वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा, थाने के बाहर इकट्ठे हुए लोग और लालजीत भुल्लर।
पंजाब में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड के आरोप में अमृतसर में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर, उनके पिता सुखदेव भुल्लर और निजी सचिव (PA) दिलबाग सिंह के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।
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तीनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने, 351(3)- जानलेवा धमकी और 3(5) – जुर्म में साथ देने की धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस ने रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर आधी रात को यह केस दर्ज किया। पत्नी ने कहा कि भुल्लर ने उन्हें धमकाया कि गैंगस्टर मेरे पाले हुए हैं। तेरे परिवार को खत्म करने के लिए एक इशारा ही काफी है। अगर तू मेरे नियमों को नहीं मान सकता तो तुझे जिंदा रहने का हक नहीं, तू जहर खा ले। इसके बाद पति ने सुसाइड कर लिया।
रंधावा ने शनिवार (21 मार्च) की सुबह सुसाइड किया था। इसके बाद AAP सरकार ने भुल्लर से तुरंत इस्तीफा लेकर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की। मगर, परिवार के FIR पर अड़ने और विरोधियों के एकजुट होने के बाद केस दर्ज करना पड़ा। इस मामले में अब विरोधी दल भुल्लर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
इसे लेकर कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा संयुक्त रूप से आज (22 मार्च) चंडीगढ़ में CM आवास का घेराव करेंगे। इसमें मृतक अफसर का परिवार भी उनके साथ होगा। परिवार और उनके समर्थकों ने CM भगवंत मान समेत सभी AAP नेताओं को चेतावनी दी है कि वह परिवार से मिलने या घर आने की कोशिश न करें, अन्यथा किसी भी अनहोनी के लिए वह जिम्मेदार नहीं होंगे।
शनिवार को डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप रंधावा ने जहर खा लिया था। इसके बाद 12 सेकेंड की वीडियो रिकॉर्ड कर कहा- ‘खा लई सल्फास तुहाडे यार ने, मिनिस्टर लालजीत भुल्लर दे डर तों, हुण नहीं बचदा’ (आपके दोस्त ने मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से जहर खा लिया है। अब नहीं बचूंगा)। रंधावा ने दोस्तों को ये वीडियो भेजा। वह तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन वहां उनकी मौत हो गई।
गगनदीप सिंह रंधावा को प्राइवेट अस्पताल में लाया गया था। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
जानिए, पत्नी ने FIR दर्ज करवाते हुए क्या बयान लिखवाए…
अक्टूबर 2025 में टेंडर निकले, मंत्री ने पिता के नाम पर भरे मृतक अफसर गगनदीप रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर (45) ने बताया कि वह सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल अजनाला रोड, अमृतसर में बतौर साइंस टीचर तैनात हैं। मेरी शादी 2007 में गगनदीप सिंह रंधावा के साथ हुई। हमारे 3 बच्चे हैं, जिसमें दो लड़कियां व एक लड़का है। मेरे पति गगनदीप सिंह रंधावा पंजाब राज्य गोदाम निगम में जिला मैनेजर के पद पर नियुक्त थे।
मेरे पति के पास अमृतसर, तरनतारन जिलों का चार्ज भी था। पंजाब स्टेट गोदाम निगम की तरफ से अलग-अलग जिलों में नए गोदाम बनाने के लिए टेंडर पिछले साल अक्तूबर 2025 में निकाले गए थे। टेंडरों के लिए मंजूरी चंडीगढ़ से मिलनी थी। मंत्री ने पिता के नाम पर टेंडर भरे थे
पत्नी उपिंदर ने बताया कि इस संबंधी फूड काॅर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने इन टेंडरों को अपने तय नियमों मुताबिक पास करना होता है। पट्टी व भिखीविंड के इलाके तरनतारन जिले में आते हैं। यहीं के पट्टी विधानसभा सीट से मंत्री लालजीत भुल्लर MLA हैं। उन्होंने अपने पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम से उपरोक्त स्थानों पर गोदामों का निर्माण हासिल करने के लिए टेंडर भरा हुआ।
टेंडर मंजूर नहीं तो खामियाजा परिवार भुगतेगा उपिंदर कौर ने बताया- मेरे पति पर मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर दबाव बना रहा था कि हर हाल में टेंडर उसके पिता के नाम पर मंजूर होने चाहिए, जिसका जिक्र मेरे पति ने पिछले समय में मेरे साथ कई बार किया। इस संबंध में ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उसके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर, ट्रांसपोर्ट मंत्री के पीए दिलबाग सिंह उर्फ बागा लगातार मेरे पति को धमकियां दे रहे थे।
वह कह रहे थे कि अगर टेंडर ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के पिता सुखदेव भुल्लर के नाम पर मंजूर न हुए, तो इसका खामियाजा तुझे व तेरे बच्चों को बुरी तरह भुगतना पड़ेगा। ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने मेरे पति को धमकाते हुए कई बार कहा कि मुझे यह भी पता है कि तेरे बच्चे कहां-कहां पढ़ते हैं और तेरी पत्नी कहां नौकरी करती है।
मेरा पति लगातार पड़ रहे दबाव के कारण घर आकर रोते हुए सारी बातें बताते थे। वह बताते थे कि वह नियमों के बाहर जाकर किसी की मदद नहीं कर सकता, क्योंकि टेंडरों की सारी प्रक्रिया बिल्कुल पारदर्शी व ऑनलाइन होती है। जिस कारण टेंडर सुखदेव भुल्लर की जगह किसी और को जारी हो गए।
मंत्री ने धमकाया- जितने भी गैंगस्टर हैं, मेरे पाले हुए टेंडर न मिलने के बाद मंत्री व उसके पिता ने मेरे पति को बहुत बुरी तरह से बेइज्जत व परेशान करना शुरू कर दिया। मंत्री मेरे पति को व्हाट्सएप कॉल्स करके धमकाने लगा। तू उक्त टेंडर कैंसिल कर मेरे पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर जारी कर, नहीं तो तुझे, मेरे बच्चों, पूरे परिवार को जान से मरवा दूंगा।
तुझे नहीं पता, जितने भी गैंगस्टर हैं, मेरे ही पाले हुए हैं। तुझे व तेरे परिवार को मरवाने के लिए एक इशारा ही काफी है। पति ने कई बार मंत्री को समझाया कि टेंडर कैंसिल कर अपने पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर जारी करने का अधिकार उनके पास नहीं है।
उपिंदर ने कहा कि मेरे पति ने मुझे यह भी बताया था कि ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने मुझे धमकियां देते हुए बार-बार यह कहा कि अगर मेरे कहने पर टेंडर कैंसिल करके मेरे पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर जारी नहीं किए, तो तुझे व तेरे परिवार को मार देना है, या तू खुद जहर खा ले। मेरे नियमों का न मानकर तू जिंदा नहीं रह सकता है।
मंत्री व उसके पिता ने जलील किया और मारा 13 मार्च को मंत्री ने मेरे पति को अपने घर बुलाया, जहां पर मंत्री का पिता, पीए व दो से चार और लोग मौजूद थे। घर में दाखिल होते ही मंत्री के पिता व पीए ने मेरे पति के मुंह पर थप्पड़ मारे। इसके बाद दूसरे व्यक्तियों के साथ मिलकर मेरे पति से मारपीट की। इस दौरान मंत्री के पिता ने मंत्री को व्यंग्य करते हुए कहा कि तू किस चीज का मंत्री है, जब तेरे कहने पर दो टके का अफसर तेरे बाप के नाम पर टेंडर भी जारी नहीं कर सकता।
यह सुनते ही मंत्री ने अपनी जेब से पिस्तौल निकाल ली और उसका बट मेरे पति के सिर पर मारा, जो कि मेरे पति के बाईं साइड कान पर लगा। इसके बाद मंत्री ने अपनी पिस्टल मेरे पति की कनपटी पर रखकर कहा कि हमारे कहे पर नहीं चलता, अब देखना, हम तेरा क्या हश्र करेंगे। इसके बाद मंत्री ने अपने साथी को कहा कि जो भी मैं कहता हूं, तू वही शब्द गगनदीप सिंह रंधावा के मुंह से बुलाकर वीडियो बना।
अगर यह हमारे दिए शब्दों के मुताबिक नहीं बोलता है, तो इसको गोली मारकर लाश नदी में फेंककर खुर्द-बुर्द कर दो। इसके बाद बंदूक की नोक पर इन्होंने मेरे पति से झूठा बयान रिकॉर्ड किया, जिसमें कहलवाया गया कि दस लाख रुपए रिश्वत लेकर मैंने भुल्लर की जगह दूसरी पार्टी को टेंडर दिलवाया है। वीडियो बनाने के बाद आरोपियों ने कहा कि तू हमारे कहने पर नहीं चला, अब देख हम तेरा क्या करते हैं।
इस वजह से पति ने जहर खाया पत्नी उपिंदर कौर ने कहा- यह सारी बातें मेरे पति ने घर आकर मुझे बताईं और कहा कि अब मैं जीने के लायक नहीं रहा। मैंने पति को कहा कि हम इस सारी चीज को लेकर पुलिस को सूचित करते हैं। इस पर पति ने कहा कि मंत्री मौजूदा पंजाब सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री है, हमारी फरियाद कोई नहीं सुनेगा।
यह बातें मेरे पति ने मेरे अलावा परिवार के कुछ खास लोगों को भी बताईं। मेरा पति उक्त लोगों द्वारा जलील करने व जान से मारने की धमकियां देने से बहुत मजबूर हो गया था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या किया जाए। वह बार-बार इन तीनों आरोपियों द्वारा जलील करने व बच्चों को मार देने की धमकियों, और “तू जहर खा ले” जैसी बातों को दोहरा-दोहरा कर बहुत परेशान था। इसी वजह से उसने जहर खा लिया और अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

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