Sunday, 05 Apr 2026 | 10:57 PM

Trending :

मुंबई से जैश के 2 आतंकी पकड़े गए:दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश कर रहे थे, भारत विरोधी मिशन खिलाफत से जुड़े तार ये गर्मियों का सुपरफ्रूट! इसमें ठंडक भी, ताकत भी…आप भी नहीं जानते होंगे शहतूत के इतने फायदे रीवा में रविवार रात सैकड़ों वाहन जाम में फंसे:रतहरा से नए बस स्टैंड और सिरमौर चौराहे तक लगी कतारें, घंटों तक रेंगते रही गाड़ियां ग्वालियर में रेबीज से युवक की मौत, रोज 100+ मामले:5 दिन पहले एक शख्स ने अस्पताल में भर्ती कराया था; नाम दिया था 'गोलू' दुबले-पतले लोगों को रात में नहीं खाना चाहिए चावल, जानें राइस खाने का आयुर्वेदिक नियम शराबी पिता ने 4 वर्षीय बेटे के पीटा, मौत:छतरपुर में लाठी से किया था वार; भोपाल में 5 दिन इलाज के बाद मौत; आरोपी गिरफ्तार
EXCLUSIVE

Young Age Fatty Liver Reasons; Non Alcoholic Prevention Tips

Young Age Fatty Liver Reasons; Non Alcoholic Prevention Tips
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • Young Age Fatty Liver Reasons; Non Alcoholic Prevention Tips | Causes Symptoms Health Tips

4 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा

  • कॉपी लिंक

क्या आपका पूरा शरीर तो दुबला–पतला है, लेकिन पेट पर चर्बी चढ़ रही है? गर्दन की मोटाई बढ़ रही है और हर वक्त थकान महसूस होती है? इसे हल्के में मत लीजिए। शरीर में हो रहे ये सारे बदलाव फैटी लिवर का संकेत हो सकते हैं।

अब आप ये तर्क दे सकते हैं कि फैटी लिवर तो शराब पीने के कारण होता है और मैं एल्कोहल को हाथ भी नहीं लगाता। तो इसका सीधा जवाब ये है कि फैटी लिवर सिर्फ शराब पीने के कारण नहीं होता। जंक फूड खाने, कोल्ड ड्रिंक पीने और एक जगह पर बैठे रहने जैसी रोजमर्रा की जिंदगी की छोटी–छोटी बुरी आदतें भी इस बीमारी को जन्म दे सकती हैं।

‘द लैंसेट रीजनल हेल्थ यूरोप’ में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस में करीब 2 करोड़ लोग नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर से ग्रस्त हैं, लेकिन 75% लोगों को इसका पता ही नहीं कि वे जोखिम में हैं।

फैटी लिवर डिजीज अब युवाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। ‘जर्नल ऑफ हेपेटोलॉजी’ के अनुसार, दुनिया की करीब 38% आबादी फैटी लिवर से प्रभावित है, जिनमें लगभग 25% लोग शराब नहीं पीते। हेल्थ स्टडीज के मुताबिक, शहरी भारत के 30–40% लोग किसी-न-किसी स्तर की फैटी लिवर समस्या से जूझ रहे हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रोफेसर डॉ. रॉबर्ट लस्टिग अपनी किताब ‘फैट चांस’ में लिखते हैं कि फैटी लिवर 50 साल पहले लगभग मौजूद ही नहीं थी। लेकिन आज यह बहुत आम हो चुकी है।

इसलिए आज फिजिकल हेल्थ में नॉन एल्कोहलिक लिवर डिजीज की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • नॉन एल्कोहलिक लिवर डिजीज के लक्षण क्या होते हैं?
  • इससे बचने के उपाय क्या हैं?

एक्सपर्ट- डॉ. संजय गोजा, डायरेक्टर, लिवर ट्रांसप्लांट एंड HPB सर्जरी (हेप्टो-पैन्क्रियाटो-बिलियरी), नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम

सवाल- नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज क्या है?

जवाब- नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) ऐसी कंडीशन है, जिसमें लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। इसमें व्यक्ति शराब नहीं पीता, फिर भी लिवर में फैट जमा हो जाता है। यह दुनिया की सबसे कॉमन क्रॉनिक लिवर डिजीज है। यह समस्या अक्सर मेटाबॉलिक गड़बड़ियों से जुड़ी होती है, जैसे-

  • पेट के आसपास चर्बी होना
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस
  • टाइप-2 डायबिटीज
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हाई कोलेस्ट्रॉल

सवाल- एल्कोहलिक फैटी लिवर और नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर में क्या अंतर है?

जवाब- एल्कोहलिक और नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर दोनों में लिवर सेल्स में फैट जमा होता है, लेकिन दोनों की वजह अलग-अलग होती हैं।

एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज

यह समस्या शराब ज्यादा पीने से होती है। शराब लिवर के मेटाबॉलिज्म को नुकसान पहुंचाती है, जिससे शरीर फैट नहीं पचा पाता या बहुत धीरे पचाता है। यह फैट लिवर में जमा होने लगता है।

नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज

इसमें व्यक्ति शराब नहीं पीता, फिर भी लिवर में फैट जमा हो जाता है। इसकी मुख्य वजहें इस प्रकार हैं–

  • मोटापा
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस
  • टाइप-2 डायबिटीज
  • हाई ट्राइग्लिसराइड्स
  • लो फिजिकल एक्टिविटी

अगर दोनों में से किसी भी कंडीशन को समय पर कंट्रोल न किया जाए, तो लिवर में इंफ्लेमेशन, फाइब्रोसिस और आगे चलकर सिरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।

सवाल- नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के लक्षण क्या होते हैं?

जवाब- नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज को ‘साइलेंट डिजीज’ भी कहते हैं। दरअसल, इसके लक्षण अक्सर शुरुआती दौर में नजर नहीं आते। लेकिन जैसे-जैसे समस्या बढ़ती है, शरीर कुछ संकेत देने लगता है, जिन्हें नजरअंदाज करना नुकसानदेह हो सकता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक में देखिए-

नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के लक्षण गंभीर होने पर ‘सिरोसिस’ का रिस्क हो सकता है। ऐसी कंडीशन में ये लक्षण दिख सकते हैं-

  • शरीर अतिरिक्त पानी जमा करने लगता है।
  • इंटरनल ब्लीडिंग हो सकती है।
  • मसल्स कमजोर हो सकती हैं।
  • कंफ्यूजन या याददाश्त में गड़बड़ी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

सवाल- युवाओं में नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर का जोखिम क्यों बढ़ रहा है?

जवाब- इसकी सबसे बड़ी वजह लाइफस्टाइल है। आज जीवन में मेहनत कम है और खानपान की आदतें खराब हैं। युवा बाहर का खाना या पैकेज्ड फूड ज्यादा खाते हैं, जिसमें अनहेल्दी फैट, शुगर और कैलोरीज बहुत ज्यादा मात्रा में होती हैं।

सवाल- कौन सी आदतें नॉन–एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के खतरे को बढ़ाती हैं?

जवाब- नॉन–एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज अचानक नहीं होती, बल्कि यह हमारी रोज की कुछ गलत आदतों का नतीजा होती है। खान-पान से लेकर लाइफस्टाइल तक की कुछ खराब आदतें धीरे-धीरे फैटी लिवर का खतरा बढ़ा देती हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर कैसे डाइग्नोज होता है? इसके लिए कौन से टेस्ट किए जाते हैं?

जवाब- यह बीमारी कई बार रूटीन ब्लड टेस्ट या इमेजिंग जांच के दौरान सामने आती है। डॉक्टर बीमारी की पहचान के लिए कुछ खास टेस्ट करवाते हैं।

इमेजिंग टेस्ट: अल्ट्रासाउंड, CT स्कैन या MRI के जरिए लिवर में जमा फैट को देखा जा सकता है।

ब्लड टेस्ट: ब्लड टेस्ट से यह पता लगाया जाता है कि लिवर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं।

लिवर बायोप्सी: इस प्रक्रिया में डॉक्टर एक पतली सुई की मदद से लिवर से टिश्यू का छोटा सा सैंपल निकालते हैं, जिसे माइक्रोस्कोप से जांचा जाता है।

इन सभी जांचों की रिपोर्ट्स के आधार पर डॉक्टर फैटी लिवर की कंडीशन और उसकी गंभीरता का आंकलन करते हैं।

सवाल- क्या नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर को रिवर्स किया जा सकता है?

जवाब- हां, शुरुआती स्टेज में यह पूरी तरह रिवर्स हो सकता है। इसका सबसे प्रभावी इलाज लाइफस्टाइल में बदलाव है। वजन कम करके, हेल्दी डाइट लेकर और नियमित एक्सरसाइज करके लिवर से फैट कम किया जा सकता है।

सवाल- अपने लिवर को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

जवाब- लिवर हमारे शरीर का सबसे मेहनती अंग है, जो डिटॉक्स से लेकर मेटाबॉलिज्म तक कई अहम काम करता है। अगर रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़ी-सी सावधानी बरती जाए, तो लिवर को लंबे समय तक हेल्दी रखा जा सकता है और फैटी लिवर जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

लिवर की सेहत को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर बीमारियों को न्यौता दे सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम आज ही सतर्क हों, क्योंकि लिवर अगर स्वस्थ है, तो पूरा शरीर स्वस्थ है।

………………………….

ये खबर भी पढ़ें…

फिजिकल हेल्थ- प्रेग्नेंसी में बढ़ता गॉल ब्लेडर स्टोन का रिस्क:इन 8 संकेतों को न करें इग्नोर, गायनेकोलॉजिस्ट से जानें बचाव के तरीके

गॉल ब्लैडर शरीर का एक छोटा लेकिन बहुत जरूरी ऑर्गन है। ये पित्त को स्टोर करता है और पाचन में मदद करता है। लेकिन महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में होने वाले हॉर्मोनल बदलाव गॉल ब्लैडर के काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें..

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
फिल्म ‘कॉकटेल 2’ की कहानी लीक:शाहिद कपूर बने लव ट्रायंगल का तीसरा एंगल, रश्मिका-कृति का लेस्बियन रोमांस चर्चा में

February 20, 2026/
2:01 pm

बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कॉकटेल 2’ को लेकर एक नई बड़ी खबर सामने आई है जिसमें फिल्म की स्टोरी रिलीज...

मैथ्यू हेडन गुजरात टाइटंस के नए बैटिंग कोच बने:ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर 2026 सीजन के लिए टीम से जुड़े; मैथ्यू वेड के बाहर होने की संभावना

March 10, 2026/
1:47 pm

IPL 2026 से पहले गुजरात टाइटंस ने अपनी कोचिंग टीम में बदलाव किया है। फ्रेंचाइजी ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के...

West Bengal Governor CV Anand Bose Resigns

March 5, 2026/
7:53 pm

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल चुनाव से एक महीने पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस्तीफा दे...

PM मोदी आज बंगाल में चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे:स्टालिन का NDA को चैलेंज- हिम्मत है तो तमिलनाडु में 3-लैंग्वेज पॉलिसी का ऐलान करें

April 5, 2026/
1:33 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कूचबिहार में रैली के साथ पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे।...

Kuldeep Yadav Wedding Card Revealed

March 11, 2026/
4:00 pm

कुलदीप और वंशिका की शादी का कार्ड सामने आया है। 14 मार्च को होने वाली इस शादी का कार्ड राधा-कृष्ण...

चार साल बाद अमेरिकी रैपर की वापसी:घूमती पृथ्वी के स्टेज पर हुआ कान्ये का कॉन्सर्ट, अगले महीने दिल्ली में करेंगे परफॉर्म

April 5, 2026/
1:21 pm

अमेरिकी रैपर और हिप-हॉप के दिग्गज कलाकार कान्ये वेस्ट ने हाल ही में लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में घूमती...

राजनीति

Young Age Fatty Liver Reasons; Non Alcoholic Prevention Tips

Young Age Fatty Liver Reasons; Non Alcoholic Prevention Tips
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • Young Age Fatty Liver Reasons; Non Alcoholic Prevention Tips | Causes Symptoms Health Tips

4 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा

  • कॉपी लिंक

क्या आपका पूरा शरीर तो दुबला–पतला है, लेकिन पेट पर चर्बी चढ़ रही है? गर्दन की मोटाई बढ़ रही है और हर वक्त थकान महसूस होती है? इसे हल्के में मत लीजिए। शरीर में हो रहे ये सारे बदलाव फैटी लिवर का संकेत हो सकते हैं।

अब आप ये तर्क दे सकते हैं कि फैटी लिवर तो शराब पीने के कारण होता है और मैं एल्कोहल को हाथ भी नहीं लगाता। तो इसका सीधा जवाब ये है कि फैटी लिवर सिर्फ शराब पीने के कारण नहीं होता। जंक फूड खाने, कोल्ड ड्रिंक पीने और एक जगह पर बैठे रहने जैसी रोजमर्रा की जिंदगी की छोटी–छोटी बुरी आदतें भी इस बीमारी को जन्म दे सकती हैं।

‘द लैंसेट रीजनल हेल्थ यूरोप’ में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस में करीब 2 करोड़ लोग नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर से ग्रस्त हैं, लेकिन 75% लोगों को इसका पता ही नहीं कि वे जोखिम में हैं।

फैटी लिवर डिजीज अब युवाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। ‘जर्नल ऑफ हेपेटोलॉजी’ के अनुसार, दुनिया की करीब 38% आबादी फैटी लिवर से प्रभावित है, जिनमें लगभग 25% लोग शराब नहीं पीते। हेल्थ स्टडीज के मुताबिक, शहरी भारत के 30–40% लोग किसी-न-किसी स्तर की फैटी लिवर समस्या से जूझ रहे हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रोफेसर डॉ. रॉबर्ट लस्टिग अपनी किताब ‘फैट चांस’ में लिखते हैं कि फैटी लिवर 50 साल पहले लगभग मौजूद ही नहीं थी। लेकिन आज यह बहुत आम हो चुकी है।

इसलिए आज फिजिकल हेल्थ में नॉन एल्कोहलिक लिवर डिजीज की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • नॉन एल्कोहलिक लिवर डिजीज के लक्षण क्या होते हैं?
  • इससे बचने के उपाय क्या हैं?

एक्सपर्ट- डॉ. संजय गोजा, डायरेक्टर, लिवर ट्रांसप्लांट एंड HPB सर्जरी (हेप्टो-पैन्क्रियाटो-बिलियरी), नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम

सवाल- नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज क्या है?

जवाब- नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) ऐसी कंडीशन है, जिसमें लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। इसमें व्यक्ति शराब नहीं पीता, फिर भी लिवर में फैट जमा हो जाता है। यह दुनिया की सबसे कॉमन क्रॉनिक लिवर डिजीज है। यह समस्या अक्सर मेटाबॉलिक गड़बड़ियों से जुड़ी होती है, जैसे-

  • पेट के आसपास चर्बी होना
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस
  • टाइप-2 डायबिटीज
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हाई कोलेस्ट्रॉल

सवाल- एल्कोहलिक फैटी लिवर और नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर में क्या अंतर है?

जवाब- एल्कोहलिक और नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर दोनों में लिवर सेल्स में फैट जमा होता है, लेकिन दोनों की वजह अलग-अलग होती हैं।

एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज

यह समस्या शराब ज्यादा पीने से होती है। शराब लिवर के मेटाबॉलिज्म को नुकसान पहुंचाती है, जिससे शरीर फैट नहीं पचा पाता या बहुत धीरे पचाता है। यह फैट लिवर में जमा होने लगता है।

नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज

इसमें व्यक्ति शराब नहीं पीता, फिर भी लिवर में फैट जमा हो जाता है। इसकी मुख्य वजहें इस प्रकार हैं–

  • मोटापा
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस
  • टाइप-2 डायबिटीज
  • हाई ट्राइग्लिसराइड्स
  • लो फिजिकल एक्टिविटी

अगर दोनों में से किसी भी कंडीशन को समय पर कंट्रोल न किया जाए, तो लिवर में इंफ्लेमेशन, फाइब्रोसिस और आगे चलकर सिरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।

सवाल- नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के लक्षण क्या होते हैं?

जवाब- नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज को ‘साइलेंट डिजीज’ भी कहते हैं। दरअसल, इसके लक्षण अक्सर शुरुआती दौर में नजर नहीं आते। लेकिन जैसे-जैसे समस्या बढ़ती है, शरीर कुछ संकेत देने लगता है, जिन्हें नजरअंदाज करना नुकसानदेह हो सकता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक में देखिए-

नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के लक्षण गंभीर होने पर ‘सिरोसिस’ का रिस्क हो सकता है। ऐसी कंडीशन में ये लक्षण दिख सकते हैं-

  • शरीर अतिरिक्त पानी जमा करने लगता है।
  • इंटरनल ब्लीडिंग हो सकती है।
  • मसल्स कमजोर हो सकती हैं।
  • कंफ्यूजन या याददाश्त में गड़बड़ी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

सवाल- युवाओं में नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर का जोखिम क्यों बढ़ रहा है?

जवाब- इसकी सबसे बड़ी वजह लाइफस्टाइल है। आज जीवन में मेहनत कम है और खानपान की आदतें खराब हैं। युवा बाहर का खाना या पैकेज्ड फूड ज्यादा खाते हैं, जिसमें अनहेल्दी फैट, शुगर और कैलोरीज बहुत ज्यादा मात्रा में होती हैं।

सवाल- कौन सी आदतें नॉन–एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के खतरे को बढ़ाती हैं?

जवाब- नॉन–एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज अचानक नहीं होती, बल्कि यह हमारी रोज की कुछ गलत आदतों का नतीजा होती है। खान-पान से लेकर लाइफस्टाइल तक की कुछ खराब आदतें धीरे-धीरे फैटी लिवर का खतरा बढ़ा देती हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर कैसे डाइग्नोज होता है? इसके लिए कौन से टेस्ट किए जाते हैं?

जवाब- यह बीमारी कई बार रूटीन ब्लड टेस्ट या इमेजिंग जांच के दौरान सामने आती है। डॉक्टर बीमारी की पहचान के लिए कुछ खास टेस्ट करवाते हैं।

इमेजिंग टेस्ट: अल्ट्रासाउंड, CT स्कैन या MRI के जरिए लिवर में जमा फैट को देखा जा सकता है।

ब्लड टेस्ट: ब्लड टेस्ट से यह पता लगाया जाता है कि लिवर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं।

लिवर बायोप्सी: इस प्रक्रिया में डॉक्टर एक पतली सुई की मदद से लिवर से टिश्यू का छोटा सा सैंपल निकालते हैं, जिसे माइक्रोस्कोप से जांचा जाता है।

इन सभी जांचों की रिपोर्ट्स के आधार पर डॉक्टर फैटी लिवर की कंडीशन और उसकी गंभीरता का आंकलन करते हैं।

सवाल- क्या नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर को रिवर्स किया जा सकता है?

जवाब- हां, शुरुआती स्टेज में यह पूरी तरह रिवर्स हो सकता है। इसका सबसे प्रभावी इलाज लाइफस्टाइल में बदलाव है। वजन कम करके, हेल्दी डाइट लेकर और नियमित एक्सरसाइज करके लिवर से फैट कम किया जा सकता है।

सवाल- अपने लिवर को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

जवाब- लिवर हमारे शरीर का सबसे मेहनती अंग है, जो डिटॉक्स से लेकर मेटाबॉलिज्म तक कई अहम काम करता है। अगर रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़ी-सी सावधानी बरती जाए, तो लिवर को लंबे समय तक हेल्दी रखा जा सकता है और फैटी लिवर जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

लिवर की सेहत को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर बीमारियों को न्यौता दे सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम आज ही सतर्क हों, क्योंकि लिवर अगर स्वस्थ है, तो पूरा शरीर स्वस्थ है।

………………………….

ये खबर भी पढ़ें…

फिजिकल हेल्थ- प्रेग्नेंसी में बढ़ता गॉल ब्लेडर स्टोन का रिस्क:इन 8 संकेतों को न करें इग्नोर, गायनेकोलॉजिस्ट से जानें बचाव के तरीके

गॉल ब्लैडर शरीर का एक छोटा लेकिन बहुत जरूरी ऑर्गन है। ये पित्त को स्टोर करता है और पाचन में मदद करता है। लेकिन महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में होने वाले हॉर्मोनल बदलाव गॉल ब्लैडर के काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें..

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.