जयपुर3 मिनट पहले
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जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर में प्राइवेट बस स्टैंड पर सुबह से एक ही भी बस नहीं चली है।
राजस्थान में परिवहन विभाग की स्लीपर बसों पर कार्रवाई के विरोध में निजी बस ऑपरेटर्स ने सोमवार रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
बस ऑपरेटर्स का दावा है कि प्रदेश की करीब 35 हजार कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, स्टेट कैरिज और लोक परिवहन बसों का संचालन बंद हो गया है। जयपुर सहित कई शहरों में मंगलवार सुबस से इसका असर दिख रहा है। हालांकि, जोधपुर में निजी बसें चल रही हैं।
वहीं, टैक्सी ऑपरेटर्स ने भी बस हड़ताल को समर्थन दिया है। जयपुर में रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व शहर से बाहर जाने के लिए प्राइवेट टैक्सी भी नहीं मिल रही हैं। इधर, रोडवेज बसों में मंगलवार सुबह यात्री भार बढ़ गया है।

जयपुर में प्राइवेट बसों की हड़ताल के चलते रोड़वेज बसों में भीड़ नजर आ रही है
चक्काजाम की धमकी, जोधपुर में हड़ताल बेअसर
ऑल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि सोमवार को उन्हें सचिवालय में वार्ता के लिए बुलाया गया था, लेकिन बातचीत में कोई सहमति नहीं बन सकी।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से आरसी सस्पेंड की गई बसों की सूची मंगवाई गई है और मंगलवार को फिर बातचीत होगी। शर्मा ने बताया कि रात 12 बजे से हड़ताल प्रभावी कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो बस ऑपरेटर्स सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे। वहीं, जोधपुर में मंगलवार सुबह प्राइवेट बसों का संचालन सामान्य रहा। यहां हड़ताल का असर नहीं दिखा।
अब देखिए- प्राइवेट बसों की हड़ताल से जुड़ी PHOTOS..

जोधपुर में हड़ताल पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई। शहर में निजी बसें बेरोकटोक चलती रहीं और हड़ताल का असर लगभग बेअसर नजर आया।

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लाइव अपडेट्स
3 मिनट पहले
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सुबह से बसों के इंतजार में पैसेंजर्स
जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास पैसेंजर्स की भीड़ बढ़ रही है। बसों के इंतजार में लोग तेज धूप में सड़क किनारे बैठे है, लेकिन बसें नहीं आ रही हैं।
20 मिनट पहले
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पुरानी बसों में धारा 153 में चालान करना सही नहीं
बस ऑपरेटर्स का कहना है कि मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 153 में भारी-भरकम चालान बनाए जा रहे हैं।
यह धारा साल 2025 में जोड़ी गई है। ऐसे में जो पुरानी बस हैं, उन्हें इस धारा के मुताबिक चालान करना उचित नहीं है।
बसों के मामले में यह धारा तब लगाई जाती है, जब वाहन की बॉडी में बिना अनुमति बदलाव किया गया हो।
ओवरलोडिंग या सेफ्टी नियमों का उल्लंघन हो। फिटनेस सर्टिफिकेट की शर्तों का पालन नहीं हो रहा हो।
डिजाइन या स्ट्रक्चर (जैसे ऊंचाई, लंबाई, ओवरहैंग आदि) तय मानकों के मुताबिक न हो ।
21 मिनट पहले
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ऑपरेटर्स की धमकी- मोदी की रैली के लिए भी नहीं देंगे
राजस्थान में आज रात 12 बजे से करीब 35 हजार प्राइवेट बसें नहीं चलेंगी। ऑपरेटर्स का कहना है कि RTO कार्रवाई के तहत रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) सस्पेंड कर रहा है।(पूरी खबर पढ़ें)















































