Tuesday, 09 Jun 2026 | 02:09 PM

Trending :

वॉलमार्ट का दांव- छोटे-बड़े हर ऑपरेशन में एआई तैनात:20 लाख कर्मचारियों वाला वॉलमार्ट एआई से रिटेल और शॉपिंग का तरीका बदल रहा वॉलमार्ट का दांव- छोटे-बड़े हर ऑपरेशन में एआई तैनात:20 लाख कर्मचारियों वाला वॉलमार्ट एआई से रिटेल और शॉपिंग का तरीका बदल रहा राज्यसभा चुनाव: मध्य प्रदेश में बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार ने कांग्रेस की बढ़त बढ़ाई | भारत समाचार कंगना की लगातार पिछली 5 फिल्में फ्लॉप:'भारत भाग्य विधाता' का रिलीज के दिन 3 फिल्मों से क्लैश; क्या बॉक्स ऑफिस पर टिक पाएगी? कंगना की लगातार पिछली 5 फिल्में फ्लॉप:'भारत भाग्य विधाता' का रिलीज के दिन 3 फिल्मों से क्लैश; क्या बॉक्स ऑफिस पर टिक पाएगी? लॉस एंजिलिस में मेयर के लिए चुनाव:रेस में केरल में जन्मीं नित्या रमन भी, बोलीं-शहर की पहचान बड़ी इमारतें नहीं, गरीबों से व्यवहार
EXCLUSIVE

ईरान जंग के बीच चीन जा रहे ट्रम्प:सोयाबीन, ट्रेड और रेयर अर्थ मिनरल्स पर डील संभव; 8 साल बाद दौरा

ईरान जंग के बीच चीन जा रहे ट्रम्प:सोयाबीन, ट्रेड और रेयर अर्थ मिनरल्स पर डील संभव; 8 साल बाद दौरा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मंगलवार रात चीन दौरे पर रवाना हो गए हैं। वे 13 से 15 मई तक चीन के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में व्यापार, टैरिफ, रेयर अर्थ मिनरल्स और अमेरिकी सोयाबीन की खरीद जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। ट्रम्प 8 साल बाद बीजिंग के दौरे पर हैं, इससे पहले वे 2017 में राष्ट्रपति यहां पहुंचे थे। उस दौरान बीजिंग में उनका भव्य स्वागत हुआ था और कई व्यापारिक समझौतों की घोषणा की गई थी। दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों के बीच यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब दुनियाभर में ईरान जंग को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस बार माहौल पहले से ज्यादा जटिल है, क्योंकि दोनों देशों के बीच तकनीक, व्यापार और ताइवान के मुद्दे को लेकर मतभेद बढ़ चुके हैं। ट्रम्प के चीन रवाना होने का वीडियो… चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ट्रम्प को स्टेट डिनर देंगे व्हाइट हाउस के मुताबिक चीन दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग, डोनाल्ड ट्रम्प के सम्मान में भव्य स्टेट डिनर आयोजित करेंगे। चीन में इस तरह के स्टेट डिनर को बड़े कूटनीतिक सम्मान के तौर पर देखा जाता है। ऐसे कार्यक्रम आमतौर पर बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित किए जाते हैं, जहां चीन का शीर्ष नेतृत्व विदेशी मेहमानों का स्वागत करता है। इसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी, कारोबारी प्रतिनिधि और खास मेहमान शामिल होते हैं। डिप्लोमैटिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चीन किसी विदेशी नेता को जितना बड़ा औपचारिक स्वागत देता है, उसे रिश्तों की अहमियत का संकेत माना जाता है। स्टेट डिनर के जरिए चीन यह संदेश देने की कोशिश करता है कि वह अमेरिका के साथ रिश्तों को रणनीतिक स्तर पर महत्व दे रहा है। ट्रम्प के पहले कार्यकाल में 2017 के चीन दौरे के दौरान भी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उनके सम्मान में विशेष स्वागत कार्यक्रम रखा था।
ईरानी तेल खरीदने पर चीन का अमेरिका से विवाद ईरान से तेल खरीद को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प प्रशासन का आरोप है कि चीन बड़े पैमाने पर ईरानी तेल खरीदकर तेहरान को आर्थिक सहारा दे रहा है, जबकि चीन इसे अपनी ऊर्जा जरूरतों से जुड़ा मामला बता रहा है। अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद चीन लंबे समय से ईरान से बड़े पैमाने पर तेल खरीदता रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक चीन अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सस्ता तेल खरीदने की रणनीति अपनाता है। ईरान पर प्रतिबंध लगने के बाद उसे अपना तेल डिस्काउंट पर बेचना पड़ता है। चीन की कई निजी रिफाइनरियां इसी रियायती तेल को खरीदती हैं। इससे चीन को सस्ती ऊर्जा मिलती है, जबकि ईरान को विदेशी मुद्रा कमाने का बड़ा रास्ता मिलता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल के वर्षों में ईरान के कुल तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा चीन जाता रहा है। कई बार यह कारोबार सीधे ईरान के नाम से नहीं, बल्कि दूसरे देशों के जरिए या ब्लेंडेड ऑयल के रूप में किया जाता है, ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों से बचा जा सके। अमेरिका चाहता है कि चीन ईरानी तेल की खरीद कम करे, ताकि तेहरान की कमाई घटे और उस पर दबाव बढ़े। अगर चीन खरीद कम करता है तो ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है, क्योंकि तेल निर्यात उसकी सबसे बड़ी आय का स्रोत है। हालांकि चीन पहले भी साफ कर चुका है कि वह अपने ऊर्जा हितों के आधार पर फैसले लेता है और बाहरी दबाव में नीति नहीं बदलता। बीजिंग का कहना है कि उसकी ऊर्जा सुरक्षा उसके लिए प्राथमिकता है। इसी वजह से ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक में यह मुद्दा अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिका व्यापार और टैरिफ विवाद के साथ ईरानी तेल को लेकर भी चीन से सहयोग मांग सकता है। ट्रम्प-जिनपिंग के बीच 4 अहम मुद्दों पर होगी बातचीत 1. ट्रेड टैरिफ विवाद अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर अब भी बड़ा मुद्दा है। ट्रम्प पहले चीनी सामान पर भारी टैरिफ की चेतावनी दे चुके हैं। दोनों देश अब व्यापारिक तनाव कम करने पर बातचीत कर सकते हैं। 2. ताइवान और हथियार बिक्री ताइवान को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प ने कहा है कि वह शी जिनपिंग से 11 अरब डॉलर के अमेरिकी हथियार पैकेज पर बात करेंगे। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिकी हथियार बिक्री का लगातार विरोध करता रहा है। 3. रेयर अर्थ मिनरल्स और AI रेयर अर्थ मिनरल्स इलेक्ट्रिक व्हीकल, चिप्स और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम हैं। चीन दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर है, जबकि अमेरिका उसकी निर्भरता कम करना चाहता है। AI और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को लेकर भी दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है। 4. सोयाबीन और कृषि व्यापार चीन अमेरिकी किसानों के लिए बड़ा बाजार है। ट्रेड वॉर के बाद चीन ने अमेरिकी सोयाबीन खरीद घटाई थी। अब ट्रम्प प्रशासन कृषि निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
JAC 10th Result 2026 LIVE: Jharkhand Board Matric Students can check results at jacresults.com.

April 23, 2026/
12:02 pm

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 12:02 IST नबीन ने एनडीए पर हमला तेज करते हुए कहा, ”बिहार में विपक्ष का अस्तित्व...

रिपोर्ट- ED ने ₹81 हजार करोड़ की संपत्ति अटैच की:लोगों को ₹32 हजार करोड़ लौटाए; गिरफ्तारी में 27% की कमी आई, छापेमारी दोगुनी

May 2, 2026/
6:56 pm

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने साल 2025-26 में इतिहास में सबसे ज्यादा छापेमारी की। एजेंसी ने कुल 2,892 छापे मारे, जो...

Uttarakhand Commercial Cylinder Black Market

March 12, 2026/
11:47 am

14 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत बढ़ती जा...

होर्मुज खोलने की अमेरिकी डेडलाइन खत्म:आज ईरानी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले का खतरा, ट्रम्प बोले- ईरान को न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने देंगे

April 7, 2026/
6:59 am

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए मंगलवार तक का समय दिया था, जो अब...

GE Aerospace & HAL Deal Complete; Tejas Fleet Strength Boost

April 14, 2026/
9:34 pm

नई दिल्ली22 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी डिफेंस कंपनी GE एयरोस्पेस और भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)...

राजनीति

ईरान जंग के बीच चीन जा रहे ट्रम्प:सोयाबीन, ट्रेड और रेयर अर्थ मिनरल्स पर डील संभव; 8 साल बाद दौरा

ईरान जंग के बीच चीन जा रहे ट्रम्प:सोयाबीन, ट्रेड और रेयर अर्थ मिनरल्स पर डील संभव; 8 साल बाद दौरा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मंगलवार रात चीन दौरे पर रवाना हो गए हैं। वे 13 से 15 मई तक चीन के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में व्यापार, टैरिफ, रेयर अर्थ मिनरल्स और अमेरिकी सोयाबीन की खरीद जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। ट्रम्प 8 साल बाद बीजिंग के दौरे पर हैं, इससे पहले वे 2017 में राष्ट्रपति यहां पहुंचे थे। उस दौरान बीजिंग में उनका भव्य स्वागत हुआ था और कई व्यापारिक समझौतों की घोषणा की गई थी। दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों के बीच यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब दुनियाभर में ईरान जंग को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस बार माहौल पहले से ज्यादा जटिल है, क्योंकि दोनों देशों के बीच तकनीक, व्यापार और ताइवान के मुद्दे को लेकर मतभेद बढ़ चुके हैं। ट्रम्प के चीन रवाना होने का वीडियो… चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ट्रम्प को स्टेट डिनर देंगे व्हाइट हाउस के मुताबिक चीन दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग, डोनाल्ड ट्रम्प के सम्मान में भव्य स्टेट डिनर आयोजित करेंगे। चीन में इस तरह के स्टेट डिनर को बड़े कूटनीतिक सम्मान के तौर पर देखा जाता है। ऐसे कार्यक्रम आमतौर पर बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित किए जाते हैं, जहां चीन का शीर्ष नेतृत्व विदेशी मेहमानों का स्वागत करता है। इसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी, कारोबारी प्रतिनिधि और खास मेहमान शामिल होते हैं। डिप्लोमैटिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चीन किसी विदेशी नेता को जितना बड़ा औपचारिक स्वागत देता है, उसे रिश्तों की अहमियत का संकेत माना जाता है। स्टेट डिनर के जरिए चीन यह संदेश देने की कोशिश करता है कि वह अमेरिका के साथ रिश्तों को रणनीतिक स्तर पर महत्व दे रहा है। ट्रम्प के पहले कार्यकाल में 2017 के चीन दौरे के दौरान भी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उनके सम्मान में विशेष स्वागत कार्यक्रम रखा था।
ईरानी तेल खरीदने पर चीन का अमेरिका से विवाद ईरान से तेल खरीद को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प प्रशासन का आरोप है कि चीन बड़े पैमाने पर ईरानी तेल खरीदकर तेहरान को आर्थिक सहारा दे रहा है, जबकि चीन इसे अपनी ऊर्जा जरूरतों से जुड़ा मामला बता रहा है। अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद चीन लंबे समय से ईरान से बड़े पैमाने पर तेल खरीदता रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक चीन अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सस्ता तेल खरीदने की रणनीति अपनाता है। ईरान पर प्रतिबंध लगने के बाद उसे अपना तेल डिस्काउंट पर बेचना पड़ता है। चीन की कई निजी रिफाइनरियां इसी रियायती तेल को खरीदती हैं। इससे चीन को सस्ती ऊर्जा मिलती है, जबकि ईरान को विदेशी मुद्रा कमाने का बड़ा रास्ता मिलता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल के वर्षों में ईरान के कुल तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा चीन जाता रहा है। कई बार यह कारोबार सीधे ईरान के नाम से नहीं, बल्कि दूसरे देशों के जरिए या ब्लेंडेड ऑयल के रूप में किया जाता है, ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों से बचा जा सके। अमेरिका चाहता है कि चीन ईरानी तेल की खरीद कम करे, ताकि तेहरान की कमाई घटे और उस पर दबाव बढ़े। अगर चीन खरीद कम करता है तो ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है, क्योंकि तेल निर्यात उसकी सबसे बड़ी आय का स्रोत है। हालांकि चीन पहले भी साफ कर चुका है कि वह अपने ऊर्जा हितों के आधार पर फैसले लेता है और बाहरी दबाव में नीति नहीं बदलता। बीजिंग का कहना है कि उसकी ऊर्जा सुरक्षा उसके लिए प्राथमिकता है। इसी वजह से ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक में यह मुद्दा अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिका व्यापार और टैरिफ विवाद के साथ ईरानी तेल को लेकर भी चीन से सहयोग मांग सकता है। ट्रम्प-जिनपिंग के बीच 4 अहम मुद्दों पर होगी बातचीत 1. ट्रेड टैरिफ विवाद अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर अब भी बड़ा मुद्दा है। ट्रम्प पहले चीनी सामान पर भारी टैरिफ की चेतावनी दे चुके हैं। दोनों देश अब व्यापारिक तनाव कम करने पर बातचीत कर सकते हैं। 2. ताइवान और हथियार बिक्री ताइवान को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प ने कहा है कि वह शी जिनपिंग से 11 अरब डॉलर के अमेरिकी हथियार पैकेज पर बात करेंगे। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिकी हथियार बिक्री का लगातार विरोध करता रहा है। 3. रेयर अर्थ मिनरल्स और AI रेयर अर्थ मिनरल्स इलेक्ट्रिक व्हीकल, चिप्स और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम हैं। चीन दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर है, जबकि अमेरिका उसकी निर्भरता कम करना चाहता है। AI और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को लेकर भी दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है। 4. सोयाबीन और कृषि व्यापार चीन अमेरिकी किसानों के लिए बड़ा बाजार है। ट्रेड वॉर के बाद चीन ने अमेरिकी सोयाबीन खरीद घटाई थी। अब ट्रम्प प्रशासन कृषि निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.