवार (26 जून) को फारूखाबाद (मंडी चूरकाना) में भूमाफिया ने प्रशासन के साथ मिलकर 125 साल पुराने ऐतिहासिक सिंह सभा गुरुद्वारे का एक हिस्सा गिरा दिया।

.

पाकिस्तान में गुरुद्वारा गिराने के कदम से सिख समुदाय में गुस्सा है। गुरुद्वारा गिराने के बाद सिखों ने इसका विरोध किया और गिराने के काम को रुकवाया। सिख संगत विरोध जताने के बाद प्रशासन ने फिलहाल इस जगह को सील कर दिया है और किसी भी तरह का निर्माण या तोड़फोड़ पर रोक लगा दी गई है।

स्थानीय जानकारों और सिख एक्टिविस्ट्स के मुताबिक, करीब 4 साल पहले तक इस गुरुद्वारा साहिब की ऐतिहासिक पहचान और प्राचीन निशानियां सुरक्षित थीं। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था। इसके कुछ समय बाद भूमाफिया ने गुरुद्वारा साहिब का मुख्य गुंबद तोड़ दिया।

सिखों का कहना है कि उस वक्त भी पुलिस से शिकायत की गई और विरोध दर्ज कराया गया था। बावजूद इसके न तो इवैक्युएशन ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड और न ही पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए।

फारुखाबाद में गुरुद्वारा सिंह सभा की इमारत को गिराने से रोकने के लिए पहुंच लोग।

सिलसिलेवार तरीके से समझें पूरा मामला…

  • 125 साल पुराना गुरुद्वारा बंटवारे के बाद से वीरान: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में फारूकाबाद (मंडी चूरकाना) स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा करीब 125 साल पुराना है। गुरुद्वारे के गेट पर इसके निर्माण की तारीख का जिक्र है। इस गुरुद्वारे को पाकिस्तान की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल किया गया था और प्रशासन ने इसे तोड़ने पर रोक लगाई थी। बंटवारे के बाद से ये गुरुद्वारा वीरान था और अब भूमाफिया की नजर इस पर गई। यह प्राचीन इमारत गुरुद्वारा श्री सच्चा सौदा साहिब के पास स्थित है और सिख इतिहास व साझी संस्कृति का प्रतीक थी।
  • 4 साल पहले तक ठीक हालत में था गुरुद्वारा: गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की यह ऐतिहासिक इमारत पिछले 4 साल तक ठीक थी। 4 साल पहले ही ये गुरुद्वारा तब चर्चा में आया जब भूमाफिया के कुछ लोगों ने इसका गुंबद तोड़कर कब्जा करना चाहा। इसके खिलाफ सिख एक्टिविस्ट्स ने वीडियो बनाकर अधिकारियों से शिकायत की।
  • भारत से आने वाले शरणार्थियों को भी यहां रखा गया: 1947 के बंटवारे के बाद साल 1960 में पाकिस्तान सरकार ने इस खाली पड़ी गुरुद्वारा प्रॉपर्टी को भारत से आए शरणार्थियों को रहने के लिए अलॉट किया था। नियम के मुताबिक, इस ऐतिहासिक ढांचे में कोई भी बदलाव या तोड़फोड़ करने की मनाही थी, लेकिन भूमाफिया ने नियमों के उलट यहां तोड़फोड़ की और अब कब्जा करने की नीयत से गुरुद्वारा की इमारत को गिरा दिया।
  • सिख संगत में गुस्से के बाद प्रशासन ने सील की जगह: गुरुद्वारा साहिब को गिराए जाने की सूचना मिलते ही सिख संगत में आक्रोश फैल गया। लोग घटना स्थल पर जमा हो गए। सिख समुदाय के कड़े विरोध और दबाव के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। फिलहाल इस जगह को ताला लगाकर सील कर दिया गया है। आगे के कंस्ट्रक्शन पर रोक लगा दी गई है। वक्फ बोर्ड अब इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की इमारत पर इसके बनने के समय का जिक्र है।

गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की इमारत पर इसके बनने के समय का जिक्र है।

नियमों को दरकिनार कर गुरुद्वारा को तोड़ा गया

इन ऐतिहासिक इमारतों की देखरेख करने वाले शब्बीर हुसैन ने बताया कि शरणार्थियों को केवल रहने के उद्देश्य से इस गुरुद्वारे की इमारत को दिया गया था। क्योंकि ये बहुत पुरानी थी। नियमों के मुताबिक, इन अलॉट की गई संपत्तियों के मूल ढांचे में कोई भी बदलाव, नया कंस्ट्रक्शन या इन्हें गिराने की सख्त मनाही थी। बावजूद इसके इस 125 साल पुरानी विरासत को मलबे में तब्दील कर दिया गया।

जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग

दुनियाभर के सिख संगठनों ने मांग की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई का विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि गुरुद्वारा साहिब किसी एक धर्म या देश की बपौती नहीं होते, बल्कि ये पूरी इंसानियत की साझी अमानत हैं।

पाकिस्तानी के फारुखाबाद की पुलिस के साथ बातचीत करते सिख समुदाय के लोग।

पाकिस्तानी के फारुखाबाद की पुलिस के साथ बातचीत करते सिख समुदाय के लोग।

गुरुद्वारा सिंह सभा का इतिहास जत्थेदार करतार सिंह झब्बर ने सन 1912 में चूहड़काणा में खालसा दीवान खरा सौदा बार का गठन किया और इसमें अधिकतर स्थानीय विर्क परिवारों को सदस्य बनाया गया। सन 1918 में उन्होंने गुरुद्वारा सच्चा सौदा के पास गांव भनौर में भाई मूल सिंह गुरमुला द्वारा खरीदी गई 13 कनाल जमीन पर इसी संगठन के अधीन गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, मंडी चूहड़काणा के अंदर मिडिल स्कूल शुरू किया।

स्कूल के सभी खर्चों का प्रबंधन खालसा दीवान खरा सौदा बार और मंडी चूहड़काणा कमेटी करती रही। वर्तमान समय में गुरुद्वारा साहिब के मुख्य भाग पर सतगुरु नानक प्रगट्या, मिटी धुंध जग चानण होआ, पोह सुदी 7 संवत 1919 (सन 1862) गुरमुखी में उकेरा दिखता है।

॰॰॰॰॰॰॰॰

यह खबर भी पढ़ें…

पाकिस्तान के गुरुद्वारे में सेवादार दंपती की गोलियां मारकर हत्या, हमले के बाद से परिसर के CCTV गायब, पुलिस को टारगेट किलिंग का शक

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुद्वारे के अंदर सिख केयरटेकर दंपती की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, घटना पेशावर से करीब 60 किमी दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.