12 मिनट पहले
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अमेरिका में H-1B वीजा के तहत काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों की परेशानी बढ़ सकती है। सरकार नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली 60 दिन की छूट खत्म करने पर विचार कर रही है।
यह प्रस्ताव फिलहाल व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (OMB) में भेजा गया है। प्रस्ताव अभी नियम नहीं बना है। अगर ऐसा होता है तो इसका सबसे ज्यादा असर अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे 5 लाख भारतीयों पर पड़ सकता है।

जयशंकर ने भी उठाया था मुद्दा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसी साल मई में यह मामला अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने उठाया था। रूबियो ने माना था कि नए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव के दौरान कुछ दिक्कतें और तनाव हो सकते हैं।
हालांकि, रूबियो ने कहा था कि अमेरिका इमिग्रेशन सिस्टम को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहा है और लंबे समय में इसका फायदा सभी पक्षों को मिलेगा। रूबियो ने यह भी कहा था कि यह कदम खासतौर पर भारत को निशाना बनाकर नहीं उठाया गया।
उनके मुताबिक अमेरिका पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों की समस्या से जूझ रहा है। 2 करोड़ से ज्यादा लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए और उसी चुनौती से निपटने के लिए यह बदलाव किए जा रहे हैं।

अमेरिका में 7 साल रहने वाले प्रवासियों को ग्रीन कार्ड मिलेगा
अमेरिका में रह रहे भारतीय H-1B वीजा धारकों समेत लाखों लोगों के लिए ग्रीन कार्ड पाने का नया मौका मिल सकता है।
अमेरिकी सीनेट में एक ऐसा विधेयक पेश किया गया है, जिसमें पिछले 7 साल से लगातार अमेरिका में रह रहे लोगों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने की अनुमति देने का प्रस्ताव है।
ग्रीन कार्ड अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देने वाला आधिकारिक दस्तावेज है। इसे आधिकारिक तौर पर परमानेंट रेजिडेंट कार्ड कहा जाता है।

















































