संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा महासचिव एंतोनियो गुटेरेस का दूसरा पांच साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को खत्म होगा। उनके बाद अगला महासचिव चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस पद के लिए इस समय 8 उम्मीदवार मैदान में हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 मेंबर सीक्रेट वोटिंग के जरिए इन उम्मीदवारों के समर्थन का अंदाजा लगा रहे हैं। पिछले महीने हुए पहले अनौपचारिक मतदान में कोस्टा रिका की रेबेका ग्रिन्सपैन सबसे आगे रहीं। आज शुक्रवार को दूसरे दौर का अनौपचारिक मतदान होगा। इसके बाद भी कई अनौपचारिक पोल हो सकते हैं, जिनमें धीरे-धीरे उम्मीदवारों की संख्या कम होगी। अक्टूबर में सुरक्षा परिषद किसी उम्मीदवार के नाम पर औपचारिक रूप से आगे बढ़ सकती है। UN चीफ कैसे चुना जाता है? संयुक्त राष्ट्र का महासचिव सीधे जनता या सभी देशों के वोट से नहीं चुना जाता। पहले सुरक्षा परिषद उम्मीदवारों पर विचार करती है और गुप्त मतदान के जरिए यह पता लगाती है कि किस उम्मीदवार को कितना समर्थन मिल रहा है। सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। किसी उम्मीदवार को आगे बढ़ने के लिए कम से कम 9 वोट मिलने जरूरी हैं। लेकिन 9 वोट हासिल करना ही काफी नहीं है। सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस में से किसी एक का वीटो भी उम्मीदवार के खिलाफ नहीं होना चाहिए। इसके बाद सुरक्षा परिषद जिस उम्मीदवार पर सहमत होती है, उसका नाम संयुक्त राष्ट्र महासभा के पास भेजा जाता है। महासभा की मंजूरी के बाद वह संयुक्त राष्ट्र का नया महासचिव बनता है। गुटेरेस का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को खत्म होगा। इसलिए उससे पहले नए महासचिव के चयन की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। इस रेस में शामिल 8 उम्मीदवारों का बैकग्राउंड अलग-अलग है। इनमें पूर्व राष्ट्रपति, वरिष्ठ राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र के बड़े पदों पर काम कर चुके लोग शामिल हैं। जानते हैं कौन-कौन इस दौड़ में है और किसकी क्या दावेदारी है। 1. रेबेका ग्रिन्सपैन- कोस्टा रिका 70 साल की रेबेका ग्रिन्सपैन फिलहाल इस रेस में सबसे आगे चल रही हैं। पिछले महीने हुए पहले अनौपचारिक मतदान में उन्हें सबसे ज्यादा समर्थन मिला था। ग्रिन्सपैन कोस्टा रिका की पूर्व उपराष्ट्रपति हैं और संयुक्त राष्ट्र के व्यापार एवं विकास संगठन की प्रमुख हैं। उन्होंने महासचिव पद के लिए प्रचार करने के लिए अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों से छुट्टी ली है। अगर ग्रिन्सपैन चुनी जाती हैं तो वह संयुक्त राष्ट्र की पहली महिला और पहली यहूदी महासचिव होंगी। उनके माता-पिता द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोप से भागे यहूदी शरणार्थी थे। विवाद: UNDP में काम करने के दौरान महंगे निजी विमान के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे थे। दुबई से ले जाने के लिए UN का चार्टर्ड विमान इस्तेमाल किया, जिसका खर्च करीब 40 हजार डॉलर था। 2. मिशेल बाचेलेट- चिली 74 साल की मिशेल बाचेलेट चिली की समाजवादी नेता हैं। वह 2006 में चिली की पहली महिला राष्ट्रपति बनी थीं। इसके बाद उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख के रूप में काम किया। मानवाधिकार प्रमुख रहते हुए बाचेलेट ने चीन के शिनजियांग में उइगर मुसलमानों की स्थिति पर रिपोर्ट जारी की थी। इसे लेकर चीन ने उनकी आलोचना की थी। बाचेलेट को मेक्सिको और ब्राजील का समर्थन मिला है। हालांकि, दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जोस एंतोनियो कास्ट के सत्ता में आने के बाद चिली ने उनका समर्थन वापस ले लिया। अमेरिका भी उनके गर्भपात के अधिकारों से जुड़े रुख को लेकर उनकी आलोचना करता रहा है। विवाद: बाचेलेट ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख रहते हुए भारत के कश्मीर और नागरिकता से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए थे। 2019 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में संचार पर रोक और नेताओं की हिरासत पर चिंता जताई थी। भारत ने उनके बयान को गलत और अनुचित बताते हुए खारिज कर दिया था। 3. मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा- इक्वाडोर 61 साल की मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा इक्वाडोर की पूर्व विदेश मंत्री हैं। वह संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। एस्पिनोसा का कहना है कि दुनिया की साझा समस्याओं से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र सबसे अहम वैश्विक मंच है। हालांकि, वह संगठन में बड़े सुधार की भी वकालत करती हैं। उनकी उम्मीदवारी को एंटीगुआ और बारबुडा का समर्थन मिला है, लेकिन उनके अपने देश इक्वाडोर ने उनका समर्थन नहीं किया है। विवाद: एस्पिनोसा के राजनीतिक करियर में विवाद भी रहे हैं। 2019 में इक्वाडोर की संसद में उन्हें पद से हटाने की कोशिश हुई थी। उन पर विदेश मंत्री रहते हुए जूलियन असांजे को नागरिकता देने और कोलंबिया सीमा पर सुरक्षा संकट से ठीक से न निपटने के आरोप लगे थे। हालांकि, उन्हें हटाने के लिए जरूरी वोट नहीं मिले और वह पद पर बनी रहीं। 4. राफेल मारियानो ग्रॉसी- अर्जेंटीना 65 साल के राफेल मारियानो ग्रॉसी अर्जेंटीना के करियर राजनयिक हैं। वह 2019 से अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के (IAEA) प्रमुख हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूक्रेन के जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र को लेकर ग्रॉसी पिछले कुछ सालों से चर्चा में रहे हैं। महासचिव पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने IAEA चीफ का पद नहीं छोड़ा है। उनका कहना है कि पद छोड़ना अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने जैसा होगा। ग्रॉसी चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र दुनिया में होने वाले बड़े संकटों में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाए और संगठन में जरूरी बदलाव किए जाएं। विवाद: ईरान इन पर पक्षपात करने का आरोप लगाता रहा है। 2025 में IAEA की रिपोर्ट के बाद ईरान ने कहा था कि इससे उसके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता खुला। ग्रॉसी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रिपोर्ट जांच के आधार पर तैयार की गई थी। 5. कैरोलिन रोड्रिग्स बिर्केट- गुयाना 52 साल की कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट गुयाना की पूर्व विदेश मंत्री हैं। वह गुयाना के आदिवासी समुदाय से आती हैं और सिर्फ 27 साल की उम्र में मंत्री बनी थीं फिलहाल वह संयुक्त राष्ट्र में अपने देश की राजदूत हैं। उनका कहना है कि संयुक्त राष्ट्र को दुनिया में अपनी विश्वसनीयता फिर से स्थापित करने की जरूरत है। विवाद: कोई बड़ा विवाद नहीं 6. इवोन ए-बाकी- इक्वाडोर 75 साल की इवोन ए-बाकी इक्वाडोर की राजनयिक और नेता हैं। वह अमेरिका में इक्वाडोर की राजदूत रह चुकी हैं। इस दौरान उनके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अच्छे संबंध रहे। उनकी उम्मीदवारी का प्रस्ताव टोंगा ने रखा है। खाड़ी देशों से भी उनके अच्छे रिश्ते हैं। वह कतर में इक्वाडोर की राजदूत रह चुकी हैं। विवाद: डोनाल्ड ट्रम्प से पुरानी दोस्ती है। 2004 में इक्वाडोर में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता कराने में भी उनकी भूमिका थी, तब ट्रम्प इस प्रतियोगिता के मालिक थे। विरोधी आरोप लगाते हैं कि ट्रम्प से उनके निजी संबंधों का इस्तेमाल इक्वाडोर-अमेरिका संबंधों में कितना किया जा रहा है। 7. मैकी साल- सेनेगल 64 वर्षीय मैकी साल सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति हैं। वह अफ्रीकी संघ के मौजूदा अध्यक्ष भी हैं। मैकी अपने अभियान में शांति और विकास को सबसे जरूरी मुद्दा बता रहे हैं। उनकी उम्मीदवारी का प्रस्ताव बुरुंडी ने रखा था और जुलाई में सेनेगल ने भी उनका समर्थन कर दिया। विवाद: राष्ट्रपति रहते हुए 2021 से 2024 के बीच सेनेगल में कई हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों को संभालने के उनके तरीके पर सवाल उठे थे। इस दौरान कई लोगों की मौत हुई थी। 8. ओलारा ओटुन्नु- युगांडा 75 साल के ओलारा ओटुन्नु संयुक्त राष्ट्र में युगांडा के राजदूत भी रह चुके हैं। वह कुछ समय के लिए अपने देश के विदेश मंत्री भी रहे। 2011 में उन्होंने युगांडा पीपुल्स कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह लंबे समय से सत्ता में मौजूद राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी से चुनाव हार गए। विवाद: कोई बड़ा विवाद नहीं पहले दौर की वोटिंग में ग्रिन्सपैन को 10 वोट पहले दौर की अनौपचारिक वोटिंग यानी पहला स्ट्रॉ पोल 30 जुलाई 2026 को हुआ था। इसमें कोस्टा रिका की रेबेका ग्रिन्सपैन सबसे आगे रहीं। तब रेस में 7 उम्मीदवार थे। इवोन ए-बाकी इस वोटिंग में शामिल नहीं थीं। वह 18 अगस्त को आठवीं उम्मीदवार बनीं।













































